अगर मजबूरी का नाम महात्मा गाँधी है तो :
भ्रष्टाचार का नाम सोनिया गाँधी है
बेवकूफी का नाम राहुल गाँधी है
खामोशी का नाम मनमोहन सिंह है
बकवास का नाम दिग्विजय है
गद्दारी का नाम कपिल सिब्बल है
चापलूसी का नाम सलमान खुर्शिद है
बेशर्मी का नाम एन डी तिवारी और अभिषेक मनु संघवी है
बर्बादी का नाम सुशील कुमार शिंदे है
और घोटाले का नाम कांग्रेस है
आपका क्या कहना है ???
आप भी कुछ जोड दीजिये..