ल्भ्क-लितरा

ल्भ्क-लितरा

आज काण दी स "मिष्टी कटारिया " के :-
फोटू ---- ते कती साच्चा स | पर ऊँ इतनी दूर खड़ी हो के तरवावेगी, ते फेर चाहे किहे का भी चेप दे | रमा का-ए दीखेगा | यु रूंख इह के-ए ताण रुक रया स ना ते ढह जांदा इब्ब ताहीं |
लोगिन ----
लोग-इन भी साच्चा-ए स | पर यु नाम में भी रमा तें मिष्टी क्यूँ होगी बेरी ना | रमा उर्फ़ मिष्टी |
उद्घोषणा -----
It is by luck that you get the chance to be the cause of someone's happiness,
या ते बात साची स रमा की , या ते आप माणस ने देख -देख राजी होई रहया करे ,ते बन्दा किस्सा -ए भी हो आपे इहने देख के ने हेप्पी हो जावेगा |
I love to grab these chances:)


भोत बढ़िया बात स ,अर कती न्यू-ए स अक जित भी मौका मिले उड़े-ए ख़ुशी लेण अर ख़ुशी देण पोंच जावे स , जा इह के बस का हो ते |

कार्यकलाप ---- में ते इहने शुरू तें-ए रमा कहया करूँ ,नाम या चाहे कितने-ए बदल ले
[COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma]| नाइदर लैंड में रहया करे | ना ते उड़े लैंड ना उड़े पाणी ,फेर रहवे क्यूकर स बेरा ना | किम्मे रिसरच करया करे |इहने रूंख ,झाड -झंखाड़ ,फूल -पत्ते घणे आछे लाग्या करें ,मन्ने इस्सा लागे स , अक इह का रिसरच का विषय स " पेड़ों से पत्ते क्यूँ झड़ते हैं ,और गंजे होने पर भी पेड़ आपस में क्यूँ नहीं लड़ते हैं " | रिसरच का मतलब कोए चीज खू गी हो , अर फेर उह ने दुबारा टोहना हो स | मन्ने आज ताहीं या बात लुको राखी थी , पर ले आज बता दयूं सूं सारे जाटलैंड आलयाँ ने ,अक मन्ने भी कई बे रिसरच कर राखी स |म्हारी मेन्हस खु जांदी ते उहने फेर टोह के ल्यान्दा , म्हारा एक खुरापाती बलध था वो भी किते हो खू जाया करदा वो भी मन्ने कई बे रिसरच कर राख्या स | सानी मांह तें गंडयाँ की डाट रिसरच करी | बिन्दोल्याँ मांह तें बाकली रिसरच करी ,अर जोहड़ में ईंट फेंक-फेंक के ने नहाया करदे ते आपनी बहु (ईंट ) रिसरच करी | पर इब्ब ताहीं पि.अच्.डी. किहे ने भी ओफ्फर ना करी | पर इहने ते कोए ना कोए
[/FONT]पि.अच्.डी. या फेर किम्मे और जो भी या करे स वो दे-देगा | या एक बे मेरे फोटू तार के ले गी थी , न्यू बोली अक में आपणे रूँखा ताहीं दिखाउंगी , अर उन् पे के असर हो गा , उह पे रिसरच करुँगी , फेर लौटा दयुंगी | आज ताहीं ते वापस दिए नहीं सें ,के बेरा मेरा फोटू देख के ने इह के रूंख मुरझा ना गए हों | बुझ्नियाँ (पहेलियाँ ) की चश्कू से कती ,पहलम आन्दें-ए जाटलैंड पे बुझनी (पहेली )आले तागे पे पोहंचेगी अर जा किहे ने जबाब ना दिया हो ते या पक्का देवेगी | अर इह के जबाब ९०% सही पाया करें ,इब्ब ताहीं इहने निरे इनाम जीत लिए सें , अर और भी कट्ठे करण लाग री स , के दुस्सर में ले जा गी | में भी बाट देख्या करूँ , अक जा किहे ने भी ना दिया हो , ते रमा जरुर सही जबाब देवेगी | [/FONT]
[/COLOR]जाटलैंड विक्की पे मेरी सारी हरयाणवी पहेलियाँ अर उनके जबाब अपलोढ़ करण का श्रेय रमा कटारिया अर समर सिंह कादयान ताहीं स |इहने सारी बुझनी आपणे दादा ,दादी ,नाना ,नानी पे सुण राखी सें ,अर इब्ब ताहीं याद सें |इह का मतलब इहने सब का स्नेह और प्यार मिला स | अर उस का प्रतिबिम्ब इह के सिग्नेचर में भी दीखे स | जाटलैंड की लाडली छोरी स या |[I][I][I][I][FONT=Verdana][COLOR=#000000][COLOR=#333333][COLOR=#000000][COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma]---- सद -भावनाओं सहित |[/I][/I][/FONT][/FONT]
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Last edited:
हा भाई काई-डंका आला काम हो ज्यागा यु तो | आगि तो इब तेरी काण.. तार इब इहने !:victorious:


यु ना तारे काण | मुंह भी इस्सा कर्र्या स , जणू ते उधार मांग के ल्यारा स |
 
ल्भ्क-लितरा

आज काण दी स "हरेंदर तोमर " के :-
फोटू ---- ते कोणी लावे यु | इहने कसम खा राखी स |
लोगिन ----
लोग-इन भी साच्चा-ए स |
उद्घोषणा -----
"Don't wait for someone to bring you flowers.भाई कदे-कदे इन्तजार करणा भी आछा लाग्या करे ,क्यूंकि देवण आले की भावना पे भी ते हो स | ज्युकर सर में खाज ते आदमी आप भी कर ले ,पर जा और कोए करे ते घणी आछी लाग्या करे |
Plant your own garden and decorate your own soul."
भाई न्यू ते जिन्दगी लिकड जा गी ,कद बाग़ लगेगा ,अर कद उह के फल-फूल लगेंगे |और किहे के बाग़ मांह तें चोर के खाण में भी ते न्यारा मजा हो स |अर भाई आत्मा ते ज्ञान तें श्रंगारित होवेगी जो के आपस में ले-दे के ने आवेगा |
इहने सिग्नेचर बद्लन का भोत शोक स | माडे-माडे दिनाँ में किम्मे ना किम्मे नया सिग्नेचर पा दे स |
कार्यकलाप ---- सब तें घणी हिंदी की कविता भाई ने-अ चेपी सें , जाटलैंड पे | बड़ी कसुती , आंडी-अंडी कविता छांड कें लाया करे | आप भी लिख्या करे ,पर बतान्दा कोणी मेरे की ढाल | में ते सारे आपणा गोद लिया होड़ नाम गेल्याँ ठोक दयूं सूं | यु सुभा का माड़ा शर्मिला स | पहेलियाँ के जबाब भी बढ़-चढ़ के दिया करे | पर बीचाले बेरा ना कित भाज जावे स |मन्ने इस्सा लागे स अक कदे छोरी देखण ना जांदा हो | बीचाले किम्मे खटेबा हो गया था , भाई की गेल , म्हारे भी बड़ा दुःख होया था , उह बात का
| [SIZE=2]जब बड़ी दरद भरी शेरो-शायरी करी थी , घणे दिनाँ ताहीं | हाम भी सान्त्वन्ना-ए दे सकां थे , भाई ताहीं , अर गेल्याँ आपां भी शायर हो गे थे | किहे ने किहे का दिल तोड़ण का अधिकार नहीं स |चाहे बदले में १०० मतीरे सड़क पे फोड़ ले | बेचारा सोफ्टवेयर डवलप करदा-करदा प्यार डवलप करग्या था | कोए बात ना भाई मन्ने ,लुगाई पे एक छंद लिखा था , बखत लागे ते पढ़ लिए अक लुगाई किः की होया करे | यु म्हारा जिन्दगी का अनुभव स , अर बड्डयाँ की कही होड़ बात सें |[/SIZE]

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[FONT=Arial][FONT=Tahoma][B][SIZE=2]जब हाथ से हाथ फिसल जाए |[/SIZE][/B][/FONT][/FONT]
[COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma][B][SIZE=2]कोई बिना देखे बगल से निकल जाए |[/SIZE][/B][/FONT][/FONT]
[COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma][B][SIZE=2]मन मासूम मेरा विकल जाए |[/SIZE][/B][/FONT][/FONT]
[COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma][B][SIZE=2]दर्द इन्तहा होता हे |[/SIZE][/B][/FONT][/FONT]
[COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma][B][SIZE=2]दिल डब -डब मेरा रोता हे |[/SIZE][/B][/FONT][/FONT]

[COLOR=#000000][COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma][SIZE=2]भाई श्रृंगार रस का कवि स | तो में तो इसकी काण सारी कविता के रूपमे देणा चाहूँ था ,पर इतणा बखत ना था | [/SIZE][/FONT]
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[COLOR=#000000][COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma][B][SIZE=2]भावनाओं से भरा मन इसका ,[/SIZE][/B][/FONT]
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[COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma][B][SIZE=2]इस्से उपमा दूँ में किसका |[/SIZE][/B][/FONT][/FONT]
[COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma][B][SIZE=2]आत्मिक प्यार हे धन जिसका ,[/SIZE][/B][/FONT][/FONT]
[COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma][B][SIZE=2]मन से मन का जोड़े ये रिश्ता ,[/SIZE][/B][/FONT][/FONT]
[COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma][B][SIZE=2]हरेंदर तोमर हे नाम जिसका ||[/SIZE][/B][/FONT][/FONT]
[COLOR=#000000][B][B][B][COLOR=#000000][FONT=Verdana][FONT=Arial][I][I][I][I][I][FONT=Verdana][COLOR=#000000][COLOR=#333333][COLOR=#000000][COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma][SIZE=2]-[/SIZE]-- सद -भावनाओं सहित |
[/FONT][/I][/FONT][/FONT][/B][/B]
[/B][/I][/I][/FONT]http://www.jatland.com/forums/member.php?13941-htomar
[/COLOR][/I][/I][/FONT][/COLOR][/COLOR][/COLOR][/COLOR][/COLOR][/COLOR][/COLOR][/COLOR][/COLOR][/COLOR][/COLOR][/COLOR][/COLOR][/COLOR][/COLOR][/COLOR][/COLOR]
 
ल्भ्क-लितरा

आज काण दी स "सुरेंदर सिंह बधवार " के :-
फोटू ---- ते कती साच्चा स | पर इह ढाल खीन्च्वा राख्या स जाणू ते भर्ती होण खातर खीन्च्वाया हो |
लोगिन ----
लोग-इन भी साच्चा-ए स | पहलम जब मन्ने यु सुरे ( sure ) पढ्या था , ते मन्ने न्यू सोची अक यु मराठी कुण आग्या आड़े | सुरे मराठियाँ में गोत होवे स ज्यां तें |
उद्घोषणा -----
Don't judge each day by the harvest you reap, but by the seeds you plant.

सीधी बात , जीस्सा बोवेगा उस्सा काटेगा | ज्युकर कांडा,आखिर फूट्गा भांडा |पर भाई कई बे बीज चाहे किस्से-ए बो दे ,काल पड़ जा ते किम्मे भी ना जाम्म्या करे |
Everyone in Our life is going to hurt us, sooner or later.
जी करडा कर ल्यो ,करा कद कुण डला मार दे |
But we have to decide. what's more important? The Pain Or The Person.
पर्सन हो गा , ते पेन भी देवेगा|पेन लेणी भी जरुरी स ताकि पर्सन भी आपना बनया रहवे | नो पेन ,नो गेन |

कार्यकलाप ---- भाई इस वेब साईट का जेंटलमेन स , मेरी आछी भुंडी जिस्सी भी डाक हों , सब ने पसंद का खटका मार दिया करे .मन्ने ते इस्सा लागे स अक यु मेरा सब तें बड्डा पंखा स | कई भाई रोला मचा रे हों ते उड़े सलाह देवन लाग जाया करे ,जो कोए आड़े सुणदा कोणी
| [SIZE=2]मन्ने ते इस्सा लागे स अक भाई तें में पहलम भी किते फेट र्या सूं ,पर याद कोणी आंदा | चलो मुंबई की गालां में कदे ते हेट-फेट हो जा गी | भाई ने जट्टू बोली अर जट्टू कल्चर तें भोत लगाव स ,टाई आले फोटू तें न्यू ना समझियो अक यु कती अंग्रेज स , यु ते भाई ने पढ्या लिख्या दीखण खातर खीन्च्वाया स | ना ते म्हारे बर्गा दीखेगा | मन्ने ते मेरे की ढाल ठाल्ली माणस दीखे स ,सारी हाण जाटलैंड के चिपट्या पावे स |[/SIZE] [SIZE=2]इस्से सज्जन माणस के काण ते दे दी पर लितरे मारण ने जी कोणी करदा ,कोए के सोचेगा ? अक किहे हो के चिपट जा स , अर लत्ते पाडन लाग जा स | किहे के एक आधी बे बस पुन्झडी ते ला दिया करे ,बाकी आज ताहीं कोए अल्बाद कोणी करी स इहने , जाटलैंड पे ,काली गऊ स जम्मा | बालकपन में इस्सा बालक चोतारियाँ पे बैठ के ने कितने लोग गए ,कितनी लुगाई गई , अर कितने डांगर गए , गाल मांह के ,इनकी गिनती कर के ने टेम पास कर्या करें , अर आपणे घरां भी इस्सी ढाल रहया करे जाणू ते माम्याँ के आर्या हो |[/SIZE][COLOR=#000000][FONT=Verdana][FONT=Arial][I][I][I][I][I][FONT=Verdana][COLOR=#000000][COLOR=#333333][COLOR=#000000][COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma]---- सद -भावनाओं सहित |
[/FONT][/FONT][/FONT][/FONT]
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http://www.jatland.com/forums/member.php?36168-Sure
 
भाई साहब ये सुरे नहीं स्योर इंग्लिश आला स जब सुरेंदर की लोगइन आई डी नहीं मिली तो ये सेलेक्ट की थी मैं इसे use भी हमेशा करता हूँ in mails and letters, sure get a meaning like definite/indisputable/gauranteed/assured and I like this writing for me.
 
ल्भ्क-लितरा

आज काण दी स "संजीव सोलंकी " के :-
फोटू ---- ते कती साच्चा स | पर इह ढाल खीन्च्वा राख्या स जाणू ते एक कान तें बूच्चा हो |
लोगिन ----
लोग-इन भी साच्चा-ए स | १९८४ में इह का आगमन होया था , इहलोक में ,ज्यां तें या संख्या जोड़ राखी स |
उद्घोषणा -----
H.O.D. (Dept. of Common Sense)इह विभाग में विकेंसी कद लिकड़ी थी भाई ,तू ते मन्ने सिफारशी लागे से ,जिब्बे तें इतनी बड्डी पोस्ट ले के ने बैठ गा डाकि लुकमा-लुकमा |राकेश सहरावत कई साल तें इह पोस्ट की विकेंशी का मार्या किते जुवायन ना करे था ,
और किते |

कार्यकलाप ---- कोए ते न्यू कहया करे अक "क्यूँ सींगाँ के तेल लार्या स " अर क: फेर न्यू कहया करें अक "क्यूँ सींगाँ ने पीनारया स " [FONT=Tahoma][SIZE=2]| पर मन्ने ते इस्सा लागे स अक भाई सींगाँ के तलवार ,चाक़ू ,पिस्तोल सब किम्मे लार्या स ,जिस्सा बन्दा दीखे उस्सा-ए हथियार आगे अडा देवे स | सामन्य समझ के मंत्रालय का प्रभारी स यु | बिना आर.टी.आई के इस्सी-इस्सी बात काढ के लाया करे अक घनखरे खान्ग्रेस्सी इहने ऐकले ने आड़े गेर लिए | कमाल का बखत अर हिम्मत ले रया स ,हार ते यु आपणे दुश्मन ने भी ना माणन देवे ,जिब्बे ललकार के ने खडा कर देवे स | चाहे सारी रात कम्पूटर के चिपट्या रहवे अर इह की घराली चाहे इहने आपणे घरां जाण की धमकी भी दे लेवे , पर आगले ने बक्से कोणी ,इतने आगला भ्यां ना बोल लेवे | पर न्यू ना बेरा अक "की -बोर्ड " का-ए पहलवान स अक साच्चिमुच्ची सड़काँ पे भी लिकड़ के भीड़ सके स | ऊँ ते तीन-चार जन्याँ ने एक्ला-ए लपेटे रहवे स सारी हाण | मन्ने इस्सा लागे स अक उह शुशील सौलंकी का आधा हांगा इह के मांह बड़र्य़ा स | इनका गोत भी कसुता स "सौ-लंकी " ,ये सो जाणे लंका तें आये थे करा , ज्यां तें इन् ने सौलंकी कहन लागे | यु मेंबर ते कई साल पुराणा स , पर लिखणा पढ़ना जाटलैंड पे वारी शुरू कर्या , पहलम कई साल इहने [/SIZE]
(Dept. of Common Sense) का H.O.D. बणन के जुगाड़ में-काढ दिए |[COLOR=#000000][COLOR=#000000][COLOR=#000000][COLOR=#000000][B][COLOR=#000000][COLOR=#000000][B][B][B][COLOR=#000000][FONT=Verdana][FONT=Arial][I][I][I][I][I][FONT=Verdana][COLOR=#000000][COLOR=#333333][COLOR=#000000][COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma]---- सद -भावनाओं सहित |
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http://www.jatland.com/forums/member.php?16378-sanjeev1984

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kai din ki ooli aankha fadkan laag ri thi bhai saab... manne ke bera tha ak is mare fadke thi... yo post padhte hi theek normal ho gi... :)

manne laage tha ak nambar aan aala hai... jya-tahin 2-3 te thoda halkta pad rhya tha... par aakhirkar aapne apne littar jhaad hi diye... sahi kaan di hai bhaisaab... par koye na jaldiye taar ke aage ne sarka dounga, oonh bhi udhar or kaan jitni jaldi taar do utna badhiya... :)

ल्भ्क-लितरा

आज काण दी
स "संजीव सोलंकी " के :-
फोटू ---- ते कती साच्चा स | पर इह ढाल खीन्च्वा राख्या स जाणू ते एक कान तें बूच्चा हो |
लोगिन ----
लोग-इन भी साच्चा-ए स | १९८४ में इह का आगमन होया था , इहलोक में ,ज्यां तें या संख्या जोड़ राखी स |
उद्घोषणा -----
H.O.D. (Dept. of Common Sense)इह विभाग में विकेंसी कद लिकड़ी थी भाई ,तू ते मन्ने सिफारशी लागे से ,जिब्बे तें इतनी बड्डी पोस्ट ले के ने बैठ गा डाकि लुकमा-लुकमा |राकेश सहरावत कई साल तें इह पोस्ट की विकेंशी का मार्या किते जुवायन ना करे था ,
और किते |

कार्यकलाप ---- कोए ते न्यू कहया करे अक "क्यूँ सींगाँ के तेल लार्या स " अर क: फेर न्यू कहया करें अक "क्यूँ सींगाँ ने पीनारया स " [FONT=Arial][FONT=Tahoma][SIZE=2]| पर मन्ने ते इस्सा लागे स अक भाई सींगाँ के तलवार ,चाक़ू ,पिस्तोल सब किम्मे लार्या स ,जिस्सा बन्दा दीखे उस्सा-ए हथियार आगे अडा देवे स | सामन्य समझ के मंत्रालय का प्रभारी स यु | बिना आर.टी.आई के इस्सी-इस्सी बात काढ के लाया करे अक घनखरे खान्ग्रेस्सी इहने ऐकले ने आड़े गेर लिए | कमाल का बखत अर हिम्मत ले रया स ,हार ते यु आपणे दुश्मन ने भी ना माणन देवे ,जिब्बे ललकार के ने खडा कर देवे स | चाहे सारी रात कम्पूटर के चिपट्या रहवे अर इह की घराली चाहे इहने आपणे घरां जाण की धमकी भी दे लेवे , पर आगले ने बक्से कोणी ,इतने आगला भ्यां ना बोल लेवे | पर न्यू ना बेरा अक "की -बोर्ड " का-ए पहलवान स अक साच्चिमुच्ची सड़काँ पे भी लिकड़ के भीड़ सके स | ऊँ ते तीन-चार जन्याँ ने एक्ला-ए लपेटे रहवे स सारी हाण | मन्ने इस्सा लागे स अक उह शुशील सौलंकी का आधा हांगा इह के मांह बड़र्य़ा स | इनका गोत भी कसुता स "सौ-लंकी " ,ये सो जाणे लंका तें आये थे करा , ज्यां तें इन् ने सौलंकी कहन लागे | यु मेंबर ते कई साल पुराणा स , पर लिखणा पढ़ना जाटलैंड पे वारी शुरू कर्या , पहलम कई साल इहने [/SIZE]
[/FONT](Dept. of Common Sense) का H.O.D. बणन के जुगाड़ में-काढ दिए |[B][COLOR=#000000][COLOR=#000000][COLOR=#000000][COLOR=#000000][B][COLOR=#000000][COLOR=#000000][B][B][B][COLOR=#000000][FONT=Verdana][FONT=Arial][I][I][I][I][I][FONT=Verdana][COLOR=#000000][COLOR=#333333][COLOR=#000000][COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma]---- सद -भावनाओं सहित |
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http://www.jatland.com/forums/member.php?16378-sanjeev1984

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Dhanyawaad Ravinder ji..Lage raho...

ल्भ्क-लितरा

आज काण दी स "हरेंदर तोमर " के :-
फोटू ---- ते कोणी लावे यु | इहने कसम खा राखी स |
लोगिन ----
लोग-इन भी साच्चा-ए स |
उद्घोषणा -----
"Don't wait for someone to bring you flowers.भाई कदे-कदे इन्तजार करणा भी आछा लाग्या करे ,क्यूंकि देवण आले की भावना पे भी ते हो स | ज्युकर सर में खाज ते आदमी आप भी कर ले ,पर जा और कोए करे ते घणी आछी लाग्या करे |
Plant your own garden and decorate your own soul."
भाई न्यू ते जिन्दगी लिकड जा गी ,कद बाग़ लगेगा ,अर कद उह के फल-फूल लगेंगे |और किहे के बाग़ मांह तें चोर के खाण में भी ते न्यारा मजा हो स |अर भाई आत्मा ते ज्ञान तें श्रंगारित होवेगी जो के आपस में ले-दे के ने आवेगा |
इहने सिग्नेचर बद्लन का भोत शोक स | माडे-माडे दिनाँ में किम्मे ना किम्मे नया सिग्नेचर पा दे स |
कार्यकलाप ---- सब तें घणी हिंदी की कविता भाई ने-अ चेपी सें , जाटलैंड पे | बड़ी कसुती , आंडी-अंडी कविता छांड कें लाया करे | आप भी लिख्या करे ,पर बतान्दा कोणी मेरे की ढाल | में ते सारे आपणा गोद लिया होड़ नाम गेल्याँ ठोक दयूं सूं | यु सुभा का माड़ा शर्मिला स | पहेलियाँ के जबाब भी बढ़-चढ़ के दिया करे | पर बीचाले बेरा ना कित भाज जावे स |मन्ने इस्सा लागे स अक कदे छोरी देखण ना जांदा हो | बीचाले किम्मे खटेबा हो गया था , भाई की गेल , म्हारे भी बड़ा दुःख होया था , उह बात का
[FONT=Tahoma]| [SIZE=2]जब बड़ी दरद भरी शेरो-शायरी करी थी , घणे दिनाँ ताहीं | हाम भी सान्त्वन्ना-ए दे सकां थे , भाई ताहीं , अर गेल्याँ आपां भी शायर हो गे थे | किहे ने किहे का दिल तोड़ण का अधिकार नहीं स |चाहे बदले में १०० मतीरे सड़क पे फोड़ ले | बेचारा सोफ्टवेयर डवलप करदा-करदा प्यार डवलप करग्या था | कोए बात ना भाई मन्ने ,लुगाई पे एक छंद लिखा था , बखत लागे ते पढ़ लिए अक लुगाई किः की होया करे | यु म्हारा जिन्दगी का अनुभव स , अर बड्डयाँ की कही होड़ बात सें |[/SIZE]
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[COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma][B][SIZE=2]मन मासूम मेरा विकल जाए |[/SIZE][/B][/FONT][/FONT]
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[COLOR=#000000][COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma][SIZE=2]भाई श्रृंगार रस का कवि स | तो में तो इसकी काण सारी कविता के रूपमे देणा चाहूँ था ,पर इतणा बखत ना था | [/SIZE][/FONT]
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[COLOR=#000000][COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma][B][SIZE=2]भावनाओं से भरा मन इसका ,[/SIZE][/B][/FONT]
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[COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma][B][SIZE=2]इस्से उपमा दूँ में किसका |[/SIZE][/B][/FONT][/FONT]
[COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma][B][SIZE=2]आत्मिक प्यार हे धन जिसका ,[/SIZE][/B][/FONT][/FONT]
[COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma][B][SIZE=2]मन से मन का जोड़े ये रिश्ता ,[/SIZE][/B][/FONT][/FONT]
[COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma][B][SIZE=2]हरेंदर तोमर हे नाम जिसका ||[/SIZE][/B][/FONT][/FONT]
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k kare bechara bhai... aapne leetre itne maar diye the iske... baki mai kaan taran ke taiyari mai laag rhya su, kade aap or kiye ke de dyo... :)


तावला तार संजीव काण ने ,एक दो आदमी रडकें सें मेरे , उनके काण देणी स |
 
ल्भ्क-लितरा

तो आज काण दी स "जीत ताखर" के :-


फोटू ----
ते कती साच्चा स | पर लाखावे देख क्यूकर स ? ज्युकर वो बकरियां के रेवड़ में आगे-आगे डाढी आला बकरा चाल्या करे , अर जब रेवड़ गेल ने छुट जा ते घेटी उपराँ कर के न्यू-ए लखाया करे |
लोगिन ----
लोग-इन भी साच्चा-ए स , पर यु लिखे "कूल जाट" स अर सारी हाण ताता होया रहेवे स | इह की शक्शियत तें मेळ कोणी खांदा इह का लोग इन् | इह का लोग इन् होणा चाहिए था ,"ऊंगदयुन्गा"|

उद्घोषणा -----
" Until Lions have their historians, tales of the hunt shall always glorify the hunter! " .. - जीत ताखर
बात ते भाई की कती साची स अर जाट इह बात का शिकार होरे सें | पर भाई इब्ब डरे ना आपणी इतिहासकार जट्टां की आंडी टीम त्यार होण लाग री स अर आगले आणे वाले बखत में अकाटटय परमाण की गेल जाट इतिहास लिख्या जागा | शेर आपणा इतिहास खुद लिखेंगे |
कार्यकलाप ----
कार्यकलाप के सें बेरा ना ,सारी हाण हंडे जावे स ,दुनिया भर में | पहलम ते इहने एक बन्दा राख राख्या था ,यु जिह देश में भी जावे (बेरा ना साची जाया करदा , अक इह जाटलैंड पे-ए लिख के ने बंदयाँ नु भकाया करदा ) उस्से में वो आगे पाया करदा , इह के स्वागत खातर "वेलकम टू जीत ताखार इन पर्थ " अर फेर एकी हफ्ते पाछे और किते वेलकम लिखा आंदा ,मन्ने इस्सा लाग्या करदा अक कई माणस ते इह के आगे-आगे चालें सें फौज की अड्वांश पारटी की ढाल | इस्सी ढाल जाटलैंड पे अपडेट आया करदी भाई की जाणु ते प्रतिभा पाटिल विदेश भरम्न्न पे जावे स |फेर हामने भी एक तागा चला दिया मखोल में ,जब पाछे भाई का अपडेट आणा बंद होग्या | इह की ढाल हामने भी भोत भुंडा लाग्या पर इब्ब के कराँ | यु आपणे आप ने बिहडाँ में हांडअणीया एक विस्मित व्यक्ति मान्ने स | ऊँ ते जा हर कोए बन्दा ध्यान तें सोचे ते इह दुनिया के बीहड़ में हर एक अकेला और विश्मित स ,अक में कुण अर कित आण बड्या | भाई ने भारत में सेनिक शाशन ल्यावन की बड़ी तम्मंन्ना स | पर वि.पि. सिंह इह ने ल्यावन कोणी देवे |स ते मेरी भी तम्मन्ना ,पर ये भारत के फौजी अफसर परशाशन कोणी संभाल सकदे ,टरड़ू सें , मुन्छ्याँ के बोझ तें दबे होड़ अर आपणी लुगाई के आदेश तें बाहर ये किम्मे कोणी कर सकदे | ज्यां तें में केवल फौज की बेकिंग के साथ डंडा राज का समर्थक सूं | अर ज्यां तें आड़े ताहीं जीत भाई का भी समर्थन करूँ सूं | यु राजस्थान तें अर आपणे काटडे तें भोत घणा प्यार करे स , अर आये साल उह का जनम दिन भी मनाया करे | इब्ब ते भाई वो झोट्टा हो लिया ,टाळ मार ,जनम दिन मणान की | जीत भाई हांस्या भोत कम करे ,क्यूंकि हान्स्निया माणस गंभीर कोणी मान्या जांदा अर ताखर भाई सारी हाण गंभीरता की कोठडी में-ए रहणा चाहवे स ताकि लोग इह ने बुद्धि जीवी मान लवें | पर इस्से माणसां के बी.पि हो जाया करे , अर फेर बाबा रामदेव की गोली खाणी पड्या करें , सारी उमर | ऊँ भी यु "कर्रअंट अफेयर" अर "जनरल टाक "के सिवाय और किते गेडा कोणी मार्या करे ,या बात भी इह की आपणी शक्शियत ताहीं गंभीरता परदान करण खातर बणा राखी स | भाई ताता तावला हो जाया करे पर बात ते घंखरी साची कहया करे | ग्यानी माणस स ,हाम भाई के उज्जल भविष्य की कामना की गेल भारत में तख्ता पलट की बाट देखां सां |[B][FONT=Verdana][FONT=Arial][I][I][I][I][I][FONT=Verdana][FONT=Arial][FONT=Tahoma]---- सद -भावनाओं सहित |[/FONT][/FONT][/FONT][/FONT][/I][/I][/I][/I][/I][/FONT][/B]
 
ल्भ्क-लितरा

जी ते ना कर रह्य था, पर के करू काण ते तरनिये थी। पहला तो मै सोच रह्य था अक किसे मित्र की केडया सरका द्यु, पर उन सार्या के पहलम बी काण आ ली थी। तो JL के मेम्बरा की डिमांड के हिसाब ते और मेरे आर "देसीजाट" के प्यार-मुलायेज्झे ने देखते हुए, यो भाई मन्ने बेस्ट candidate लगया। और अपने परम मित्र के काण दे दी। तो आज काण दी स "[COLOR=#ff0000]विकास चौधरी" के :-
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फोटू ---- ते कती साच्चा स | पर जब पहली बार भाई का फोटू देख्या तो मन्ने लग्या अक "साजिद खान" नकली नाम और बचपन का फोटू ले के JL पे आग्य और अपना JL बॉलीवुड ताहीं मशहूर होग्या | पर बाद मे बेरया पाट्या अक यो ते साची मये कोए "देसीजाट" स। ऊह ते भाई ने फोटू कई चीप रख्ये स, पर मन्ने सब्ते बढ़िया वो लग्या जिम्मे मुह मेरी ढाल आडा कर रह्य स और टांग "दी ग्रेट खली" की ढाल कर रह्य स (धोली बुर्शट म)। छोरा स ते सुथरा पर, मोट्टे गलुफे आले मनसा का compitition हो ज्या ते, मै शरत के साथ कहू सु, यो भाई, "साजिद खान" और "कपिल सिब्बल " ने करडी टक्कर देवेगा।गोझ में ते बेरा ना किः की देई होड़ चोकलेट लुको रया स डाकि ,मन्ने ते इस्सी लागें सें कदे सोनिया ने दे दी होंगी , भ्कोंन खातर |

लोगिन ---- लोग-इन भी साच्चा-ए था, एक साल पहल्या | जब यो देशी था | इब मेरे ख्याल ते भाई ने टेम के साथ बदलते हुए "देशी " को थोडा modify कर लेना चाहिए। वेसे जितने देशी जाट या फेर देशी मूंदे , देशी बन्दे आदि-आदि नाम आले बन्दे मिलेंगे किस्से भी साईट पे वे नकली देशी पाया करें | असली देशी ने ते इस्सा नाम धारण करण की जरूत कोणी पड़े |



उद्घोषणा -----
सच्चे शब्दों में सच के अहसास लिखेंगे ... (भाई, सच unidirectional होवे स। अर unidirectional बाताँ ते तन्ने चिड घणी स। इब मेरी तो समझ म नु नी आता अक तू multi-directional सच क्यूकर लिखेगा।)शब्द ते हमेशा सच्चे ही रह्या करें ,पर एहसास तो बन्दे की मर्जी पे सें अक साच्चे लिखे जायेंगे या झुट्ठे |
वक्त पढे जिसको कुछ इतना खास लिखेंगे...(वक़्त तो आज ताहीं महाभारत पढ़न में लाग्र्ह्या स, तेरी multi-directional सच्चाई पढ़न का कित टेम लागे था उसने भोले भाई। )या बात ते तेरे बस की कोणी लागती भाई |
गीत गजल हम पर लिखेंगे लिखने वाले...(कदे गीत-ग़ज़ल के चक्कर में, रजनीकांत के चुटकुल्या म compitition देन लागज्य। संभल के रहिये।)तेरे पे लिखेनिये आपना समय खराब करेंगे भाई |
हमने कलम उठाइ, तो इतिहास लिखेंगे...!! (भाई, सलाह समझ ले या प्रार्थना समझ ले, पर मैं नु कह्ना चाहू हु अक कलम अर पन्ह्या पे इतना जुलम मत करिए )पहलम लिखानियाँ ने-ए इतिहास की इस्सी-तिस्सी कर राखी स ,बाकी कसर तू काढ दे भाई |




कार्यकलाप ---- login ते बहोत पुराना है भाई का , पर कार्यकलाप ज्यादातर इस्सा रह्य है (ajsdhbgfaj;b;djuba;jkdbva;sidc['pIOJHSIFDVHAO[SDIBNVKJAGSDUIOVJUABSDVBo:dhVO;abndsVNHAOSDHUVAONSDFBVG[OAUSDHVOUASBNDVBGaoVHUOSDFNVJASB) मतलब यो अक टाइपिंग तो बहोत कुछ कर दिया, पर मतलब का कोन्या। और मतलब का होवैगा भी क्यूकर, जिसे गुरु -उसा चेला। भाई कांग्रेस्सिया का इतना बड्डा समर्थक है, इतना तो मोहनदास करमचंद गाँधी भी ना था (जिसके नाम पे सरे कांग्रेसी अपनी रोटी आज ताहि सेकन लागरे स।)। दो दिन चले ,अढाई कोस | कितना-ए समझा ल्यो भाई ने पर पर ओ=ए लांडा तीन का | मेरा ते भाई ने लेखन भोत सुधार दिया ,इतना पढता ते इतने दिन में एक डाक्टरेट कर लेना था मन्ने | कई बे भाई के जबाब देन में मन्ने ताती चाह पी के ने होठ भी जला लिए | मन्ने इस्सा लागे स एक एक दिन भाई सलमान खुर्शीद या फेर दिग्विजय सिंह की जगह ले ले गा ,कांग्रेस पार्टी में |---- सद -भावनाओं सहित |

ओह-हो.... काल भूल गया था इब याद आया मानने एक किस्सा। एक बे इस भाई ने, मेरे "Dept. of Common Sense" म admission farm भरे थे, और गेल्या अपने कटड़े का भी farm भरवा दिया था। आज ताहीं तो मानने यो बात लाखो-दबा के राखी थी पर "सद भावनाओ" के साथ बोलने का मौका मिला है तो बता देता हु। अक admission ताहीं तो entrance test होया था, उसमे इसका कटड़ा तो पास हो गया पर यो भोला भाई fail हो गया। कोए ना भाई दुखी होवन की जरुरत ना स, अपने कटड़े धोरे tution पढ़ लिया कर आगले साल तन्ने पक्का पास कर द्यूंगा। चाहे grace नम्ब्रा मे भी grace देनी पड़ज्या मन्ने।


http://www.jatland.com/forums/member.php?5030-desijat

 
Last edited:
संजीव, ये लीतर मारे है अक लत्ते पाडे सै.. अक लीतर मार-मार लत्ते पाडे सै..? ;)
 
और अपने परम मित्र के काण दे दी। तो आज काण दी स [B]"[COLOR=#ff0000]विकास चौधरी" [/B]के
भाई काण के .. तने तो जम्मा लट्ठ दे दिया देसी-जाट के . या तो मस्सा सी उतारेगी इब [/COLOR]:cool:
 
भाई काण के .. तने तो जम्मा लट्ठ दे दिया देसी-जाट के . या तो मस्सा सी उतारेगी इब [/COLOR]:cool:

चूड़ी चढ़ा दी...... हा हा हा हा हा हा हा!!!!!!!!!!!!
 
भाई मन्ने तो काण तारण की-ए कोशिश करी थी।

लत्ते तो मानस के काम पडवायाकरे। भाई थमने वो चुटकुला तो सुन्या-ए होगा। "एक छोरा अपने बाबू धोरे रोमता जा स और कव्हे स अक बाबु मन्ने सब "गोबर गणेश" (असल म तो दूसरा शब्द था, अर वो शब्द इस भाई पे suit भी बत्ती होवे था। पर जगह के हिसाब ते बदलना पड़ग्या, समझ तो थम गए होगे) कह स। त उसका बाबू उस्ते कह स अक बेटा इसमें बाकी बालका गलती कोन्या, तेरे काम कव्हावे स।"

योहे कहाणी इस भाई गेल्या बणरी स।

संजीव, ये लीतर मारे है अक लत्ते पाडे सै.. अक लीतर मार-मार लत्ते पाडे सै..? ;)
 
भाई मन्ने तो काण तारण की-ए कोशिश करी थी।

लत्ते तो मानस के काम पडवायाकरे।

योहे कहाणी इस भाई गेल्या बणरी स।

इस्से-इस्से आंडी हीरे बेरा ना इब्ब ताहीं कित लुक रे थे | काण हो तो इस्सी , ना ते आवे-ए ना |
 
ल्भ्क-लितरा

तो आज काण दी स "रविंदर सुरा " के :-


फोटू ----
ते कती साच्चा स | कोए -कोए बालक चाहे ग्यार रगड़ के फोटू खीन्च्वाले जब भी उह का फोटू बढ़िया आया करे ,यु रविंदर सुरा भी इस्सा-ए स जुकर भी खीन्च्वावे बढ़िया-ए आवेगा |
उद्घोषणा -----
"कर्म हैं जिसका भगवान, कौम वतन पर हैं जो कुर्बान |
पगड़ी का जो रखे मान सच्चे जाट की यह पहचान ||
भाई बात ते साच्ची सें पर दुनिया ते ना मानदी ,आपां आप्पे कह-कह के ने राजी होए रहवां सां | आजकाल के जाट ते काम छोड़ के ने ,वेश्नो देवी ,साईं बाबा अर बेरा ना किः किः की गेल लाग रे सें | वतन पे होयें जाओ कुर्बान ,मरें पाछे भामण- बाणीये जो सरकार चलावें सें, वे मुआवजे के १० लाख भी ५०% रिश्वत ले के ने देवें सें विधवा लुगाई ने ,अर इस्से माणसआँ के यु नशेडी भगवान् पाप भी कोणी लांदा | बाकी बच्यां ने (जा मिले ते) देवर-जेठ -भाई खोश लेवें | आजकाल जट्टां ने पगड़ी बांधनी छोड़ दी ,पिछड़ेपण का प्रतीक मान्ने सें इह ने |
'' न कह सकेगा देव भी, जाट वंश की गौरव कहानी |
प्रेम से जिसने मिटा दी, देश हित में अपनी निसानी || "



जा यो-ए हाल रहया ते , एक दिन साच्ची-मुच्ची जाट वंश की निशानी मिट जानी स | अर भाई देवां ने ना कदे कही अर ना कदे कहवें | देश हित करें जावो,गुलाम बन के | आड़े ते वा-ए बात हो री स :-


अंधी पिस्से ,कुत्ता खावे |

फेर भी जाट की समझ ना आवे |


कदे भामण ,कदे बाणिया भकावे |


आप राज करे ,जाट ने लाम पे मरवावे |


शहीद के नाम पे , आप मुआवजा खा जावे |


हथियार भी पुराणे जंग लागे होड़ दूवावे |


उह में भामण-बाणिया रिश्वत खा जावे |

कार्यकलाप ---- घणा सा ते मन्ने भी ना बेरा अक यु के कर्या करे | आरक्षण आन्दोलन का यु इंटरनेट सिपाही स | चौधरी हवा सिंह सांगवान जी का सारा सौदा यु-ए बणाया करे ,जोड़ तोड़ के ने ,यानी कलम का बादशाह स भाई | सेवा भाव भोत स भाई में , इह के हाथ की रोटी सब्जी भोत सुवाद होया करें .इतनी सेवा कर दे से बन्दे की , अक किहे की घर आली भी ना करे | ओशो का परम भगत स भाई | के बेरा कदे हो अमरीका जा के ने फेर ओशो की ढाल कोए नया पंथ ना खड्या करदे | फोटू एक-तें एक आंडी चेप्प्या करदा जाटलैंड पे ,जणू ते किहे बोल्लीवुड प्रोडूसर धोरे भेजन खातर खीन्च्वाये हों | भाई ने आपणा ब्याहता स्टेटस "पर्फ्येर नोट टू से " आली कटेगरी में गेर राख्या स | इहे चक्क्रां में इह के प्रोफाइल में घणी हिट होई सें (समझ ते तम गए होगे ) अर ज्यां तें-ए भाई का मोबाइल सारी हाण बाजें जाया करदा ,इब्ब कम होर्या स ,क्यूंकि घंखरे कंडीडेटआँ ने बेरा पाट गया अक आड़े दाल कोणी गले | खारे पाणी में दाल तावली सी कोणी गल्या करे | भाई हांस्या भोत कम करे | आपणे आप ने बुधिजीवी की श्रेणी में धकाण के चक्कर में स | शर्माऊ घणा स ,काले च्स्म्याँ बिना किहे कानी लाखावे भी कोणी \ भाई ने फटफटी का भोत शोक स ,बेरा ना कित-कित हंडे जाया करे | इनके गाम का नाइ गाम छोड़ के ने , दुसरे गाम में बस गा था ,क्यूंकि इह की देखंम - देखां , इनके गाम के बालकां ने बाल कटवाने बंद कर दिए थे ,भूखा मरदा और के करदा | जब आरक्षण आन्दोलन ना चाल रया हो ते गुड्गाम्मे में आपणे बड्डे भाई का होक्का ताजा कर के बखत बिताया करे |[I][I][B][B][B][B][B][FONT=Verdana][FONT=Arial][I][I][I][I][I][FONT=Verdana][FONT=Arial][FONT=Tahoma]---- सद -भावनाओं सहित |
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[FONT=\]http://www.jatland.com/forums/member.php?19979-RavinderSura[/FONT]
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