एक धडी चावल !

jsrana

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पुराणी बात स उस ज़माने में बूरा चावल भी एक ख़ास डिश होया करदी अर म्हारे इलाके में धान ना बोया करदे ! अर लोग भी कसूते खावानिया हुया करदे !


दिवाली अवाण ने हो री थी, इन्ह दिना की बात ! म्हारे गाम त पूरण खरखोदे जा !
उस के बाबू जगमल ने उस ताहि दस रपये दिए,अर बोल्या
- र पूरण खरखोदे जा स त पह सर ( ५ सेर ) चावल लेता आईये !
पूरण प कई ब सामान ल्यावान्न में गड़बड़ हो ली थी इस ताहि पक्का करण खातर बुझण लगया -
- बाबू चावल एक धडी ( ५ सेर) ल्याने स ना ?
जगमल बोल्या - तू भी भाई बावला सा , अर मेरे यार एक धडी ते मैय ना खा जांगा तू पह सर ले क आईये !!!!!!
 
हा हा हा हा
छोरा ते छोरा
बाबू कती नाश

राम राम भाई रविंदर |भाई पहलम इसेये मानस होया करदे | एक धडी लाडू खानिया त म्हारे बचपन के जमने ताही थे |
 
1 killo tai faltu laaddu tho mraa mamma ibb bhi khaa jyaa hai ! (32 laddu byaa aale)

थारा के भाई जीतू ,तम ते सारी हाण कढाई धोरे बेठे रहो सो | ताता -ताता बनांदी हाण गेल की गेल खाएं जाओ | के गिणती करणी |
 
थारा के भाई जीतू ,तम ते सारी हाण कढाई धोरे बेठे रहो सो | ताता -ताता बनांदी हाण गेल की गेल खाएं जाओ | के गिणती करणी |

main tho aake liye "tu " hi hoon bhai saab.

kitt tai seekh liye ye "थारा" aale ootpane.
 
राम राम भाई रविंदर |भाई पहलम इसेये मानस होया करदे | एक धडी लाडू खानिया त म्हारे बचपन के जमने ताही थे |

खान प् एक बात याद आ गी - मेरी माँ आर बुआ नए आधी रात का बरत राख राख्य था (जन्माष्टमी आला). मेरा दादा जींद तह घेवर ले आया बरत के नाम का. आधी रात पाछै सब नए बाँट बाँट के घेवर ले लिया आर थोडा सा बच गया जो दादी नए छीके पे धर दीया ( कीड़ी न चद्धें). आगले दिन, दादा नए छीके तह घेवर तार लिया आर अकेला खान लाग राया था - दादी नए देख लिया आर बोली बाँट के खा लेंता - दादा छो म आ गया - बोल्या - खसम्खानी- एक खावै तह कयम लागे भी!!!
 
खान प् एक बात याद आ गी - मेरी माँ आर बुआ नए आधी रात का बरत राख राख्य था (जन्माष्टमी आला). मेरा दादा जींद तह घेवर ले आया बरत के नाम का. आधी रात पाछै सब नए बाँट बाँट के घेवर ले लिया आर थोडा सा बच गया जो दादी नए छीके पे धर दीया ( कीड़ी न चद्धें). आगले दिन, दादा नए छीके तह घेवर तार लिया आर अकेला खान लाग राया था - दादी नए देख लिया आर बोली बाँट के खा लेंता - दादा छो म आ गया - बोल्या - खसम्खानी- एक खावै तह कयम लागे भी!!!

ठीक कहो सो उर्मिला जी | पहलम के बंद्यां की सोच इसिये थी |

फ़ौज में म्हारा एक दोस्त होया करदा जय सिंह | वो घनी रोटी खाया करदा (१५-२०) | हम कई ब उस ताहि कहंदे अक र जय सिंह
क्यूं नाज का नास करे स | वो नूं कहंदा के घना नाज खाए ते घनी ताकत आवे स आर आंकल झोटे भी ता नाज खा खा कए ना
इतने तगड़े रहवें स |


नूं और बता दूँ अक जय सिंह कोए भोत तगड़ा ना था पर अप अप नी सोच ....
 
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घणे साल पहल्यां की बात । गर्मियां के दिन थे, एक गंठे बेचण आळा गाम में आया, रूके मारण लाग्या - गंठे ले ल्यो, एक रुपय्ये सेर ।

न्यूं सुण कै एक ताई ताऊ तैं बोली - "जा, गंठे ले आ । ईब्बै तै एक रुपय्ये सेर मिल्लैं सैं । आग्गै-सी तै पांच रुपय्ये धड़ी* मिल्लैंगे !"


*धड़ी = पांच सेर

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घणे साल पहल्यां की बात । गर्मियां के दिन थे, एक गंठे बेचण आळा गाम में आया, रूके मारण लाग्या - गंठे ले ल्यो, एक रुपय्ये सेर ।

न्यूं सुण कै एक ताई ताऊ तैं बोली - "जा, गंठे ले आ । ईब्बै तै एक रुपय्ये सेर मिल्लैं सैं । आग्गै-सी तै पांच रुपय्ये धड़ी* मिल्लैंगे !"


*धड़ी = पांच सेर

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हा हा हा , ताई ने त आप्न्नी जाण में खूब सयानी बात कही थी देसवाल साहब |
 
1 killo tai faltu laaddu tho mraa mamma ibb bhi khaa jyaa hai ! (32 laddu byaa aale)

bhai teri is baat pe ek aslii kissa yaad aagya.......
ek bar main apni bua k gaam jara tha meham.
unke kunbe me tha ek marial sa ( 4-5 din pehle uska operation hoya tha aur doctor ne mana kri thi kuch b chickna khan ne).
kise k byah (shadi) tha pados me to nayota aagya unke.
uska chora bola babu main chala jaunga jimman tu aaram kr le bimar b hora h tu.
vo chut ta e bola chup chap ghar me baitha reh kyu nayote ne kharab kre se tu to 2 ladoo kha k uth lega, main e jau su taki nyote ki izzat si bani reh.....
 
bhai teri is baat pe ek aslii kissa yaad aagya.......
ek bar main apni bua k gaam jara tha meham.
unke kunbe me tha ek marial sa ( 4-5 din pehle uska operation hoya tha aur doctor ne mana kri thi kuch b chickna khan ne).
kise k byah (shadi) tha pados me to nayota aagya unke.
uska chora bola babu main chala jaunga jimman tu aaram kr le bimar b hora h tu.
vo chut ta e bola chup chap ghar me baitha reh kyu nayote ne kharab kre se tu to 2 ladoo kha k uth lega, main e jau su taki nyote ki izzat si bani reh.....


पुराने माणस घणे खावनिया हुआ करदे . म्हारे गाम में एक बूढ़ा था नाम तो याद कोणी अपने ज़माने का पहलवान कत्ती ६.५ फूटा, बुढ़ापे में भी वही तेवर , उनकी गाल का घंड़ोंचा ख़राब होगया , तो तै ये हुआ की बांच कर के इस्सने बनवा लेगे , बुग्गी वाला का एक रेट , ट्रक्टर वाला का और बत्ती, बांच कठि कर ली और घंड़ोंचा भी बनगया, यु ताऊ उसका खंजाची था या किम्मे भी मान लो , उनकी गाल म एक बानिये की दुकान भी थी , ताऊ ने उसका भी धयान आ गया की इसका भी सौदे आला तांगा आया ही रह , इसते भी कुछ लो और बानिये धोरे पहुँच गया . कर दिया तकादा , बनिया बोला कोई बात नि लम्बरदार म भी दे दूंगा , कई दिन होगे एक आध बार टोक्या भी उस बनिए को ताऊ ने , पर बानिये ने पिस्से कोणी दिए , कह दे की लम्बरदार म कोनसा भाजा जा रहा हूँ दे दूंगा , कई दिन पाछे ताऊ, बनिए के बार आग्गे ने आवे था उस दिन बानिये का सिम्धी आया हुआ था और रोटिया का टेम हो रहा था , बनिए को कहना पड़ा की चौधरी साहब रोटी खा लो , ताऊ बोल्या की हां मेहमान की राजी खुसी भी पूछ लेंगे और आज २ रोटी मेहमान गेल्या ही खा लेंगे , इब्ब ताऊ बैठ गया और हलवा आगया पहलम म और बान्न्नी ने जतेक हलवा बना राख्या था सारा लपेट लिया , बनिया भी सरम क मारे कुछ नि बोल्या, फेर बाकि चिज्या पे सुथरा हाथ फेरा और हाथ धो के चलन लगया , बानिये ने हांक मारी की चौधरी सुनो वा अपनी घंड़ोचे वाली बांच लेते जाओ , ताऊ बोल्या ना कोई बात ना है दे दिए जिब बोंत बनेगा , लाला बोल्या ना चौधरी साहब इस बांच ने आज लेते ही जाओ --------------- (दुबारा नि औट्टी जा या )
 
पुराने माणस घणे खावनिया हुआ करदे . म्हारे गाम में एक बूढ़ा था नाम तो याद कोणी अपने ज़माने का पहलवान कत्ती ६.५ फूटा, बुढ़ापे में भी वही तेवर , उनकी गाल का घंड़ोंचा ख़राब होगया , तो तै ये हुआ की बांच कर के इस्सने बनवा लेगे , बुग्गी वाला का एक रेट , ट्रक्टर वाला का और बत्ती, बांच कठि कर ली और घंड़ोंचा भी बनगया, यु ताऊ उसका खंजाची था या किम्मे भी मान लो , उनकी गाल म एक बानिये की दुकान भी थी , ताऊ ने उसका भी धयान आ गया की इसका भी सौदे आला तांगा आया ही रह , इसते भी कुछ लो और बानिये धोरे पहुँच गया . कर दिया तकादा , बनिया बोला कोई बात नि लम्बरदार म भी दे दूंगा , कई दिन होगे एक आध बार टोक्या भी उस बनिए को ताऊ ने , पर बानिये ने पिस्से कोणी दिए , कह दे की लम्बरदार म कोनसा भाजा जा रहा हूँ दे दूंगा , कई दिन पाछे ताऊ, बनिए के बार आग्गे ने आवे था उस दिन बानिये का सिम्धी आया हुआ था और रोटिया का टेम हो रहा था , बनिए को कहना पड़ा की चौधरी साहब रोटी खा लो , ताऊ बोल्या की हां मेहमान की राजी खुसी भी पूछ लेंगे और आज २ रोटी मेहमान गेल्या ही खा लेंगे , इब्ब ताऊ बैठ गया और हलवा आगया पहलम म और बान्न्नी ने जतेक हलवा बना राख्या था सारा लपेट लिया , बनिया भी सरम क मारे कुछ नि बोल्या, फेर बाकि चिज्या पे सुथरा हाथ फेरा और हाथ धो के चलन लगया , बानिये ने हांक मारी की चौधरी सुनो वा अपनी घंड़ोचे वाली बांच लेते जाओ , ताऊ बोल्या ना कोई बात ना है दे दिए जिब बोंत बनेगा , लाला बोल्या ना चौधरी साहब इस बांच ने आज लेते ही जाओ --------------- (दुबारा नि औट्टी जा या )


हा हा हा ...भाई सही कह रहे सो बाल्यान साहब, पर वे लोग शारीरिक मेहनत करा करदे और हजम भी कर जाया करदे |
 
After reading all these, it is correct that earlier elder people were eating so much due to their hard work in the fields with kassi, kasola and hal (plough) etc., now a days there is such no type of work and one thing is proved that hard work demands sweet and who is not doing hard work will demand salted(namkeen). You can see that the person living in the cities like much namkeen and the person living in villages and doing hard work like sweet.
 
Last edited:
After reading all these, it is correct that earlier elder people were eating so much due to their hard work in the fields with kassi, kasola and hal (plough) etc., now a days there is such no type of work and one thing is proved that hard work demands sweet and who is not doing hard work will demand salted(namkeen). You can see that the person living in the cities like much namkeen and the person living in villages and doing hard work like sweet.

Ohho.................... Guruji aap kathe biraaaj rya haa atta din.
Mhane to tha e koni ho e baat ko.....
ghani aachhi baat batayeee baap ji aapne to.

Jai Gurudev ....................
 
bhai teri is baat pe ek aslii kissa yaad aagya.......
ek bar main apni bua k gaam jara tha meham.
unke kunbe me tha ek marial sa ( 4-5 din pehle uska operation hoya tha aur doctor ne mana kri thi kuch b chickna khan ne).
kise k byah (shadi) tha pados me to nayota aagya unke.
uska chora bola babu main chala jaunga jimman tu aaram kr le bimar b hora h tu.
vo chut ta e bola chup chap ghar me baitha reh kyu nayote ne kharab kre se tu to 2 ladoo kha k uth lega, main e jau su taki nyote ki izzat si bani reh.....


भाई याद आवें स वे दिन जब कीसे का एक आदमी का न्योता आया करता त एक बालक ने साथ ले क जाया करते | अर जै वो बालक जीमती हान्ना पूरी साग मांगन लाग जाता त नु कहा करते अक सुसरे ये टूक तै रोज घराए न खा स
ओर थोड़े से लाडू खा ले | अर ना खाए जानते हों त गोझ मे घाल ले घरां ज़ा क खा लिए |
 
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