Yadi Bhondu Rahul Gandhi Pradhanmantri banega !!!!!

rajpaldular

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[h=5]यदि राहुल गांधी जब प्रधानमंत्री बनेगा तब निश्चित ही दिग्विजयसिंह मानव संसाधन मंत्रालय में अर्जुनसिंह का उत्तराधिकारी होगा। एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम में तब कुछ नए पाठ जोडऩे की तैयारी तय है। एक पाठ हिंदू आतंकवाद पर अवश्य होना चाहिए। वो कुछ इस प्रकार का होगा-
[/h][h=5]अमन का पाठ :-
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प्यारे बच्चो ! हिंदू सदैव से ही आतंकी और उत्पाती रहे हैं। हिंसा और युद्ध उनके प्रिय विषय हैं। वे कभी शांति से बैठ ही नहीं सकते। तभी तो रामायण और महाभारत संसार में केवल यहीं संभव हुए। छोटे-छोटे राजा भी जीवन भर आपस में लड़ते-झगड़ते रहे। पहली बार सातवीं शताब्दी में मोहम्मद बिन कासिम सिंध में अमन का पैगाम लेकर आए। राजा दाहिर को उन्होंने शांति के सूत्र बताए। दाहिर की दो बेटियों को खलीफा की यूनीवर्सिटी में मानवता की उच्च शिक्षा के लिए भेजा।
[/h][h=5]
फिर महमूद गजनवी ने भारत की 17 यात्राएं की और नरेंद्र मोदी के मौजूदा गुजरात समेत देश के कोने-कोने में अमन का संदेश फैलाया। फिर भी अडिय़ल हिंदू कुछ नहीं सीखे तो मुहम्मद गोरी ने यहां स्थाई बंदोबस्त किया। इसके पश्चात गुलाम, खिलजी, तुगलक, लोदी और मुगलों ने अपनी कई पीढिय़ां यहां अमन की स्थापना में लगा दीं। संसार में ऐसे उदाहरण कहीं नहीं मिलेंगे जब एक "कौम" को सुधारने के लिए कई राजवंशों ने अपनी कई पीढिय़ों का योगदान दिया हो। इतना ही नहीं, तैमूरलंग, नादिरशाह और अब्दाली भी शांति और आपसी सहयोग से मिलजुलकर जीने के संदेश लेकर अपने मुल्कों से हजारों मील दूर कष्ट उठाकर यहां के लोगों की भलाई के लिए सदियों तक आते रहे।
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हिंदू मंदिर सदैव से आतंक की जड़ रहे हैं, जहां पुरोहित रामायण और महाभारत के युद्धों की कहानियां सुनाकर जनता को भड़काते थे। इसीलिए अमन के इन फरिश्तों ने जीवन पर्यन्त मंदिर तोड़े और कहीं-कहीं अमन की इमारतें तामीर कराईं। मुगल बादशाह शाहजहां ने मोहब्बत की मिसाल के रूप में ताजमहल का निर्माण कराया तब गुरू गोविंदसिंह ने खालसा नामक सशस्त्र लड़ाकों का एक संगठन ही खड़ा कर दिया। ये लोग पूरे मुल्क में उत्पात मचाते थे। शिवाजी भी छापामार लड़ाइयों में लोगों को उलझाते रहे। इसके लिए अमन के सिपाही औरंगजेब ने अपनी जी-जान लगा दी और बाल ठाकरे के महाराष्ट्र में ही अंतिम सांस ली। हमारे महान देश के प्यारे बापू और दो-दो परम प्रिय प्रधानमंत्रियों की जान किसने ली? महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को हमसे किसने छीना?
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इन सात सौ वर्षों में लाखों बुद्धिमान और समझदार हिंदुओं को अमन की बात समझ में आती गई और वे अपनी मान्यताएं बदलकर शांति की परंपरा स्वीकार करते गए। अपनी बल्दियतें बदलकर उन्होंने कुफ्र से निजात पाई और जन्नत के हकदार हुए। मोहम्मद अली जिन्ना तो अमनपसंदों के लिए एक अलग मुल्क के ही हिमायती थे। इस प्रकार पाकिस्तान बना, जिसने संसार को बीसवीं शताब्दी में अमन का मॉडल प्रस्तुत किया।
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बच्चो ! आपको यह भी जानना चाहिए कि दाऊद इब्राहिम कासकर अपने अनुयायियों के साथ अमन से मुंबई में रहना चाहते थे, परन्तु अशांति प्रिय भगवा ब्रिगेड के कारण उन्हें हिजरत करनी पड़ी। अंततः उन्हें पाकिस्तान में शरण मिली। आज की दुनिया में आतंक की जड़ अमेरिका है, जिसे अमन का पाठ पढ़ाने का जिम्मा अपने ओसामाजी ने लिया था। इसीलिए उन्हें भी पाकिस्तान ने अपनाया। श्री हाफिज सईद साहब जैसे अमनपसंद इंसानों की बदौलत ही एक बेहतर दुनिया की उम्मीद कायम है। हां तो बच्चो, बताओ आतंकवादी कौन हैं?
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राजपाल जी ,

कभी कभार लेख के मूल लेखक को भी उसका श्रेय दे दिया करिये ! और कभी कभार इनसे प्रेरित हो कर स्वयम की कलम से भी कुछ लिख दिया करिये !
 
राजपाल जी ,

कभी कभार लेख के मूल लेखक को भी उसका श्रेय दे दिया करिये ! और कभी कभार इनसे प्रेरित हो कर स्वयम की कलम से भी कुछ लिख दिया करिये !

फेसबुक पर ये लेख मुझे मिला था पर इसमें बहुत सारे संशोधन करके ही जाटलैंड पर चिपकाया है।
 
राजपाल जी ,

कभी कभार लेख के मूल लेखक को भी उसका श्रेय दे दिया करिये ! और कभी कभार इनसे प्रेरित हो कर स्वयम की कलम से भी कुछ लिख दिया करिये !

I am wondering if Jatland has lost all moderation!? I think 50% of material is copy paste nowadays. While the "policy" says no blanket copy paste allowed. Now threads are starting with copy pastes!

Baans tha raki hai..
 
To add, Rajpal Jis 99.9% posts are a copy paste from a particular FB group.

Plagiarism at its best.

I am wondering if Jatland has lost all moderation!? I think 50% of material is copy paste nowadays. While the "policy" says no blanket copy paste allowed. Now threads are starting with copy pastes!

Baans tha raki hai..
 
कितना प्रतिशत कॉपी पेस्ट है उसकी चिंता मॉडरेट करेंगे। सोशल मीडिया के माध्यम से 'सत्य तथ्य' उजागर कर रहा हूँ तो किसी को क्या समस्या है?
जब तक नकली गाँधी परिवार एवं देशद्रोही कांग्रेस भारत नहीं छोड़ देते तब तक मैं उच्च स्वर में ये सब उजागर करता रहूँगा।
मेरा विरोध वो सदस्य ही कर रहे हैं जो कांग्रेस के कट्टर भक्त हैं।
भारत माता की जय।
 
सोशल मीडिया के माध्यम से 'सत्य तथ्य' उजागर कर रहा हूँ तो किसी को क्या समस्या है?
।

मान लिया पर आपकी इस पोस्ट मैं तो काल्पनिक सोच के अलावा कुछ और नज़र नही आता, कम से कम औरो की कल्पना को तो अपने नाम से मत चेपो
 
कितना प्रतिशत कॉपी पेस्ट है उसकी चिंता मॉडरेट करेंगे। सोशल मीडिया के माध्यम से 'सत्य तथ्य' उजागर कर रहा हूँ तो किसी को क्या समस्या है?
जब तक नकली गाँधी परिवार एवं देशद्रोही कांग्रेस भारत नहीं छोड़ देते तब तक मैं उच्च स्वर में ये सब उजागर करता रहूँगा।
मेरा विरोध वो सदस्य ही कर रहे हैं जो कांग्रेस के कट्टर भक्त हैं।
भारत माता की जय।

आपका उदेश्य देश को उन्नत करने की तरफ कम एवं कांग्रेस का विरोध (ऊँचे स्वर में ??[कहाँ से बोल रहे हैं आप]) करने में ही लगा है अब तक तो राजपाल जी ! आपका विरोध नहीं कर रहे हैं, आप जो और जिस तरीके ( अलीबाबा चालीस चोर / हातिम ताई की किस्से इतियादी टाइप तरीका ) से ''ऊँचे'' स्वर में दहाड़ रहे हैं वो ओजस्वी वानी सुन कर तो मानो दिल ही दहल रहा है ( सच में, और त और जाडा भी चड ज्या स् कई बे त )! कृपया हमे इस तरीके से न डराए ( सही में डर रहे हैं आपकी कसम (सची मुची ) )! नहीं मानोगे ना ? कोई बात नहीं , आप भी यहीं और हम भी यहीं !
 
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कितना प्रतिशत कॉपी पेस्ट है उसकी चिंता मॉडरेट करेंगे। सोशल मीडिया के माध्यम से 'सत्य तथ्य' उजागर कर रहा हूँ तो किसी को क्या समस्या है?
जब तक नकली गाँधी परिवार एवं देशद्रोही कांग्रेस भारत नहीं छोड़ देते तब तक मैं उच्च स्वर में ये सब उजागर करता रहूँगा।
मेरा विरोध वो सदस्य ही कर रहे हैं जो कांग्रेस के कट्टर भक्त हैं।
भारत माता की जय।

अच्छा, देश भक्ति प्रमाणीकरण केंद्र.
 
[h=5]समय तथा वातावरण के विश्लेषण तथा अवसर की नजाकत का आकलन किये बिना आवश्यकता से अधिक लिखने वाले हर घटनाक्रम का अपनी मूर्खता के आधार पर विश्लेषण करने वाले, जमीनी हकीकतों को नकारने वाले, सीमित तथा एक पक्षीय जानकारी के आधार पर स्वयं को एक मात्र ज्ञानी और बुद्धिजीवी तथा दूसरों को अल्पज्ञ तथा मूर्ख मानने वाले, स्वयं की मूर्खता की पराकाष्ठा को सकारात्मकता का चोला पहना कर नकारात्मकता के अस्तित्व से इनकार करने वाले ''पर उपदेश कुशल बहुतेरे, छमहु नाथ सब अवगुण मेरे'' को अपने जीवन के हर स्तर पर उतारने वाले ''औरों को परामर्श और स्वयं मियाँ फजीहत किस्म के सामजिक प्राणी भी देश के शत्रुओं से कम हानि नहीं पहुंचाते।
[/h][h=5]इन लक्षणों के साथ यदि सम्बधित प्राणी को गंभीर किस्म का सद्गुण विकृति मनोरोग भी हो जाए तो कोढ़ में खाज जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है !!![/h]इस पर भी भाई लोग प्रतिक्रिया अवश्य देंगे, तो भाइयों कुतर्को का कोई अंत नहीं होता।
 
[h=5]समय तथा वातावरण के विश्लेषण तथा अवसर की नजाकत का आकलन किये बिना आवश्यकता से अधिक लिखने वाले हर घटनाक्रम का अपनी मूर्खता के आधार पर विश्लेषण करने वाले, जमीनी हकीकतों को नकारने वाले, सीमित तथा एक पक्षीय जानकारी के आधार पर स्वयं को एक मात्र ज्ञानी और बुद्धिजीवी तथा दूसरों को अल्पज्ञ तथा मूर्ख मानने वाले, स्वयं की मूर्खता की पराकाष्ठा को सकारात्मकता का चोला पहना कर नकारात्मकता के अस्तित्व से इनकार करने वाले ''पर उपदेश कुशल बहुतेरे, छमहु नाथ सब अवगुण मेरे'' को अपने जीवन के हर स्तर पर उतारने वाले ''औरों को परामर्श और स्वयं मियाँ फजीहत किस्म के सामजिक प्राणी भी देश के शत्रुओं से कम हानि नहीं पहुंचाते।
[/h][h=5]इन लक्षणों के साथ यदि सम्बधित प्राणी को गंभीर किस्म का सद्गुण विकृति मनोरोग भी हो जाए तो कोढ़ में खाज जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है !!![/h]इस पर भी भाई लोग प्रतिक्रिया अवश्य देंगे, तो भाइयों कुतर्को का कोई अंत नहीं होता।

उत्तम , अति उत्तम ! लेकिन कहाँ से उठा कर चेपा हुआ माल है ये राजपाल जी ?
 
Rajpal Dulaar ji proper reference ke saath isko share karte to na to aapko itni sunni padti na hi itne clarifications dene padte....cheej aapne wakai mein jabardast share ki hai but ek writer/author hone ke naate aapko itni ethics to rakhni hi chahiye thi ki aap original writer ka naam jaroor likhte ya us link ki hi reference saath lagaate jahaan se utha ke aapne isko modify karke yahaan lagaya.....

aur kisi ki cheej ko modify karke pesh karne se aapko ye hak nahin ho jata ki cheej ke first creator ka naam ya reference hi saath na rakho....
 
Last edited:
kaangression ko tou inkaa majaak karnaa bhi pasand nahi he ,jab ki majaak-majaak me sahi baat kahi gai he,aur khjaam-khaa ki bahas ko koi aur mod de diyaa gayaa.ye desh kaa durbhaagay he ki desh par haraamkhor,charitrheen,chamchey shaashan kar rahe hein ,lekin jab Nehru ne hi iss path par desh ko daal diyaa thaa ( jo ki khud aesaa thaa ) tou unki aoulaadein ussi maarg par chalengi.
 
उत्तम , अति उत्तम ! लेकिन कहाँ से उठा कर चेपा हुआ माल है ये राजपाल जी ?

achhi baat kaa felnaa aur buri baat kaa dhankaa rahnaa,hameshaa faaydemand rahtaa he ,ye felaai kisne wo gonn he.
 
'विश्वरूपम' विवाद - भारत का इस्लामीकरण हो चूका है
----------------------------
अगर जो कांग्रेसी और सेकुलर किस्म में लोग अभी भी ये
मानते है कि भारत एक हिंदू बहुसंख्यक देश है
या धर्मनिरपेक्ष देश , वो जरा फिर सोचे...
आपको याद हो दिल्ली की कुछ बीती घटनाये-
१. "दामिनी कांड" में प्रदर्शन करती हजारों की भीड़.
२. "भ्रष्टाचार व् कला धन" के मुद्दे पर रामदेव के साथ
लाखो लोगो की भीड़
३. "जन लोकपाल" पर अन्ना हजारे के साथ प्रदर्शन
करती हजारों की भीड़.
इसके आलावा की कई और मुद्दों पर लाखो की भीड़ ने देश
भर में प्रदर्शन किये . पर क्या सरकार के कानो पर जू रेंगी.
प्रदर्शनकारियों से बात करना तो
दूर, उलटे उन्हें नक्सलवादी तक कह डाला गया... और
भी जाने क्या क्या सहा उन सब लोगो ने. आपको सब याद
हि होगा.
परन्तु मेरा दिमाग तब खटकता है, जब पता हू कि केवल कुछ
लोगो, शायद २०-३० , के विरोध के चलते 'विश्वरूपम'
को बैन कर दिया जाता है. एक के
बाद एक कई राज्यों में. अब उत्तरप्रदेश सरकार
भी येही कह रही है.
आप सोचे कहा लाखो लोगो की भीड़ प्रदर्शन करती है
राष्ट्रवादी मुद्दों पर, पर सरकार कुछ नहीं करती.
....और २०-३० मुस्लमान लोगो के द्वारा प्रदर्शन पर इतने
बड़े निर्णय.
ये सोच की "कही मुस्लमान नाराज ना हो जाये", क्या ये
भारत का इस्लामीकरण नहीं????
अभी भी समय है, jl के इलावा भी जमीनी स्तर पर हिंदू
धर्मं का पालन व् प्रचार करे.
हिन्दुओ के जागने और जगाने का समय आ चूका है...ये हम
जितना जल्द समझले उतना कम खून खराबा होगा..
२०१४ का चुनाव एक मौका है और शायद आखिरी!!
 
उत्तम , अति उत्तम ! लेकिन कहाँ से उठा कर चेपा हुआ माल है ये राजपाल जी ?


समर सिंह जी ! ये भी आपको 'चेपा हुआ माल' लगता है। ये तो आपकी ज्यादती है।
 
u seem to have started liking congres and gandhi clan recently.

उत्तम , अति उत्तम ! लेकिन कहाँ से उठा कर चेपा हुआ माल है ये राजपाल जी ?
 
u seem to have started liking congres and gandhi clan recently.

+

Can anyone please suggest how to get the obc certificate in haryana now? what is the process. time is to take benefit of the reservation wich has bugged us a lot for decades

On such a RSS propaganda thread by Rajpal dular ji I clearly said it that I would vote for Congress in state if they provide reservation in state and further would also vote them centre if they do it in centre. Won't you?

Nonetheless it cant be preseumed that I am follower of Gandhis. I ve my own views about them but I don't get carried away with such propaganda things.

By the way when you started liking Kaccha-dhaari brigade of RSS types? ( Although I don't care if you like or dislike.)
 
Last edited:
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Nonetheless it cant be preseumed that I am follower of Gandhis.

Isnt that given already? If you post anything for congress means you like Gandhis and you are a labeled 'Chamcha' and 'sickular' by these pesudo hindu and only-self-claimed-patriotic-secular intellectuals?
 
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