albaadi baalkaan key kissey.

भाई तेरी अल्बाद ख़तम होवेंगी अक न? नास्सा ती अड़ लिया से यो thread आर तेरी अल्बाद , रही सही कसर इस खाप पंचायत क threadaa ने पूरी कर राखी से | मर्री सासू आल्या ने गाहटा गाह राखया से जाटलैंड पे
 
Ravinder bhaisaab 19 page bhar liye se.. isi kitni gobhi khod rakhi se dusrya ki aapne?
Er je aur albaad ib bhi rah rhi ho te ek naya taaga shuru kar lo "Part-II" ke naam te.. yu taga ghna bada ho liya se.
Isme ib aur albaad aan ki gunjayish nahi rah rhi se :D
 
Ravinder bhaisaab 19 page bhar liye se.. isi kitni gobhi khod rakhi se dusrya ki aapne?
Er je aur albaad ib bhi rah rhi ho te ek naya taaga shuru kar lo "Part-II" ke naam te.. yu taga ghna bada ho liya se.
Isme ib aur albaad aan ki gunjayish nahi rah rhi se :D

Rahan de ne....kyun Part-II suru karwawe hai......Part I te oot ta koni......

Or oon bhi is Show ki TRP ZERO holi hai......koi na dekhta is Channel ne...:D
 
तूड़ा सा ठोक दिया भाई अल्बाधा का रविंदर ने.... एर डटे कोणी इब्बे .... चालु स सौदा .... कोए न ... काढ ले भाई मन की.... जी सा आ ज्या स तेरी अल्ल्बाध पढ़न में...
 
hahaha.....Datt jao makha....LOLLM LOLLLLLL ho jagi duniya...:rock


majaa agyaa bhai thaaraa saaryaan kaa response dekh kein er rahi TRP ki baat everage 200 hit hoven sein. baaki jo dukhi ho liye unn taahi betookey naam aalaa tagaa suru kar diyaa se , wo padh liyaa karo , chutkalyaan ke to rakesh saharawat ki najar laag gi fer bhi pannu bhai bor ho liyaa ho to kimme aur sochaa ge teri khaater .er fer bhi naa kimmey pasand aawey to aapne game khel liyaa kar, kade yo chempion er kade wo chempion.
 
एक बे म्हारे स्कूल में एक ट्रक भर कें ने किताब आई | किम्मे तो लाइबरेरी खातेर थी ,,एर किम्मे सलेबुस की थी गरीब बालकां खातर | मेहारे साश्त्री मास्टर ताहि बांडअन का जिम्मा दे दिया | एर मास्टर मुंह देख के किताब बांडे | किस्से के घर आले नोकरी करते हों ,उनका नाँ काट देंदा , कस्से के ५-१० किल्ले हों, उनका नाँ कट देंदा | ऊँ तो गाम में सारे b p l हों सें | कई बे कही साश्त्री जी ताहि अक हाम भी गरीब सां ,म्हारी के फेक्ट्री चालें सें ,पर उने किताब दी कोणी | वे सारी कताब माहरे स्कूल के उप्परले कमरे में धर राखी थी | एक दिन हाम ५-६ जने स्कूल छुट्या, जब बोल बाले छात पे जा कें लुक गे | एर जब सारा स्कूल जा लिया, जब जा कें हाम ने ऊ कमरे की एक खिड़की के गज मोस लिए | ऊ माँ के भीतर बड के ,एर आपनी जीतनी चाहिए ,उतनी किताब सलेबस की एर कहानियाँ की झोलाँ में भर ली | एर एक रूंख का ढाला छात पे आर्या था ,ऊ पर के उतर गे ( स्कूल के सारे गेट बंद हो जयां थे छुट्टी होयें पाछे )| एर ऊ मास्टर ने कदे बेरा भी कोणी पाट्या | उस्से साल आधी किताब तो चोमास्याँ में टपके में खराब हो गी ,एर बगानी पड़ी | म्हारे कारण ५०-६० किताब बच गी |
 
एक बे म्हारे स्कूल में एक ट्रक भर कें ने किताब आई | किम्मे तो लाइबरेरी खातेर थी ,,एर किम्मे सलेबुस की थी गरीब बालकां खातर | मेहारे साश्त्री मास्टर ताहि बांडअन का जिम्मा दे दिया | एर मास्टर मुंह देख के किताब बांडे | किस्से के घर आले नोकरी करते हों ,उनका नाँ काट देंदा , कस्से के ५-१० किल्ले हों, उनका नाँ कट देंदा | ऊँ तो गाम में सारे b p l हों सें | कई बे कही साश्त्री जी ताहि अक हाम भी गरीब सां ,म्हारी के फेक्ट्री चालें सें ,पर उने किताब दी कोणी | वे सारी कताब माहरे स्कूल के उप्परले कमरे में धर राखी थी | एक दिन हाम ५-६ जने स्कूल छुट्या, जब बोल बाले छात पे जा कें लुक गे | एर जब सारा स्कूल जा लिया, जब जा कें हाम ने ऊ कमरे की एक खिड़की के गज मोस लिए | ऊ माँ के भीतर बड के ,एर आपनी जीतनी चाहिए ,उतनी किताब सलेबस की एर कहानियाँ की झोलाँ में भर ली | एर एक रूंख का ढाला छात पे आर्या था ,ऊ पर के उतर गे ( स्कूल के सारे गेट बंद हो जयां थे छुट्टी होयें पाछे )| एर ऊ मास्टर ने कदे बेरा भी कोणी पाट्या | उस्से साल आधी किताब तो चोमास्याँ में टपके में खराब हो गी ,एर बगानी पड़ी | म्हारे कारण ५०-६० किताब बच गी |
Change the title to
"Kisse Jyani Chor ke"
 
मुंबई में म्हारा होस्टल मेनेजर(वो-ए जी के ग्लास में मोघा कर्या था ) जो आपनी मन मर्जी की घनी चलाया करदा | मेरे मेस इन्चार्गे बने पाछे नथ ग्या था | में भी उंने तंग करण के नए -नए तरीके टोहया करदा | आड़े चोमास्याँ में केकड़े घणे हो जाया करें | एर नालियां माँ के हंडे जाया करें एर रात नु बाहर लिकड़आया करें | मन्ने १०-१५ केकड़े पकड़ कें एर ऊ की मेज की दराज में भर दिए ,रात नु | आगले दिन वो जब ऑफिस में आया, एर ऊ ने जब दराज खोल्या सारे केकड़े लिकड़ -लिकड़ ऊ के उप्पर पड़ गे, एर वो हंडे किलकी मारदा | मेरे विरुद्ध एक पॉइंट और मिल ग्या उने |
 
आड़े मुंबई में गाडी पार्किंग एक बड़ी प्रोब्लम से | मेरा एक दोस्त जो उ.प. का से एर एक केंदर सरकार के दफ्तर में सिनिओर ओफ्फिसर से ,आपनी मोटर साइकल पड्काले के तले खड़ी कर्या करदा | उड़े एक मराठी रहवन आग्या ऊके सहारे आले फ्लैट में | एर आपने आप ने वो घणा आंडी समझे था ,लोकल होने के कारण | ई उ.प. आले की बाइक की कदे तो वो हवा काढ देंदा, रात नु,एर कदे सीट पाड देंदा | एर जब वो बहार खड़ी कर देंदा ,तो कुछ ना होंदा, बाइक गेल्याँ | एर ऊ की ठां आपनी गाडी खड़ी कर देंदा | ऊ ने या बात मेरे ताहि बताई अक करे तो यो-ए से ,पर के कराँ | में नु बोल्या, भाई इस्से मानस नु सुधारण का तो एक-ए तरिका से ,एर वो से "जेसे को तेसा" | मखा इस्से बन्दे सम्झावेन तें ना मान्या करें | ऊ की हिम्मत ना हो किम्मे करण की | २-३ दिन होगे कासमसावे ,अक किम्मे करूँ ,पर करे किम्मे कोणी | में नु बोल्या मखा चाल मेरी गेल में बताउओन्गा कुकर कर्या करें "अल्बाद "| मने ऊ मराठी की बाइक के दोनु शीशे(बेक विउ मिरर ) दो मिनट में काढ कें एर कचरा पेटी में बगा दिए | आगले दिन तें ऊ मराठी ने आपनी बाइक चुप-चाप बाहर खड़ी करनी सुरु कर दी | इन्स्टंट रसल्ट |
 
जाड्यां में गंडयाँ के भरे ट्रक रोहतक मील में गण्डा गेरन जाया करदे | रात नु हाम ८-१० म्हारी गाल के बालक कट्ठे हो जांदे | म्हारे माँ तें ३-४ जने तो थे छोटे ,५-६ जने बड्डे थे | ट्रक सहज-सहज चालते ,तो जो बड़े छोरे थे वे उप्पर चढ़ जांदे( गेल ने लटक जाया करदे ) एर हाम छोटे बालक गंडे कट्ठे करदे एर आग बाले राखेदे | एर फेर किस्से के बाहरने आगे बैठ कें ने छोत्करआँ का ढूह ला देंदे | असली मजा तो जब आया करदा जब लुगाई ,जिस के घर के आगे तडके -तड़क छोत्करआँ का ढूह लाग्या पांदा, एर जब रोला मचान्दी एक कमीना का नाश जाइयो ,इब्ब इने कूण ठावेगा | कई बे तो गाल देवन आली लुगाई का छोरा भी म्हारे में -अ सामिल होया करदा | मुफ्त के गंडे बहोत याद आवें सें |
 
एक बे में बीमार होगया गर्मियां में | साबत दिन ठाडा ताप चड्या रहा ,तो में किम्मे ना कम्मे बडबढायें गया | म्हारे घरां ३-४ लुगाई आरी थी ,वे मन्ने देख कें नु बोली अक ई के तो ओपरा ( भुत-परेत ) होर्या से | मेरी दादी जा कें ने एक सयाने ने बुला लायी | वो एक म्हारे गाम का बूढ़ा कुमाहर था | वो आया इतने मेरा ताप भी किम्मे कम हो लिया था | जब मन्ने बेरा पाट्या अक सयाने पे मेरा इलाज कर्वावेंगे | मेरे काका ने धिग्ताने में ऊ के आगे बिठा दिया, मेरे विरोध के बावजूद | फेर मन्ने नु सोची अक देख ते ल्यूं अक भूत कुकर काढ्या करें ,इब्ब ताहि तो बस सुणि-सुणि थी | वो कूमाहर किम्मे-किम्मे हु-हां बडबडान लाग्या | एर अक जेवड़ी लेर्या भार्या सी ऊ में आग ला कें एर घना धुमा कर दिया ,एर मेरी न्हाशां में अडा दी | मन्ने ऊ के धका मारया तो वो नु बोल्या देखा ई के तो बड़ा परेत बड रया से ,एर लिकड़अन तें नाटे से, में घणा हांस्या ऊ की बातां पे| इतने गाल के घणे-ए बालक भी कट्ठे हो लिए ,नु देखन खातर अक देखां भूत के माँ भूत कुकर बड्या करे | ऊ बूढ़े ने में घना तंग कर लिया ,तो मन्ने वा जेवड़ी पकड़ कें उस्से की न्हाशां में अडा दी, में नु बोल्या अक देख इब्ब जो भूत तेरे में बड रया से उने में काढूं गा | बूढ़ा तो आपनी चादर लाठी एर वा जल्दी-बल्दी जेवड़ी उड़-ए बगा कें ने भाज लिया, एर नु बोल्या ई में तो पिशाच बड रया से , मेरे बस का कोणी | उनका घर सड़क पे-ए पड्या करदा | जब किबे में खेताँ में जांदा ,एर वो बूढ़ा कुमाहर आपने बहरने आगे बेठ्या होंदा ,तो में ऊकानी चाल पड़ दा आँख काढ के ने , तो बूढ़ा भाज कें ने घर में बड जांदा | भूतां का भूत |
 
भुप्पी का बाबु आपने आप नु घना आंडी समझया करदा | लोक ऊ की इज्ज़त कर लिया करदे | वो कित्ते किस्से बड्डे अफसर का पि ए था | तो जुकर गामा में आदत हो से चढ़ान की जयां ते लोक उने भी साहब कह दिया करदे | उका बड्डा छोरा अन. डि .ए . में जैएँ पाछे तो ऊका मुंह और भी उप्पर नु होगया | ऊँ तो वो मेरा काका लागे था, एर दुसरे ठोले में थे वे , पर भुप्पी की दादी एर मेरी बड्डी दादी सगी भान थी ,जयां तें महारा उनका आणा- जाणा था | भुप्पी ( आजकाल सुण्या से अक यो एक हरयाणा के बड्डे लीडर का पुन्झअड़ बनया हांडअन लाग्र्या से ) मेरी गेल कोलेज में पढ्या करदा | एर घन खरी बे मेरी किताब मांग ले जाया करदा | एक बे पेपर सर पे आलीये ,एर मांगे पाछे भी कई बे उने मेरी किताब ना लोटाई | ऊ के घर के कई चक्कर हो लिए थे मेरे | एर उनका घर भी म्हारे घर तें १.५ की. मी. पड़े था | आई बरियाँ ऊ का बाबू किवाड़ खोलता ,एर नु कंदा अक फेर आइये वो आड़े जार्या से ,उड़े जा रया से ,एर वो तेरे की ढाल ठाली ना हांडता | मन्ने भुंडा तो लागता पर के कहू ,बड्डा मानस , खाम खा मेरे बाबू पे छित्वा दे | ४-५ बे गेडे में भुप्पी का बाबू मेरे तें नु बोल्या ,आपने बाबू ने कह दिए अक किताब ना दुवा सकदा तो कु कोलेज में दाखला दुवा राख्या से | मेरे छो उठ्या, मखा हद होगी ,मेरी-ए किताब बर्तन लागरे एर मन्ने-ए सिक्सा दे | में भुप्पी के बाबू ने बोल्या ,अक पहलम भुप्पी ने कह दिए, अक वो आपने बाबू ने कह दे गा ,अक किताब ना दुवा सकदा तो कोलेज में क्यों खान्दावे से | गाम के बालकां की किताब माँगता हंडे | भुप्पी के बाबू पे घड़ों पानी पड़ ग्या एर ऊ की सारी टरअड़ बह गी | ऊ दिन पाछे में कदे उनके घरां किस्से काम तें चाल्या भी गया तो मेरी काकी ने कंदा एक करिए ई तें बात एर आप एकोड नु चाल्या जांदा |saag de er fuhad kuwahwe|
 
मेरा दुसरे नंबर का काका हरचंद हाली था | जब वो छोटा था ,वो सकूल जान तें कती नाट गया एर नु बोल्या अक चाहे डांगर चरवा ल्यो पर मदरसे नि जावूँ , तो ऊने पाली घाल्या करदे | एक दिन वो कसूता रूस गया एर किस्से तें ना बोले | वार होगी डांगर भी कोणी खोले ऊने | फेर हान्ग्या सी ऊ पे बुझी अक के बात होगी | वो न्यू बोल्या अक सारे घर के तो नई रोटी खावें एर मन्ने पुरानी रोटी दे के खंदा दे | में क्यों पुरानी रोटी खा के डांगर चरावुन | आस्ल में वो बखत तें जाया करदा तो मेरी दादी उने बासी रोटी बांध के दे दिया करदी | इब्ब ताहि हाम उस काका का मजाक उड़ाया कराँ अक काका पुराणी रोटी खा गा के | भोला जाट |
 
एक बे मेरी छोटली बेबे मेरे मामा के जारी थी | उनके पहली मंजिल के बारजे (बालकनी ) के कती धोरे के बिजली के तार जारे थे | एर जयां तें बारजे के माड़ी उप्पर ताहि जाली करवा राखी थी | मेरी बेबे उधम मचांदी एकली खेलन लागरी थी ,बारजे में | माड़ी वार पाछे अचानक ऊ की वाज आणि बंद होगी ,तो मेरो मोसी नु जा कें देख्या अक के होया छोरी के | वा बिजली ने पकड़ राखी थी ,जब मेरी मोसी ने अक थापी जो उड़े-ए पड़ी थी वा ठा कें ने मारी ,जब वा छूटी | जब उने माडा सा होंस आया जब बुजी अक के होया था ,तो वा नु बोली अक चिक्ला (चिडया का बच्चा ) पकडूँ थी | वा चिकले के चक्कर में जालियां पे चढ़ गी थी एर हाथ लफा कें चिकले नु पकडे थी | इब्ब ताहि हाम उका मजाक कर्या कराँ मखा मर जांदी तो खर्चा बच जांदा |
 
तेरी अलबाद चंद्रकांता की ढाल हो ली न्यू इ नहीं बेर पट-ता कुण कुण है? कद सी थम्बेगा ?
 
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