Ravinder bhaisaab 19 page bhar liye se.. isi kitni gobhi khod rakhi se dusrya ki aapne?
Er je aur albaad ib bhi rah rhi ho te ek naya taaga shuru kar lo "Part-II" ke naam te.. yu taga ghna bada ho liya se.
Isme ib aur albaad aan ki gunjayish nahi rah rhi se![]()
Rahan de ne....kyun Part-II suru karwawe hai......Part I te oot ta koni......
Or oon bhi is Show ki TRP ZERO holi hai......koi na dekhta is Channel ne...![]()
Bhai Leele kit yaad duwa diya tudda tane iske!! 2 panne aur bhar dega is "tudde" ke naam pe ib ravinderतूड़ा सा ठोक दिया भाई अल्बाधा का रविंदर ने.... एर डटे कोणी इब्बे
hahaha.....Datt jao makha....LOLLM LOLLLLLL ho jagi duniya...:rock
Change the title toएक बे म्हारे स्कूल में एक ट्रक भर कें ने किताब आई | किम्मे तो लाइबरेरी खातेर थी ,,एर किम्मे सलेबुस की थी गरीब बालकां खातर | मेहारे साश्त्री मास्टर ताहि बांडअन का जिम्मा दे दिया | एर मास्टर मुंह देख के किताब बांडे | किस्से के घर आले नोकरी करते हों ,उनका नाँ काट देंदा , कस्से के ५-१० किल्ले हों, उनका नाँ कट देंदा | ऊँ तो गाम में सारे b p l हों सें | कई बे कही साश्त्री जी ताहि अक हाम भी गरीब सां ,म्हारी के फेक्ट्री चालें सें ,पर उने किताब दी कोणी | वे सारी कताब माहरे स्कूल के उप्परले कमरे में धर राखी थी | एक दिन हाम ५-६ जने स्कूल छुट्या, जब बोल बाले छात पे जा कें लुक गे | एर जब सारा स्कूल जा लिया, जब जा कें हाम ने ऊ कमरे की एक खिड़की के गज मोस लिए | ऊ माँ के भीतर बड के ,एर आपनी जीतनी चाहिए ,उतनी किताब सलेबस की एर कहानियाँ की झोलाँ में भर ली | एर एक रूंख का ढाला छात पे आर्या था ,ऊ पर के उतर गे ( स्कूल के सारे गेट बंद हो जयां थे छुट्टी होयें पाछे )| एर ऊ मास्टर ने कदे बेरा भी कोणी पाट्या | उस्से साल आधी किताब तो चोमास्याँ में टपके में खराब हो गी ,एर बगानी पड़ी | म्हारे कारण ५०-६० किताब बच गी |
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"Kisse Jyani Chor ke"
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