Would you vote for Team Anna's political party ?

Would you vote for Team Anna's political Party ?


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Bhincher ji,

Aisi himmat to opposition party ka koi bhi chota mota leader bhi utha leta hai. Hooda to congress ki party ka hai wo kyon bolega Sonia ke khilaaf!

Maine to buss ye article Kejriwal ki party par ek vishleshan ke tahat chipkaya tha yahan. Baaki author ne kuch acchi baat likhi hain Kejriwal ki party ke tarike ko lekar aur unke bhavishaye par!

Bhai Atish ji, Aapane to Dainik Bhaskar se lekar chhap diya, phir bhi ek bar to Kejriwal ji apnakar dekh lena hi chahiye. Kejriwal ji itani himmat to dikha raha hai, jo aaj ki badsah Soniya gandhi ke samane bol to raha hai, nahin to Hooda aur Gehlot jese ki bolti band hai.
 
अन्ना हजारे के कल के राजनैतिक विकल्प देने के वक्तव्य के बाद वर्तमान आमरण अनशन के उदेश्य एवं ड्रामा का पटाक्षेप हो गया ! अन्ना हजारे ने स्वयम इसको केवल बाहर से समर्थन देने की बात कह कर एक प्रकार से सारा दायित्व टीम अन्ना के कंधो पर डाल कर किनारा कर लिया ! सप्ताहांत पर जाकर अन्ना के भ्रष्टाचार विरोधी मुहीम को समर्थन करना एवं मतदान वाले दिन उसी समर्थन को मत में परिवर्तित करना दो अलग अलग ध्रुव हैं ! इस बात की पूरी पूरी सम्भावना है की टीम अन्ना के राजनैतिक उम्मीदवार जमानत भी न बचा सके ! यह एक वास्तविक राजनैतिक मुहीम का कठोर एवं कड़वा सच है ! राजनैतिक मंच बनाने का स्वर्णिम अवसर गत वर्ष तिहाड़ जेल से था जिसको वे चूक गए ! उसके बाद से जन-लोकपाल आंदोलन टीम अन्ना की आपसी फूट , विरोधाभास के कारन कुंद पड़ गया ! अब देश की जनता के पास तथाकथित ईमानदार दो नए राजनैतिक धड़े हैं - बाबा रामदेव और टीम अन्ना ! बाबा रामदेव एवं टीम अन्ना के आपसी मतभेद जगजाहिर हैं ! इन दोनों का एक राजनैतिक मंच पर एकत्रित होना असंभव सा है ! इस से जनता को दुविधा होगी और दोनों के वोट काटेंगे ! बाबा रामदेव के पास जहाँ संसाधनों एवं संघठित भीड़ है वहीँ केजरीवाल एवं पार्टी के पास ऐसा कुछ भी नहीं है !

अब जाटो को लेकर दोनों का मत जानना भी जरुरी है ! न तो बाबा रामदेव और न ही टीम अन्ना जाट आरक्षण को लेकर गंभीर हैं ! बल्कि टीम अन्ना तो आरक्षण विरोधी ही है ! ऐसे में जाट इनको वोट देंगे या नहीं ये तो भविष्य के गर्भ में है !

एक पोल शुरू करने जा रहा हूँ जिसका उदेश्य इस नयी राजनैतिक सम्भावना को लेकर आपके विचार जानने का है !

सीधा सा सवाल है - क्या आप टीम अन्ना की पार्टी को कांग्रेस एवं बी जे पी के खिलाफ वोट देंगे ?

उत्तर अगर हाँ है तो क्यूँ देंगे ? उत्तर अगर ''ना'' है तो क्यूँ नहीं देंगे ?

Team anna to ab team kejriwaal hi ban gyi hai. sarkar to nahi bana paayenge ye log par phir bhi do ( BJP n congress) thugo ke beech ek anadi ( kejriwaal) ko ek bar vote diya ja sakta hai.
 
We should also look at our leaders also -
1.Sir Chottu Ram - He saciificied his life for others , whether Arvind ever take his name in any speech , Let us first IAC respect our honest and respected leaders,
2.Ch Chartan Singh - Fought for Farmers rights & was good economists . He founded BKU , the BKU supported Arvind Kejriwal in Farrukhabad against Khurshid , Whether Arvind Kejriwal visited Kisan Ghat ever, he took the benefit from BKU but never said any thing good about its founder Ch Charan Singh.
3.Ch Devi Lal - He started pension for elders and now being followed by complete country.
4.Dr.Balram Jakhar started cooperative movments for farmers.
Let Arvind Kejriwal first respect these great Jat Leaders in Public or at any press confrence. If does not do so then he is the castiest person and can never take all the community with him. A honest person is really honest only when he praise other honest persons also.
If he does not then we should never vote team Anna.











अन्ना हजारे के कल के राजनैतिक विकल्प देने के वक्तव्य के बाद वर्तमान आमरण अनशन के उदेश्य एवं ड्रामा का पटाक्षेप हो गया ! अन्ना हजारे ने स्वयम इसको केवल बाहर से समर्थन देने की बात कह कर एक प्रकार से सारा दायित्व टीम अन्ना के कंधो पर डाल कर किनारा कर लिया ! सप्ताहांत पर जाकर अन्ना के भ्रष्टाचार विरोधी मुहीम को समर्थन करना एवं मतदान वाले दिन उसी समर्थन को मत में परिवर्तित करना दो अलग अलग ध्रुव हैं ! इस बात की पूरी पूरी सम्भावना है की टीम अन्ना के राजनैतिक उम्मीदवार जमानत भी न बचा सके ! यह एक वास्तविक राजनैतिक मुहीम का कठोर एवं कड़वा सच है ! राजनैतिक मंच बनाने का स्वर्णिम अवसर गत वर्ष तिहाड़ जेल से था जिसको वे चूक गए ! उसके बाद से जन-लोकपाल आंदोलन टीम अन्ना की आपसी फूट , विरोधाभास के कारन कुंद पड़ गया ! अब देश की जनता के पास तथाकथित ईमानदार दो नए राजनैतिक धड़े हैं - बाबा रामदेव और टीम अन्ना ! बाबा रामदेव एवं टीम अन्ना के आपसी मतभेद जगजाहिर हैं ! इन दोनों का एक राजनैतिक मंच पर एकत्रित होना असंभव सा है ! इस से जनता को दुविधा होगी और दोनों के वोट काटेंगे ! बाबा रामदेव के पास जहाँ संसाधनों एवं संघठित भीड़ है वहीँ केजरीवाल एवं पार्टी के पास ऐसा कुछ भी नहीं है !

अब जाटो को लेकर दोनों का मत जानना भी जरुरी है ! न तो बाबा रामदेव और न ही टीम अन्ना जाट आरक्षण को लेकर गंभीर हैं ! बल्कि टीम अन्ना तो आरक्षण विरोधी ही है ! ऐसे में जाट इनको वोट देंगे या नहीं ये तो भविष्य के गर्भ में है !

एक पोल शुरू करने जा रहा हूँ जिसका उदेश्य इस नयी राजनैतिक सम्भावना को लेकर आपके विचार जानने का है !

सीधा सा सवाल है - क्या आप टीम अन्ना की पार्टी को कांग्रेस एवं बी जे पी के खिलाफ वोट देंगे ?

उत्तर अगर हाँ है तो क्यूँ देंगे ? उत्तर अगर ''ना'' है तो क्यूँ नहीं देंगे ?
 
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