पुरुष कभी भी तन से बुड्ढा होता हे मन से नहीं |
जाण दे जुगनू
तैने भी जाड़े म बर्फ भाव स
पुरुष कभी भी तन से बुड्ढा होता हे मन से नहीं |
हम्बे बाल तरवा के आउंगा![]()
aap samjhae nahin v.p singh jee - aap sae yis expectation sae leekha hae so that you also say the same thing to him! it is funny to see people being so scared of being perceived as old!
ravinder jee- lo yae aa gayee aap kee GANG!!!
पुरुष कभी भी तन से बुड्ढा होता हे मन से नहीं |
is this an urdu word ? what does it mean, by the way ?
i try to post the latesthow old is yours ?
स ते यु फ़ारसी का शबद पर इह का जन्म संस्कृत तें होया स | सहः+व्रत यानी साथ में जीना या निर्वाह करणा | टूशन के पिस्से भेज दिए इब्ब |
i think we are all having a good time! that's why people are responding - otherwise won't they leave ?
Bakal Taar Deya Thread ka .......!!!
हा हा हा हा हा हा कसुता हंसा दिया भाई |जाडेडे में बर्फ हा हा हा हा हाजाण दे जुगनू
तैने भी जाड़े म बर्फ भाव स![]()
हा हा हा हा हा हा कसुता हंसा दिया भाई |जाडेडे में बर्फ हा हा हा हा हा
yu k meaning bana diya.raka bhai ki sohbat ka meaning company yaane ke sangat tha
eb ya raavan jisi hassi mat haaso...is thread ki isi tissi karke.insaniyat ke waaste is nirjeev ki bhaavnao ka khyal raakho.
ये सब पर्यायवाची सें ऋतू जी | संगत का मतलब भी संग+गत हो स ,यानी साथ में चालणा,साथ में गमन करणा | इब्ब राका गुडगामे किस की साथ चाले से बेरा ना पर कटाक्ष म्हारे पे मारे स |
ये सब पर्यायवाची सें ऋतू जी | संगत का मतलब भी संग+गत हो स ,यानी साथ में चालणा,साथ में गमन करणा | इब्ब राका गुडगामे किस की साथ चाले से बेरा ना पर कटाक्ष म्हारे पे मारे स |
मन्ने ने तारया यु तागा लेण पर तें ऋतू जी ,पर जा कोए किम्मे कह्वेगा ते आपां बोल-बाले क्यूकर बेठआँ ,मन्ने ते देख ल्यो पहलम आली पोस्टां में सहराँ के बारे में परस्ताव से लिखे थे | राका भाई ने इब्ब ताहीं अंक भी ना दिए सें | मेरे जिस्सा आपने सहर का किहे ने बखान कर्या स इब्ब ताहीं ?
बोर ना मारदा ,पर में मायूस होगया था माड़ा सा | ढंगसर कोए ना लिखता ,कोए छोरियां की बात करण लाग्या अर कोए फिट पजामी की सीमाई की , अर दारु के अड्डयाँ की ,पर एतिहासिक अर वास्तविक खासियत कम्मे बंदयाँ ने लिखी | असल में यु तागा ज्ञान बधान खातर एक बढ़िया जरिया था पर सब ने मखोल में बदल दिया अर में भी रो में बह ग्या |vo to aap sau aane sach kahvo so ki bhakaan aapka kaabile tareef tha. par eb borr mat maaro na te raka bhai aali baat saachi ho jaagi
बोर ना मारदा ,पर में मायूस होगया था माड़ा सा | ढंगसर कोए ना लिखता ,कोए छोरियां की बात करण लाग्या अर कोए फिट पजामी की सीमाई की , अर दारु के अड्डयाँ की ,पर एतिहासिक अर वास्तविक खासियत कम्मे बंदयाँ ने लिखी | असल में यु तागा ज्ञान बधान खातर एक बढ़िया जरिया था पर सब ने मखोल में बदल दिया अर में भी रो में बह ग्या |
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