rajpaldular
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समय, सत्ता, संपत्ति एवँ शरीर चाहे साथ दे ना दे, परन्तु स्वभाव, समझदारी, सत्संग तथा सच्चे संबंध सदैव साथ देते हैं।
स्त्री वो होती है जो रिश्तों से इतना जुड़ी होती है कि कभी स्वयँ से नहीं जुड़ पाती।
ये बात सुविचार तो नही हो सकती...
किसी पुरुष के साथ सुख पूर्वक रहने के लिए उसे बहुत समझें और थोड़ा प्यार करें।
किसी स्त्री के साथ सुख पूर्वक रहने के लिए उसे ढेर सारा प्यार करें परन्तु समझने/समझाने की चेष्टा कदापि ना करें।
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महिलाओं के प्रति आप पक्षपाती विचारधारा रखते हैं। स्त्री पुरुष का संबंध आप कांग्रेस बीजेपी का संबंध क्यूँ बना देते हैं???.
नहीं नहीं ! सुविचार में कोई राजनीति नहीं. ये प्राचीन समय में हमारे ऋषि-मुनियों की कही हुई बातें हैं.
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