बदलते परिवेश में बहुत सारी चीजें इतिहास की तरह लग रही हैं जिनको ढूंढते रह जाओगे ........ जैसे
लुगाईयाँ का घाघरा
खिचड़ी का बाजरा
ढूंढते रह जाओगे l
सिरसम का साग
सर पै पाग
ढूंढते रह जाओगे /
आँगण मै ऊखल
कूण मै मूसल
ढूंढते रह जाओगे /
घरां मै लस्सी
लत्ते टाँगण की रस्सी
ढूंढते रह जाओगे /
लुगाईयाँ का घाघरा
खिचड़ी का बाजरा
ढूंढते रह जाओगे l
सिरसम का साग
सर पै पाग
ढूंढते रह जाओगे /
आँगण मै ऊखल
कूण मै मूसल
ढूंढते रह जाओगे /
घरां मै लस्सी
लत्ते टाँगण की रस्सी
ढूंढते रह जाओगे /