Aarakshan ko dilli gherenge Jat

Include Jats in OBC list: Delhi govt to write to Centre

http://www.ptinews.com/news/590108_Include-Jats-in-OBC-list--Delhi-govt-to-write-to-Centre

New Delhi, Mar 31 (PTI) Delhi Chief Minister Sheila Dikshit today said government would implement the 27 per cent OBC reservation in all educational institutions run by it in a phased manner and would write to the Centre for inclusion of the Jat community in the central OBC list.

Replying to a discussion on a motion to provide reservation to OBCs in educational institutions and employment, Dikshit said the government has already started providing 15 per cent reservations to OBC students in educational institutions run by it.

"We have to increase it to 27 per cent. We will do it in a phased manner in next two-three years. We will have to upgrade the infrastructure in these educational institutions so that general students do not suffer. It cannot be done in a hurry. In case of employment, 27 per cent reservation is being given," she said.
 
Was not thinking to write anything bcoz already done lot of (M&S) as putted by braham bhaisaahb. I have saw some members(dont want to name them here) come and start giving there views by reading one or two post. To mere budhijivi bhaiyo aur behano ye aapse nivedan hai ki pahle uss topic pe kya kya discuss ho chuka usse puri tarah se padh le tabhi uss par likhe to behtrar rehta hai.
 
Agitating Jats cut off Delhi’s water supply

TOI
Muradnagar: Jats protesting against denial of reservation in central government jobs shut off water supply to Delhi from the Upper Ganga Canal in Muradnagar on Sunday, in a virtual rerun of the Gujjar agitation in 2007 that crippled life in the capital.
Delhi Jal Board officials said if water supply to the Bhagirathi and Sonia Vihar treatment plants was not restored soon, large parts of Delhi would face acute water shortage. Taps in east and south Delhi are likely to run dry from 4pm on Monday. Together, the two plants have a capacity of nearly 250 million gallons per day (MGD).

Angry Jats threaten to disrupt CWG

Gzb District Administration Caught Napping As 10,000 Protesters Run Riot
Muradnagar: Shouting slogans of ‘‘Jat tu halla bol...’’, protesters marched to the Ganga canal bank and lowered the sluice gates of Bhagirathi and Sonia Vihar regulatories to snap raw water supply. Calling it a trailer, the 10,000-strong mob threatened to disrupt the Commonwealth Games if their demand was not met
Though the police and district administration said they were aware of the mahapanchayat, they could not stop the protesters in time. No action was taken though Jat leaders exhorted protesters to cut off water supply half an hour before the mob converged at the canal. ‘‘We did not know of their plan to disrupt the water supply. We are negotiating with them,’’ said Satish Kumar, additional district magistrate of Ghaziabad.
Though a few armed policemen had been deployed at the canal, they were outnumbered by the protesters as they proceed to seize the water regulatories. The SSP arrived at the spot almost an hour after the protesters had completely taken over the area; the district magistrate was the last to reach, almost two hours after the incident.
By early Sunday evening, the agitators had completely taken control of the canal bank. ‘‘This portion has now become a Jat land. We request police to move to the other side of the canal. We will stay here until our demand is met... Let Delhi face the thirst,’’ announced one of the protesters.
Earlier in the day, Yaspal Mallik, convener of the All India Jat Reservation Sangharsh Samiti, said they could stop water supply to Delhi both from Haryana and UP. ‘‘We have already given enough warnings to the central government. They don’t listen to us unless we hurt them. With the community’s permission and support, we should be ready to take all possible extreme steps,’’ he said.
Negotiation with the protesters was on till late Sunday night but there was little sign of a resolution as Mallik urged the protesters to ‘‘get farmers’ arms and be ready for a longer struggle’’.
Jats have been demanding their inclusion under OBC category in order to get reservation in central jobs. ‘‘With the land share shrinking, we have no other option than ensuring our educated youth gets jobs. We want to take Jats out of the world of farming,’’ said S P Singh Parihar, vicepresident of the Samiti.
 
रात साढ़ 12 बजे तक वार्ता बेनतीजा

http://epaper.amarujala.com/svww_zo...itop=754&zoomRatio=147&AN=20100614a_005108008
रात साढ़ 12 बजे तक वार्ता बेनतीजा
रेगुलेटर की चाबियां तोड़कर गंगनहर में फेंकी
मुरादनगर। आरक्षण की मांग को लेकर धरना दे रहे जाटों ने रविवार को देर रात पानी सप्लाई करने वाले दोनों रेगुलेटरों की चांबियां तोड़कर गंगनहर में फेंक दी है। इस दौरान वहां तैनात पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर सकी और चुपचाप इसे देखती रही। चाबियां तोड़ जाने से तत्काल दिल्ली के लिए पानी आपूर्ति नहीं हो सकी और इस कार्य में कम से कम दो दिन का विलम्ब हो सकता है। क्योंकि चाबियों दिल्ली से बन कर आने में दो दिन का समय लगेगा। गंगनहर में सोनिया विहार और भागीरथ दो रेगुलेटर हैं। उधर, रात करीब 12 बजे तक मौकेपर डीएम, एसएसपी और अन्य पुलिस अफसर मौजूद रहे।
गाजियाबाद को मिलता रहेगा गंगा जल
जाटों ने केवल दिल्ली को जाने वाला पानी बंद किया है। गाजियाबाद की पेयजल आपूर्ति पर इसका कोई असर नहीं पड़गा। खुद जल निगम के अफसरों ने बताया कि गाजियाबाद में प्रताप विहार स्थित प्लांट को पानी की आपूर्ति गंग नहर से ही है लेकिन उसका स्थान मसूरी के पास है। वहां से आपूर्ति जारी है। लोगों को पानी मिलता रहेगा। हालांकि शहर में अफवाह फैल गई थी कि महानगर की गंगा जल सप्लाई भी बाधित हो सकती है। इसको लेकर लोग समाचार पत्रों के दफ्तरों में फोन करके सही स्थिति जानने के लिए फोन करते रहे।
...दिल्ली तरसेगी पानी को
क्यूसेक पेयजल
प्रतिदिन राजधानी को होता है सप्लाई
दस करोड़ रुपये साल देती है दिल्ली
राजधानी में 470 क्यूसेक पानी प्रतिदिन देने पर दिल्ली सरकार उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग को हर साल 10 करोड़ रुपये देती। यानि 470 क्यूसेक पानी की कीमत दो लाख 73 हजार 972 रुपये है। ये राशि प्रतिदिन के हिसाब से सिंचाई विभाग को मिलता है।
470
गाजियाबाद। सोमवार का दिन दिल्ली वालों के अच्छा रहने वाला नहीं है। दिल्ली वालों को पानी के लिए जूझना पड़गा। खासतौर पर साउथ और ईस्ट दिल्ली में पानी का संकट रहेगा। मुरादनगर गंग नहर स्थित गंगा जल प्लांट से दिल्ली के भागीरथी और सोनिया विहार प्लांट को पानी की सप्लाई बंद है। इन दोनों प्लांटों में इतना पानी स्टोर नहीं होता कि अगर गंग नहर से पानी बंद कर दिया जाए तो दिल्ली को कई दिन पानी की सप्लाई की जा सके। दिल्ली जल बोर्ड ने आपात स्थिति के हिसाब से तैयारी शुरू कर दी है। उधर, इस मामले में रात करीब साढ़ 12 बजे डीएम और एसएसपी ने यशपाल मलिक से वार्ता शुरू की। मलिक ने कहा कि उन्हें सोमवार 11 बजे तक का समय दिया जाए। मलिक ने जल बोर्ड से आए इंजीनियर के वार्ता करने से इंकार कर दिया।
मुरादनगर गंग नहर से दिल्ली के भागीरथी और सोनिया विहार प्लांट को प्रतिदिन 470 क्यूसेक पानी की सप्लाई होती है। ये पानी साउथ और ईस्ट दिल्ली के लोगों की प्यास बुझाता है। हर साल नहर की सफाई के दौरान दिल्ली जल बोर्ड पहले पानी का स्टोर करता है तब जैसे-तैसे सफाई तक काम चलाया जाता है लेकिन इस बार अचानक पानी बंद हो गया है।
गंग नहर से दिल्ली पानी पहुंचने में पांच घंटे लगते हैं। अब जब पानी चालू भी होगा तो स्थिति सामान्य होने में पांच घंटे लग जाएंगे। दिल्ली जल बोर्ड के अधिशासी अभियंता उत्तम कुमार ने बताया कि आपात स्थिति से निपटने की तैयारी शुरू कर दी गई है। लोगा पानी की बर्बादी न करें।
 
जाटों ने कराया ताकत का अहसास

जाटों ने कराया ताकत का अहसास
महापंचायत में वक्ताओं ने
राजनीतिक सौदेबाजी करने वालों पर कसे तंज
• अमर उजाला ब्यूरो
मुरादनगर। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने रविवार को मुरादनगर से आरक्षण की हुंकार भर एक बार फिर समाज के ताकत का अहसास कराया। इस बीच राजनीतिक सौदेबाजी करने वाले नेताओं पर वक्ताओं ने जमकर तंज कसे गए।
हंस राज इंटर कॉलेज में आयोजित महापंचायत में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि समाज को 1993 में मंडल आयोग की सिफारिश के आधार पर आरक्षण मिल जाना चाहिए था। लेकिन बिरादरी की राजनीति पर सत्ता के गलियारों तक पहुंचे नेताओं की कुंठित मानसिकता की वजह से समाज को आरक्षण का लाभ नहीं मिल सका। उन्होंने कहा कि पंजाब-हरियाणा में जाटों के बलबूते सत्ता चल रही है। दिल्ली की राजनीति में भी जाटों का कम वर्चस्व नहीं है। ऐसे में जाट समाज की अवहेलना करना कहां का तुक है। अगर जाट को आरक्षण नहीं मिला तो नई पीढ़ का जीना मुहाल हो जाएगा। पंचायत का निर्णय सुनाते हुए मलिक ने कहा कि सगोत्र विवाह कतई मंजूर नहीं। खाप पंचायतें जायज हैं। इनका विरोध करने वालों को भी सबक सिखाया जाएगा। समाज के गुरवचन सिंह, सरदार अवतार सिंह, हरियाणा के हवा सिंह सांगवान, शीशपाल सिंह, शूरवीर सिंह, उम्मेद सिंह, सरदार करनैल सिंह, मोहम्मद यामीन, एसपी सिंह परिहार आदि ने भी विचार रखे। समाचार लिखे जाने तक समिति का गंगनहर पर धरना जारी था।
आंदोलन से गायब रहे रालोद नेता
गाजियाबाद। आरक्षण को लेकर जाटों द्वारा शुरू किए गए धरने में रालोद नेता नजर नहीं आए। रालोद जाटों की पार्टी मानी जाती है। इसके बावजूद रालोद की सक्रिय भूमिका यशपाल मलिक द्वारा शुरू किए गए आंदोलन में न के बराबर है।
जाटों से जुड़ छोटे-छोटे मामलों में अक्सर रालोद के नेता पहुंच जाते हैं। लेकिन जाटों के आरक्षण के मुद्दे पर शुरू हुए इस आंदोलन में शामिल होने रालोद का कोई नेता नहीं पहुंचा। माना जा रहा है कि अगर यशपाल मलिक जाटों को आरक्षण दिलाने में सफल हो जाते हैं तो वे जाटों में बड़ कद के नेता हो जाएंगे। पिछले कुछ माह पूर्व जब यशपाल मलिक ने दिल्ली में जाट आरक्षण की मांग को रैली की थी तब भी रालोद नेताओं ने रैली को लेकर कोई रुचि नहीं दिखाई थी। इस बार भी वे शांत बैठे हैं। गंगा जल प्लांट पर धरना देकर बैठे जाटों का उत्साहवर्धन करने रालोद नेता नहीं पहुंचे। रालोद के जिलाध्यक्ष चौधरी अजयवीर सिंह ने बताया कि उनके पास महापंचायत और उसके बाद धरने की कोई सूचना नहीं है। उन्हें इसमें आमंत्रित भी नहीं किया गया। दिनभर वे गाजियाबाद में थे भी नहीं।
रोज होती है 470 क्यूसेक जालापूर्ति
गंगनहर पाइप लाइन से दिल्ली की भगीरथ परियोजना समेत सोनिया विहार आदि क्षेत्र के लिए 470 क्यूसेक पानी की सप्लाई प्रतिदिन मुरादनगर गंगनहर से की जाती है। खास बात यह है कि पेयजल सप्लाई अधिकांश दूतावासों के अलावा सरकारी और गैर सरकारी दफ्तरों में होता है। सप्लाई बाधित होने से राजधानी के कई हिस्सों में पेयजल संकट गहरा गया।
टकराव से बचता दिखा प्रशासन
गाजियाबाद। जाटों को आरक्षण की मांग पर दिल्ली का पानी बंद कर धरने पर बैठे जाटों से पुलिस-प्रशासन के अफसरों की कई राउंड बात हुई लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। कई बार नोंक-झोंक तो हुई लेकिन टकराव से प्रशासन बचता रहा। कोशिश यही रही कि बातचीत के माध्यम से हल निकल जाए। यशपाल मलिक को ये समझाया गया कि केंद्र सरकार से बातचीत में डीएम या एसएसपी सक्षम नहीं है। डीएम आर. रमेश ने बताया कि उन्होंने धरने पर बैठे जाट नेताओं को बताया कि दिल्ली सरकार को शासन के माध्यम से सूचित कर दिया गया है। केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के रूप में वे स्वयं उपस्थित है। उन्हें अपनी मांग से संबंधित ज्ञापन दे दें उसे शासन के माध्यम से केंद्र सरकार तक भिजवा दिया जाएगा लेकिन यशपाल मलिक नहीं माने।
अधिकारियों की अपील रही बेअसर
प्रशासन को मुरादनगर से दिल्ली की पेयजल आपूर्ति बाधित होने की खबर जैसे ही लगी डीएम और एसएसपी मौके पर पहुंच गए। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के पदाधिकारियों से बात करते हुए अफसरों ने पेयजल आपूर्ति बहाल करने की अपील किसानों से की। इस पर किसान बेकाबू हो गए और डीएम-एसएसपी की अपील को अनसुना करते हुए खूब हंगामा किया।
पूरी तैयारी के साथ आए जाट
महापंचायत में मौजूद सामान जैसे गद्दे, रोटी, पानी और हुक्कों का माकूल बंदोबस्त होने से ऐसा लगा था, जैसे जाट पूरी तरह आरपार की लड़ई के मूड में है। समाज के लोगों ने प्रशासन से साफ कहा कि आरक्षण को लेकर खून का कतरा कतरा बहाने से भी जाट पीछे नहीं हटेंगे।
स्थानीय जाटों ने कराया भोजन
जाट महापंचायत में दूर दराज के जाटों के लिए स्थानीय जाट समाज ने रोटी पानी के अलावा अन्य जरूरी सामान का बंदोबस्त किया। ताकि बाहर से आए लोगों को असुविधा न हो। मेहमान जाटों के लिए देर रात तक ट्रैक्टर-ट्राली और बुग्गियां भोजन ढोने का काम करती रही।
प्रशासन को नहीं थी ऐसी उम्मीद
जाट महापंचायत यूं रंग ले आएगी, इसका अंदाजा जिला प्रशासन को कतई नहीं था। तभी तो पंचायत शुरू होने से पूर्व मौके पर चंद पुलिसकर्मी मौजूद थे। कोई भी बड़ और जिम्मेदार अधिकारी वहां नही पहुंचा। बाद में जाटों के विशाल जमावड़ को देखकर प्रशासन में हड़कंप मच गया।
कम होने के बजाय बढ़ते गए जाट
दिन ढलने के बाद अनुमान लगाया जा रहा था कि जाट मान जाएंगे और धरने को स्थगित कर वार्ता को राजी होंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। रविवार शाम को जाटों की संख्या कम होने के बजाय बढ़ती गई। जाट महापंचायत में बड़ संख्या जाट समुदाय के लोग पहुंच रहे हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स में बनेंगे बाधा
किसानों ने वार्ता के दौरान प्रशासन से दो टूक कहा कि अगर जाट समाज को आरक्षण नहीं दिया तो वे दिल्ली में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स का विरोध करेंगे। इसके लिए सरकार ही जिम्मेदार होगी।
मस्ती भी खूब की
विरोध, हंगामा और तकरार के साथ किसानों ने रागिनियों का भी जमकर लुत्फ उठाया। अधिकांश किसान आवाज बुलंद करने में लगे रहे तो कुछ ने थक हार कर पंडाल में रागिनी से मनोरंजन किया।
और दिल्ली से अफसर नहीं आए
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक ने जब ये मांग की कि केंद्र सरकार के अफसर धरना स्थल पर आकर आश्वासन दे कि जाटों को आरक्षण मिलेगा तब जाकर धरना समाप्त होगा। इस पर कुछ देर बाद ये संदेश आया कि दिल्ली से केंद्र सरकार के अफसर बातचीत करने आ रहे हैं। मगर थोड़ देर बाद ये सूचना कि वे नहीं आ रहे हैं।
कब-कब क्या हुआ
दोपहर 12:00 बजेजाट महासम्मेलन का आगाज
अपराह्न03:30 बजेमहापंचायत समाप्ति की घोषणा
अपराह्न03:40 बजेकिसानों की भीड़ रेगुलेटर की ओर दौड़
अपराह्न04:00 बजेकिसानों ने रेगुलेटर पर जमाया कब्जा
अपराह्न04:20 बजेपेयजल आपूर्ति कर दी बाधित
अपराह्न04:50 बजेएसएसपी मौके पर पहुंचे
अपराह्न05:20 बजेएसएसपी ने किसानों ने वार्ता की
शाम06:00 बजेडीएम मौके पर पहुंचे
शाम07:00 बजेडीएम और एसएसपी ने किसानों से वार्ता
रात08:00 बजेहंगामा और बातचीत कर दौर चलता रहा
रात11.30 बजेदोनों रेगुलेटरों की चाबियां तोड़कर नहर में फेंकी

प्रशासन का सूचना तंत्र हुआ पूरी तरह से फेल
गाजियाबाद। आरक्षण के मुद्दे पर दिल्ली का पानी जाट रोक देंगे इसकी भनक तक पुलिस-प्रशासन को नहीं थी। सिर्फ इतना आभास था कि कोई धरना-प्रदर्शन हो सकता है। मगर पूरी योजना के तहत जाटों ने अपनी महापंचायत के बाद गंगा जल प्लांट पर धावा बोला और पानी बंद करा दिया। पुलिस-प्रशासन जब तक संभलता तब तक जाटों ने अपना काम कर दिया था।
अपर गंगा कैनाल को लेकर इन दिनों गंगा जल प्लांट पहले से चर्चाओं में था। मुरादनगर में जाटों की महापंचायत होने वाली है। इसको लेकर पुलिस-प्रशासन को सूचना भी थी। लेकिन इस महापंचायत को पुलिस-प्रशासन ने हल्के में लिया। जिसका नतीजा ये हुआ कि जाटों ने दिल्ली का पानी रुकवा दिया। सारे प्रकरण से डीएम ने शासन और केंद्र सरकार को अवगत करा दिया है। शासन और केंद्र सरकार का दबाव है कि जैसे-तैसे दिल्ली का पानी चालू कराया जाए। डीएम आर. रमेश का कहना है कि ये पता ही नहीं चल सका कि जाट पानी रोक सकते हैं। वरना पहले से तैयारी रखी जाती। दूसरी ओर गोपनीय योजना के तहत जाटों ने ऐसा किया। महापंचायत समाप्त होने के बाद ऐसा होगा कि ये बात पुलिस-प्रशासन के दिमाग में नहीं आई। इसलिए महापंचायत समाप्त होने के बाद ही जाटों ने प्लांट की ओर कूच किया।
जनपद पुलिस ने डाला धरनास्थल पर डेरा
जाटों के तेवर देखते हुए प्रशासन ने जिले भर की पुलिस मौके पर बुला ली। खुद डीएम, एसएसपी के अलावा एसपी देहात भी मौके पर रहे, लेकिन फिर भी किसानों के तेवर ढीले नहीं पड़ सके।
 
जाट झुके, अब दिल्ली को मिलेगा पानी
नई दिल्ली. जाटों ने दिल्लीवासियों के लिए बंद की गई पानी की सप्लाई को बहाल कर दिया है। सोमवार को आधे दिल्लीवासी पानी के लिए दर-दर भटक रहे थे। लेकिन अब जाटों ने कहा कि हमारी मांगे जब तक पूरी नहीं होती तब तक हमारा आंदोलन जारी ही रहेगा लेकिन हमने बंद पानी की सप्लाई पर लगाई गई रोक हटा ली है। गौरतलब है कि आरक्षण की मांग को लेकर जाटों ने रविवार को मुरादनगर में गंग नहर को बंद कर दिया था। इससे एक तिहाई दिल्ली में जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। रविवार सायं पौने पांच बजे गंग नहर को बंद कर दिया गया। नहर के बंद होने से पानी की आपूर्ति कम हो गई है।


ज्ञात हो कि गंग नहर से राजधानी के दो मुख्य जल शोधन संयंत्रों को कच्चे पानी की आपूर्ति की जाती है। लगभग 140 एमजीडी (मिलियन गैलन प्रतिदिन) क्षमता वाले सोनिया जल संयंत्र और लगभग 100 एमजीडी क्षमता वाले भागीरथी जल संयंत्र को इसी नहर से कच्चे पानी की आपूर्ति की जाती है। लेकिन नहर के बंद होने से इन संयंत्रों को कच्चा पानी न मिलने का खामियाजा दिल्लीवालों को भुगतना पड़ सकता है। भागीरथी जल संयंत्र से पूर्वी दिल्ली और सोनिया विहार संयंत्र से पूर्वी दिल्ली के कुछ हिस्सों के साथ ही दक्षिणी दिल्ली के अधिकांश इलाकों में पानी की आपूर्ति की जाती है। ऐसे में इन इलाकों में सोमवार से पानी की समस्या बढ़ जाएगी।



दिल्ली जल बोर्ड के सदस्य आरके गर्ग का कहना है कि सोमवार से पानी की आपूर्ति नहीं हो सकती है और इसका कोई वैकल्पिक उपाय भी नहीं है। उन्होंने बताया कि दोनों जल शोधन संयंत्रों के ठप होने से टैंकर सेवाएं भी बाधित हो जाएंगी क्योंकि इनको पानी भी इन्हीं संयंत्रों से उपलब्ध कराया जाता है। ज्ञात हो कि राजधानी में फिलहाल लगभग 1000 एमजीडी पेयजल की आवश्यकता है। लेकिन दिल्ली जल बोर्ड मात्र 810 एमजीडी पानी की ही आपूर्ति कर पाता है। यानी आवश्यकता और आपूर्ति में लगभग दो सौ एमजीडी पानी का अंतर है। ऐसे में इन दोनों संयंत्रों के ठप होने से यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाएगी।
 
ये पानी कैसे बंद किया जाता है ?

क्या कोई भी पानी बंद कर सकता है, या यह काम सिर्फ जाट ही कर सकते हैं ?
 
जाट झुके, अब दिल्ली को मिलेगा पानी
bhai jhuke koni thode ruke s bas , abhi to namuna dikhaya s pura jalwa to bakki s......
 
जाट झुके, अब दिल्ली को मिलेगा पानी
bhai jhuke koni thode ruke s bas , abhi to namuna dikhaya s pura jalwa to bakki s......
Akhbar aale to suad len lag rahe hain manne to unki likhi e chepi.
Baaki bera nahi 2-4 ne aur isi likh di to dilli alle bina nahaye rehnge.
Metro to kasuti sad jagi:rock:rock
 
ये पानी कैसे बंद किया जाता है ?

क्या कोई भी पानी बंद कर सकता है, या यह काम सिर्फ जाट ही कर सकते हैं ?
hahhaha jat ae kar sake s bas , khet me jat ka paani par ae rolla maachya kare , yaa paani alli baannn jat ne puraani padri s ;)
 
आज सबेरे एक भाई की बात पे मन्ने कही थी की लगता है आपने गाँव सिर्फ नक्शों या तस्वीरो में ही देखे हैं आपकी इस उपरोक्त बात से यही महसूस होता है की आपका भी यही हाल है !बुरा मत मान जाना कदे वार्निंग दे दयो
किसी भी नहर मुख्य नदी या नहर से निकाला जाता है जहाँ उसका उद्गम स्थल होता है वहां गेट होता है जिसे बंद किया जा सकता है कुछ जगह ये काम मोटर पम्प द्वारा भी होता है ! एक आदमी चाहे वो जाट हो या चमार किसी भी नहर को रोक नहीं सकता बाकी अगर आप एक संगठन हैं तो बात अलग है फेर तो सब बंद हो सके है
 
सही कहो हो भाईसाहब, JAT's have chosen the very best option, that they can do it best... पानी रोकना, nd that too in this करडी गर्मी. the timings are also perfect... just before the commonwealth games.

success, now is just a matter of time.


hahhaha jat ae kar sake s bas , khet me jat ka paani par ae rolla maachya kare , yaa paani alli baannn jat ne puraani padri s ;)
 
thanks rakesh, i really didn't had the exact idea. in fact i knew what you've answered, but just wanted the confirmation.

भाई गाँव बेशक अच्छी ढारा ना देखे हो
, पर बेरा सब है मन्ने... शौकिया खेत जुताई भी की है. किस ढारा दुसरे की मेंढ़ काट्या करें, या भी मन्ने खूब बेरा से... ड्राइविंग स्किल्स यू नो, वैदर इट इस कार और टिरैक्टर.
 
thanks rakesh, i really didn't had the exact idea. in fact i knew what you've answered, but just wanted the confirmation.

भाई गाँव बेशक अच्छी ढारा ना देखे हो, पर बेरा सब है मन्ने... शौकिया खेत जुताई भी की है. किस ढारा दुसरे की मेंढ़ काट्या करें, या भी मन्ने खूब बेरा से... ड्राइविंग स्किल्स यू नो, वैदर इट इस कार और टिरैक्टर.

फेर गलत बोल गए एक कार और टीरेक्टर में बहुत घना अंतर हो है !
पहली बात टीटेक्टर में क्लच ओले पा तले होवे है आर ब्रेक सोले तले! टीरेक्टर में दो गेअर होवे हैं पॉवर और स्पीड खातर ! टीरेक्टर का पिछला एक पहिया पॉवर आला होवे है दुसरे ने आप जाम भी कर सको हो! टीरेक्टर तीन पहिया पे चल सके है ! टीरेक्टर में लिफ्ट होवे है कल्टीवेटर खातेर! अर हरो सीधी कीले में तंगी जा है! टीरेक्टर की सीट इतनी कम्फर्टेबल न होती जितनी कार की एक दिन चलाये पाछे पिछवाड़े पे मोए मोटे गूमड़े हो जांगे!
 
रै ओ जखोई... टिरैक्टर में चाहे छतीस जुगाड़ हों, बट ड्राइविंग स्किल्स त सेम रहवे हैं, चाहे कार हो या टिरैक्टर... यू आर नौट गेटिंग माई पॉइंट.

फेर गलत बोल गए एक कार और टीरेक्टर में बहुत घना अंतर हो है !
पहली बात टीटेक्टर में क्लच ओले पा तले होवे है आर ब्रेक सोले तले! टीरेक्टर में दो गेअर होवे हैं पॉवर और स्पीड खातर ! टीरेक्टर का पिछला एक पहिया पॉवर आला होवे है दुसरे ने आप जाम भी कर सको हो! टीरेक्टर तीन पहिया पे चल सके है ! टीरेक्टर में लिफ्ट होवे है कल्टीवेटर खातेर! अर हरो सीधी कीले में तंगी जा है! टीरेक्टर की सीट इतनी कम्फर्टेबल न होती जितनी कार की एक दिन चलाये पाछे पिछवाड़े पे मोए मोटे गूमड़े हो जांगे!
 
रै ओ जखोई... टिरैक्टर में चाहे छतीस जुगाड़ हों, बट ड्राइविंग स्किल्स त सेम रहवे हैं, चाहे कार हो या टिरैक्टर... यू आर नौट गेटिंग माई पॉइंट.

स्किल तो फार्मूला वन में भी सेम रह है आपने खंदा दया फेर? विदेशी अपने देश में खूब कार चलावे हैं पर म्हारे देश में एक किलोमीटर में भी कई जगह छुले पावेंगे !चीजा में भोत फरक है इबके आओ तो मन्ने दिखइयो अपने ड्राइविंग स्किल
 
Guys Are you ready for the Show again for 2014? :) , This is one of the most popular thread on Jatland ever :) and even TOI HT mentioned it in their news. Thanks for your overwhelming response on this :)
 
All india jat confference at talkatora stadium new delhi

Most of the Hindi and English media is against of Jat community, Recently Akhil Bhartiya jat Aarakshan Sangharsh samiti organized a Welcome event for All Jat MPs from all parties but paid media ignored the event, Newspaper like Dainik Jagran Amar Uajala completely ignored the event.
http://www.punjabkesari.in/news/article-274464
pic.twitter.com/QQyty8beBE
pic.twitter.com/kYCtB7M9lk
 
Most of the Hindi and English media is against of Jat community, Recently Akhil Bhartiya jat Aarakshan Sangharsh samiti organized a Welcome event for All Jat MPs from all parties but paid media ignored the event, Newspaper like Dainik Jagran Amar Uajala completely ignored the event.
http://www.punjabkesari.in/news/article-274464
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The full report from the above link is produced with due acknowledgement to the Punjab Kesari :

नई दिल्ली : अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक के नेतृत्व में बुधवार को राजधानी के तालकटोरा स्टेडियम में जाट महासम्मेलन का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में जाट समाज के सांसदों व दिल्ली के जाट विधायकों, जाट आरक्षण की मांग को संसद में उठाने वाले सांसदों व अन्य प्रदेशों से आए जाट जन प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया।जाट आरक्षण आन्दोलन में शहादत देने वाले जाट शहीद सुनील श्योराण, सन्दीप कडवासरा व विजय सिंह के परिजनों को भी सम्मानित किया गया।इस अवसर पर 13 राज्यों से आए जाट आरक्षण आन्दोलन का नेतृत्व करने वाले पदाधिकारियों व कार्यकत्र्ताओं और जाट समाज के सामाजिक संगठनों द्वारा जाट समाज की सामाजिक, शैक्षणिक व आर्थिक उत्थान के लिए कई प्रस्ताव भी पास किए।इसके साथ ही अपनी मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी दिया। कार्यक्रम की अध्यक्ष सरदार करनैल सिंह भावड़ा व संचालन राखी चौधरी ने किया।

ये प्रस्ताव हुए पास 1. राष्ट्रीय स्तर पर ग्लोबल जाट मिशन का गठन किया गया। इसके तहत जल्द ही अमरोहा (उत्तर प्रदेश), भोपाल (मध्य प्रदेश) व हिसार (हरियाणा) में ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार व व्यापार में उनकी भागीदारी सुनिश्चित कराएगा। 2. 13 सितम्बर 2010 को जाट आरक्षण आंदोलन में शहीद सुनील श्योराण की पुण्य तिथि पर हिसार हरियाणा के साथ-2 देश के सभी जाट बाहुल्य जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 3. जिन राज्य में जाटों को आरक्षण नहीं है, वहां आंदोलन जारी रहेगा। 4. पंजाब सरकार द्वारा 4 मार्च 2014 को पंजाब के जाट सिखों को ओ.बी.सी. श्रेणी में शामिल करने की घोषणा के बावजूद नोटिफिकेशन नहीं किया है। यदि पंजाब सरकार ने जल्द नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया, तो आंदोलन छेड़ा जाएगा।

पीएम को भेजे ज्ञापन में शामिल मांगें 1. पंजाब, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र व आंध्र प्रदेश में जाट समाज को ओ.बी.सी. में शामिल किया जाना बाकी है। उचित निर्देश जारी करें ताकि इन प्रदेशों में जाटों को ओ.बी.सी. में शामिल किया जा सके और इसके बाद केंद्रीय सूची में भी शामिल किया जा सके। 2.पंजाब के जाट सिखों को ओ.बी.सी में शामिल करने का नोटिफिकेशन जारी कराया जाए। 3. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति के बावजूद ओ.बी.सी लिस्ट में जट सिख, मुस्लिम सिख व जट विश्नोई, आंजना चौधरी का नाम 9 राज्यों में शामिल नहीं किया गया। जबकि विभिन्न धर्मों के अंतर्गत सभी समान जातियों का नाम लिस्ट में शामिल है। इस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि आरक्षण का आधार जाति है न कि धर्म, जिसमें हाईकोर्ट ने सिख जाटों को भी ओ.बी.सी. सर्टीफिकेट जारी करने को कहा था। 4. यू.पी.ए. सरकार के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है, उसकी यथोचित पैरवी कराने के लिए मंत्रालय को उचित दिशा निर्देश देने की कृपा करें। 5. आरक्षण आंदोलन के दौरान राजनीतिक दबाव के तहत रेल विभाग ने आधारहीन मुकद्दमे दर्ज कराए, वह सभी मुकद्दमे वापस कराए जाएं। हरियाणा, उत्तर प्रदेश व दिल्ली सरकारों को भी मुकद्दमों की वापसी पर उचित दिशा निर्देश दें। 6. जाटों को राजनीतिक पार्टियों में उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पा रहा, आपसे अनुोध है आपकी पार्टी/ सरकार में यह प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होना चाहिए।
 
The full report from the above link is produced with due acknowledgement to the Punjab Kesari :

नई दिल्ली : अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक के नेतृत्व में बुधवार को राजधानी के तालकटोरा स्टेडियम में जाट महासम्मेलन का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में जाट समाज के सांसदों व दिल्ली के जाट विधायकों, जाट आरक्षण की मांग को संसद में उठाने वाले सांसदों व अन्य प्रदेशों से आए जाट जन प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया।जाट आरक्षण आन्दोलन में शहादत देने वाले जाट शहीद सुनील श्योराण, सन्दीप कडवासरा व विजय सिंह के परिजनों को भी सम्मानित किया गया।इस अवसर पर 13 राज्यों से आए जाट आरक्षण आन्दोलन का नेतृत्व करने वाले पदाधिकारियों व कार्यकत्र्ताओं और जाट समाज के सामाजिक संगठनों द्वारा जाट समाज की सामाजिक, शैक्षणिक व आर्थिक उत्थान के लिए कई प्रस्ताव भी पास किए।इसके साथ ही अपनी मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी दिया। कार्यक्रम की अध्यक्ष सरदार करनैल सिंह भावड़ा व संचालन राखी चौधरी ने किया।

ये प्रस्ताव हुए पास 1. राष्ट्रीय स्तर पर ग्लोबल जाट मिशन का गठन किया गया। इसके तहत जल्द ही अमरोहा (उत्तर प्रदेश), भोपाल (मध्य प्रदेश) व हिसार (हरियाणा) में ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार व व्यापार में उनकी भागीदारी सुनिश्चित कराएगा। 2. 13 सितम्बर 2010 को जाट आरक्षण आंदोलन में शहीद सुनील श्योराण की पुण्य तिथि पर हिसार हरियाणा के साथ-2 देश के सभी जाट बाहुल्य जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 3. जिन राज्य में जाटों को आरक्षण नहीं है, वहां आंदोलन जारी रहेगा। 4. पंजाब सरकार द्वारा 4 मार्च 2014 को पंजाब के जाट सिखों को ओ.बी.सी. श्रेणी में शामिल करने की घोषणा के बावजूद नोटिफिकेशन नहीं किया है। यदि पंजाब सरकार ने जल्द नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया, तो आंदोलन छेड़ा जाएगा।

पीएम को भेजे ज्ञापन में शामिल मांगें 1. पंजाब, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र व आंध्र प्रदेश में जाट समाज को ओ.बी.सी. में शामिल किया जाना बाकी है। उचित निर्देश जारी करें ताकि इन प्रदेशों में जाटों को ओ.बी.सी. में शामिल किया जा सके और इसके बाद केंद्रीय सूची में भी शामिल किया जा सके। 2.पंजाब के जाट सिखों को ओ.बी.सी में शामिल करने का नोटिफिकेशन जारी कराया जाए। 3. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति के बावजूद ओ.बी.सी लिस्ट में जट सिख, मुस्लिम सिख व जट विश्नोई, आंजना चौधरी का नाम 9 राज्यों में शामिल नहीं किया गया। जबकि विभिन्न धर्मों के अंतर्गत सभी समान जातियों का नाम लिस्ट में शामिल है। इस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि आरक्षण का आधार जाति है न कि धर्म, जिसमें हाईकोर्ट ने सिख जाटों को भी ओ.बी.सी. सर्टीफिकेट जारी करने को कहा था। 4. यू.पी.ए. सरकार के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है, उसकी यथोचित पैरवी कराने के लिए मंत्रालय को उचित दिशा निर्देश देने की कृपा करें। 5. आरक्षण आंदोलन के दौरान राजनीतिक दबाव के तहत रेल विभाग ने आधारहीन मुकद्दमे दर्ज कराए, वह सभी मुकद्दमे वापस कराए जाएं। हरियाणा, उत्तर प्रदेश व दिल्ली सरकारों को भी मुकद्दमों की वापसी पर उचित दिशा निर्देश दें। 6. जाटों को राजनीतिक पार्टियों में उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पा रहा, आपसे अनुोध है आपकी पार्टी/ सरकार में यह प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होना चाहिए।


BJP agree hoge kya in sab statements pe. BJP ka behave dekhne layak hoga Is topic pe.
 
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