http://www.bhaskar.com/article/HAR-HAR-HIS-gang-rape-victim-2198187.html
बहादुरगढ़. बराही रोड निवासी फल विक्रेता की 14 वर्षीय बेटी के साथ गैंग रेप में चार युवाओं के अलावा बोहर का कांस्टेबल राकेश और हिसार निवासी हेड कांस्टेबल महेंद्र बिश्नोई शामिल थे। दोनों पुलिसकर्मी पीसीआर ड्यूटी पर थे।
गैंगरेप कांड वाले दिन 14 जून की दोपहर रेस्ट पर रहते उन्होंने गलत काम किया और शाम की शिफ्ट में हमेशा की तरह पीसीआर -10 पर ड्यूटी पर आ गए। क्षेत्र में एसपी किशोरी गैंग रेप कांड पड़ताल के लिए आ रहे हैं। इसका भी उन्हें भान था और वे एसपी के शहर में आने तक तैनात भी रहे।
सूत्र बताते हैं कि दोनों की जान में जान तब आई जब उन्हें पता चला कि इस पूरे मामले में चार युवा ही शामिल हुए हैं। हालांकि हेड कांस्टेबल महेंद्र की जान अब भी रवि के बयान को लेकर अटकी हुई थी,और रात तक रवि ने भी कुछ नहीं उगला था। इस कांड में मोड़ तब आया जब देर रात ही किशोरी ने आरोपियों की फाइल कंप्लीट होते होते बयान दिया कि उसके साथ गलत काम करने वालों में पुलिसवाले भी थे।
दरअसल थाने में मौजूद एसपी पतराम सिंह ने तीन दिन से बदहवास जैसी हालत में रही किशोरी के हावभाव देकर ताड़ लिया कि इसे कुछ और मालूम है, लेकिन वह डर के मारे बता नहीं पा रही है। एसपी का अंदेशा तब सही निकला जब किशोरी ने पुलिस कर्मी के भी होने का सनसनीखेज बयान दिया। इसकी पुष्टि लोक अप में बंद चारों युवकों ने दो पुलिसकर्मियों के रूप में कर भी कर दी।
रवि ने शिनाख्त करते हुए मुंह खोल दिया। इसके बाद ड्यूटी पर तैनात राकेश तो देर रात ही काबू कर लिया गया,जबकि शातिर दिमाग महेंद्र भाग निकला। हेड कांस्टेबल राकेश मूल रूप से बोहर का है। उसे पुलिस नौकरी में लगभग सात साल हुआ है। इसी प्रकार हेड कांस्टेबल महेंद्र की सर्विस करीब 12 साल की है।
युवकों ने यूं बुलाया पुलिसकर्मियों को
हेड कांस्टेबल महेंद्र का मेलजोल बराही गांव के रवि से था। रवि ने विपुल से कहा कि वह एक पुलिस कर्मी को जानता है उसे भी बुला लेते हैं। पहले तो विपुल ने मना कर दिया, लेकिन जब रवि ने समझाया कि हेड कांस्टेबल उसका खास आदमी है। इस कांड में शामिल करके उसे खुश कर देंगे तो आगे अपने काम आएगा। महेंद्र को यही लालच खा गया और उसने अपने साथ बोहर के कांस्टेबल राकेश को साथ लिया।
हालांकि चारों युवकों के अलावा यह दोनों पुलिस कर्मी नहीं जानते थे कि किशोरी उनका भंडाफोड़ भी कर देगी। हेड कांस्टेबल महेंद्र मूल रूप से हिसार का है। उसकी धरपकड़ के लिए एसपी ने बीती रात ही तीन पुलिस टीमों का गठन किया,लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी। उसे हिसार के अलावा अन्य संभावित स्थानों पर तलाश किया जा रहा है।
पुलिसवालों समेत पांच आरोपी जेल भेजे
किशोरी के साथ गैंग रेप के पकड़े गए पांच आरोपियों को सिटी थाना प्रभारी प्रदीप खत्री की टीम ने शुक्रवार को अदालत में पेश किया। यहां से सभी को जेल भेज दिया गया है। इनमें कांस्टेबल राकेश, बराही गांव निवासी रवि, अजय, जाखौदा का संदीप और लाइन पार के विकास नगर निवासी विपुल शामिल है। इन आरोपियों की पेशी के दौरान इनके परिजन भी अदालत परिसर में थे। एसपी ने कहा कि दोनों पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की कवायद चल रही है।