ल्भ्क-लितरा

ल्भ्क-लितरा
भाई साहब , आप काण देण की सुपारी भी लिया करो के ?मने दो चारा के दिवाणी थी आर इतना लिखना मेरे बस की बात से नहीं | पर दियो इस्सी जिस्सी संजीब ने देसी जाट के दी थी :livid:
 
mil baat ke de-denge bhai... naam bata eekbe...

@ ravinderjeet bhaisaab : kiye manas ke dubara kaan de sake sai ke??? :D oon te manne kaan chadhan tahin naya manas deekh liya se... par 1 ki manas hai jiske pehla leetar laag liya par eebe thodi radak-fadak reh ri se... :)

भाई साहब , आप काण देण की सुपारी भी लिया करो के ?मने दो चारा के दिवाणी थी आर इतना लिखना मेरे बस की बात से नहीं | पर दियो इस्सी जिस्सी संजीब ने देसी जाट के दी थी :livid:
 
mil baat ke de-denge bhai... naam bata eekbe...

@ ravinderjeet bhaisaab : kiye manas ke dubara kaan de sake sai ke??? :D oon te manne kaan chadhan tahin naya manas deekh liya se... par 1 ki manas hai jiske pehla leetar laag liya par eebe thodi radak-fadak reh ri se... :)

नए बन्दे के दे ले काण | आछा ना लाग्दा एक ने-ए पदायें जावां ते | मन्ने भी बखत कम से ना ते इब्ब ताहीं कियां के आ लेन्दी | पन्नू पे नाँ बुझ ले यानी सुपारी ले ले काण देण की |
 
ल्भ्क-लितरा

आज काण दी स "सालूराम सियोल " के :-
फोटू ---- ते कती साच्चा स | पर इहने कई बे बदल लिया फोटू ,किहे में ते लोटा लियें बोझड्याँ के गेल ने खड्या दिखेगा ,किहे में घणा बड्डा टिक्का लायें दिखे । इह का टिक्का इह तें भी लाम्बा दिखया करदा | एक बे इह आधा किलो बोझ बध्गा था ते इह-ए ख़ुशी में इहने आपना नया फोटू गलुरे फुला के ने चेप दिया था ।
लोगिन ----
लोग-इन भी साच्चा-ए स | ना भी होगा ते के फरक पड़े स | लुगाई का होंदा ते लोग सक भी करदे ।
उद्घोषणा -----
Garv karo hum hindu hain, बता क्याँ का गर्व कराँ भाम्नां की ते हाम एक मानदे ना ,झुट्ठे लफंगे लोगाँ की गेल क्याँ खातर आपाँ आपणा नाँ जोड़आँ "गर्व तें कहो आपाँ जाट साँ "।

josh se dikhao hum jat hai.....घणा जोश ना दिखाया करें ,होश खू जा गा । ऊँ भी मीडिया आले आपणी गेल लाग रे सें । आर घणा जोश दिखाएँ तें खून में उबाल आज्या गा ।
[FONT=Tahoma, Calibri, Verdana, Geneva, sans-serif]
पहलम ते भाई ने एक और लिख राख्या था "जब राइफल ले के जीप पे .........."। हामने कही मखा रे डट जा 3.3 की ते तेरे पे उट्ठे भी कोणी गी आर तू लिखे इससे-इससे सिग्नेचर स ,जब जा के ने भाई ने यु बदलके ने नया चेप्प्या स । इब्ब बता सोने के जेवर पे टिक-टिक करनीया बन्दूक की गेल आप नि ढह पडेगा ।
कार्यकलाप ---- पहलम ते मन्ने न्यू सोची अक यु सियोल किहे श्रीलंका का ते नहीं स । पर यु भाई बाढ़मेर का स ,बाढ़मेर मै कदे बाढ़ आई हो हामने ते सुण्या कोणी ,मेरे ख्याल मे बिना पाणी के सल्लू भाई जम्मा सूख गा । हाम ने सालूराम का नाम प्यार तें सल्लू धर राख्या स ,बेरा स क्यूँ ? वो एक फिल्मां में भंड़ेला काम कर्या करे माच्णा सा ,सलमान ,वो भी भाई की ढाल जब फिल्मां में आया ते कीकर सिंह था कती ,फेर सुवे गोभ-गोभ के अर कप्सूल खा-खा के ने वट बनाए । भाई सल्लू जब जाटलैंड पे आया ते इह ने भी आंदे -ए एक तागा चलाया "वजन केसे बाधाएं"। वजन बधाण पे आज ताहीं इतणा बड्डा तागा कददे भी नि चाल्या था । अमरीका में तें भी सलाह आई आर आज वो तागा जाटलैंड पे एक रिफ्रेंश का काम करे स । जब भी कोए सुई खायोड़ा भाई जाटलैंड पे आवे ,उहने ऊहे तागे का रिफ्रेनाश दिया कराँ । मन्ने भी भाई ताहीं लोहा खाण कि काही थी मेरी ते बात कती नि मान्नी इहने । पर लुगाइयां की बात जिब्बे मान जाया करदा । इब्ब ते भाई का आधा किलो बोझ बध्गा आर बियाह भी होगा । आजकाल यु पुराणे चुटकले आर कविता जो जाटलैंड पर तें कोपी कर के ने लोगाँ ने फेसबुक पे चेपे थे , उन् ने फेर दुबारा इम्पोर्ट कर के ने जाटलैंड पे चेपन्न लाग्र्या स । नाम जाट का धरर्या स आर काम सुनार का करे स । लोग सुई खा के सुख्या करें ,यु सोना खा के ने सूख गा
|[FONT=Verdana][FONT=Arial][I][I][I][I][I][FONT=Verdana][COLOR=#000000][COLOR=#333333][COLOR=#000000][COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma]---- सद -भावनाओं सहित | [/FONT][/FONT][/FONT][/FONT][/FONT]
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lage raho....

ल्भ्क-लितरा

आज काण दी स "सालूराम सियोल " के :-
फोटू ---- ते कती साच्चा स | पर इहने कई बे बदल लिया फोटू ,किहे में ते लोटा लियें बोझड्याँ के गेल ने खड्या दिखेगा ,किहे में घणा बड्डा टिक्का लायें दिखे । इह का टिक्का इह तें भी लाम्बा दिखया करदा | एक बे इह आधा किलो बोझ बध्गा था ते इह-ए ख़ुशी में इहने आपना नया फोटू गलुरे फुला के ने चेप दिया था ।
लोगिन ----
लोग-इन भी साच्चा-ए स | ना भी होगा ते के फरक पड़े स | लुगाई का होंदा ते लोग सक भी करदे ।
उद्घोषणा -----
Garv karo hum hindu hain, बता क्याँ का गर्व कराँ भाम्नां की ते हाम एक मानदे ना ,झुट्ठे लफंगे लोगाँ की गेल क्याँ खातर आपाँ आपणा नाँ जोड़आँ "गर्व तें कहो आपाँ जाट साँ "।

josh se dikhao hum jat hai.....घणा जोश ना दिखाया करें ,होश खू जा गा । ऊँ भी मीडिया आले आपणी गेल लाग रे सें । आर घणा जोश दिखाएँ तें खून में उबाल आज्या गा ।
[FONT=Tahoma, Calibri, Verdana, Geneva, sans-serif]
पहलम ते भाई ने एक और लिख राख्या था "जब राइफल ले के जीप पे .........."। हामने कही मखा रे डट जा 3.3 की ते तेरे पे उट्ठे भी कोणी गी आर तू लिखे इससे-इससे सिग्नेचर स ,जब जा के ने भाई ने यु बदलके ने नया चेप्प्या स । इब्ब बता सोने के जेवर पे टिक-टिक करनीया बन्दूक की गेल आप नि ढह पडेगा ।
कार्यकलाप ---- पहलम ते मन्ने न्यू सोची अक यु सियोल किहे श्रीलंका का ते नहीं स । पर यु भाई बाढ़मेर का स ,बाढ़मेर मै कदे बाढ़ आई हो हामने ते सुण्या कोणी ,मेरे ख्याल मे बिना पाणी के सल्लू भाई जम्मा सूख गा । हाम ने सालूराम का नाम प्यार तें सल्लू धर राख्या स ,बेरा स क्यूँ ? वो एक फिल्मां में भंड़ेला काम कर्या करे माच्णा सा ,सलमान ,वो भी भाई की ढाल जब फिल्मां में आया ते कीकर सिंह था कती ,फेर सुवे गोभ-गोभ के अर कप्सूल खा-खा के ने वट बनाए । भाई सल्लू जब जाटलैंड पे आया ते इह ने भी आंदे -ए एक तागा चलाया "वजन केसे बाधाएं"। वजन बधाण पे आज ताहीं इतणा बड्डा तागा कददे भी नि चाल्या था । अमरीका में तें भी सलाह आई आर आज वो तागा जाटलैंड पे एक रिफ्रेंश का काम करे स । जब भी कोए सुई खायोड़ा भाई जाटलैंड पे आवे ,उहने ऊहे तागे का रिफ्रेनाश दिया कराँ । मन्ने भी भाई ताहीं लोहा खाण कि काही थी मेरी ते बात कती नि मान्नी इहने । पर लुगाइयां की बात जिब्बे मान जाया करदा । इब्ब ते भाई का आधा किलो बोझ बध्गा आर बियाह भी होगा । आजकाल यु पुराणे चुटकले आर कविता जो जाटलैंड पर तें कोपी कर के ने लोगाँ ने फेसबुक पे चेपे थे , उन् ने फेर दुबारा इम्पोर्ट कर के ने जाटलैंड पे चेपन्न लाग्र्या स । नाम जाट का धरर्या स आर काम सुनार का करे स । लोग सुई खा के सुख्या करें ,यु सोना खा के ने सूख गा
|[COLOR=#000000][FONT=Verdana][FONT=Arial][I][I][I][I][I][FONT=Verdana][COLOR=#000000][COLOR=#333333][COLOR=#000000][COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma]---- सद -भावनाओं सहित | [/FONT][/FONT][/FONT][/FONT][/FONT]
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Dil se dhanyawad ravinderji.... ...... "LAGE RAHO RAVINDERBHAI"
Apna IQ leval use karte raho...
 
Last edited:
किह के दायाँ भाई कान्न ,सारे पुराने पापी सैं ,कोये नया करेक्टर आंदा-ए कोन्या इब्ब अड़े |
 
ल्भ्क-लितरा


आज काण दी स "फ़तेह सिंह खरब " के :-
फोटू ---- आज ताहीं ते कदे देख्या नि स । पर कर्नल साब होण के कारण हामने इनकी इमेज इस्सी बणा ली स मन में अक कोए लाम्बा ठाड़ा दबंग सा माणस काटो की पुन्झड जीसी मुन्छ्या आल़ा होगा।
लोगिन ---- लोग-इन भी साच्चा-ए स | ऊँ भी इह उम्र के लोग लुगाई झुठ्ठा लॉग- इन कम-अ-ए बणाया करें,भुंडी साईटआँ नु छोड़ के ।
उद्घोषणा ----- किम्मे भी कोणी । मेरे ख्याल में न्यू होणा चाहिए था "आंडी जाट ,सब की खड़ी कर दे खाट"।


कार्यकलाप ----हाम प्यार तें ताऊ जी ने "फत्ते अंकल" कह्या कराँ कार्यकलाप ते घणे सारे करे जावे स । पर घणा छोला सा माणस स । इमानदार ते कति कसुता स ,मिसाल देवन जोग्गा । पर आपणी-आपणी कहनियाँ स ,आगले की कदे सुणे कोणी , ज्यां तें किहे माणस नु गेल्याँ बाँध के कोणी राख सकदा ,जमा कति फोजी स । म्हारे ते काका बाबू बर्गा से जब्ब भी मेरी गेल्याँ खामखाँ सींग फंसाए , में ते जाटलैंड छोड़ के ने जांदा रहया । आर में ते न्यू आया करदा जाटलैंड पे जणू कोए बालक पहलम गाल की कुण पे खड्या हो के पाड़ने कुत्ते ने देख्या करे । जा दीख जा ते उलटा-ए भाज जावे । आज ताहीं फत्ते अंकल ने वि.पि. जी आर उर्मिला दूहन छोड़ के ने सब के सींगड़ बीठाये स । बाकी सब ते भाज जाया करदे पर एक भाई स सत्ते(सतिंदर सिंह गोयत )वो जरुर चौसँग ले के ने गेल लाग लिया करदा फत्ते अंकल के । मेरे बीचार में जब ते फत्ते अंकल की हालत इस्सी हो जाया करदी ज्युकर कुत्ता ओपरी गाल मांह के पुन्झड दाब के ने लिकड़या करे । ऊँ ते साड़ी उम्र फत्ते अंकल ने झंडे गाड़े सें ,क्यूंकि इनके नाम में-ए फतह (विजय)स ,ते फत्ते अंकल समाज के पुरोधा रहे सें । बकील सें ते बक्कल ते तारण में माहिर रहे सें । खरब खाप के अध्यक्ष रहे सें । पर कुंसी खरब खाप इब्ब इनके याद कोणी । एक बे एक छोरी ने इनपे बुझ ली थी अक अंकल जी आप की खाप कित स बताओ ?,ते उह छोरी ताहीं जबाब देना ते दूर ,निरे श्राप दे दिए थे अक जा तेरे ब्याह में आंधी आवे ,तेरी ब्याहली की कार राह में पंचर हो जावे अर तेरे काणा लोग आवे , तेरे दुस्सर के लात्त्याँ में काग बींट कर जावे ,आदि-आदि । बड़ोदा में कोए सिकुरिति एजेंसी चलाया करें ,ज्युकर घनखरे फोजी अफसर रिटायर होए पाछे कर्या करें । पर बेरा ना इन् धोरे भइये स्क्युरिति स्टाफ क्यूकर रह जावें सें ।ये एक बे गाम के सरपंच भी बाणे थे ,पर गाम की राजनीति इनके समझ में आई इतने ते गाम आल्याँ ने इनका घनचक्कर बणा दिया ।पहलम गाम आले आई बरियाँ इस्से-ए फोजी टोहया करदे , अक कुण रिटायर हो के आवे स ,फेर उहने खुब्ब चुस्स्या करदे ,इब्ब ते फोजी श्याने होगे ताव्ले से फंस्दे कोणी ।ये एनिमल वेलफेयर बोर्ड आफ इंडिया के भी मेंबर रहे सें ,मानसं का वेलफेयर देखना कोए जरुरी ना समझा इन् ने । ना ते भाई नवीन गुलिया की ढाल ये भी ते कर सके थे । इनके गाम का नाम स टोबरा । एक बे ते में न्यू सोचा अक वो मंटो की कहानी आल़ा गाम ते नहीं स " टोबा टेक सिंह " । पर मेरे न्यू समझ में ना आई अक बड़ोदा में एजेंसी अर गाम में नम्बरदारी क्यूकर चलावे से । किम्मे भी कह ल्यो पर जाटलैंड तें भोत प्यार स , सर जी ने ,आये हफ्ते जाटलैंड तें इस्तीफा दे दिया करदे , पर २४ घंटे में उलटे आ लिया करदे । के करे , आपणे ते आपणे होवें सें ,आप्न्या बिना के जी लग्गे से ।
|---- सद -भावनाओं सहित |


http://www.jatland.com/forums/member.php?18627-Fateh
 
3 साल पाछै यो तागा पढ़ के इसा लोटपोट होया.... साथ बैठे ऑफिस आले भी देखँ एक के होया इसके

माणसा का इसा बक्कल शायद ऐ कित्ते उतरया होगया जिसा आड़े तार राख्या स....ये थे जाटलैंड के सुनहरे दिन
 
3 साल पाछै यो तागा पढ़ के इसा लोटपोट होया.... साथ बैठे ऑफिस आले भी देखँ एक के होया इसके

माणसा का इसा बक्कल शायद ऐ कित्ते उतरया होगया जिसा आड़े तार राख्या स....ये थे जाटलैंड के सुनहरे दिन
यू सही चीज़ खोद कै कैड्ढी। घणा सुवाद ऐ ग्या। करडा पोस्टमार्टम हो रख्या माणसो का। जो इब लोक बचे बैठ्ठे वो तो राम जी ने गुण गाण लघ रहे होंगे।
 
यू सही चीज़ खोद कै कैड्ढी। घणा सुवाद ऐ ग्या। करडा पोस्टमार्टम हो रख्या माणसो का। जो इब लोक बचे बैठ्ठे वो तो राम जी ने गुण गाण लघ रहे होंगे।

Albaadi balkaa ke kisse padh bhai. Yu taaga to ooh aage paani maange se
 
3 साल पाछै यो तागा पढ़ के इसा लोटपोट होया.... साथ बैठे ऑफिस आले भी देखँ एक के होया इसके

माणसा का इसा बक्कल शायद ऐ कित्ते उतरया होगया जिसा आड़े तार राख्या स....ये थे जाटलैंड के सुनहरे दिन

really funny stuff brother. unfortunately poster has discontinued his posts on this website. he must be invited to revive this dead website.
 
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