Shayari (Part 2)

[FONT=&quot]सितारे ये ख़बर लाए कि अब वो भी परेशाँ हैं [/FONT]
[FONT=&quot]सुना है उन को नींद आती नहीं, मैं कैसे सो जाऊँ![/FONT]
 
[FONT=&quot]सितारे ये ख़बर लाए कि अब वो भी परेशाँ हैं [/FONT]
[FONT=&quot]सुना है उन को नींद आती नहीं, मैं कैसे सो जाऊँ![/FONT]

Phoolon ka taaron ka, sabka kahna hai
Ek hazaron mein meri bahna hai :moon:
 
सितारे ये ख़बर लाए कि अब वो भी परेशाँ हैं
सुना है उन को नींद आती नहीं, मैं कैसे सो जाऊँ!

सो गयी है वो ये खबर अब चाँद से है
दुनिया को नजर अब चंद्रयान पे है
 
रोशन भी तब हुए जब जला दिए गए
सलिखे से हम मिटा दिए गए
 
सिमटते जा रहें हैं दिल और जज्बात के रिश्ते |
सौदा करने में जो माहिर है बस वही धनवान है ||

धन के लिए किये सौदे टिकते नहीं है
रिश्तो का क्या है ये बनते बिगड़ते है
 
इस जहाँ में कब किसी का दर्द अपनाते है लोग
रुख़ हवा का देखकर अक्सर बादल जाते है लोग.....
रुख सुर्ख हवा का देख बदल जाना दस्तूर पुराना है
दूसरा बदले तो दर्द खुद बदले तो नया जमाना है
 
में जो महसूस करूँ वो जाता नहीं पाता,
अक्सर देर कर देता हूँ बता नहीं पाता!
 
कोई बात नहीं ......

में जो महसूस करूँ वो जाता नहीं पाता,
अक्सर देर कर देता हूँ बता नहीं पाता!

अपनों पर कभी हक़ जताये नहीं जाते
परेशानियों के हालात बताये नहीं जाते
जी तो चाहता है दिल चीर के दिखा दूँ
पर दिल में रहने वाले दिखाये नहीं जाते
 
तेरे बिना भी जिंदगी गुज़र ही जाएगी |
खुद को मिटा के तेरी आरजू कौन करे ||
 
Benaam se rishte ko nibha jao kisi din,,,
JO mil jaye kabhi fursat to paas aao kisi din,,,
Milta hai sabhi kuch sabhi ko ye suna hai,,,
Mujh ko to faqat tum hi mil jao kisi din,,,
Barson se ye dil mera khali hi pada hai,,,
Tum apne naam ka diya hi jala jao kisi din,,,
Barson ki mohabbat ko kis tarah bhulate hain,,,
Mujh ko bhi hunar aisa sikha jao kisi din,,,
Muqaddar main jona likha hai na milega kabhi,,,
Fursat mile to dil ko ye samja jao kisi din...
 
खूब हौसला बढ़ाया आँधियों ने धूल का,
मगर दो बूँद बारिश ने औकात बता दी।
 
आईना फैला रहा है खुदफरेबी का ये मर्ज,
हर किसी से कह रहा है आप सा कोई नहीं।
 
Chaand nikla tha magar raat na thi pahli sii,,,
Ye mulakat mulakat na thi pahli sii,,,
Ranj kuch kam to hua aaj tere milne se,,,
Ye alag baat ki vo baat na thi pahle sii...
 
Kar ke wada wafa ka wo mukar gaya,,,
Ek chote se toofan se wo kitna dar gaya,,,
Pata nahin koi majboori thi shayad uski,,,
Yaa fir is khilone se bhi uska dil bhar gaya...


 
Jiski Karen Shikayat, na wo apna
jisko karen shikayat, na wo apna
chorkar sare gile shikve,
aa jaam laga apna

kahte hai uske ghar der hai, andher nahi
kuch bhi nahi, bas khyal hai apna apna

marta hai to mar jaye koi teri bala se,
seene me hai sabke, zakhm apna apna

karhate karhate safar katna hai bahut mushkil
dhuwen me udata chal sab ranjo gham aapna
 
Last edited:
होंटों पे मोहब्बत के फ़साने नहीं आते |
साहिल पे समुंदर के ख़ज़ाने नहीं आते ||


पलकें भी चमक उठती हैं सोने में हमारी |
आँखों को अभी ख़्वाब छुपाने नहीं आते ||


दिल उजड़ी हुई एक सराए की तरह है |
अब लोग यहाँ रात जगाने नहीं आते ||


यारो नए मौसम ने ये एहसान किए हैं |
अब याद मुझे दर्द पुराने नहीं आते ||


उड़ने दो परिंदों को अभी शोख़ हवा में |
फिर लौट के बचपन के ज़माने नहीं आते ||


इस शहर के बादल तेरी ज़ुल्फ़ों की तरह हैं |
ये आग लगाते हैं बुझाने नहीं आते ||


अहबाब भी ग़ैरों की अदा सीख गए हैं |
आते हैं मगर दिल को दुखाने नहीं आते ||
 
अभी मशरूफ हूँ काफी, कभी फुरसत से सोचूंगा |
कि तुझको याद रखने में, मैं क्या क्या भूल जाता हूँ ||
 
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