यो बाबा जनाना लिबास पहन कर रामलीला मैदान में "रामलीला" करे था के , माता सीता का रोल कर रहा होगा पक्का ?

बाबा के इतना खौफ था के हरिद्वार आश्रम तक उसने वो सूट नहीं बदला |

नेता लोग अनोद्लन में गिरफ़्तारी देते हैं न के औरतो के लिबास में औरतो में मूंह छुपा कर बैठते हैं | ऐसा इतिहास में पहला नेता देखा जो अपनी जान बचाने के लिए औरत बन गया हो
पहले तो मंच पर बड़े बड़े दावे कर रहा था के अगर बाबा रामदेव को जान भी देनी पड़ी तो बाबा पीछे नहीं हटेगा | जब वक़्त आया तो भूल गया की वो खुद मर्द हैं जान बचाने के लिए जनाना लिबास में आ गया ( या आ गई कहू ) और तो और एक घंटे तक औरतो में मूंह छुपाये बैठा रहा |
भाई साब ,,
इस देश खातर भगत सिंह न केश कटवा दिए थे,,भगत सिंह न भी अपनी जान कई बे भेस बदल क बचाई थी इस देश खातर,,,दुर्गा भाभी किसे और की बहु बनन खतर तयार होगी थी ,,,,कई क्रांति कारी बुरका पहन के रह्या करदे ,,,,तो बाबा न अगर लुगाई अल्ले लते पहरे स तो देश खातर पहरे स ,,,इस भीड़ म मरण का कोए तुक ना था,,, वो भी इन् कांग्रेसी पुलिशिया के हाथो ,,,,बाबा की जान इस देश खातर भोत कीमती स ,,न्युए गवानी भी ना चाहिए स्वामी जी न,,,,,,,आर लोगो को गिरफ्तार करण खातर मुह अँधेरे सुते पड़े लोगा प भी आजतक इस देश की किसे सरकार न कोए करवाई भी ना करी होगी ,,,, स्वामी जी वो सूट बदल क आन्दे तो तेरे मेरे बर्गे किमे और बात बना लेंदे ,,,लोगा का काम स बात बनाना ,,,जो काम करण लागरया स उस ने अपना काम करण द्यो ,,,,
अर अपने जाट आन्दोलन म भी मने लुक्निये देखे थे ,,,,बरवाला म लुके थे कई लीडर 4 घंटे म साँस म साँस आया था ,,,, उनकी भी लोगा न न्युए हाँसी उड़ाई थी ,,,,