Recent content by sivach

  1. S

    Shayri (Continued)

    मुझे मालूम है गुरबत अभी बनने नहीं देगी बना के रोज़ लेकिन घर का नक्शा देखता हूँ |
  2. S

    Shayri (Continued)

    इस नज्म के लेखक है निदा फाजली
  3. S

    C for Congress, C for Corruption, C for Communalism and C for Crime

    देसी ने तो जी सा आ रा | रूपये की कीमत जितनी घटे देसी की आमदनी तो उतनी ही बढे | इब देसी क्यूँ चाहेगा अपनी आमदनी घटानी ?
  4. S

    I don't see problems

    वैसे तो जिसने कुछ सामाजिक उत्थान का काम करना हो उसे सलाह की जरुरत कोन्या क्योकि हमारे इर्द गिर्द हजारों समस्या मौजूद है अपनी सामर्थ्य के मुबातिक कुछ भी किया जा सकता है | जैसे कि आप दिल्ली में रहते है और यहाँ हर कॉलोनी में construction workers के बच्चे सारा दिन इधर उधर घुमते है उन्हें कुछ सिखाया...
  5. S

    15 अगस्त 2013 के अवसर पर

    Uniform civil code के लागू ना होने का कारण धार्मिक से ज्यादा राजनैतिक है | वोटो की राजनीती की वजह से कुछ लोगो ने हव्वा खड़ा किया हुआ है | किसी के मानवीय अधिकारों की अवहेलना धर्म के आधार पर कैसे की जा सकती है| एक महिला, महिला है चाहे वो किसी भी धर्म से सम्बन्ध रखती हो और यदि किसी धर्म की खामियों...
  6. S

    Haryana too asks Sikhs Farmers to leave

    अभीक भाई, आप ने जो कहा उससे पूर्णतः सहमत हूँ | जब से देश में आर्थिक उदारीकरण का दौर शुरू हुआ तब से बड़े बड़े बुद्धिजीवी सिर्फ औद्योगीकरण वकालत करते नज़र आते है | देश की दो तिहाई जनता की जीविका खेती और उससे जुड़े काम धंधो से चलती है लेकिन उसकी वकालत करने वाले गिने चुने ही लोग है और उनमे से भी शायद...
  7. S

    Haryana too asks Sikhs Farmers to leave

    Cultivable land continues to shrink NEW DELHI: Cultivable land in India continues to shrink. It may not pose an immediate problem for the nation's food security but its long-term effect could be disastrous with the country needing more and more foodgrains to support its growing population...
  8. S

    faishon se bigdata hamara samaaj

    वीपी जी, आप सही कह रहे है आदर्शवाद और व्यवहारिकता में फर्क होता है| लेकिन मैंने आदर्शवाद की बात तो की ही नहीं | पहली पंक्ति में ही मैंने कहा है कि फैशन / पहनावा समकालीन है| देशी भाषा में जैसा देश वैसा भेष | मेरी पोस्ट का केन्द्र बिन्दु सिर्फ इतना सा है फैशन या पहनावे को समाज के बिगड़ने का दोष...
  9. S

    15 अगस्त 2013 के अवसर पर

    समान नागरिक अधिकार (Uniform Civil Code) लागू होने से किस तरह से किसी धर्म विशेष के साथ भेदभाव हो जायेगा समझ से परे है| आज तक इसकी मुखालफत करने वाले किसी भी बुद्धिजीवी ने तथ्यों और तर्कों के साथ वे कारण नहीं बताये | सिर्फ धर्मनिरपेक्षता का ढिंढोरा पीटने से मुद्दा खतम नहीं होगा | यदि कुछ लोग...
  10. S

    faishon se bigdata hamara samaaj

    फैशन / पहनावा तो समकालीन है, मनुष्य की विकास यात्रा के साथ बदलता रहता है | समाज के बिगड़ने का कारण फैशन को बताना बिलकुल वैसा है जैसा पैर में चोट लंगने पर आँख में दवाई डालना | चरित्रिक पतन का पहनावे से कोई भी सम्बन्ध नहीं, यदि होता तो मुस्लिम देशो में जहाँ औरते बुरका पहनकर ही बाहर निकलती वहाँ...
  11. S

    पाकिस्तान के सात अक्षर !!!!!!

    ये देश की विडम्बना है धर्म के नाम पर देश का बंटवारा करने वाली कांग्रेस पार्टी ने धर्मनिरपेक्षता का लबादा ओढ़ रखा है और जनता गीदड की खाल में छिपे इस भेडिये को पहचान नहीं पा रही है |
  12. S

    Best wishes on Independence Day and Raksha Bandhan

    वर्तमान समय की विकट सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक परिस्तिथियों को देखते हुए हम सबको स्वतन्त्रता दिवस पर शहीदों की कल्पना स्वरूप स्वतंत्र भारत बनाने के लिये संकल्प लेना होगा तथा अपना सहयोग देना होगा और जिस दिन उस भारत का निर्माण कर लेंगे तभी हम सही मायनो में बधाइयों के पात्र होंगे | स्वतन्त्रता...
  13. S

    Pakistan election 2013 Women candidates

    उर्मिला जी, सही बताया आपने, वास्तविक स्तिथि तो ये ही है| दो योजना पहले म्हारे गाँव में भी प्रधानी महिला आरक्षित सीट थी और वो तो बस नाम की ही ग्राम प्रधान थी | पर्दा प्रथा की वजह से गाँव की औरतो का सामजिक और राजनैतिक मुद्दों में दखल ना के बराबर है | जब तक पर्दा प्रथा रहेगी हमारे समाज में औरते...
  14. S

    Shayri (Continued)

    ऐसा बदला हूँ तेरे शहर का पानी पीकर, झूठ बोलूँ तो नदामत नहीं होती मुझ को | नदामत = शर्म
  15. S

    Shayri (Continued)

    हम बचाते रहे दीमकों से घर अपना.. और चंद कुर्सी के कीड़े पूरा मुल्क खा गए.. !!
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