पता चला है की तबियत खराब होने पर अस्पताल ले जाने
की अफरा तफरी में
सोनिया गाँधी का ब्लैकबेरी मोबाइल किसी ने
चुरा लिया ... एसपीजी और एनएसजी पूरीसिद्दत से उसे
खोज रही है और अभी एफआईआर दर्ज नही करवाई गयी है
|
अब कुछ सवाल मन में उठाना स्वाभाविक है :=
१- देश के गृहमंत्री संसद में बयान दे चुके है
की ब्लैकबेरी देश की सुरक्षा के लिए खतरा है
क्योकि इसका सर्वर कनाडा में है और इसके डेटा पर
नजर नही रखी जा सकती |
२- दुनिया के सभी कार्पोरेट्स, माफिया, आतंकी, और
कालेधन की हेराफेरी करने वाले लोग ब्लैकबेरी यूज करते
है क्योकि इसकी मानीटरिंग भारत सरकार नही कर
सकती |
३- भारत सरकार के द्वारा बार बार भारत में
ही सर्वर लगाने का आदेश दिए जाने पर भी ब्लैकबेरी ने
मना कर दिया और कहा की वो भारत छोड़ देगी लेकिन
अपने कस्टमर की गोपनीयता परआंच नही आने देगी
४- सोनिया गाँधी का मोबाइल वही चुरा सकता है
जिसकी हैसियत सोनिया गांन्धी के नजदीक जाने
की हो उस दिन आठ केन्द्रीय मंत्री, प्रधानमन्त्री,
जनार्दन द्विवेदी, राबर्ट बढेरा, प्रियंका, राहुल,
मोतीलाल वोरा सोनिया गाँधी के पास गये थे..तो इसमें
से चोर कौन होसकता है ??
५-सोनिया गाँधी का मोबाईल चुराने के पीछेचोर
का मकसद क्या हो सकता है ??
६-खुद एसपीजी कह रही हैकी वो मोबाइल
कीमती नही है लेकिन उसके डाटा बहुत
कीमती है...तो आखिर सोनिया जी के पास कौन
सा कीमती डाटा है ??
७-सब जानते है की राजीवगाँधी के मरने के बाद उनके
स्विस बैंक में पड़े कालेधन की वारिस सोनिया है
तो क्या सोनिया गाँधी इसलिए ऐसी मोबाईल
की सेवाए ले रही है जिसका सर्वर विदेश में है जिससे
उनके उपर किसी भी एजेंसी को शक नही होने पाए ??
८- जब देश का गृहमंत्रीब्लैकबेरी को खरतनाक
बना रहा है तो सोनिया जी खुद
ब्लैकबेरी क्यों इस्तेमाल कर रहीहै ?
९- सोनिया गाँधी का मोबाईल गुपचुप तरीके से
क्यों खोजा जा रहा है ?? क्यों नही पुलिस में केस दर्ज
करवाया जा रहा है ??