असल मे इस समस्या का जीन्स और साइंस ते कुछ लेना देना नहीं है।
इसका मतलब यो हुआ की साइंस के हिसाब ते अगर ठीक ना है एक गोत मे शादी , तो बिलकुल ना होण दो
और अगर साइंस के हिसाब ते कोई फरक नहीं पड़ता तो करण दो शादी
यूहे डिस्कस होरया है ,
गामा मे लोग , खाप आले जाने है के इस्स जीन्स कहानी ने ,
पीएचडी होण लगरि है यानहा इस्स बात पे
असल मे गामा मे अगर कोई केस ईसा होता है तो , माँ बाप एक बार छो मे आके , असेप्ट कारण ने तयार हो भी जा है ,
पर कुनबे आले , पड़ोसी , मोहल्ले, पट्टी, गाम, खाप आले ने जीन्स विंस कुछ नहीं याद आता
सीधी वही फिलिंग आवे है , जणे भाई बहन ने शादी कर ली हो
ये हमारी गामा के सामाजिक जीवन मे पले , बढ़े और परवरिश का नतीजा है
अब एक ऑप्शन है की असेप्ट कर लो इस ने , अर चुप रहो सब
दूसरा है की हो हल्ला मचाओ , और कई लोग इस होनर कीलिग ने भी सोचे है
दोणु ही गलत है ,
एक ही हल है की समाज मे कुछ करा जा , किसी तरह इस एक गोत शादी पे अंकुश लाया जा
इतना आसान नहीं है , ग्राउंड पे भौत कुछ करने की जरूरत है
जो मे ऊपर बात लिखी , इसने वही ठीक समझ सके है जो गाम मे पैदा हुआ और कम ते कम 12 वनही ते करी हो
जाटलैंड पे इसे मेम्बर कम ही है , ज्यादातर तो इसे है की गाम मे एक रात ना काटी जा
एसी रुम मे बैठ के , इंटरनेट पी किबोर्ड के बटन दबाये के बेरा पाटे गा ,
मे किसी के ज्ञान या मचोरीटी पे कोई कमेन्ट नहीं कर रहा , आप सभी की वजह से जाट बिरादरी का देश और विश्व मे नाम है,
माफी चाहूँगा किसी को बुरा लगे तो