albaadi baalkaan key kissey.

Albaadi Ravinder...iss tagey ka naam! Arr ibb nyu likhan laag ja akk Albaad No-1
Albaad No-2
Albaad No-3

तेरी अल्बाद न सापडे इस राम तै .....इब्बी बालके सै तू अक्क बड्डा-श्याना हो लिया? ये ताज़ा अल्बाद तो ना सै ?:p:p
म्हारी गाल में एक परिवार की इस्सी आदत थी एक वे किम्मे भी खान्द्दे गाल मे बैठ के खान्द्दे | एक बे उनने सकरकंदी बो राखी थी एक कनाल मे| वे रोज उनने उबाल लेंद्देय एर साझ सी के सारा कुनबा गाल मे बैठ के खान लाग जांदा | तो भाइओ हाम १०-१२ बालकां ने प्लान बनाई एर रात नु ५-६ कस्सी एर ५-६ बोरी ले कें उनके खेतां मे पहूँच्गे | एर २ घंटे मे सारी बोरियां नु भर कें एर एक जने के घेर में लूको दी | फेर कई दिन ताई हाम उन ने बासना मे उबाल-उबाल कें खांदे रहे | एर उस परिवार की दिखा-दिखा के खान की आदत भी छूटगी |
 
Albaadi Ravinder...iss tagey ka naam! Arr ibb nyu likhan laag ja akk Albaad No-1
Albaad No-2
Albaad No-3

तेरी अल्बाद न सापडे इस राम तै .....इब्बी बालके सै तू अक्क बड्डा-श्याना हो लिया? ये ताज़ा अल्बाद तो ना सै ?:p:p
numbring to mein kar loongaa, par aap bhi ek aadhee albaad likho.chhori bhi to bhateri karyaa karein.

ebb tey mein baddaa ho gayaa er mery baalak albaad karan joggey hovan laagrey sein. par wey thehrey shahri baalak unney inni albaad karni koni aandi par mein ebbee budhayaa galyaa albaad kar diyaa karoon aadey mumbai mey bhi.

taji albaadiyaa kaa number paachhey aawegaa.
 
Last edited:
माहरी गाल मे एक परिवार ने २ कुते पाळ राखेय थे | एक का नाम था मोती वो ध्होले रंग का था एर दूसरा था कालू | वे मनसा की गेइल डांगरा नु भी पाड़ लिया करदे | उन् ताहि कई बे कही एक भाई मानस तो बच भी ले पर डांगरा नु के बेरा | पर वे कद्दे माने कोणी | एक बेर इस्सी बात होई एक दिवाली का दिन था | एर म्हारा घेर उन् के घर के सामी पडे था | पटाका ते डरदा मोती म्हारे घेर मे आन बड्या | एर खाट के तले लुक गया | मेरे बाबू ने फौजी बोम्ब लाया राखेय थे |(फौजी बोम्ब ६ इंच के लगभग लंबे होया करदे एर उनकी लड़ी सी बनी होया करदी | उनकी खासियत या थी एक वे एक के बाद दूसरा लगभग ३-४ मिनट के बाद पाटया करदा | ये मोर्चे पे दुश्मन नु धोखा देवन खातेर होया करदे | इन्ने फौजी कई जगह दूर- दूर ताहि बिछा दिया करदे दुश्मन नू सोचदा एक सामी घने फौजी सें)| तो भाइओ मन्ने उस मोती की पुन्झाड के वे बोम्ब बाँध दिए एर ला दी आग | मोती जित रुकन की कोशिस करे एर जिब्बे बोम्ब फूट ज्या | हामने १ घंटे ताहि तो खेतां मा तें वाज आंदी रही फेर बेरा नी वो कित भाज गया , कदे उलटा कोणी आया |एर थोडे दिना पाछे कालू भी सुबक-सुबक के मरग्या अकला | फेर उनने कदे कुते भी कोणी पाल्ले | एर पड़ोसन कई साल ताहि मन्ने गाल बकती हांडी |
 
म्हारे पड़ोस की गाळ का एक छोरा था उत घना | वो साँझ नु आपने घर आगे सड़क पे और २-३ बालकां नु ले कें खडया हो जांदा | उडे लाम्बे रूट की बस रूकया करदी | महारा गाम बड़ाया-अ से एर उमे २ बस अड्डे सें | जिनमे १.५ की. मी. का अंतर से| लोकल बस तो दोनु अद्दयाँ पे रूकयाँ करती , पर लाम्बे रूट आले टाइम बचाण के मारे गाम के बिचाले रोक देंदे | तो जो लोग या लुगाई गोगल पहर रया होंदा ऊ पे वो टाइम बुझदा | एर इस्सा ढाल करदा एक जानू ऊनी सूणा कोणी | जब टाइम बतावानिया खडकी तें बाहर मुहँ काढ्दा तो वो झपट्टा मार कें एर गोगल नु ले के भाज जांदा.| नु करके ऊनी घने गोगल कठे कर राखे थे | एर वो छोरा स्कूल की टीम का गोलची था एर कई बे वो स्कूल नेशनल खेलन गया था | उनकी सारी टीम गोगल ला के जाया करदी |
 
म्हारे पड़ोस की गाळ का एक छोरा था उत घना | वो साँझ नु आपने घर आगे सड़क पे और २-३ बालकां नु ले कें खडया हो जांदा | उडे लाम्बे रूट की बस रूकया करदी | महारा गाम बड़ाया-अ से एर उमे २ बस अड्डे सें | जिनमे १.५ की. मी. का अंतर से| लोकल बस तो दोनु अद्दयाँ पे रूकयाँ करती , पर लाम्बे रूट आले टाइम बचाण के मारे गाम के बिचाले रोक देंदे | तो जो लोग या लुगाई गोगल पहर रया होंदा ऊ पे वो टाइम बुझदा | एर इस्सा ढाल करदा एक जानू ऊनी सूणा कोणी | जब टाइम बतावानिया खडकी तें बाहर मुहँ काढ्दा तो वो झपट्टा मार कें एर गोगल नु ले के भाज जांदा.| नु करके ऊनी घने गोगल कठे कर राखे थे | एर वो छोरा स्कूल की टीम का गोलची था एर कई बे वो स्कूल नेशनल खेलन गया था | उनकी सारी टीम गोगल ला के जाया करदी |

khose hod गोगल :D:D:D:D
 
मेरा एक दोस्त एर उका भाई एक बे आपने खेतां मे बैठे थे | उनके खेत गाम के साहरे-ये पडें थे | उन के खेतां धोरे के kaatdayaan आले २००-३०० काटडे लियें हांक्देय जावन लागरे थे | तो उनने तीन गळ जोत्ते काटडे एक औड नु टअलका लिए जवार के खेत मे | एर फेर गाम का चक्कर काट के गाम की दूसरी औड नु एक घेर मे जा बांधे | इतने kaatdyaan आले गाम के बिचाले के आये वे तय्यार बैठे थे | एर kaadayaan आल्यां ताहि बोल्ये, रे काटडे लयो सो के ? एर उनने वे ३००-३०० मे फडा दिए | एर घाल के पिस्से ग्होज मे डाकां गए |
 
albaad

bhaiyon bachpan mein albaad to hamne bhi khub kari ar bapu pe pitte bhi ghane le ek aadhi haam bhi suna de.

1 din tadki school jaan ka jee na kar ra ar meine chotte te kaha ki bhai kuch bahana maar le ar woh na mana kuch kahan te. bhai us di luckily badal chaa re the. to ghar te likade pache maine chotta liya kinch ke ak nahin mana to pitega ar ghara batai to dugana pitega. to bhai woh bhi ho ga tayar. ar school tha mara approx 2 kms ar paidal ka jana. to bhai maine idea aaya ar nu kara khaal mein tube well ka paani aa ra tha to us panni te pahala to chotta bhe diya pher apne chitte maar liye maar liye ar chaal diye ghara ulte ar ghar aala ne poocha ke hoya to haam bhole baaris aa ri thi ar bheej ge haam to saare. to bhai nu us din ki chutti hoyi
 
bhaiyon bachpan mein albaad to hamne bhi khub kari ar bapu pe pitte bhi ghane le ek aadhi haam bhi suna de.

1 din tadki school jaan ka jee na kar ra ar meine chotte te kaha ki bhai kuch bahana maar le ar woh na mana kuch kahan te. bhai us di luckily badal chaa re the. to ghar te likade pache maine chotta liya kinch ke ak nahin mana to pitega ar ghara batai to dugana pitega. to bhai woh bhi ho ga tayar. ar school tha mara approx 2 kms ar paidal ka jana. to bhai maine idea aaya ar nu kara khaal mein tube well ka paani aa ra tha to us panni te pahala to chotta bhe diya pher apne chitte maar liye maar liye ar chaal diye ghara ulte ar ghar aala ne poocha ke hoya to haam bhole baaris aa ri thi ar bheej ge haam to saare. to bhai nu us din ki chutti hoyi


chlo bhai tmne bin baadl brsat na kri
 
म्हारे गाम आला झोटा पूरा ठाडा अर माठा था ,उसके कितने लठ मार लो सरका ना करता ,एक दिन जोहड़ पे जानती हान, हाम दो ढब्बी थे म्हारे ध्यान में एक बात आइ, अर हामने झोटे की पूछ तले एक छोत्कर खड़ा कर दिया , फेर के था झोटे ने ते वो दूंडे ठाए ..भोत सवाद आये, अर के था सारे गाम आले लठ मारण की बजाये या तकनीक अपनान लाग गे .


murrah-01-771270.jpg
 
म्हारे गाम मे एक बानिया था | ऊ का ना सावलिया था | में ६ -७ साल का था जब मेरी दादी ने गिहूँ गाल दिए एर नू बोली जा २ साबन की बट्टी ले आ | तो भाइयो सावलिया ने १-अ बट्टी दी , तो मेरी दादी ने मेरे मारे एक तन्ने दाने खिन्दाये होंगे जयां तें साबन कम दिया | पर मेरी गलती ना थी | बानिया डंडी मारग्या पर वो मेरय खटक गया | एर मे मोके की तलाश मे रहन लाग्या | पर किम्मे बात बनी कोणी तावाली सी | ४-५ साल पाछे म्हारे खेतां धोरे एक चना का भरया ट्रक पलट गया | जब में एर मेरे ताऊ का छोरा हांम दोनु खेतां मे थे |हांम ने ड्राईवर एर कोन्देक्टेर दोनु सीशा फोड़ के बाहर काढे एर गाम मे ले जा के उनकी महारेम -पट्टी करवा के खाना खवा दिया (जब दूर -दूर ताहि ढाबे कोणी होया करदे ) | ते भाई वे राज़ी होगे एर नु बोले एक इत्तने मालिक आवे थम जितने चने थारे पे लेजाये जावे, ले जाओ | हामने दोनुवा ने ६-७ किलो आपनी आपनी चादरां मे बांधे एर पोहंच्गे सावालिये बानिये के | वो बड़ा राज़ी होया | उस टाइम मेरा ख्याल ४-५ रपिये किलो बिके होंगे | हामने एक गेडा और मार्या | सावलिया और राज़ी होया एर नु बोल्या एक और कितने ल्या सको सो | हामने कही एक हामने पिपे दे-दे | हाम उनने भर लायावान्गे | मने मेरे और तिन दोस्त बुला लिए | एर हाम ५ पिपे ले के फेर पोंचेगे | इत्तने चना का एर ट्रक का दोनु मालिक आ लिए | वे नु बोल्ले एक तम ये सूखे चना की बजाये जो चने आले होरे सें वे ले जाओ | तो हामने पिप्पे तले तो आले चना के भर लिए एर उप्पर माडे से सूखे चने घाल लिए | सावालिये खुसी तें फूलया नहीं समाया | एर ऊने उप्पर तें देख-देख कें एक अंधेरी कोठडी मे गिर्वाएं गया | हामने ऊ दिन सार्या ने ३००-३०० के लगभग rupiye कमा लिए | एर हाम नरे राज़ी होए क्यूंकि हामने इतने पिस्से के कद्दे हाथ भी कोणी लाया था | आगले दिन जब सावलिया उन चना नु रोहतक बेचन खातर बोरिया मे भरण लाग्या तो सारे फूले पाए | सावलिया आया मेरे दादा धोरे बिरड़ानदा | मेरे दादा ने ठाई लाठी एक म्हारे पे बुझ के खरीदे थे | जब जा के मन्ने सावलिया ते बदला लिया | एर मन्ने शान्ति मिली |
 
Last edited:
म्हारे गाम मे एक बानिया था | ऊ का ना सावलिया था | में ६ -७ साल का था जब मेरी दादी ने गिहूँ गाल दिए एर नू बोली जा २ साबन की बट्टी ले आ | तो भाइयो सावलिया ने १-अ बट्टी दी , तो मेरी दादी ने मेरे मारे एक तन्ने दाने खिन्दाये होंगे जयां तें साबन कमउन चना नु रोहतक बेचन खातर बोरिया मे भरण लाग्या तो सारे फूले पाए | सावलिया आया मेरे दादा धोरे बिरड़ानदा | मेरे दादा ने ठाई लाठी एक म्हारे पे बुझ के खरीदे थे | जब जा के मन्ने सावलिया ते बदला लिया | एर मन्ने शान्ति मिली |

Hahahaha.............

Bhai ravindr tu t ek kitaab likh dey " mai aur meri Albaad " ya "101 Albdhey" 2-4 ki kasar rehjagi (waise manne bera se reh koni) to wa hum poori kadyangey.
 
मेरी सहेली का साल अक सवा साल का बेटा था...कसूता उत ....एक बै क्युकरे उसके बेलन थ्या गया ...उस गेल खेलन लाग गया...खेलते खेलते उसकी नज़र नाली पै पड़गी...जिसकी जाली हटरी थी ...फेर के था...उसने वो बेलन उस नाली मै ठूस दिया अर्र खेलन लाग गया ...गाम तै कुछ लोग आगे अर्र उनकी रोटी बनानी थी...सारे घर मै बेलन टोह लिया...किते हो तो पावे....आखिर मै ध्यान आया अक्क यो गोलू खेले था ...पर गोलू नै बोलना न आवे ...क्यूकर तै उसपे बुझे अर्र क्यूकर गोलू बतावे...आखिर मै उसने चकला ल्या कै हाथ तै उसपे रोटी बेलन की एक्टिंग करी ...... अर्र न्यू देखते गोलू नाली केन्या गोली हो लिया ....अर्र ऊं-ऊं कर रया ...देख्या तै बेलन उस मै....अर्र नाली मै कई काम की चीज़ पाई जो खू री थी:d
 
म्हारे खेत गाम तें ३.५ की.मी. दूर पड़ें सें n h -१० पे | घने दिन की बात होगी जब म्हारे गाम के शरणार्थी खच्चर रहड़ी बहाया करदे | उनने २-३ रपिये मिल जाया करदे १ बोरी पे | एक दिन मे एर मेरा भाई खेतां माँ तें आवन लागरे थे एर संते की रहड़ी आगी रोहतक कानी तें | एर ऊ में हाम भाज्कें चढ़ गे तो संते ने संटी मार कें तार दिए | मेरे घना छो ऊठ्या पर में कुछ कर ना सकूं था | हाम रहेड़ी की गैल-गैल चालन लाग गे | माड़ी वार पाछे मन्ने एक बोरी में आंगली मारी तो उमे मूंगफली पाई | मन्ने मोघा बड्डा कार्या एर चादर की झोली बना के उमे २ किलो सारी मूंगफली काढ ली | एर माड़ी और भीतर सी नु हाथ मार्या तो टांगरी पा गी | मेरे भाई की चादर में १ किलो सारी वे काढ ली | एर फेर हामने संते की रहड़ी छोड़ दी एर हाम ने कई दिन ताहि वे खाई | २\३ दिना पाछे हामने बेरा पाट्या एक वो सामान सत्ते पहलवान का था | उने उका भाडा भी ना दिया एर २ घूंसे भी मारे |
 
म्हारी गाल में एक बुड्ढा जांदे होए बालका नु कहंदा " ओये तेरी बहान खाई मारू, ऊरान आ " एर हूका भार्वान्दा | इस का मतलब भुंडा हो से या एक गाली से | मेरे घना छो उठदा , पर ना भरे तो वो मेरे दादा ताहि कहंदा अक तेरा पोता कहना ना मानदा आछा बालक कोणी | एर होका भरें पाछे कहंदा भोत बढ़िया जा तेरे सुधा बेटे बहु आवे | इस्सका मतलब भी भुंडा हो से --वो गैलड छोरा लावन की बात होगी | मन्ने मन में सोच लिया ऐक यो सुधारना से | ऐक दिन मे फेर बुला लिया | में उने नु कह के अक में सू-सू कर आऊँ फेर भरूँ गा | एर घरां जा कें ऐक लाल साबत मिर्च ले आया एर उसकी चिलम में तम्बाकू की गैल धर दी | एर बुड्ढे ने जो सुट्टा मार्या ऊके आँख , कान , नाक एर तले, ऊप्पर सारे के धांस एर पानी एर पाद सब किम्मे कट्ठा आया | वो दिन एर उसके मरण ताहि उने कद्दे किस्से पे होका कोणी भरवाया |
 
एर बुड्ढे ने जो सुट्टा मार्या ऊके आँख , कान , नाक एर तले, ऊप्पर सारे के धांस एर पानी एर पाद सब किम्मे कट्ठा आया | वो दिन एर उसके मरण ताहि उने कद्दे किस्से पे होका कोणी भरवाया |


ha ha ha ha ha ha ha great explanation !!!!!!
 
mast albaad- jabardast albaad

म्हारी गाल साबत मिर्च ले आया एर उसकी चिलम में तम्बाकू की गैल धर दी | एर बुड्ढे ने जो सुट्टा मार्या ऊके आँख , कान , नाक एर तले, ऊप्पर सारे के धांस एर पानी एर पाद सब किम्मे कट्ठा आया | वो दिन एर उसके मरण ताहि उने कद्दे किस्से पे होका कोणी भरवाया |

Ravindr bhai पाद ka kukar bera patya tanne sugandh aayi thi ek khudka suna tha?????????????
:rock:rock:rock

hahahhhhahhahaha...................
 
भाई न्यू भी हो सकै है उडे बिना सुघंद अर खुड्के का हल्लन आया हो.
Ravindr bhai पाद ka kukar bera patya tanne sugandh aayi thi ek khudka suna tha?????????????
:rock:rock:rock

hahahhhhahhahaha...................
 
मेरा ताऊ सरदार (सिख) था | वो रंडुआ था | कदे गुरुदावारे में रहन्दा एर कदे घेर में कम्थाना बना लैंदा | ऊ की एक बुरी आदत थी ऐक वो एक्ला पड्या-पड्या प्लान बनाए जाया करदा ऐक किसका कूकर खूंड बजवाऊँ | एर जो भी वो पलान करदा सहज-सहज बोल्या करदा| एर हाम बालक ऊ की खाट तले बड़ के सुन लेंदे एर घरां बता देंदे उसकी सारी पलान फेर उने घनी सुननी पड़दी ऍक तेरे पे बोल बाले पे टिक्कड़ कोणी खाए जांदे तू चास्दा हंडे जा | एक दिन में उकी खाट तले बड़ कें बात सुनन लागरया था तो मेरी कड़ जा लागी ऊके | में इतने लिकड़ के भाजन लाग्या ऊने घेसला मारया बग़ा के मेरी फिन्चा पे | २-३ दिन पाछे वो घेर मे कसूते खराडे मारदा सोंदा पा गया | मन्ने गाँ के पुन्झअड़ पे ते १०-१२ चिचड तोड़ के उकी ढाढ़ी में छोड़ दिए | चिचड के खाए होए की खाज मीटन में कई बे साल भर लाग जाया करे | इब्ब वो ढाढी कटवा भी ना सके था | घने दिना ताहि खोरें गया एर हामने उका मजाक बना लिया ऍक तेरा यो चुगली लावन का नतीजा से |
 
किस्से के हिसाब तें तो चुगली तेंने लगायी थी रविंदर... ताऊ ने तो बस तेरे घेसला मार्या था.... तो फेर चुगली लावन का नतीजा क्यूकर होया... हा हा हा हा हा हा हा हा हा....

बाकी किस्सा एंडी था .. ( "एंडी" तिवारी आला एंडी नहीं .... "aindee")

घने दिना ताहि खोरें गया एर हामने उका मजाक बना लिया ऍक तेरा यो चुगली लावन का नतीजा से |
 
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