स्वीटी की डायरी
स्वीटी की डायरी पढ़, इतना शोकाकुल हो गया की कुछ समय तक आप सब से शेयर करने के लिए शब्द नहीं मिल रहे थे ! स्वीटी की डायरी हमें, एक जिंदादिल, संवेदशील, स्नेमयी तरुणी के बनते, बिगड़ते, टूटते सपनो का जिवंत चित्रण है!
डायरी, एक बहुमूल्य जीवन का, दिए की लो की तरह शन:शन:करीब आते अंत का मार्मिक चित्रण है !
स्वीटी उर्फ़ अस्ति शेखर की शादी , किसी ऐसे शख्स के साथ हो जाती है , जो किसी और से प्यार करता है और केवल माता पिता के दबाव के चलते शादी कर लेता है !
शादी के बाद भी प्रेमिका को नहीं भूलता...
और उस पगली लड़की को देखिये अंतिम क्षणों में भी किसी के लिए कोई मैल नहीं !
स्वीटी की डायरी के अंतिम भाग को पढ़ में इतना दुखी हो गया, की जैसे में किसी अपने सबसे करीबी के अंतिम शब्द पढ़ रहा हूँ !
और उस पगली लड़की को देखिये अंतिम क्षणों में भी किसी के लिए कोई मैल नहीं !
अश्रु ऐसे बह निकले की जैसे एक बाँध अपने चरम पर पहुँच टूट जाता है !
पता नहीं आप सब की इससे पढ़ क्या प्रतिकिर्या होगी?
मेरे मन में कुछ शंकाएं, कुछ प्रशन ऐसे हैं कि, हमारे रीती रिवाजो के प्रति कुछ संदेह की स्तिथि में पहुँच गया हूँ!
http://www.bangaloremirror.com/inde...1&contentid=2011061320110613100726218df80d99c
आप सबसे अनुरोध है कि इसे पढ़ें जरुर !
सत्यपाल
स्वीटी की डायरी पढ़, इतना शोकाकुल हो गया की कुछ समय तक आप सब से शेयर करने के लिए शब्द नहीं मिल रहे थे ! स्वीटी की डायरी हमें, एक जिंदादिल, संवेदशील, स्नेमयी तरुणी के बनते, बिगड़ते, टूटते सपनो का जिवंत चित्रण है!
डायरी, एक बहुमूल्य जीवन का, दिए की लो की तरह शन:शन:करीब आते अंत का मार्मिक चित्रण है !
स्वीटी उर्फ़ अस्ति शेखर की शादी , किसी ऐसे शख्स के साथ हो जाती है , जो किसी और से प्यार करता है और केवल माता पिता के दबाव के चलते शादी कर लेता है !
शादी के बाद भी प्रेमिका को नहीं भूलता...
और उस पगली लड़की को देखिये अंतिम क्षणों में भी किसी के लिए कोई मैल नहीं !
स्वीटी की डायरी के अंतिम भाग को पढ़ में इतना दुखी हो गया, की जैसे में किसी अपने सबसे करीबी के अंतिम शब्द पढ़ रहा हूँ !
और उस पगली लड़की को देखिये अंतिम क्षणों में भी किसी के लिए कोई मैल नहीं !
अश्रु ऐसे बह निकले की जैसे एक बाँध अपने चरम पर पहुँच टूट जाता है !
पता नहीं आप सब की इससे पढ़ क्या प्रतिकिर्या होगी?
मेरे मन में कुछ शंकाएं, कुछ प्रशन ऐसे हैं कि, हमारे रीती रिवाजो के प्रति कुछ संदेह की स्तिथि में पहुँच गया हूँ!
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आप सबसे अनुरोध है कि इसे पढ़ें जरुर !
सत्यपाल
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