सुंडू का टम्पू
सुंडू सवारी ढोण खातर नया-नया टेम्पू ल्याया । उसनै दिन-रात टैंपू ए टैंपू दीखण लाग-गे । एक रात न वो नींद म बोलण लाग-ग्या : आ ज्याओ भाई आ ज्याओ, टैंपू चाल्लै सै, तोले से आ-ज्याओ,,, या बात सुण कै उसकी बहू बोली: "के बात हो-गी जी, आज न्यूं क्यूकर बोलो सो?" सुंडू नींद मैं ए बोल्या ...
युवराज-योगराज और धन्नो की कीमत सुन, उड़ जाए&am
जींद. हिसार के सिंघवा खास निवासी मास्टर होशियार सिंह की धन्नों की कीमत लग्जरी गाड़ियों के बराबर है। होशियार सिंह के मुताबिक धन्नों की कीमत अब तक 15 लाख रुपए तक लग चुकी है, लेकिन वे इसे बेचना नहीं चाहते।धन्नों अब तक साढ़े चार लाख रुपए के इनाम जीत...
उसे यह फ़िक्र है हरदम,
नया तर्जे-जफ़ा क्या है?
हमें यह शौक देखें,
सितम की इंतहा क्या है?
दहर से क्यों खफ़ा रहे,
चर्ख का क्यों गिला करें,
सारा जहाँ अदू सही,
आओ मुकाबला करें।
कोई दम का मेहमान हूँ,
ए-अहले-महफ़िल,
चरागे सहर हूँ,
बुझा चाहता हूँ।
मेरी हवाओं में रहेगी,
ख़यालों की बिजली,
यह...
सर फ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है।
करता नहीं क्यूं दूसरा कुछ बात चीत
देखता हूं मैं जिसे वो चुप तिरी मेहफ़िल में है।
ऐ शहीदे-मुल्को-मिल्लत मैं तेरे ऊपर निसार
अब तेरी हिम्मत का चर्चा ग़ैर की महफ़िल में है।
वक़्त आने दे बता देंगे तुझे ऐ आसमाँ
हम...
ज़मींदारां के बालक
ज़मींदारां के बालक रोड़वेज की बसां नै तोड़ दिये
कुछ लटकग्ये, कुछ चढ़ग्ये, कुछ राह मैं छोड़ दिये
नहा-धो कै तैयार होए, पट्ठयां पै तेल ला लिया
नये बूट अर नया कुरता, सारा फ़ैशन सजा लिया
कंघा ल्याया, बटुआ ल्याया, गेल्यां एक फूल ल्याया
अड्डै पैआके न्यूं बोल्या, ओहले किताब तो भूल...
असली हीरो
... शहर में लॉग रहया मेलॉ,
लोगाँ का कट्ठा होरया रेला
मैं अर छोरा दोनूँ मिलकै
पहुँचगे उड़ै ले कै झोलॉ
छोरा बोल्या, बाबू मिजी ल्यूँगा
खावण ख़ातर चीजी ल्यूँगा
खूब खाया, फेर ध्यान घुमाया
एक आदमी गुड्डे बेचता पाया
छोरे नैं सिपाही का गुड्डा ठाया
दुकानदार भी था घणा हुमाया
बोल्या, यू चाबी का...
ऋतू जी ,
पार्टीसन की बात स म्हारा पडोसी गाम स एक लुहारी (लोहारी राघो) , उस म मुस्लमान घने थे,आर जाते जाते मुस्लिम्स न माहरे गाम प चढाई कर दी,माहरे गाम का एक आदमी (आड़े नाम लेना ठीक कोणी) अपनी घर आली न लेके भाजन लागया आर उसकी घर आल्ली बोल्यी धोली (धोली उनकी छोरी का नाम था) तो रह गी उस न भी ले...
एक ताऊ घुंटी लिया करदा आर वा भी उधार प , पिलसन आया करदी जब हिसाब किताब करया करदा , तो एक ब उसकी पिलसन बांडनिया खा गया ,इब्ब ताऊ न दारू चाहिए जरुर , ठेके प पहुँच गया, ठेके प कारिन्दा बोल्या ''ताऊ आज दारू कोणी पहल्या अपना हिसाब कर'' , ताऊ न सोच्या यु बाते लाना पड़ेगा अर फेर प्यावेगा, ताऊ फेर...
भाई साब गामा म ट्रेक्टर ट्राली प ये क्लासिक अक्सर लिखे मिलते ह,,,
'' खेतों की कलि भर के चली''
'' बुरी नज़र आल्ले तेरा मुह काला ''
'' खेतों म किसान सीमा पर जवान''
'' दब के बाह ते रज के खा''
'' या तो न्युए चालेगी ''