Arvindji pls provide the list of those 62 seats.i also ask all jatveer to includ haritperdesh(western up)in jat heartland.after the observation of all post on this thread i think that right now there is no leader of national statur.and some of our jatveer mention that punjabi jatt are something diffrent. Pls note that punjabi jat also feel that we are same. I have so many sikhjat friends and jatpana is the only bandhan for our friendship.jatveero, hak lad ke liya jata hey mangne se nahi milta.
.......... I think that is where our Jat politicians are lacking. We haven't learned to use media. The way media is used in todays politics is unmatched in history. It is the single most important factor in forming opinions not only of the voter but also of the voted.
Dear virender, my gotra spelling are as under
Kharb, hope you will not mind correcting in future please. regards
आर्य साहब , मैं यहाँ तजुर्बे की बता रहा था न के दीपेंदर भाई की शान में कसीदे पढ़ रहा था | किसी जाट भाई ने कहा था हमारा कोई भी जाट नेता इतना तजुर्बे वाला नहीं हैं जिसको मंत्री बनाया जा सके , यही बात राजस्थान के मुख्यमंत्री बनाने की बात आई थी जब हुई थी | दीपेंदर ही क्यों , आप ज्योति मिर्धा (गहलोत) , श्रुति चौधरी ( लेघा) को ले लीजिये | श्रुति लेघा के तो दादा प्रदेश के मुख्यमंत्री , केंद्र में रक्षा व रेल मंत्री रह चुके हैं , इनके पिता राज्ये के कृषि मंत्री व संसद रह चुके हैं , इनकी माता फिलहाल प्रदेश की सरकार में वजीर हैं | ज्योति के दादा तो ७७ की इमर्जेंसी के बाद जब कांग्रेस के बड़े बड़े दुरंधर चुनाव हार गए थे तब भी जीत कर आये थे | यह कहना की जाट को तजुर्बा नहीं हैं बिलकुल गलत हैं | जाट के नाम के आगे तो माँ की कोख से जन्म लेते ही चौधरी लग जाता हैं ,| इसको भी चौधर के गुण सिखाने की जरुरत पड़ेगी क्या ? जब जाट के मंत्री बनाने की बारी आती हैं तभी लोग तजुर्बे की बात क्यों करते हैं ? यह सब गैर जाट लोगो का प्रचार हैं जिसका हमारे कुछ जाट भाई भी समर्थन कर देते हैं , उन गैर जाटों की मंशा को नहीं समझते |arvind, you are championing the cause of deepender only. I agree that he should get the apportunity and that is what i had mentioned in my previous post, however, here we are discussiong about all jat mps and their participation in newly formed government.
Rabvinder Bhai, Veer ras se ot-prot vichar de rahe hain aap........ badhiya hai..... chetna aayegi........ arr bhai western UP ke mei te nyu kahoon hoon ke sansar me kite bhi jaat/jat/jatt hon ve saare apne hi hain......
There is an old saying about jats "jatra aar katra aapne e ne maarai sai" This factor also plays in jat leaders being negelected.यह कोई नई बात नहीं हैं , जब देश आजाद हुआ था चाचा नेहरु ने अपनी सरकार में एक जाट को मंत्री बनाया था , सरदार बलदेव सिंह जी को परन्तु उनको जाट करके नहीं बनाया था बल्कि सिख करके बनाया था | यह तो जाट के साथ हमेशा से होता आया हैं और रहेगा , जाट तो एक खागड़ की तरह हैं जिस के दरवाजे के आगे जायेगा जाते ही अगला इसके लठ मरेगा फेर यो खागड़ (जाट ) आगले बाहरने आगे जा खड्या होगा उडे भी लठ खा गा , पर यो भोला खागड़ (जाट) उस लठ मारने वाले की तरफ एक बार भी मुड के नहीं मारेगा |
एक भाई ने सीटो के आकडे दिए हैं | भारत में 62 सीट ऐसी हैं जो जाट बाहुल्ये हैं और 28 पर जाट वोट निर्णायक वोट हैं , फेर भी एक मंत्रालय की दरकरार रह स | भारत में ब्राह्मणों की आबादी 3 % हैं जबकि जाट 4% ( हिन्दू सिख बिश्नोई मुल्ला मिला कर ) हैं , पर प्रधानमंत्री कौन बनेगा ? ब्राह्मण बनेगा | आज एक सिख खत्री देश का प्रधानमंत्री हैं जिनकी आबादी सिखों में मात्र 0.9 % हैं , और जो कभी जनमत से नहीं बनता , परन्तु प्रचार इस्सा करेंगे के इससे ईमानदार आदमी नहीं स | जो बिना जनता में जाए इस मुकाम तक पहुच गया उसका सवभाव किसा होगा इब खुद सोच लो | आज के वक़्त तो बिना चापलूसी के चपरासी भी लगना मुश्किल हैं फेर देश का राजा बनना तो दूर की बात स | जाट से चापलूसी होती नहीं तो फेर इब मंत्री कहा से बनेगा वो तो संत्री ही रहेगा |
आर्य साहब , मैं यहाँ तजुर्बे की बता रहा था न के दीपेंदर भाई की शान में कसीदे पढ़ रहा था | किसी जाट भाई ने कहा था हमारा कोई भी जाट नेता इतना तजुर्बे वाला नहीं हैं जिसको मंत्री बनाया जा सके , यही बात राजस्थान के मुख्यमंत्री बनाने की बात आई थी जब हुई थी | दीपेंदर ही क्यों , आप ज्योति मिर्धा (गहलोत) , श्रुति चौधरी ( लेघा) को ले लीजिये | श्रुति लेघा के तो दादा प्रदेश के मुख्यमंत्री , केंद्र में रक्षा व रेल मंत्री रह चुके हैं , इनके पिता राज्ये के कृषि मंत्री व संसद रह चुके हैं , इनकी माता फिलहाल प्रदेश की सरकार में वजीर हैं | ज्योति अरविंद जी जाटो की चोधर एक बार केंद्र में आई थी .
चोधरी देवीलाल जी
ले आये थे पर देवीलाल जी उस कम समय के लिए भी
पर्धान मंत्री बन ने का मोका खो गए नही तो दो बार
जाट पर्धान मंत्री का ठप्पा इतिहास में दर्ज हो जाता .
अब तो नेहरु परिवार का फिर से केंद्र में कब्जा हो गया .
और सायद अब तो १५-२० साल तक ख़त्म भी नही होगा . के दादा तो ७७ की इमर्जेंसी के बाद
अरविंद जी जाटो की चोधर एक बार केंद्र में आई थी .
चोधरी देवीलाल जी
ले आये थे पर देवीलाल जी उस कम समय के लिए भी
पर्धान मंत्री बन ने का मोका खो गए नही तो दो बार
जाट पर्धान मंत्री का ठप्पा इतिहास में दर्ज हो जाता .
अब तो नेहरु परिवार का फिर से केंद्र में कब्जा हो गया .
और सायद अब तो १५-२० साल तक ख़त्म भी नही होगा .
You should be ready to accept it as a fact especially when Congress is one WOMAN show. So called mighty, popular and emblem of development etc. Jat leaders are more than eager to save their own positions by saying 'Heil Sonia'
apne dum pe aao, vijay singh ji, thats the message given by charan to another sunda, namely kumbha...no body ever gave u n e thing from brahmin to sc...jat did work hard ...always...plz take care of this reservation thread of jats...vo ram singh seekar hala phir ghus aaya sse...aur jat moderator ...bhigi ...billi ..bane baithe ssyen...bera koni patte ukk hum dusri kaum kke kha rre ssyenn...hum tte bhai in doosre bhaiyon ki site pe to jaate nahin ye bhai hum shanti priya jat ki site pe kyon aate hain...
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