Baghpat ke kirthal gaam main pahuche pakistani hinduo ne yeh kahani sunayi.....ab JL ke pseudo-seculars kahenge yeh dainik jagran farzi newspaper hai..hindi ke newspaper bakswaas likhte hai..aur fir saboot bhi maagenge..... ab pata nahi kitna sach hai....par haalat to kharaab hi lagti hai
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हिंदुओं ने सुनाई बर्बरता की दास्तां
6आर्य महाविद्यालय किरठल में आयोजित वार्षिकोत्सव में पहुंचा था शरणार्थी दल16कहा, पाकिस्तान के स्कूलों में हिंदू बच्चों को अलग बैठाया जाता है16हिंदू महिलाओं को भी घर के बाहर बुरका पहनकर निकलना पड़ता है
रमाला : पाकिस्तान में हिंदू परिवारों को जबरदस्त उपेक्षा और बर्बरता का शिकार होना पड़ता है। रविवार को आर्य महाविद्यालय किरठल में पहुंचे हिंदू शरणार्थी परिवारों ने अपनी दर्द भरी दास्तां सुनाई तो हर किसी की आंख नम हो गई। मौका था आर्य महाविद्यालय किरठल में वार्षिकोत्सव का। 1रविवार को दिल्ली कस्टम विभाग में अधीक्षक नाहर सिंह के नेतृत्व में पाकिस्तान से भारत आए 13 हिंदू शरणार्थी परिवारों का एक दल कालेज में पहुंचा। इनमें अंजलि, पार्वती, प्रेमी, महादेव, गंगाराम, श्रवण, रामचंद्र, लक्ष्मण, बारूमल, मीनाक्षी, चांदनी, मेहंदी व अंजना शामिल थे। अपने पिता व भाई के साथ भारत पहुंची 14 वर्षीय प्रेमी ने बताया कि पाकिस्तान में हिंदू परिवारों के साथ उपेक्षापूर्ण व्यवहार किया जाता है। विद्यालयों में हिंदू विद्यार्थियों को अन्य बच्चों से अलग बैठाया जाता है। खाना भी मिट्टी के गंदे बर्तनों में ही परोसा जाता है। अन्य बच्चों के बर्तन छू जाने पर उनके साथ मारपीट की जाती है। पार्वती ने बताया कि हिंदू महिलाओं को घर से बाहर बुर्का पहनकर ही निकलना पड़ता है। नहीं तो मुस्लिम युवक छेड़छाड़ करते हैं। थाने में दुत्कार मिलती है और शिकायत करने वालों के साथ पुलिस मारपीट करती है। त्योहार घर के अंदर चोरी-छिपे ही मनाते हैं। महादेव बताते हैं कि मौत हो जाने पर अंतिम संस्कार नहीं करने दिया जाता और चिता की लकड़ियों को फेंककर शव को पीटा जाता है। मुस्लिम परिवार शव को दफनाने के लिए बाध्य करते हैं। अग्नि में अंतिम संस्कार करने वालों को काफिर की संज्ञा दी जाती है। गंगाराम ने बताया कि भारत आकर ऐसा महसूस हुआ कि जैसे हम नरक से निकलकर स्वर्ग में आ गए हों। 1वापस लौटने के सवाल पर उन्होंने कहा वहां लौटने से अच्छा है कि यहीं मौत को गले लगा लें। पिछले दिनों दिल्ली में जंतर-मंतर पर शरणार्थियों द्वारा दिए धरने को प्रमुखता से उठाने के लिए दैनिक जागरण को तहेदिल से धन्यवाद दिया।रमाला के किरठल गांव के आर्य महाविद्यालय में पहुंचे पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थी। जागरण
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