मखौलिये जाट कह दे सच्ची बात !!!!!

"मनुष्य" "परीक्षा" देने के पश्चात परिणाम से इतना नही डरता जितना "रविवार" के पश्चात "सोमवार" से।
 
अपनी आदतों के अनुसार चलने में इतनी गलतिया नहीं होतीं,जितनी दुनिया का लिहाज रखकर चलने में होती हैं..!!
 
अद्भुत ऐसा बोलिए माणक मोती होए ! अंतरमन निर्मल करे तन मन गदगद होय !
 
शमशान ऐसे लोगों की राख से भरा पड़ा है जो समझते थे कि ये सँसार उनके बिना चल ही नहीं सकता।
 
माँ के उस एक रुपय के सामने करोड़ों बेकार है

वो सिक्का जो स्कूल जाते समय चुपके से रख देती थीं हथेली पर ।
 
बाल्यावस्था में क्रिकेट में यदि कोई लड़का अतिरिक्त (extra) हो जाता था तो उसे सामान्य (common) रख कर दोनों ओर से खिला देते थे।
ऐसे लडके बड़े होकर "रामविलास पासवान" बनते है।
 
उस ज़माने में कोई रिश्तेदार जाते हुए 10 रूपये दे जाता था तो माँ 8 रूपये tds काटकर 2 रूपये थमा देती थी।
 
पहले जयचंद थे।.
फिर अंग्रेज काल में भेदिये (मुखबिर) कहलाए।

आजकल सेक्युलर नाम का चोला ओढ़ कर हमारे बीच हैं। फितरत वही है मिटटी व धर्म से गद्दारी,बस पहचान बदली है।
 
टिल्लू ने एक लड़की को प्रपोज़ किया तो लड़की ने टिल्लू को खूब पीटा।
चप्पल से पीटा;
लाठी से पीटा;
और
बहुत घसीट-घसीट के पीटा।
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टिल्लू उठा और कपड़े झाड़ते हुए बोला, “तो फिर मैं इंकार समझूं”। ?

Moral:- लात और बात में ज्यादा फरक नहीं है ! दोनों का उपयोग समझाने के लिए ही होता है ! मुद्दा है ये कि सामने वाला किस भाषा को समझता है !!
Note:- इस पोस्ट का केजरीवाल से कोई लेना देना नही है.
 
स्कूल में जिनके साथ झगड़ते थे,
आज उनको ही इंटरनेट पर तलाशते हैं लोग..!!
 
'आप'पुरुष "अरविन्द केजरीवाल" दिल्ली में दो तार काट के भी "खलीफा" ना बन पाएजब की "अबू -अल -बगदादी" एक पाइप लाइन काट के खलीफा बन गया..!!
 
सिगरेट के बिना हम जी सकते हैं। फिर भी सिगरेट बनाने वाला अरबपति।
शराब के बिना हम जी सकते हैं, फिर भी शराब बनाने वाला अरबपति!
मोबाइल के बिना भी हम जी सकते हैं, फिर भी मोबाइल बनाने वाले अरबपति!
कार के बिना हम जी सकते हैं, फिर भी कार बनाने वाले अरबपति!
अन्न के बिना हम कदापि नहीं जी सकते, किन्तु अन्न को उत्पन करने वाला किसान निर्धन और दरिद्र।
एक भयानक सत्य।
इस पर विचार व मनन अवश्य करें।
 
एक और कांग्रेसी राज्यपाल का विकेट गिरा !
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एम.के.नारायणन ने दिया त्याग-पत्र।
 
सीखना है तो दारू की बोतल से सीखो, सब कुछ लुटा देती है आप पर और जाते जाते भी 1-2 रुपए दिला देती है कबाड़ी से.
 
दाऊद इब्राहीम के सैकड़ों मॉल और होटल्स वैध हैं। बांग्लादेशी घुसपैठियों की बस्तियाँ भी वैध हैं। अवैध तो बस कैम्पा कोला सोसाइटी है।
 
आज की तीन बातें:-
एक बात:- हर आदमी इतना बुरा नही होता जितना उसकी बीबी उसको समझती है
और इतना अच्छा भी नहीं होता जितना उसकी माँ उसको समझती है।

दूसरी बात:- हर आदमी अपनी लाइफ पार्टनर के बारे मैं सोचता है कि वो मिस यूनिवर्स दिखे और घर मैं काम शांता बाई की तरह करे।
तीसरी बात:- हर औरत अपने लाइफ पार्टनर के बारे मै सोचती है की वो अम्बानी कि तरह कमाए और व्यहवहार मनमोहन सिंह की तरह करे।
रही बात किस्मत की तो भाया:-
किस्मत हो तो मोदी जी जैसी हो। सवाल पूछने के लिए विपक्ष में नेता नहीं और घर पर बीबी नहीं। No चिक चिक... No छिक छिक।
 
स्याही थोड़ी कम पड़ गई, अन्यथा भाग्य तो अपना भी बड़ा सुन्दर लिखा गया था।
 
बात का पक्का होना तो कोई मेरी पड़ोसन आंटी से सीखे, पिछले पंद्रह वर्ष से आयु पूछने पर मज़ाल है " तीस " के अतिरिक्त कुछ ओर कह दे।
 
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