खरखोदा--- स ते यु छोट्टा सा कस्बा अर,चाहे गाम कह ल्यो पर रोहतक तें सोनीपत जांदी हाण पड़े स अर इह की खासियत या रही स आजादी तें-ए पहलम तें , अक खेती के राछ बड़े बढ़िया बन्या करदे आड़े | दुसरे लुहार भी खरखोदे के बणे होड़ कह के ने बच्या करदे ,मेरे मौसेरे भाई मनीष दहिया की दादालाही फेक्ट्री स आड़े जो थ्रेशर अर कम्बाइन बना के ने सारे हरयाणा,पंजाब ,दिली अर यु.पि. में सप्लाई कर्या करे | यु एक तरहां का जंक्शन स | खरखोदे तें चारुं ओड़ के गामां में सड़क जावें सें | आड़े की मुंगफली बड़ी करारी अर सुवाद होवें सें अर रेवड़ी भी बढ़िया बनाया करें | आड़े एक टूट्या सा सलीमा भी स | अर एक बस अड्डा भी स नाम मात्र का कदे-कदे बस आया करें इह पे ,ना ते सूर हान्डें जाया करें लीद करदे | या एक त्राहं की दहिया खाप की राजधानी स | खरखोदे के चारुं ओड़ ने २०-२५ की.मी. ताहीं निरे दहियां के गम सें | अमरुद भी भोत बढ़िया सुवाद होया करें खरखोदे के लव धोरे के | ----सद- भावनाओं सहित |