dhundhte rah jaaoge

tasvir7

Member
बदलते परिवेश में बहुत सारी चीजें इतिहास की तरह लग रही हैं जिनको ढूंढते रह जाओगे ........ जैसे


लुगाईयाँ का घाघरा
खिचड़ी का बाजरा
ढूंढते रह जाओगे l

सिरसम का साग
सर पै पाग
ढूंढते रह जाओगे /

आँगण मै ऊखल
कूण मै मूसल
ढूंढते रह जाओगे /

घरां मै लस्सी
लत्ते टाँगण की रस्सी
ढूंढते रह जाओगे /
 
आग चूल्हे की
संटी दुल्हे की
ढूंढते रह जाओगे /

कोरडा होली का
नाल मौली का
ढूंढते रह जाओगे /

पहलवानां का लंगोट
हनुमानजी का रोट
ढूंढते रह जाओगे

घूंघट आली लुगाई
गाँम मै दाई
ढूंढते रह जाओगे /
 
लालटेण का चानणा
बनछटीयाँ का बालणा
ढूंढते रह जाओगे /

बधाई की भेल्ली
गाम मै हेल्ली
ढूंढते रह जाओगे /

घरां मै बुड्ढे
बैठकाँ मै मुड्ढे
ढूंढते रह जाओगे

बास्सी रोटी अर अचार
गली मै घूमते लुहार
ढूंढते रह जाओगे /

खांड का कसार
टींट का अचार
ढूंढते रह जाओगे

काँसी की थाली
डांगरां के पाली
ढूंढते रह जाओगे

बीजणा नौ डांडी का
ढूध दही घी हांडी का
ढूंढते रह जाओगे

रसोई मै दरात
बालकां की दवात
ढूंढते रह जाओगे /
 
kasootaa souda chhaap diyaa bhai , kati asli cheej

ek aur jod diye

gaal me khaat
er asli jat
dhoondtey rah jaaogey
(aajkaal intercast hoven me farward er budhimaan maanyaa jaa s.)
 
बटेऊआँ की शान
बहुआं की आन
ढूंढते रह जाओगे

पील गर्मियां मैं
गूँद सर्दियाँ मैं
ढूंढते रह जाओगे /

ताऊ का हुक्का
ब्याह का रुक्का
ढूंढते रह जाओगे /

बोरला नानी का
गंडासा सान्नी का
ढूंढते रह जाओगे

कातक का नहाण
मूंज के बाण
ढूंढते रह जाओगे /

चूल आली जोड़ी [ किवाड़ ]
गिनती मै कौड़ी
ढूंढते रह जाओगे /

कोथली साम्मण की
रौनक दाम्मण की
ढूंढते रह जाओगे /

paatde पै नहाणा
पत्तल पै खाणा
ढूंढते रह जाओगे /
 
छात्याँ मै खडंजे अर कड़ी
गुग्गा पीर की छड़ी
धुन्ध्ते रह जाओगे /

लूणी घी की डाली
गवार की फली
ढूंढते रह जाओगे

पाणी भरे देग
bahan बेटियां के नेग
ढूंढते रह जाओगे

मोटे सूत की धोत्ती
घी बूरा अर रोटी
ढूंढते रह जाओगे /
 
वाह जी वाह तस्वीर भाई तस्वीर ला के ने घनी गज़ब चीज़ छाप दी...!!
 
ghana gyan saa aa gya padh k ne,,,ar felt nostalgic...!!!

एक आधा चमोल्ला और बगाऊं सूं

पीले चावलाँ का न्यौता
सात पोतियाँ पै पोत्ता
ढूंढते रह जाओगे /

धौण धडी के बाट
मूँज - जेवड़ी की खाट
ढूंढते रह जाओगे /

घी का माट
भुन्दे होए टाट
ढूंढते रह जाओगे /

गुल्ली - डंडे का खेल
गुड की सेल
ढूंढते रह जाओगे /

ब्याह के बनवारे
सुहागी मैं छुहारे
ढूंढते रह जाओगे /

ताँगे की सवारी
ढूध की हारी
ढूंढते रह जाओगे /
 
पीले चावलाँ का न्यौता
सात पोतियाँ पै पोत्ता
ढूंढते रह जाओगे

बहुत खूब कहा !!

जब तक जाट है, खाट तो मिलेगी वरना ठाठ कैसे रहेगा !! :d
 
मेरे ते पढ़ के जमा घी सा घल गया !!!! वो बिजोबंद्री का खेल / वो कोल्हू के भुन्दे हुए आलू /गाजर, वो गामा के मेले ......वो पिंग बधा बधा जोहड़ में कूदना , वा सासु की नाक तोड़ के ल्यानी !!!!!! इसका भी किम्मे जोड़ जपाड के गीत सा बना लियो
 
वाह तस्वीर भाई ,,कती सबे किम्मे जोड़ दिया ..!!

nyu mann lyo ak samahal k rakhan jogi rachna sa'' ...!!
 
एक आधा चमोल्ला और बगाऊं सूं


पेचदार पगड़ी
घोट्टे आली चुन्दडी
ढूंढते रह जाओगे /

सर पै भरोट्टी
कमर पै चोट्टी
ढूढ़ते रह जाओगे /

कासण मांजन का जूणा
साधूआँ का बलदा धुणा
ढूंढते रह जाओगे /

गुग्गे का गुलगला
बालक चुलबला
ढूंढते रह जाओगे /

बोरले आली ताई
सूत की कताई
ढूंढते रह जाओगे /
 
दो -एक चमोल्ले और ........

मुल्तानी अर गेरू
बलध अर रेहडू
ढूंढते रह जाओगे /

कमोई अर करवे
चा - पाणी के बरवे
ढूंढते रह जाओगे /

ब्याह मै खोडिया
बालकां का पोडिया
ढूंढते रह जाओगे /

हटड़ी अर आला
बुडकलाँ की माला
ढूंढते रह जाओगे /

दूध पै मलाई
लोगाँ कै समाई
ढूंढते रह जाओगे /

खेताँ मै कोल्हू
नामाँ मै गोल्हू
ढूंढते रह जाओगे
 
दो -एक चमोल्ले और ........

मुल्तानी अर गेरू
बलध अर रेहडू
ढूंढते रह जाओगे /

कमोई अर करवे
चा - पाणी के बरवे
ढूंढते रह जाओगे /

ब्याह मै खोडिया
बालकां का पोडिया
ढूंढते रह जाओगे /

हटड़ी अर आला
बुडकलाँ की माला
ढूंढते रह जाओगे /

दूध पै मलाई
लोगाँ कै समाई
ढूंढते रह जाओगे /

खेताँ मै कोल्हू
नामाँ मै गोल्हू
ढूंढते रह जाओगे

एय्या लाग रहा है , सब कुछ ही भूलान लाग रहे है, किम्मे याद भी रहेगा की नहीं ..

बहुत बढ़िया लिखा है .. लिखते रहेये .. हम इनको याद रखने की सारी कोशिश करेंगे .. :)
 
दो - एक चमोल्ले और ...........

गुड की सुहाली
खेताँ मै हाली
ढूंढते रह जाओगे /

हारे की सिलगती आग
ब्याह मै पेठे का साग
ढूंढते रह जाओगे /

हाथ का बँटा बाण
सरगुन्दी आली नाण
ढूंढते रह जाओगे /

हाथ मै झोला
खीर का कचोला
ढूंढते रह जाओगे /

ड्योढ़ी की सोड
बंदडे का मोड़ [सेहरा ]
ढूंढते रह जाओगे /
 
दो - एक चमोल्ले और ...........

गुड की सुहाली
खेताँ मै हाली
ढूंढते रह जाओगे /

हारे की सिलगती आग
ब्याह मै पेठे का साग
ढूंढते रह जाओगे /

हाथ का बँटा बाण
सरगुन्दी आली नाण
ढूंढते रह जाओगे /


हाथ मै झोला
खीर का कचोला
ढूंढते रह जाओगे /

ड्योढ़ी की सोड
बंदडे का मोड़ [सेहरा ]
ढूंढते रह जाओगे /


jama theek keh gya bhai,,,ya sargundi aali nayann to rahi e koni eb...!!
एब तो चुंडे आली बूढी ऐ कोणी रही ..!!!!


ar bhai kati tod pad diya tanne ye chamole or jod k ne...!!!
lagya ro..!!
 
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