ravinderjeet
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nareshkadyan7 - Today 10:20 AMView Conversation Report
Fuffa laagu su ke .......jo har baar mubarekbad bheji thi janamdin ki, que m ke janu tha tane...............chamchagiri keray tha, diya mane jawab teri doigiri का
इह नरेस कादयान ने आज मेरे धोरे यो उप्पर लिखित पि.ऍम कर्या देखो बानगी अर मेरा जबाब :-
इन् उप्पर लिखित बातां ते किते यो मानस लागे स अक कदे स्कूल के धोरे के भी गया होगा | मन्ने ईह ताहि जन्मदिन की सुभकामना दी थी कदे, इब्ब नु कहवे स अक आपने फूफा की चमचागिरी करे था तू |सीख दी बांदर तें घर बैयाँ का जा | इब्ब इस मानस की के औकात स जो में इह की चमचागिरी करूँ,जो आप दुसर्यां के तलवे अर बेरा ना और भी के-के चाट ता हंडे | तेरे तें तो काटडे भी आछे | काश तू मेरा फूफा होंदा नरेश कादयान | मेरे तीनु फूफा उप्पर जा लिए | तेरा भी धरती पर तें बोझ उठ जांदा इब्ब ताहि अर जाट समाज का एक कलंक कम हो जांदा |तन्ने जबाब तो देने-ए कोणी आंदे तू के जबाब देवेगा |एर नरेश कादयान कदे -कदे बिटोड़े माँ तें लिकड़े होए गोस्से किस्से की चिता भी बाण जाया करें | इब्ब अगले जन्मदिन ताहि जा तू रहगा तो देख तेरे ताहि कुन्सा मुबारकबाद द्यूंगा | बाकी तेरे धोरे किम्मे स-ए कोणी तो तेरा के पाडना स | नंगे से खुदा बेजार | तेरे बर्गे मानस गलेट होया करें जिन्न के लात मार कें पहलम तो एक ओड ने गेरया करें अर फेर डोले पे गेर के सुखा कें जला दिया करें | तू जाट समाज की खरपतवार स |तू नाके का ढीम स,ठान का ना धारण का , उड़े-ए भीजे उड़े-ए सूखे |ना इब्बी पेट भार्या हो तो और लिख लिए और इस्से-इस्से घणे-ए आशीर्वाद डे द्यूंगा |
Fuffa laagu su ke .......jo har baar mubarekbad bheji thi janamdin ki, que m ke janu tha tane...............chamchagiri keray tha, diya mane jawab teri doigiri का
इह नरेस कादयान ने आज मेरे धोरे यो उप्पर लिखित पि.ऍम कर्या देखो बानगी अर मेरा जबाब :-
इन् उप्पर लिखित बातां ते किते यो मानस लागे स अक कदे स्कूल के धोरे के भी गया होगा | मन्ने ईह ताहि जन्मदिन की सुभकामना दी थी कदे, इब्ब नु कहवे स अक आपने फूफा की चमचागिरी करे था तू |सीख दी बांदर तें घर बैयाँ का जा | इब्ब इस मानस की के औकात स जो में इह की चमचागिरी करूँ,जो आप दुसर्यां के तलवे अर बेरा ना और भी के-के चाट ता हंडे | तेरे तें तो काटडे भी आछे | काश तू मेरा फूफा होंदा नरेश कादयान | मेरे तीनु फूफा उप्पर जा लिए | तेरा भी धरती पर तें बोझ उठ जांदा इब्ब ताहि अर जाट समाज का एक कलंक कम हो जांदा |तन्ने जबाब तो देने-ए कोणी आंदे तू के जबाब देवेगा |एर नरेश कादयान कदे -कदे बिटोड़े माँ तें लिकड़े होए गोस्से किस्से की चिता भी बाण जाया करें | इब्ब अगले जन्मदिन ताहि जा तू रहगा तो देख तेरे ताहि कुन्सा मुबारकबाद द्यूंगा | बाकी तेरे धोरे किम्मे स-ए कोणी तो तेरा के पाडना स | नंगे से खुदा बेजार | तेरे बर्गे मानस गलेट होया करें जिन्न के लात मार कें पहलम तो एक ओड ने गेरया करें अर फेर डोले पे गेर के सुखा कें जला दिया करें | तू जाट समाज की खरपतवार स |तू नाके का ढीम स,ठान का ना धारण का , उड़े-ए भीजे उड़े-ए सूखे |ना इब्बी पेट भार्या हो तो और लिख लिए और इस्से-इस्से घणे-ए आशीर्वाद डे द्यूंगा |