3 Chutkule

Status
Not open for further replies.
कच-कची सी ...............

बल्लू भाई.....राकेश भाई क कच-कची सी उठी रह्या करें ...... खून ने उबाल उबाल की मोबिल केसा गाढा कर रा स योह भाई ....!!!

rakesh bhai....ham kisi bhi thread ke upar taala lagaane ke khilaaf hain.....jaat bhaawna ka kabhi bhi dabaaya nahi jaa sakta..........jat ekta jindabaad:rock

kyun taale luvaan pe jor raakhe se.....aligarh aali factory mein saajha se ke ....
 
एंडी जीज्स..

अर त्रुटि भी ना पायी....कित्ते जा री दीखे सै ....hahaha
 
koi truti nahin aapki post main bhai sahab, aur aan do

टोकस भाई जी .... राम राम सा ! और लोगा को भी चुटकलों सुन्यो .....लेकिन थारो चुटकलों में न्यारो सूवादों हो...मो को भी जी सो आ गयो..... Kudos to you!

और आण दयो इस्से इस्से!!!

धन्यवाद भाई आप सभी लोगों का ........ थारी फरमाइश पै तीन और.......!

१)
एक बार नत्थू के घर फत्तू चोर बड़ ग्या! नत्थू नै वो पकड़ लिया और उसके दोंनू पैर एक खुट्टे कै बाँध दिए! फत्तू नै बाँध कै नत्थू रिपोर्ट लिखाण पुलिस चौकी मै चल्या गया! चौकी मै होलदार नै पूछ्या के ताऊ चोर कित् सै? नत्थू बोल्या, "उसके दोंनू पैर खुट्टे कै बाँध कै आया सूं"! होलदार बोल्या, "ताऊ, तू उसके हाथ तो खुल्ले ही छोड़ आया, जै वो खुला कै भाज ग्या तो?"! नत्थू बोल्या, "रै चाल कै तै देख, वो भी मेरी तरियाए सै - या बात मेरे दिमाग मै ना आई तो उसकै क्युक्कर आवैगी?"! होलदार नत्थू गैल जिब उसके घरां आया तो देख्या के चोर दोंनू हाथान तै खुट्टे नै पाडन मै जुट रह्या था!

२)
सूंडू कै किसै चिंता मै सूकना रोग लाग ग्या! एक दिन एक ताई उस्तै कहण लाग्गी, "हाँ रे सूंडू, इतणा माड़ा क्युक्कर हो ग्या?"! सूंडू बोल्या, "ताई ये हाड आगै अड़गे, ना माड़ा तो और भी हो ज्यात्ता"!

३)
नौरंगी लाल के छोरे नै लाम्बे-लाम्बे बाल राख राखे थे! नौरंगी नै उस्तै कई बार बाल कट्वाण की कही पर छोरे नै बाल कोन्या कटवाए! आखिर एक दिन छोरे नै तंग आकै बूज लिया, "बाब्बू तू मेरे बालां के पाछै क्यूँ पड़ रह्या सै?"! नौरंगी लाल बोल्या, "बेटा बात या सै अक लोग घरां आवै तो सै छोरी देखण अर पसंद कर ज्यावें सै तन्नै"!

नोट: न. ३ करीब चार साल पहले भी पोस्ट कर चुका हूँ ....... किन्तु हिंदी में लिखने का मजा ही कुछ और है!
 
एंडी जीज्स..

अर त्रुटि भी ना पायी....कित्ते जा री दीखे सै ....hahaha

शुक्रिया पुन्नम ....... मन्नै सोची कदे मेरे पीछै - पीछै आम्ती हो!
 
धन्यवाद भाई आप सभी लोगों का ........ थारी फरमाइश पै तीन और.......!

१)
एक बार नत्थू के घर फत्तू चोर बड़ ग्या! नत्थू नै वो पकड़ लिया और उसके दोंनू पैर एक खुट्टे कै बाँध दिए! फत्तू नै बाँध कै नत्थू रिपोर्ट लिखाण पुलिस चौकी मै चल्या गया! चौकी मै होलदार नै पूछ्या के ताऊ चोर कित् सै? नत्थू बोल्या, "उसके दोंनू पैर खुट्टे कै बाँध कै आया सूं"! होलदार बोल्या, "ताऊ, तू उसके हाथ तो खुल्ले ही छोड़ आया, जै वो खुला कै भाज ग्या तो?"! नत्थू बोल्या, "रै चाल कै तै देख, वो भी मेरी तरियाए सै - या बात मेरे दिमाग मै ना आई तो उसकै क्युक्कर आवैगी?"! होलदार नत्थू गैल जिब उसके घरां आया तो देख्या के चोर दोंनू हाथान तै खुट्टे नै पाडन मै जुट रह्या था!

२)
सूंडू कै किसै चिंता मै सूकना रोग लाग ग्या! एक दिन एक ताई उस्तै कहण लाग्गी, "हाँ रे सूंडू, इतणा माड़ा क्युक्कर हो ग्या?"! सूंडू बोल्या, "ताई ये हाड आगै अड़गे, ना माड़ा तो और भी हो ज्यात्ता"!

३)
नौरंगी लाल के छोरे नै लाम्बे-लाम्बे बाल राख राखे थे! नौरंगी नै उस्तै कई बार बाल कट्वाण की कही पर छोरे नै बाल कोन्या कटवाए! आखिर एक दिन छोरे नै तंग आकै बूज लिया, "बाब्बू तू मेरे बालां के पाछै क्यूँ पड़ रह्या सै?"! नौरंगी लाल बोल्या, "बेटा बात या सै अक लोग घरां आवै तो सै छोरी देखण अर पसंद कर ज्यावें सै तन्नै"!

नोट: न. ३ करीब चार साल पहले भी पोस्ट कर चुका हूँ ....... किन्तु हिंदी में लिखने का मजा ही कुछ और है!

Bhot badhiya bhai sahab, jee sa aa gya
 
One more

.
एक और सुनो - हरयाणवी-हिन्दी की ’मिक्स चटनी’ ।

सास-बहू की तकरार

दोपहर का टाइम । सास अपने साल-भर के पोते को गोद में खिला रही थी । छोरा रोवण लाग्या, बंद ना हुया । बहू (छोरे की मां) ऊपर बैठी चौबारे में - अपने मीयां के साथ ।

सास ने आवाज लगाई, बहू नीचे उतर कर आई । सास बोल्ली - "कितनी हाण होगी, तन्नै सुणता कोनी छोरा रो-रो कै बावळा हो रहया ? तेरै धोरै एक-ए तै छोरा सै, यो भी ना पाळा जाता ?"

बहू बोल्ली - "मेरे तैं तै एक-ए पळैगा - चाहे आपणे नै पळवा ले, चाहे मेरे नै !!"

.
 
.
एक और सुनो - हरयाणवी-हिन्दी की ’मिक्स चटनी’ ।

सास-बहू की तकरार

दोपहर का टाइम । सास अपने साल-भर के पोते को गोद में खिला रही थी । छोरा रोवण लाग्या, बंद ना हुया । बहू (छोरे की मां) ऊपर बैठी चौबारे में - अपने मीयां के साथ ।

सास ने आवाज लगाई, बहू नीचे उतर कर आई । सास बोल्ली - "कितनी हाण होगी, तन्नै सुणता कोनी छोरा रो-रो कै बावळा हो रहया ? तेरै धोरै एक-ए तै छोरा सै, यो भी ना पाळा जाता ?"

बहू बोल्ली - "मेरे तैं तै एक-ए पळैगा - चाहे आपणे नै पळवा ले, चाहे मेरे नै !!"

.

sahi keh thi, ek a palega
 
लूचा चुटकला ....लूची बात !!! :rock :rock

.

बहू बोल्ली - "मेरे तैं तै एक-ए पळैगा - चाहे आपणे नै पळवा ले, चाहे मेरे नै !!"

.
 
Last edited:
लूचा चुटकला ....लूची बात !!! :rock :rock


अरै जेली आळे, इसा कुछ ना सै ! आजकल इलैक्शन चाल रहे सैं - एक छोटा सा लिख दूं ।

भूंड-फूक

एम. एल. ए. का चुनाव चल रहा था । एक नेता जो चुनाव में खड़ा था, कई ईंट भट्टों का मालिक था ।

एक गांव में गया वोट मांगने । एक ताऊ उस तैं बोल्या - "अरै पापी, तू किस मुंह तैं वोट मांगै सै ? तन्नैं चोवे ताहीं के भूंड फूक दिये !!"

फिर लोग उस-नैं "भूंड-फूक" कहण लाग गे । :rock

.
 
भूंड फूक ...ha ha ha ha!

हा हा हा हा हा..... ठीक नाम काढ्या उसका ...... मेंने सुनी आक भजन लाल का भी बादली मैं ईंट का भटठा स ? "भूंड फूक भजनलाल " :rock :rock :rock


अरै जेली आळे, इसा कुछ ना सै ! आजकल इलैक्शन चाल रहे सैं - एक छोटा सा लिख दूं ।

भूंड-फूक

एम. एल. ए. का चुनाव चल रहा था । एक नेता जो चुनाव में खड़ा था, कई ईंट भट्टों का मालिक था ।

एक गांव में गया वोट मांगने । एक ताऊ उस तैं बोल्या - "अरै पापी, तू किस मुंह तैं वोट मांगै सै ? तन्नैं चोवे ताहीं के भूंड फूक दिये !!"

फिर लोग उस-नैं "भूंड-फूक" कहण लाग गे । :rock

.
 
अरै जेली आळे, इसा कुछ ना सै ! आजकल इलैक्शन चाल रहे सैं - एक छोटा सा लिख दूं ।

भूंड-फूक

एम. एल. ए. का चुनाव चल रहा था । एक नेता जो चुनाव में खड़ा था, कई ईंट भट्टों का मालिक था ।

एक गांव में गया वोट मांगने । एक ताऊ उस तैं बोल्या - "अरै पापी, तू किस मुंह तैं वोट मांगै सै ? तन्नैं चोवे ताहीं के भूंड फूक दिये !!"

फिर लोग उस-नैं "भूंड-फूक" कहण लाग गे । :rock

.
thik kahi uncle ji ye s e bhund fuk

in ne te dangran ka chara bhi na chodya ....ib tuddi pe dhyan dhar re s.. bhathya me tudi bhi fukan lage ......mre bate bhund fuk
 
Last edited:
sangwan bhai tau ji ka honsla na tode,,,,:d:d:d:d ar tu dare na bhajan lal ka pacha tek dyan ge ibkal hissar te.susra bhund fuk.

देख लियो भाई पीली लुगडी आले ने .... मरा सुसरा कांच क घणे अल्बेडे ला रा स इलेक्शन जीतन खातिर ...?





.
 
अरै जेली आळे, इसा कुछ ना सै ! आजकल इलैक्शन चाल रहे सैं - एक छोटा सा लिख दूं ।

भूंड-फूक

एम. एल. ए. का चुनाव चल रहा था । एक नेता जो चुनाव में खड़ा था, कई ईंट भट्टों का मालिक था ।

एक गांव में गया वोट मांगने । एक ताऊ उस तैं बोल्या - "अरै पापी, तू किस मुंह तैं वोट मांगै सै ? तन्नैं चोवे ताहीं के भूंड फूक दिये !!"

फिर लोग उस-नैं "भूंड-फूक" कहण लाग गे । :rock

.

इलेक्शन की बात पै एक मेरे भी याद आगी .
रामफल कै चढ़ गया भूत चुनाव लड़न का .
तीन कीले जमीन थी वा भी गिरवी धर दी .
दो - चार लाख रपिये थे वे भी ला दिए .
एक दिन एक गाँव मैं वोट मांगन गया . गाँव
आले बोले रामफल तू जीत गया तो के करेगा .
रामफल बोल्या -- मने इस बात की चिंता ना सै .
चिंता तो इस बात की सै के मैं हार गया तो के
करूँगा ,
 
.
एक और सुनो - हरयाणवी-हिन्दी की ’मिक्स चटनी’ ।

सास-बहू की तकरार

दोपहर का टाइम । सास अपने साल-भर के पोते को गोद में खिला रही थी । छोरा रोवण लाग्या, बंद ना हुया । बहू (छोरे की मां) ऊपर बैठी चौबारे में - अपने मीयां के साथ ।

सास ने आवाज लगाई, बहू नीचे उतर कर आई । सास बोल्ली - "कितनी हाण होगी, तन्नै सुणता कोनी छोरा रो-रो कै बावळा हो रहया ? तेरै धोरै एक-ए तै छोरा सै, यो भी ना पाळा जाता ?"

बहू बोल्ली - "मेरे तैं तै एक-ए पळैगा - चाहे आपणे नै पळवा ले, चाहे मेरे नै !!"

.

भाई साहब, आप का चुटकुला पढ़ कै मन्नै एक और ध्यान आया.............!

एक बहु अपणे पीहर चली गयी! अपणे पांच साल के छोरे नै वो सास्सू धोरै छोड़ गी! बहु नै गई नै १५ दिन हुए थे के उसकी सास्सू की चिट्ठी आगी! सास्सू नै लिख राख्या था, "बहु तावली आ ज्या, छोरे का जी कोन्या लाग रह्या"! बहु नै उल्टी चिट्ठी लिक्खी, "माँ तन्नै नू कोन्या लिख्या अक मेरे छोरे का जी कोन्या लाग रह्या अक तेरे का"!
 
Jee tey saasu key chhorey ka na lagta hoga us balak ka key hai.

Bahut badhiya, Mouj ker rakhi hai Tokas Bhai.

भाई साहब, आप का चुटकुला पढ़ कै मन्नै एक और ध्यान आया.............!

एक बहु अपणे पीहर चली गयी! अपणे पांच साल के छोरे नै वो सास्सू धोरै छोड़ गी! बहु नै गई नै १५ दिन हुए थे के उसकी सास्सू की चिट्ठी आगी! सास्सू नै लिख राख्या था, "बहु तावली आ ज्या, छोरे का जी कोन्या लाग रह्या"! बहु नै उल्टी चिट्ठी लिक्खी, "माँ तन्नै नू कोन्या लिख्या अक मेरे छोरे का जी कोन्या लाग रह्या अक तेरे का"!
 
भाई साहब, आप का चुटकुला पढ़ कै मन्नै एक और ध्यान आया.............!

एक बहु अपणे पीहर चली गयी! अपणे पांच साल के छोरे नै वो सास्सू धोरै छोड़ गी! बहु नै गई नै १५ दिन हुए थे के उसकी सास्सू की चिट्ठी आगी! सास्सू नै लिख राख्या था, "बहु तावली आ ज्या, छोरे का जी कोन्या लाग रह्या"! बहु नै उल्टी चिट्ठी लिक्खी, "माँ तन्नै नू कोन्या लिख्या अक मेरे छोरे का जी कोन्या लाग रह्या अक तेरे का"!

मा तै शिफारिश कर कै लिख्वाया होगा खत
 
भाई साहब, आप का चुटकुला पढ़ कै मन्नै एक और ध्यान आया.............!

एक बहु अपणे पीहर चली गयी! अपणे पांच साल के छोरे नै वो सास्सू धोरै छोड़ गी! बहु नै गई नै १५ दिन हुए थे के उसकी सास्सू की चिट्ठी आगी! सास्सू नै लिख राख्या था, "बहु तावली आ ज्या, छोरे का जी कोन्या लाग रह्या"! बहु नै उल्टी चिट्ठी लिक्खी, "माँ तन्नै नू कोन्या लिख्या अक मेरे छोरे का जी कोन्या लाग रह्या अक तेरे का"!
bhai saab saarey jokes katti desi hain.....jee sa aa gaya:rock...deswal saab ka bhuund fuuk kissa bhi majedar:rockgertey rahu nuey
 
शादी के बाद नयी नयी बहु घर में दूसरी बार आई थी, उसकी सास्सू उस ते बोल्ळी इस घर की मै गृह मंत्री सू , साथ ही मै लेन-देन भी संभालती हूँ , तेरे ससुर बहार का काम काज ( विदेश मंत्री ) सँभालते है। मेरा बेटा आपूर्ति मंत्री है अर्र म्हारी बेटी योजना मंत्री है। अब तू बता तू कौन सा विभाग लेना पसंद करेगी ? सास्सू ने अपने घर के काम समझाते हुए बहु ते बुझा ।
बहु भी नवे जमान्ने के थी बोल्ळी जी, मै तो विपक्ष मे बैठूगी।
wah Anjali ji ek dum naya aur ghana andy chutkla hai. ek baat aur jod dyo ke vipaksh me baithugi aur vipkash ke neta banugi. Mantri aale sare swad aur koi kaam nahi. hahahahahahhaahh
 
Status
Not open for further replies.
Back
Top