शिवजी ने जब जाट बनाया तो उसे सब कुछ दिया - तेज़ दिमाग़, लंबा चौड़ा शरीर, लेकिन ज़ुबान ना दी, तो पार्वती बोली "प्रभु आपने कितना सुथरा आदमी बनाया है ये जाट. इसे भी ज़ुबान दे दो ताकि यह भी बोल सके"
शिवजी ने कहा "ना पार्वती यह बिना ज़ुबान के ही ठीक है लेकिन पार्वती ना मानी शिवजी के पैर पकड़ लिए पार्वती की ज़िद के चलते शिवजी ने जाट को ज़ुबान दे दी.
ज़ुबान मिलते ही जाट बोला "रे मोद्दे, यो सुथरी सी लुगाई कित से मारी"
शिवजी ने कहा "ना पार्वती यह बिना ज़ुबान के ही ठीक है लेकिन पार्वती ना मानी शिवजी के पैर पकड़ लिए पार्वती की ज़िद के चलते शिवजी ने जाट को ज़ुबान दे दी.
ज़ुबान मिलते ही जाट बोला "रे मोद्दे, यो सुथरी सी लुगाई कित से मारी"
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