ravinderjeet
New member
ल्भ्क-लितरा
आज काण दी स "मिष्टी कटारिया " के :-
फोटू ---- ते कती साच्चा स | पर ऊँ इतनी दूर खड़ी हो के तरवावेगी, ते फेर चाहे किहे का भी चेप दे | रमा का-ए दीखेगा | यु रूंख इह के-ए ताण रुक रया स ना ते ढह जांदा इब्ब ताहीं |
लोगिन ---- लोग-इन भी साच्चा-ए स | पर यु नाम में भी रमा तें मिष्टी क्यूँ होगी बेरी ना | रमा उर्फ़ मिष्टी |
उद्घोषणा ----- It is by luck that you get the chance to be the cause of someone's happiness,
या ते बात साची स रमा की , या ते आप माणस ने देख -देख राजी होई रहया करे ,ते बन्दा किस्सा -ए भी हो आपे इहने देख के ने हेप्पी हो जावेगा |
I love to grab these chances
भोत बढ़िया बात स ,अर कती न्यू-ए स अक जित भी मौका मिले उड़े-ए ख़ुशी लेण अर ख़ुशी देण पोंच जावे स , जा इह के बस का हो ते |
कार्यकलाप ---- में ते इहने शुरू तें-ए रमा कहया करूँ ,नाम या चाहे कितने-ए बदल ले [COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma]| नाइदर लैंड में रहया करे | ना ते उड़े लैंड ना उड़े पाणी ,फेर रहवे क्यूकर स बेरा ना | किम्मे रिसरच करया करे |इहने रूंख ,झाड -झंखाड़ ,फूल -पत्ते घणे आछे लाग्या करें ,मन्ने इस्सा लागे स , अक इह का रिसरच का विषय स " पेड़ों से पत्ते क्यूँ झड़ते हैं ,और गंजे होने पर भी पेड़ आपस में क्यूँ नहीं लड़ते हैं " | रिसरच का मतलब कोए चीज खू गी हो , अर फेर उह ने दुबारा टोहना हो स | मन्ने आज ताहीं या बात लुको राखी थी , पर ले आज बता दयूं सूं सारे जाटलैंड आलयाँ ने ,अक मन्ने भी कई बे रिसरच कर राखी स |म्हारी मेन्हस खु जांदी ते उहने फेर टोह के ल्यान्दा , म्हारा एक खुरापाती बलध था वो भी किते हो खू जाया करदा वो भी मन्ने कई बे रिसरच कर राख्या स | सानी मांह तें गंडयाँ की डाट रिसरच करी | बिन्दोल्याँ मांह तें बाकली रिसरच करी ,अर जोहड़ में ईंट फेंक-फेंक के ने नहाया करदे ते आपनी बहु (ईंट ) रिसरच करी | पर इब्ब ताहीं पि.अच्.डी. किहे ने भी ओफ्फर ना करी | पर इहने ते कोए ना कोए [/FONT]पि.अच्.डी. या फेर किम्मे और जो भी या करे स वो दे-देगा | या एक बे मेरे फोटू तार के ले गी थी , न्यू बोली अक में आपणे रूँखा ताहीं दिखाउंगी , अर उन् पे के असर हो गा , उह पे रिसरच करुँगी , फेर लौटा दयुंगी | आज ताहीं ते वापस दिए नहीं सें ,के बेरा मेरा फोटू देख के ने इह के रूंख मुरझा ना गए हों | बुझ्नियाँ (पहेलियाँ ) की चश्कू से कती ,पहलम आन्दें-ए जाटलैंड पे बुझनी (पहेली )आले तागे पे पोहंचेगी अर जा किहे ने जबाब ना दिया हो ते या पक्का देवेगी | अर इह के जबाब ९०% सही पाया करें ,इब्ब ताहीं इहने निरे इनाम जीत लिए सें , अर और भी कट्ठे करण लाग री स , के दुस्सर में ले जा गी | में भी बाट देख्या करूँ , अक जा किहे ने भी ना दिया हो , ते रमा जरुर सही जबाब देवेगी | [/FONT][/COLOR]जाटलैंड विक्की पे मेरी सारी हरयाणवी पहेलियाँ अर उनके जबाब अपलोढ़ करण का श्रेय रमा कटारिया अर समर सिंह कादयान ताहीं स |इहने सारी बुझनी आपणे दादा ,दादी ,नाना ,नानी पे सुण राखी सें ,अर इब्ब ताहीं याद सें |इह का मतलब इहने सब का स्नेह और प्यार मिला स | अर उस का प्रतिबिम्ब इह के सिग्नेचर में भी दीखे स | जाटलैंड की लाडली छोरी स या |[I][I][I][I][FONT=Verdana][COLOR=#000000][COLOR=#333333][COLOR=#000000][COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma]---- सद -भावनाओं सहित |[/I][/I][/FONT][/FONT]
[/COLOR][/COLOR][/I][/I][/FONT][/COLOR][/COLOR]
आज काण दी स "मिष्टी कटारिया " के :-
फोटू ---- ते कती साच्चा स | पर ऊँ इतनी दूर खड़ी हो के तरवावेगी, ते फेर चाहे किहे का भी चेप दे | रमा का-ए दीखेगा | यु रूंख इह के-ए ताण रुक रया स ना ते ढह जांदा इब्ब ताहीं |
लोगिन ---- लोग-इन भी साच्चा-ए स | पर यु नाम में भी रमा तें मिष्टी क्यूँ होगी बेरी ना | रमा उर्फ़ मिष्टी |
उद्घोषणा ----- It is by luck that you get the chance to be the cause of someone's happiness,
या ते बात साची स रमा की , या ते आप माणस ने देख -देख राजी होई रहया करे ,ते बन्दा किस्सा -ए भी हो आपे इहने देख के ने हेप्पी हो जावेगा |
I love to grab these chances
भोत बढ़िया बात स ,अर कती न्यू-ए स अक जित भी मौका मिले उड़े-ए ख़ुशी लेण अर ख़ुशी देण पोंच जावे स , जा इह के बस का हो ते |
कार्यकलाप ---- में ते इहने शुरू तें-ए रमा कहया करूँ ,नाम या चाहे कितने-ए बदल ले [COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma]| नाइदर लैंड में रहया करे | ना ते उड़े लैंड ना उड़े पाणी ,फेर रहवे क्यूकर स बेरा ना | किम्मे रिसरच करया करे |इहने रूंख ,झाड -झंखाड़ ,फूल -पत्ते घणे आछे लाग्या करें ,मन्ने इस्सा लागे स , अक इह का रिसरच का विषय स " पेड़ों से पत्ते क्यूँ झड़ते हैं ,और गंजे होने पर भी पेड़ आपस में क्यूँ नहीं लड़ते हैं " | रिसरच का मतलब कोए चीज खू गी हो , अर फेर उह ने दुबारा टोहना हो स | मन्ने आज ताहीं या बात लुको राखी थी , पर ले आज बता दयूं सूं सारे जाटलैंड आलयाँ ने ,अक मन्ने भी कई बे रिसरच कर राखी स |म्हारी मेन्हस खु जांदी ते उहने फेर टोह के ल्यान्दा , म्हारा एक खुरापाती बलध था वो भी किते हो खू जाया करदा वो भी मन्ने कई बे रिसरच कर राख्या स | सानी मांह तें गंडयाँ की डाट रिसरच करी | बिन्दोल्याँ मांह तें बाकली रिसरच करी ,अर जोहड़ में ईंट फेंक-फेंक के ने नहाया करदे ते आपनी बहु (ईंट ) रिसरच करी | पर इब्ब ताहीं पि.अच्.डी. किहे ने भी ओफ्फर ना करी | पर इहने ते कोए ना कोए [/FONT]पि.अच्.डी. या फेर किम्मे और जो भी या करे स वो दे-देगा | या एक बे मेरे फोटू तार के ले गी थी , न्यू बोली अक में आपणे रूँखा ताहीं दिखाउंगी , अर उन् पे के असर हो गा , उह पे रिसरच करुँगी , फेर लौटा दयुंगी | आज ताहीं ते वापस दिए नहीं सें ,के बेरा मेरा फोटू देख के ने इह के रूंख मुरझा ना गए हों | बुझ्नियाँ (पहेलियाँ ) की चश्कू से कती ,पहलम आन्दें-ए जाटलैंड पे बुझनी (पहेली )आले तागे पे पोहंचेगी अर जा किहे ने जबाब ना दिया हो ते या पक्का देवेगी | अर इह के जबाब ९०% सही पाया करें ,इब्ब ताहीं इहने निरे इनाम जीत लिए सें , अर और भी कट्ठे करण लाग री स , के दुस्सर में ले जा गी | में भी बाट देख्या करूँ , अक जा किहे ने भी ना दिया हो , ते रमा जरुर सही जबाब देवेगी | [/FONT][/COLOR]जाटलैंड विक्की पे मेरी सारी हरयाणवी पहेलियाँ अर उनके जबाब अपलोढ़ करण का श्रेय रमा कटारिया अर समर सिंह कादयान ताहीं स |इहने सारी बुझनी आपणे दादा ,दादी ,नाना ,नानी पे सुण राखी सें ,अर इब्ब ताहीं याद सें |इह का मतलब इहने सब का स्नेह और प्यार मिला स | अर उस का प्रतिबिम्ब इह के सिग्नेचर में भी दीखे स | जाटलैंड की लाडली छोरी स या |[I][I][I][I][FONT=Verdana][COLOR=#000000][COLOR=#333333][COLOR=#000000][COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma]---- सद -भावनाओं सहित |[/I][/I][/FONT][/FONT]
[/COLOR][/COLOR][/I][/I][/FONT][/COLOR][/COLOR]
Last edited: