Supernatural Powers

मेरी उम्र उस टाइम आठ नो साल रही होगी जिनके अगेते गेहू थे उनकी लमनी चल रही थी ! मेरे पर्चे ख़तम हो लिए थे घरके साँझ ने वारी सी खेत में तें आये रोटी पानी खा पी के सोन की तैयारी होई आर मेरे ताहि बोले भाई खेत में है आर तन्ने आज चा लेके जाना पड़ेगा मन्ने कही कोए न ! दस ग्यारा बजे सी चा की डोली आर एक भोडल में कप दे दिए बोले जा पैर में दे आ ! मै चल पड़ा गाम ख़तम होए पाछे चुगारदे अँधेरा आर हवा सूं सूं करती होई हल्का हल्का ठण्ड भरा मौसम और कुत्ते भोसन/रोवन की आवाज ! थोड़ी वार पाछे चाहनी आगी सो मीटर आगे चला होऊंगा एक पीपल के पेड़ तल्ले दोनु ओड ने ईंख आर घुप्प अँधेरा अचानक मेरी सोली ओड तें सरसराटा उठाना शुरू हो गया और आवाज मेरी कानी आती गयी और तेज होती गयी! अचानक मेरे आगे एक ठाडा सा साया खड़ा हो गया जिसकी आँख अंडे जितनी बड़ी चमके थी आर मेरे कानी लखावे आर में जणू धरती में चप गया! फेर अचानक ओली साइड के किल्ले में बड गया आर फेर वा ए सरसराहट दूर होती गयी आर मेरे पे न आगे ने सरकया जा आर न पाछे ने! मै कत्ती सहज सहज सरकन लाग्या चार पांच डंघ धरके मन्ने तो उड़े तें डांक थोक दी अर फेर कदे चा पकडान एकला नहीं गया !

Thanks for sharing your story rakesh ji, on jatland you are the 1st person who have met a spirit or ghost in real life..
 
Thanks for sharing your story rakesh ji, on jatland you are the 1st person who have met a spirit or ghost in real life..

Miss Riya please do not interpret things wrong I just told what I saw and felt did I mentioned spirit or ghost? That’s why I wrote in hindi to make things clear so that there will be no misunderstanding. Please read again
 
एक बार हमारे गाँव में एक किसान था जिसके खेत का रास्ता चाहनिया में के होके जाया करता ! रात ने पानी का ओसरा था जाड्या के दिन आछी धुंध अर घर तें बहार मानस के नाम पे कुछ नहीं ! चल पड़ा सर पे मन्दासा मार के कंधे पे कस्सी अर हाथ में जेलवा! इब ज्युकर ए चाहनिया में आया तो देख्या शामी कोए खड़ा है धोले कपडे पहरे अर ठाडा सा मानस अर एक जगह खड़ा खड़ा हल्लन लग रहया ! उसने कही कुन्सा सै कोए आवाज नहीं माडी माडी सरसराट सी होई ! इब जाटराम ने सोची फस गया भाजा जावे नहीं चुगरदे उबड़ खाबड़ धरती ले भाई आज तो गया करके करडा कालजा जाट ने बागा के कस्सी अर जेलवे गेल ले लिया बोल के ! अर जाट मारे जेलवे अर आ न ऊ पट पट की आवाज आवे फेर भी जाट ने समाई नहीं करी अर वो धरती में लम्बा कर दिया ! अर था के कस्सी जाट खेत में पानी लान पहुँच गया ! पानी लाके कोठड़े में ए सो गया कदे फेर बवाल फेट जया माडा दिन सा लिकड़ा अर जाट होके करडा अक देखो तो किसकी सौड़ भर दी चल पड़ा ! आके चाहनिया में देख्या एक आकटे की कांच काढ राखी !
 
असल में वो उल्लू था | राकेश के भालाखा लाग गया था |

तू भी दुसरे पढ़ ले उल्लू किस साइज़ का होवे है मन्ने ३ साल की उम्र तें बेरा है! अर उल्लू उड़ता आवेगा सरसराटा थाता ना
 
1st person who have met a spirit or ghost in real life..

इसे तो कई स रिया जी. मेरी बुआ आले त भी एक बीडी मांगे था जिद वो पानी लान जावे था रात ने
 
म्हारे पड़ोस के खेत में एक हाली तडके बखत तें तीन बजे सी हल जोड्ग्या| अक कल्ले वार ताहि एक आध किल्ला निपटा द्यूंगा अर फेर घाम में काम ना करणा पडेगा | उहने बलध हांक दिए एर जब खुड आधे किल्ले ताहि जा लिया तो बलध आगे जाण तें नाट गे | उहने आगे देख्या तो दो जाणे खड़े दिखे आर वे दोनु ओड़ ने हाथ हिला-हिला के जानू तो उन् ने बुलावें थे | उह हाली ने भी कसुता भुंडा डर लाग्या | उहने वो किल्ला डरदे-डरदे नु आधा-ए बाह्या | उहने भी सोची अक डांगरआँ नु भूत पिशाच पहलम दिखया करें ,जरूर किम्मे स | जब तडके सी झाल-भोला सा होया तो देख्या अक वे तो आख्टे थे |
 
म्हारे पड़ोस के खेत में एक हाली तडके बखत तें तीन बजे सी हल जोड्ग्या| अक कल्ले वार ताहि एक आध किल्ला निपटा द्यूंगा अर फेर घाम में काम ना करणा पडेगा | उहने बलध हांक दिए एर जब खुड आधे किल्ले ताहि जा लिया तो बलध आगे जाण तें नाट गे | उहने आगे देख्या तो दो जाणे खड़े दिखे आर वे दोनु ओड़ ने हाथ हिला-हिला के जानू तो उन् ने बुलावें थे | उह हाली ने भी कसुता भुंडा डर लाग्या | उहने वो किल्ला डरदे-डरदे नु आधा-ए बाह्या | उहने भी सोची अक डांगरआँ नु भूत पिशाच पहलम दिखया करें ,जरूर किम्मे स | जब तडके सी झाल-भोला सा होया तो देख्या अक वे तो आख्टे थे |

हैट तरा ससरा नक़ल मारे
 
कुछ दिनां पहलै एक तागा चाल्या था याहड़ै प्यार- मोहब्बत पै. उसमैं भी आपणी तो एकाध नै छोड़कै नै किस्से
नै नि बताई अर औरां की बतावण लाग गे...वो ही सौद्दा याहड़ै हो रह्या सै...इन भूतां-भातां अर प्यार-मोहब्बतां के किस्यां का किम्मै आपसी रिश्ता लाग्गै सै...
 
Miss Riya please do not interpret things wrong I just told what I saw and felt did I mentioned spirit or ghost? That’s why I wrote in hindi to make things clear so that there will be no misunderstanding. Please read again

Mai haryanvi nhi samjh pati, well apne jo hindi mai likhe woh bhi haryanvi mix hai..maaf kijeyega..

इसे तो कई स रिया जी. मेरी बुआ आले त भी एक बीडी मांगे था जिद वो पानी लान जावे था रात ने
please translate, so that i can clearly understand it.
 
म्हारे गाम तें लिकड़ के अर आधे किलोमीटर पे एक पीपल का पेड़ था सड़क पे | उड़े नु कह्या करदे अक एक राँघड ( मुसलमान राजपूत ) का भूत रह्या करे पीपल के रूंख धोरे | एक बे मेरा काका ( जो थानेदार था ,अल्बादी बालका के किस्सयाँ में )पानी पे तें आवे था साइकल पे आधी रात ने | उह ने एक माणस देख्या रूंख तले बेठ्या | मेरा काका कसुता डर गया अक आज तो साची भूत फेटग्या |उहने आप्न्नी कस्सी हाथ में ले कें( नु सुनी स अक लोहा गेल्याँ हो तो भूत चिपटे कोणी ) ने ऊह कानी चाल पड्या अक आज तो पक्का भूत देखणा स किस्सा हो स देखि जावेगी | जब उह के कती धोरे जा लिया तो तो वो भूत खड्या होगा डरदा | मेरे काका ने बुझी तू कूण से तो बेरा पाट्टया अक कोय्से गाम का चूहड़े का था अर किस्से की मेंहस छोड़न जा था , रात होगी थी ज्यां तें वो उड़े डट गया था ,फेर उहने माड़ी दूर मेंहस भी दिखाई | फेर मेरे काका ने उह की मेन्हेस म्हारे घेर में बंधवाई अर उह ताहि किम्मे रोटी पाणी भी दिया |
 
म्हारे गाम तें लिकड़ के अर आधे किलोमीटर पे एक पीपल का पेड़ था सड़क पे | उड़े नु कह्या करदे अक एक राँघड ( मुसलमान राजपूत ) का भूत रह्या करे पीपल के रूंख धोरे | एक बे मेरा काका ( जो थानेदार था ,अल्बादी बालका के किस्सयाँ में )पानी पे तें आवे था साइकल पे आधी रात ने | उह ने एक माणस देख्या रूंख तले बेठ्या | मेरा काका कसुता डर गया अक आज तो साची भूत फेटग्या |उहने आप्न्नी कस्सी हाथ में ले कें( नु सुनी स अक लोहा गेल्याँ हो तो भूत चिपटे कोणी ) ने ऊह कानी चाल पड्या अक आज तो पक्का भूत देखणा स किस्सा हो स देखि जावेगी | जब उह के कती धोरे जा लिया तो तो वो भूत खड्या होगा डरदा | मेरे काका ने बुझी तू कूण से तो बेरा पाट्टया अक कोय्से गाम का चूहड़े का था अर किस्से की मेंहस छोड़न जा था , रात होगी थी ज्यां तें वो उड़े डट गया था ,फेर उहने माड़ी दूर मेंहस भी दिखाई | फेर मेरे काका ने उह की मेन्हेस म्हारे घेर में बंधवाई अर उह ताहि किम्मे रोटी पाणी भी दिया |

Pipal ke ped ke kisse tou maine bhi bahut sunae hai..bus kabhi khudh nhi dekha..
 
Pipal ke ped ke kisse tou maine bhi bahut sunae hai..bus kabhi khudh nhi dekha..

म्हारे गाम में पीपल का पेड़ किसी के खेत में काट के बेचा नहीं जाता ! पीपल का पेड़ काटने के बाद मंदिर में लकड़ी चढ़ाई जाती है !मेरी जानकारी में दो आदमियों ने पीपल बेचा था एक का नाम रामा था उसका बेटा समुंदर सिंह गाँव का सरपंच भी रहा है और आज महम में हरियाणा ट्रक्टर एजेंसी है ! वो बहुत दुःख पाकर इस दुनिया से विदा हुआ और जाने से पहले उसने अपने बेटो को खुद बुला कर कहा की पीपल के इतने पैसे मिले थे मंदिर में चढ़ा देना ! दूसरा, भागमल हमारा पडोसी था और पागल हो गया था और भुगत के इस दुनिया से विदा हुआ! ये दोनों घटना मेरी देखी हुई हैं!
 
if we talk about Ghost Pictures on Internet the truth is here
http://www.myremoteradio.com/blog/rant/ghost-photos-are-stupid

Now this wasn’t a real ghost mind you, it was an illusion constructed by a man named John Henry Pepper. This illusion works because of the mirrors hidden throughout a room. Have you ever been to Disney World and gone through the Haunted Mansion? Then you’ve seen Pepper’s Ghost.
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The illusion is really just a simple mirror trick. Two identical rooms are built next to each other (being sure that the audience can only see the main room). The secret room is typically painted black, and the large mirrors are cleverly hidden. A person positions himself inside the secret room and waits for the audience. When they arrive, he turns on a light shining just on him in the secret room, and his ghostly image is reflected off the glass of the main room! Voila, the audience has their ghost.
But this is a carnival trick, how does this relate back to ghost pictures? Ever heard of double exposure?
It’s a fairly similar idea. A person takes a picture, and an image from one negative frame gets superimposed on another. So there you are sitting with grandma in her den, when you notice that the lamp is actually in front of a ghostly cat!
 
पीपल के पेड़ के पत्ते बड़े और हलके होने के कारण रात को हलके झोंके से भी काफी तेज आवाज करते हैं और एक बड़ा पेड़ होने के कारण बहुत सारे जानवरों का घर भी इसपर होता है जोकि एक अलग तरह की आवाज निकालते हैं ऐसा एक पक्षी कोतरी है जिसकी आवाज बहुत ही अशुभ मानी जाती है! इसी कारण लोगो में पीपल का एक डर बैठा हुआ है !
 
Pipal ke ped ke kisse tou maine bhi bahut sunae hai..bus kabhi khudh nhi dekha..

Dilli me to desh-bina ke pavenge. thoda sa uren-paren (idhar-udhar) haando (ghumo).. jis ped ke niche moorat si dahri dikhe, charo traf uski jado me pani de rakha ho, er daaliya pe taage bandhe dikhe wo e peepal ka ped se! :)


PS : Or koi definition ka to mane bera nahi. Nyu jarur suni se ak Peepal ke ped pe raat ne bhoot naachya kare!! ;)
 
म्हारे गाम में पीपल का पेड़ किसी के खेत में काट के बेचा नहीं जाता ! पीपल का पेड़ काटने के बाद मंदिर में लकड़ी चढ़ाई जाती है !मेरी जानकारी में दो आदमियों ने पीपल बेचा था एक का नाम रामा था उसका बेटा समुंदर सिंह गाँव का सरपंच भी रहा है और आज महम में हरियाणा ट्रक्टर एजेंसी है ! वो बहुत दुःख पाकर इस दुनिया से विदा हुआ और जाने से पहले उसने अपने बेटो को खुद बुला कर कहा की पीपल के इतने पैसे मिले थे मंदिर में चढ़ा देना ! दूसरा, भागमल हमारा पडोसी था और पागल हो गया था और भुगत के इस दुनिया से विदा हुआ! ये दोनों घटना मेरी देखी हुई हैं!
aisa kuch hua hai hai mere sath bhi jab mai choti thi, Pipal ke ped ka effect maine experiance kiya hai, ghar aangan mai ped that mai uski leaves roz todti thi, mummy papa mana karte thae par meri tou hobby ban gyi thi, ek din patte todtae huye mai giri aur mere dono hatho mai fracture ho gya..pipal ke ped mai kuch tou hota hai..
sorry maine likha ki maine pipal ke ped ke baare mai khud kuch experience nhi kara
 
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