Zindgi ke rang

vijaypal2428

New member
[FONT=&quot] [/FONT][FONT=&quot]जिंदगी के रंग[/FONT]

[FONT=&quot] कभी हंसना कभी रोना[/FONT]
[FONT=&quot] कभी जागना कभी सोना[/FONT]

[FONT=&quot][/FONT]

[FONT=&quot] कभी यादों के दरिया में[/FONT]
[FONT=&quot] खुद को डुबोना[/FONT]

[FONT=&quot][/FONT]

[FONT=&quot] कभी जीने की चाहत में भागते ही रहना[/FONT]
[FONT=&quot] कभी सब कुछ भुला, लंबी तान कर सोना[/FONT]

[FONT=&quot][/FONT]

[FONT=&quot] कभी टूट कर बिखरना, फिर सिमट खड़े होना[/FONT]
[FONT=&quot] कभी आंसुओं से अपना ही तकिया भिगोना[/FONT]

[FONT=&quot] कभी पश्चाताप की आग में खुद को जलाना[/FONT]
[FONT=&quot] सब ठीक है यह सोच कर दिल को बहलाना[/FONT]

[FONT=&quot] कभी यादों के पंख लगा दूर चले जाना[/FONT]
[FONT=&quot] कभी मुड़ कर सिमट कर अपने में खो जाना[/FONT]

[FONT=&quot] कभी खोना, कभी पाना[/FONT]
[FONT=&quot] कभी झूठी सी तस्सली दे, सब कुछ भुलाना[/FONT]

[FONT=&quot] “ कौन कहता है ‘जिंदगी’ बे रंग सी हो गई है”[/FONT]
 
[FONT=&quot] [/FONT][FONT=&quot]जिंदगी के रंग[/FONT]

[FONT=&quot] कभी हंसना कभी रोना[/FONT]
[FONT=&quot] कभी जागना कभी सोना[/FONT]

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[FONT=&quot] कभी यादों के दरिया में[/FONT]
[FONT=&quot] खुद को डुबोना[/FONT]

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[FONT=&quot] कभी जीने की चाहत में भागते ही रहना[/FONT]
[FONT=&quot] कभी सब कुछ भुला, लंबी तान कर सोना[/FONT]

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[FONT=&quot] कभी टूट कर बिखरना, फिर सिमट खड़े होना[/FONT]
[FONT=&quot] कभी आंसुओं से अपना ही तकिया भिगोना[/FONT]

[FONT=&quot] कभी पश्चाताप की आग में खुद को जलाना[/FONT]
[FONT=&quot] सब ठीक है यह सोच कर दिल को बहलाना[/FONT]

[FONT=&quot] कभी यादों के पंख लगा दूर चले जाना[/FONT]
[FONT=&quot] कभी मुड़ कर सिमट कर अपने में खो जाना[/FONT]

[FONT=&quot] कभी खोना, कभी पाना[/FONT]
[FONT=&quot] कभी झूठी सी तस्सली दे, सब कुछ भुलाना[/FONT]

[FONT=&quot] “ कौन कहता है ‘जिंदगी’ बे रंग सी हो गई है”[/FONT]

आपका की पहली पोस्ट की गेल स्वागत स |

भोत जरुरी से आपका आड़े होंणा
आप भी ताव्ले से बन्या लो आपणा कोंणा
आड़े सब की समाई स
बात-बात में होवे खीन्चाई स
थारी कविता म्हारे मन भाई स
या साची थारी स अक चुराई स ?
 
आपका की पहली पोस्ट की गेल स्वागत स |

भोत जरुरी से आपका आड़े होंणा
आप भी ताव्ले से बन्या लो आपणा कोंणा
आड़े सब की समाई स
बात-बात में होवे खीन्चाई स
थारी कविता म्हारे मन भाई स
या साची थारी स अक चुराई स ?

Par aapne to khud ki hi banayi se:):)
 
[FONT=&quot] [/FONT][FONT=&quot]जिंदगी के रंग[/FONT]

[FONT=&quot] कभी हंसना कभी रोना[/FONT]
[FONT=&quot] कभी जागना कभी सोना[/FONT]

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[FONT=&quot] कभी यादों के दरिया में[/FONT]
[FONT=&quot] खुद को डुबोना[/FONT]

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[FONT=&quot] कभी जीने की चाहत में भागते ही रहना[/FONT]
[FONT=&quot] कभी सब कुछ भुला, लंबी तान कर सोना[/FONT]

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[FONT=&quot] कभी टूट कर बिखरना, फिर सिमट खड़े होना[/FONT]
[FONT=&quot] कभी आंसुओं से अपना ही तकिया भिगोना[/FONT]

[FONT=&quot] कभी पश्चाताप की आग में खुद को जलाना[/FONT]
[FONT=&quot] सब ठीक है यह सोच कर दिल को बहलाना[/FONT]

[FONT=&quot] कभी यादों के पंख लगा दूर चले जाना[/FONT]
[FONT=&quot] कभी मुड़ कर सिमट कर अपने में खो जाना[/FONT]

[FONT=&quot] कभी खोना, कभी पाना[/FONT]
[FONT=&quot] कभी झूठी सी तस्सली दे, सब कुछ भुलाना[/FONT]

[FONT=&quot] “ कौन कहता है ‘जिंदगी’ बे रंग सी हो गई है”[/FONT]

आपका की पहली पोस्ट की गेल स्वागत स |

भोत जरुरी से आपका आड़े होंणा
आप भी ताव्ले से बन्या लो आपणा कोंणा
आड़े सब की समाई स
बात-बात में होवे खीन्चाई स
थारी कविता म्हारे मन भाई स
या साची थारी स अक चुराई स ?


धाकड़ एंट्री का धाकड़ सुवागत..!!!
 
[FONT=&quot]अंधेरों ने किये पैदा ये नफरत के घराने हैं [/FONT]
[FONT=&quot]दिलों में रोशनी भरदे मुझे वो दीप जलाने हैं [/FONT]
[FONT=&quot]इन्हें मस्जिद मुबारक हो, उन्हें मंदिर मुबारक हो [/FONT]
[FONT=&quot]मुझे तो इबादत में वतन के गीत गाने हैं[/FONT]
[FONT=&quot]
[/FONT]
( famous lines of poet Sh Gajender Solanki)[FONT=&quot][/FONT]
 
badhiya master ji ............welcome to Jatland .....:cool:

aapki shakal mere math wale master te mile hai bahut daant mara karta .........!!!!!!
 
badhiya master ji ............welcome to Jatland .....:cool:

aapki shakal mere math wale master te mile hai bahut daant mara karta .........!!!!!!

प्रिया , पर विजयपाल जी तो संस्कर्त के मास्टर सें |
 
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