albaadi baalkaan key kissey.

hahahahaah fher app albadi kit hoye, aap to bawle the :)
में तीसरी या चौथी क्लास में थी .एक दिन क्लास में एक छोर्रे गेल मेरी लड़ाई माच गयी कैप्सूल के ऊपर .वो कैप्सूल तख्ती प धरते तो फुदका करता.वो मेर्रते खोसन लागा क्यूंकि वो उसका ही था तो मने मुह में धरा एर गटक गयी .फेर बालका ने मेरी मम्मी बुलाई जो की उसे स्कूल में प्रिंसिपल थी.
पहला तो मम्मी ने मेरे दो चार रपटे धरे फेर डॉक्टर क लेके गयी.क्यूंकि उन कैप्सूल साइकिल वाली लोहे की गोलिया होती थी.निररा कैस्टर आयल पियाया डॉक्टर ने.
 
गर्मियां की छुट्टियां में हाम डांगर चराण जाया करदे | मेरे २-३ काका ताऊ के छोरे जो मेरे तें भी बड्डे थे वे स्कूल छोड़ रे थे एर परमानेंट पाली थे | में उन् की गैल डांगर ले जावन लाग्या | महारा घरां में अक काका था वो भी आपने डांगर लाया करदा | वो मेरे ताहि बोल्या अक रे रविंदर मेरे डांगर सामाह्लिये में परले खेताँ में कुछ काम से , २ घंटया में यो आया | में नया- नया पाली बणा था मन्न: बेरा ना था | दुसरे पालिया ने समझाया अक इका यो हमेशा का काम से जो भी नया बन्दा दिखे उने यो नुए फंसया करे| पर मेरे जची कोणी | एर भाई वो सांझ ताहि आया- ए कोणी एर जब हाम डांगरा नु ले कें गाम में पहुंचे तो वो डाकि आपने घर के काम निबटान लाग्र्या | जब तो में बोलबाला रह्ग्या पर मन्ने ठान ली अक ई ताहि भी मजा चखाना से | ३-४ दिन पाछे उने फेर नुए कर्या एर हाम बाट देखन लागरे थे अक इबके यो कद फंसे | उनके डांगरआँ में एक नई बयाई होई मेंहस थी | हाम ने ऊ दिन डांगर वारी ले जावन का फेसला कर्या एर ऊ महस का धारां के बखत होंदे वा लागी रींगण | हामने एक बासण ले कें एर ऊमे उकी धार काढ ली |एर हाम चार जाणे थे खूब छिक -छिक दूध पीया निखडु | एर जब घरां पुःन्चेय तो थन्णा के हाथ मार कें मेरा काका रिन्गया | ऊ दिन पाछे उने किस्से ताहि आपने डांगर कोणी सम्हाल्वाये |
 
रविंदर तू अपने मन पै कितना बोझ ले कै जीण लाग रया था इब्ब ताहि तेरा जी हल्का न होया के .....और कितने किस्से रह गे तेरे अर्र तेरे गाम के ....हा हा हा हा हा माइन्ड ब्लोइंग सें सारे किस्से...:d

isse maansaa kaa jee hameshaa halkaa rahyaa kare .senturi to banaau gaa. Er jaa aur yaad aagey
to taagaa chaaley jaagaa .baaki lokaan kaa participation kaafi kam se.
 
:D
isse maansaa kaa jee hameshaa halkaa rahyaa kare .senturi to banaau gaa. Er jaa aur yaad aagey
to taagaa chaaley jaagaa .baaki lokaan kaa participation kaafi kam se.

Ravinder Bhai, kai dina paache teri albaad deekhi JL pe. er baaki logan ka participation qkar hove bhai, saare albaadi thare e gaam me basse se!!:D:D
 
REY mera to haans-2 ki pet bhi blow howan ne hoja se ravinder ki baat padh-2 ki

Inkey gaam k thodey se aadmi pakistaan er bangladesh me basa dene chahiye hudey k atankwadi bhaj jangey ghar chhod-2 ek mharey te b badey aatankwadi aagey.


MAHAARE GAAM KE GHANEY FOJI SEEM PE BAITHEY SEIN DAMBOOK LIYE.PEHLAM PAKISTAANIYAAN NU KHOOB HANSAAWENGE FER UNKAA PET PAAT JAYAA GAA TERE KI DHAAL ER WE PET PAAT KEIN MAR JAYAAN GE. AAPNE DESH KI GOLI BHEE BACH JAYAA GI.
 
गर्मियां की छुट्टियां में हाम डांगर चराण जाया करदे | मेरे २-३ काका ताऊ के छोरे जो मेरे तें भी बड्डे थे वे स्कूल छोड़ रे थे एर परमानेंट पाली थे | में उन् की गैल डांगर ले जावन लाग्या | महारा घरां में अक काका था वो भी आपने डांगर लाया करदा | वो मेरे ताहि बोल्या अक रे रविंदर मेरे डांगर सामाह्लिये में परले खेताँ में कुछ काम से , २ घंटया में यो आया | में नया- नया पाली बणा था मन्न: बेरा ना था | दुसरे पालिया ने समझाया अक इका यो हमेशा का काम से जो भी नया बन्दा दिखे उने यो नुए फंसया करे| पर मेरे जची कोणी | एर भाई वो सांझ ताहि आया- ए कोणी एर जब हाम डांगरा नु ले कें गाम में पहुंचे तो वो डाकि आपने घर के काम निबटान लाग्र्या | जब तो में बोलबाला रह्ग्या पर मन्ने ठान ली अक ई ताहि भी मजा चखाना से | ३-४ दिन पाछे उने फेर नुए कर्या एर हाम बाट देखन लागरे थे अक इबके यो कद फंसे | उनके डांगरआँ में एक नई बयाई होई मेंहस थी | हाम ने ऊ दिन डांगर वारी ले जावन का फेसला कर्या एर ऊ महस का धारां के बखत होंदे वा लागी रींगण | हामने एक बासण ले कें एर ऊमे उकी धार काढ ली |एर हाम चार जाणे थे खूब छिक -छिक दूध पीया निखडु | एर जब घरां पुःन्चेय तो थन्णा के हाथ मार कें मेरा काका रिन्गया | ऊ दिन पाछे उने किस्से ताहि आपने डांगर कोणी सम्हाल्वाये |

Bhai jeet kataduwey khatar kime chhodya ek uakey naam ka bhi doodh pee gey.
 
bhaiyon ravinder har ke kam pe ar iske kissa pe ek kai documentry bann saken sain, er bhai j in sab ki kahani bana ke ravinder tu udde boliwood me bhej diya kar...

Ar ravinder iin sara ne patent karwa le...

dhanyaawaad sanjay bhai me nue karoongaa. Par fer tu documentry dhekhan to koni aawe tanney saare kisse to pahalam-a padh liye.
 
:d

ravinder bhai, kai dina paache teri albaad deekhi jl pe. Er baaki logan ka participation qkar hove bhai, saare albaadi thare e gaam me basse se!!:d:d

me gaam me jaaryaa thaa . Jayaan te likhan naa paayaa. Er bebey albaadi baalak to saare hove sein ke beraa dardey naa likhdey hongey.
 
Last edited:
जब में मुंबई में डिप्लोमा करण लाग्रया था | तो मेरे ते एक बैच पाछे पाकसमे का एक राणा भी था | उसकी मेरी आछी यारी थी | एक बे वो गाम में गया तो कहन लाग्या थारे घर तें के लायाऊँ तो में बोल्या जो कुछ दे दे ले आइये | वो म्हारे गाम में गया एर बस स्टैंड पे उतर कें एक छोरे तें बोल्या अक बलहारा का घर कुन्सा से | वो छोरा हंसन लाग्या एर नु बोल्या अक किस्से भी घर में बड जा सारे बलहाराआँ के सें | राणा पड़ गा असमंजस में अक यो के होया | राणा भाई मेरा ना भूल गया | होस्टल में तो सारे गोत तें बुलाया करदे | वो छोरा मेरी गैल पढ्रया था वो बोल्या भाई किथों आया से उने बताई अक मुंबई तें | ऊके ध्यान आया एर नु बोल्या अक रविंदर नु तो नि बुझता | फेर वो ओन्ने म्हारे घर ताहि छोड़ कें गया | म्हारे घरां मेरा भाई बुझ्न लाग्या अक रे के मंगाया से | तो राना बोल्या अक नु कही से जो दे दे ले आइये | मेरा भाई ने कही अक हाम तो मैन्स दयांगे ले ज्या गा | पहलम तो बोल्या अक हाँ ले जयांगा पर जब सारे हंसन लागे तो उकी समझ में आई | फेर जब वो वापस आया एर उने वो बात बताई महारा सारयां के हान्स हान्स के पेट फूट गे |
 
jeet bhai sari pool pati khulwa ke manee ga eb gaam ki yaad dewaye pachee bata du tanee gaam m ek esee holi jalayi thi wa mere eb tayi yaad s mahre gaam m 5,7 ghar dalal gout ke bhi s t ek bhai ke riste ke babat unka gaam m hoka pani band ker rakah tha r keh rakhi thi ke jo en t bole ga ya ye kisee t bole ge t uspe 21 hajar rs jurmana hoja ga. t bhai roj gaam m panchayet hoti r gaam ke sare khagad chupad m pade pade baate ke swad leye jatee kisee n holi khater kiker katen ki yaade na ayyi jab holi ke deen katti lowee aa leye jab yaad ayyi fier kiker kaat kaat ke geri taki holi ke deen khater sukh ja per we keet sukhyee thi t bhai sare balka n sochee eb ke keraa t mahre m t ek sare m bada tha wo sampla padhan jaya kerta sare bolee us thoree chaloo wo husar s wo batawe ga ke kerna s wo bola achha nu baat s bolaa chaloo kaad laoo bagii. bagi leyaye dalala n bani m kayi kilaa ki jawar ki puli sukhaa rakhi thi hum n dhofare tayi sari ki sari school ke agee (bani ) khathi ker di r mahee bagi chod di wa bhi dalala kiye thi r sanj na laa di agg wa holi ese jali ke agle deen ghuhandi tayi ke puchee the ak r kaal gaam m agg kisi laag ri thi bale door t gaam jalta dekhye tha .......
 
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म्हारी गाळ में एक हुसयारा रंडुआ था ( होसियार सिंह ) ऊने का भाई जो होली की लाकडी ठाया करदे | वो मन्ने कदे काम करदा कोणी देख्या | बस होका पिए जांदा | ऊ धोरे एक महेस थी | गाम में सब तें भार्या एर चिकनी | वो उने नुवाह्न्दा एर खुवान्दा एर होका पिन्दा | उकी एक भुंडी आदत थी | वो धोती नु गोड़ायाँ तें उप्पर ताहि कर कें एर चिलम लें कें लिकड़ लेनदा एर जिस घर नई बहु आरी होंदी उन् के घरां जा के आग धरण लाग जांदा एर जब जाया करदा जब सारे मरद- माणस खेताँ में ना तो आपनी ड्यूटी पे जा लेंदे | वो कई बे तो २-३ पाने ( आधा की.मी.) दूर ताहि चिलम लहे हान्डाता देख्या गया था | इब्ब आगे में जो घटना बाताऊ गा वा चुटकले के रूप में घनी मशहूर होई थी | पर या म्हारे गाम की साची घटना पे आधारित थी | म्हारी गाळ के एक छोरे का बियाह हो गया , वो मेरे काका के हाण का था एर म्हारे तें १४-१५ साल बड्डा रह्या होगा | होशयारा रोज १०-११ बजे उन के घरां जावण लाग्या | एक दिन कई दिना पाछे हुसयारा गाळ में खड्या होके बोल्या " ऐ बोढिया आग से के " | बोढिया की सासू बोली " होसायरे आग ते चाली गई आपने घरां, एर चिलम भरनी से ते भर ले जा " | बोढिया आपने पीहर चाली गई थी | ऊ दिन पाछे हुसायरा तो उन् के घरां चिलम भरण गया नहीं | पर मेरे काका हर की टोली ( जो रात नु तेथान में फिलम देखन जाया करदे) ने होस्यारे के ३-४ होक्के तोड़ गरे आगले ३-४ भिन्न्या में | पर होस्यारा मरण नु मरगया पर धोती ठा कें चिलम भरणी नि छोड़ी लोकां की गाळ भले खाएं जांदा | आशिक बुड्ढा |
 
मेरे ताऊ की छोरी संतोष एक बे रोहतक बस स्टैंड पर तें आपणा झोला ठुवा चुकी थी सान्सरे जांदी हाणा | आगली बरियाँ जब ऊ ताहि कही अक इबके संभाल कें जाइए तो छाती में हाथ मार कें नु बोली अक संतोष सूँ संतोष आई बरियाँ नु ना ठगी जावूँ | वा बस में बिठा दी आगले टेर पे पाणी गेर कें | एर उका छोटा भाई बिना किस्से तें बताई गैल्ड़े बहारने माँ के चढ़ गया | जब ताहि बांगड़ टाकिज आगे फलाई ओवर ना बणया था एर फाटक पे बस रुकी तो वो बोल-बाला उकी गठड़ी नु ले कें एर बैठ कें तेथान में १५-अ मिनट में घरां आ लिया | आधे पोने घंटे में संतोष आली रोंदी होई अक हाय में लूटगी कोए मेरी गठड़ी ठा ले गा इबब में खाली हाथ सान्सरे कुकर जाऊं | पहलम तो उका सारयां नु घणाए मजाक उड़ाया एर घणी वार पाछे ऊ ताहि बताई अक यो उस्से के भाई का कर्या होया काम से | एर इबब पाछे घणी ओवर कोंफिड़ेंस होवन की जरूरत ना से | जब पाछे संतोष ने आंडी होवन का दावा ना ठोक्या एर हमेश्या खातर मजाक की पात्र बनगी |
 
म्हारे गाम में एक था चेता (चतर सिंह ) वो भी उत था एर ऊके बेटे पोते सारे उत थे |(या घटना मन्ने पहलम भी एक चुटकले के रूप में जाटलैंड पे पोस्ट केर राखी से पुन्झेड लावानिये माफ़ करें ) | सांझ सी नु घने सारे बूढ़े एक परस (चुपाड) में बैठ कें होका पीया करदे | चेते का पोता रूका मार कें केन्दा----
चेते का पोता ---- ओ दादा
चेता----- हाँ ओये
चेते का पोता----- आजा गास (बाजरे की खीचड़ी ) खा ले |
रोज नुई होंदा एर चेता गास खावन चाल्या जांदा | एक दिन चेता परस में कोणी था एर ऊके पोते नु मार्या रूका | उड़े चेते की गल्याँ एक दूसरा बूढा चतरू भी बैठ्या करदा उने सोची अक आज में इका दादा बन जा सूँ |
चेते का पोता --ओ दादा
चतरू ---- हाँ ओये ( एर चेते के पोते नु आवाज पिछाण में आगी|)
चेते का पोता --- आजा चोथ ( गोबर ) खा ले |
 
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