What leads to success luck or hard work?

thumbs up !!! headline was more than sufficient nd correctly so !... i don't have to go thru other details in your post.

p.s. : uppu, you must give a headline to all yr posts, imo it will save members the torture to go thru yr finer details...lol.


ब्रह्म जी, मैं आपकी इस बात से जरा भी आहत या नाराज नहीं हुआ. आपका मतलब शायद ये था कि मैं क्यों अपना टाइम खराब करता हूं, यहां कोई नहीं सुनने वाला. दरअसल मैं ये बातें इसलिए नहीं लिखता कि कोई इन पर अमल करे, बल्कि इसलिए लिखता हूं, क्योंकि मैं समझता हूं कि यहां एक से बढ़कर एक कामयाब और बुद्धिमान इंसान हैं. मैं मजाक में ऐसा नहीं कह रहा, बल्कि ये हकीकत है. बहुत से सदस्य यहां काफी समझदार हैं. ऐसी बातें लिखकर मैं ये देखता हूं कि बाकी लोग इन बातों को लेकर क्या सोचते हैं. चूंकि या तो बहुत से अच्छे लोग इन बातों की तारीफ़ करते हैं या फिर इन बातों को ठीक समझकर चुप रहते हैं. ऐसे में मैं हैरान हो जाता हूं. जबसे ये बातें मुझे पता चली हैं मैं आज तक हिल नहीं पाया हूं, मतलब मैं इन बातों का कोई तोड़ नहीं ढूंढ़ पाया हूं. तो इन बातों को लिखकर मैं ये आजमाता हूं कि बाकी लोग क्या इन बातों का कोई तोड़ ढूंढ पाते हैं या नहीं? ये बातें आपको इस दुनिया की किसी भी किताब में नहीं मिलेंगी, इसके बावजूद इन बातों का न तो मेरे पास, न ही किसी के पास कोई तोड़ है. है तो बताओ? ऐसी बातें लिखने में मुझे मजा आता है और यहां बहुत से लोगों ने मेरी बहुत तारीफ़ भी की है, जिसके लिए मैं उन्हें बहुत-बहुत धन्यवाद भी कहना चाहूंगा, आप भी उनमें से एक हो ब्रह्म जी.
 
thats the only reason, i have kept you in my good books nd have taken liberty several times to crack on you, though in good humor as best as possible.

who is right nd who is wrong on this portal is very difficult to decide. every individual is a unique नमूना (<<< read character) nd that holds true for you, me nd this previous guy mr. winter singh kadian. i've seen very sensible members losing their rationality on this very portal, me no exception.

you've always taken my posts in good reasoning. that being said... who you are ? how is your behaviour ? nd how are your responses to other members, become irrespective to me. honestly speaking. several times, i too have gone out of my wits lol after reading so many posts of yours (for whatever reasons... ahaha).

the only idea to comment on you was to remind you that very often then not, you stretch too much, quoting irrelevant (at times laughable) examples... anyway, since now, you've clarified that in your below post.

ब्रह्म जी, मैं आपकी इस बात से जरा भी आहत या नाराज नहीं हुआ. आपका मतलब शायद ये था कि मैं क्यों अपना टाइम खराब करता हूं, यहां कोई नहीं सुनने वाला. दरअसल मैं ये बातें इसलिए नहीं लिखता कि कोई इन पर अमल करे, बल्कि इसलिए लिखता हूं, क्योंकि मैं समझता हूं कि यहां एक से बढ़कर एक कामयाब और बुद्धिमान इंसान हैं. मैं मजाक में ऐसा नहीं कह रहा, बल्कि ये हकीकत है. बहुत से सदस्य यहां काफी समझदार हैं. ऐसी बातें लिखकर मैं ये देखता हूं कि बाकी लोग इन बातों को लेकर क्या सोचते हैं. चूंकि या तो बहुत से अच्छे लोग इन बातों की तारीफ़ करते हैं या फिर इन बातों को ठीक समझकर चुप रहते हैं. ऐसे में मैं हैरान हो जाता हूं. जबसे ये बातें मुझे पता चली हैं मैं आज तक हिल नहीं पाया हूं, मतलब मैं इन बातों का कोई तोड़ नहीं ढूंढ़ पाया हूं. तो इन बातों को लिखकर मैं ये आजमाता हूं कि बाकी लोग क्या इन बातों का कोई तोड़ ढूंढ पाते हैं या नहीं? ये बातें आपको इस दुनिया की किसी भी किताब में नहीं मिलेंगी, इसके बावजूद इन बातों का न तो मेरे पास, न ही किसी के पास कोई तोड़ है. है तो बताओ? ऐसी बातें लिखने में मुझे मजा आता है और यहां बहुत से लोगों ने मेरी बहुत तारीफ़ भी की है, जिसके लिए मैं उन्हें बहुत-बहुत धन्यवाद भी कहना चाहूंगा, आप भी उनमें से एक हो ब्रह्म जी.

p.s. - carry on, take some inspiration from my 3rd signature. you are what you are !
 
ब्रह्म जी, मैं आपकी इस बात से जरा भी आहत या नाराज नहीं हुआ. आपका मतलब शायद ये था कि मैं क्यों अपना टाइम खराब करता हूं, यहां कोई नहीं सुनने वाला. दरअसल मैं ये बातें इसलिए नहीं लिखता कि कोई इन पर अमल करे, बल्कि इसलिए लिखता हूं, क्योंकि मैं समझता हूं कि यहां एक से बढ़कर एक कामयाब और बुद्धिमान इंसान हैं. मैं मजाक में ऐसा नहीं कह रहा, बल्कि ये हकीकत है. बहुत से सदस्य यहां काफी समझदार हैं. ऐसी बातें लिखकर मैं ये देखता हूं कि बाकी लोग इन बातों को लेकर क्या सोचते हैं. चूंकि या तो बहुत से अच्छे लोग इन बातों की तारीफ़ करते हैं या फिर इन बातों को ठीक समझकर चुप रहते हैं. ऐसे में मैं हैरान हो जाता हूं. जबसे ये बातें मुझे पता चली हैं मैं आज तक हिल नहीं पाया हूं, मतलब मैं इन बातों का कोई तोड़ नहीं ढूंढ़ पाया हूं. तो इन बातों को लिखकर मैं ये आजमाता हूं कि बाकी लोग क्या इन बातों का कोई तोड़ ढूंढ पाते हैं या नहीं? ये बातें आपको इस दुनिया की किसी भी किताब में नहीं मिलेंगी, इसके बावजूद इन बातों का न तो मेरे पास, न ही किसी के पास कोई तोड़ है. है तो बताओ? ऐसी बातें लिखने में मुझे मजा आता है और यहां बहुत से लोगों ने मेरी बहुत तारीफ़ भी की है, जिसके लिए मैं उन्हें बहुत-बहुत धन्यवाद भी कहना चाहूंगा, आप भी उनमें से एक हो ब्रह्म जी.

Mien bhi unmein se ek hoon ... sach bol raha hoon dost :)
Bahut achha likhte ho par kuch jyada hi likhte ho ... quantity kam karke thoda aur quality badhao ... aur mazza aayega padhne mein :)
All the best!
 
ऐसी बातें लिखने में मुझे मजा आता है और यहां बहुत से लोगों ने मेरी बहुत तारीफ़ भी की है, जिसके लिए मैं उन्हें बहुत-बहुत धन्यवाद भी कहना चाहूंगा, आप भी उनमें से एक हो ब्रह्म जी.

Bahot bdhiya bhai upender teri bat padke mene bhi jee se aa je hen. Nue likhda raya kar.
 
ब्रह्म जी, मैं आपकी इस बात से जरा भी आहत या नाराज नहीं हुआ. आपका मतलब शायद ये था कि मैं क्यों अपना टाइम खराब करता हूं, यहां कोई नहीं सुनने वाला. दरअसल मैं ये बातें इसलिए नहीं लिखता कि कोई इन पर अमल करे, बल्कि इसलिए लिखता हूं, क्योंकि मैं समझता हूं कि यहां एक से बढ़कर एक कामयाब और बुद्धिमान इंसान हैं. मैं मजाक में ऐसा नहीं कह रहा, बल्कि ये हकीकत है. बहुत से सदस्य यहां काफी समझदार हैं. ऐसी बातें लिखकर मैं ये देखता हूं कि बाकी लोग इन बातों को लेकर क्या सोचते हैं. चूंकि या तो बहुत से अच्छे लोग इन बातों की तारीफ़ करते हैं या फिर इन बातों को ठीक समझकर चुप रहते हैं. ऐसे में मैं हैरान हो जाता हूं. जबसे ये बातें मुझे पता चली हैं मैं आज तक हिल नहीं पाया हूं, मतलब मैं इन बातों का कोई तोड़ नहीं ढूंढ़ पाया हूं. तो इन बातों को लिखकर मैं ये आजमाता हूं कि बाकी लोग क्या इन बातों का कोई तोड़ ढूंढ पाते हैं या नहीं? ये बातें आपको इस दुनिया की किसी भी किताब में नहीं मिलेंगी, इसके बावजूद इन बातों का न तो मेरे पास, न ही किसी के पास कोई तोड़ है. है तो बताओ? ऐसी बातें लिखने में मुझे मजा आता है और यहां बहुत से लोगों ने मेरी बहुत तारीफ़ भी की है, जिसके लिए मैं उन्हें बहुत-बहुत धन्यवाद भी कहना चाहूंगा, आप भी उनमें से एक हो ब्रह्म जी.

Bhai main bhi unni logon mei se hoon jo aapki tariff karte hain..
 
Say it one more time.......;)
wink.gif

errr, well actually no point. let me give a last try... 2 options

1. read this again >>> http://www.jatland.com/forums/showt...k-or-hard-work&p=244706&viewfull=1#post244706

2. can't comprehend ? i knew that, no big deal. not to worry, try this out >>>
http://www.youtube.com/watch?v=KthQh6jx-Ak

hope it helps !!!
 
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This line sums up all -


.. " ये जिंदगी भी बड़ी अजीब है .. मांगती मेहनत है लेकिन .. चलता नसीब है! " ..


Cheers
Jit
 
Dear Brothers, there are many factors which contribute towards sucess, not only hard work & luck. But it is important as to how, when & for what one does hard work. God knows what is really a luck, in school days our teachers used to say that a hard worker makes his luck. In life many incidents/happenings show that good or bad luck is niether connected with your hard nor your decision. But one thing is very clear to me that for sucess, even lucky fellow has to do work than he can get sucess. Thus, to me work is more important, work is worship, work is religion, work is strength & work is the main key to any sucess. With warm regards
 
Mien bhi unmein se ek hoon ... sach bol raha hoon dost :)
Bahut achha likhte ho par kuch jyada hi likhte ho ... quantity kam karke thoda aur quality badhao ... aur mazza aayega padhne mein :)
All the best!

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Originally Posted by vipin80
Bahot bdhiya bhai upender teri bat padke mene bhi jee se aa je hen. Nue likhda raya kar.

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Originally Posted by atishmohan
Bhai main bhi unni logon mei se hoon jo aapki tariff karte hain..

thanks-thank-you-20.gif
 
मेहनत के तो कुछ ख़ास मायने ही नहीं हैं, भाग्य भी कुछ बिना करे थोड़े ही साथ देता है
इस दुनिया में कुछ लोग कुछ विशेष करना चाहते हैं. ऐसे लोग कई बार दूसरों से प्रेरित होकर कुछ बनने की सोचते हैं, जबकि कईयों के साथ हालात ऐसे बन जाते हैं. अब बात ये है कि जो भी हम बनना चाहते हैं, उसके लिए ठीक रास्ता क्या हो. बहुत से लोग कहते हैं कि मेहनत करो. कुछ लोगों का मानना है कि सब किस्मत का खेल है.
मेरा मानना है कि मेहनत कोई ज्यादा मायने नहीं रखती, इसके अलावा भी कई और बातें अहम् हैं. सबसे पहले तो ये देखना जरूरी है कि हम बनना क्या चाह रहे हैं. यदि हमारा मकसद कोई अच्छी नौकरी हासिल करने का है तो इसके लिए तो केवल मेहनत से ही काम चल जाएगा और 4-5 साल के प्रयासों से सफल होने के अवसर बन जाएंगे, बशर्ते कि गंभीरता से प्रयास किए गए हों. लेकिन यदि किसी का मकसद है कि वो तो किसी खेल में विश्व चैंपियन बनेगा तो इसके लिए खाली मेहनत से काम नहीं चलने वाला.
दरअसल मेहनत अपने आप में किसी आनंद से कम नहीं. यदि कोई बड़ी नौकरी हासिल करने वाला कहता है कि उसने बड़ी मेहनत की है, वो रात-रात भर जागकर पढ़ता था, तो वो बेकार की बात करता है. यदि पढ़ाई में किसी की दिलचस्पी हो जाए तो फिर पढने में मजा आने लगता है और जब पढने में मजा आने लगे तो फिर पढ़ाई करना मेहनत कहां रह गया, वो तो मजा बन गया. ऐसे ही यदि कोई खिलाड़ी कहे कि उसने बड़ी मेहनत की है, कई-कई घंटे व्यायाम किया है तो वो भी बेकार की बात करता है. एकाध साल तो उसकी मेहनत को मेहनत कहा जा सकता है, लेकिन एक बार जब उसे व्यायाम करने का शौंक हो जाता है तो उसकी मेहनत एक मजा बन जाती है. मेहनत करने में, पसीना बहाने में मजा आता है और इस दुनिया में मजे के बदले मजा नहीं मिलता. फूलों भरे रास्ते के लिए पहले कांटों पर चलना पड़ता है. कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है. बचपन में हम क्रिकेट खेलते हुए लड़ते हैं, मेरी बारी, मैं बल्लेबाजी करूंगा, मैं ओवर फेंकूंगा. तो अगर कोई क्रिकेटर ये कहे कि उसने क्रिकेट में बड़ी मेहनत की है तो वो बेकार की बात करेगा, उसने तो क्रिकेट खेलने का मजा लिया है.
जो लोग इस दुनिया में बड़ी सफलता हासिल करते हैं, उनमें से अधिकतर भाग्य के बल पर ऐसा करते हैं. ये भाग्य भी दरअसल उनकी किसी करनी का ही फल होता है. अब देखिए ना, कोई अच्छा इंसान किसी सड़क हादसे में अपंग हो गया और उसने पूरा जीवन दुखों में गुजारा तो तथाकथित मेहनतियों से तो वो बहुत आगे निकल गया. मेहनत करने में तो मजा आता है, लेकिन अपंग होकर जीना तो मेहनत करने से कहीं अधिक कष्ट भरा है. लेकिन चूंकि वह अपनी मर्जी से अपंग नहीं बना, इसलिए उसे भी कोई बहुत बड़ी सफलता नहीं दी जा सकती. महत्व उसका है जो कोई बड़ा सुख ले तो सकता हो, लेकिन न लेता हो.
जो लोग पूरी जिंदगी मेहनत करते हैं, संघर्ष करते हैं और अच्छे कर्म भी करते हैं, लेकिन उन्हें उन सबका फल नहीं मिल पाता तो ये कहना कि उनका वो प्रयास बेकार गया, गलत है. वो कभी ना कभी भाग्य के रूप में उन्हें मदद देगा. इस दुनिया में सब एक समान हैं, सबके लिए एक समान नियम हैं. यह ठीक उसी प्रकार है, जिस प्रकार किसी कंपनी में हज़ारों लोग काम करते हों, कोई 2 घंटे, कोई 4 घंटे और कोई इससे भी ज्यादा घंटे. कोई ज्यादा महत्वपूर्ण काम करता हो और कोई कम तो उन सभी को उस कंपनी का मालिक एक समान वेतन कैसे दे सकता है. यदि वो ऐसा करेगा तो जो लोग ज्यादा देर काम करते हैं और ज्यादा जरूरी काम करते हैं, वो ऐतराज करेंगे. यही हाल इस दुनिया का है. हम सभी यहां मजदूर है. ये पृथ्वी एक कंपनी है. इस दुनिया को चलाने वाली ताकत मालिक है. सबका मालिक एक. यदि यहां कम मेहनत करने वाले को भी बड़ी सफलता दे दी गई तो फिर उसे क्या मिलेगा जो उससे ज्यादा मेहनत करेगा और यदि मेहनत करने वालों को बड़ी सफलता दे दी गई तो फिर उन्हें क्या मिलेगा, जो मेहनत के साथ तपस्या भी करेगा. यदि कोई इस दुनिया में कुछ ऐसा कर दिखाएगा जो न तो पहले कभी किसी ने किया हो और न ही कभी कोई भविष्य में कर सकेगा तो फिर वो इस कंपनी का मालिक ही बन जाएगा और ऐसा करने के लिए उसे अपना एक जीवन तो होम करना ही पड़ेगा (ऐसा आज तक कोई नहीं कर सका है).
तो छोटी सफलता निरंतर मेहनत के बल पर हासिल की जा सकती है, लेकिन बड़ी सफलता के लिए भाग्य भी चाहिए होता है, जो और कुछ नहीं हमारी कभी की कोई अच्छी करनी ही होती है.
इस दुनिया में सफलता वो है जो किसी को भी यूं ही न मिल जाती हो. मेहनतकश मजदूर मजबूरी की वजह से ऐसा बनते हैं और उनके जैसे बेशुमार होते हैं. यदि उन्हें भी शानदार जीवन दे दिया गया तो फिर उन्हें क्या मिलेगा, जो यहां कुछ ऐसा करेंगे जो बहुत ही कम लोग कर पाते हों. हम में से अधिकतर लोग गाड़ी चलाना जानते होंगे, लेकिन सचिन तेंदुलकर या वीरेन्द्र सहवाग की तरह क्रिकेट खेलना नहीं जानते होंगे. जिसके जैसे इस दुनिया में कम हों वे सफल हैं, जिसके जैसा इस दुनिया में कोई न हो वो सबसे सफल है. जो लगातार मेहनत करे और भले ही कुछ भी फल न मिले, इसके बावजूद लगा ही रहे, साथ ही अपने कर्म भी अच्छे रखे और दूसरों के साथ कुछ भी ऐसा न करे जैसा कि वो अपने साथ नहीं चाहता कि दूसरे करें तो फिर वो बिना भाग्य की मदद के भी बहुत बड़ी नहीं तो मध्यम दर्जे की सफलता तो हासिल कर ही लेगा. सबको ये देखना चाहिए कि जितना पैसा वो कमा रहा है, उतना ही काम भी कर रहा है या नहीं. यदि वो ऐसा नहीं कर रहा तो दुख पाएगा. पैसा कमाओ, अच्छा मकान बनाओ, बैंक बैलेंस बनाओ, लेकिन कड़ी मेहनत की कमाई से. यदि कुछ भी न कर सको तो बस अच्छे इंसान बन जाओ. अच्छा इंसान बनना किसी बड़े पैसे वाला बनने से भी कहीं ज्यादा मुश्किल है और जो ज्यादा मुश्किल है, उसका उतना ही महत्व है.
सफल बनने के लिए गरीबी या अमीरी कोई मायने नहीं रखती.

नोट : ये मेरे अपने विचार हैं. दूसरों के विचार भिन्न हो सकते हैं.

spot onnnnnn...it is a reply which solved my confussion about the subject.tank you for such a thoughtful reply.
 
Last edited:
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This line sums up all -


.. " ये जिंदगी भी बड़ी अजीब है .. मांगती मेहनत है लेकिन .. चलता नसीब है! " ..

Cheers
Jit

That's where we make a big mistake, believing lines like this.
Dont agree at all.
 
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Bhai DK, am not imposing my views on anybody but give me a simple answer.

Why few born with silver spoon while few in such poor conditions that they die of hunger ?? Ain't few born Lucky ??

Why do we always say, Best of Luck why not Best of ur hard work n' like that ??

Cheers
Jit


That's where we make a big mistake, believing lines like this.
Dont agree at all.
 
There is a saying:
hardwork is a cup of tea,
and luck is sugar,
GOD gives sugar only to those who have a cup of tea!!

Trust ur potential and work hard.. success will soon follow!!
 
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