albaadi baalkaan key kissey.

मखा भाईसाब ४०० पोस्ट होगी सै अर ईकिष्वा पन्ना चालू हो लिया सै | किते ओर-छोर सै के नहीं इन अल्बादा का ??;)
 
मखा भाईसाब ४०० पोस्ट होगी सै अर ईकिष्वा पन्ना चालू हो लिया सै | किते ओर-छोर सै के नहीं इन अल्बादा का ??;)

me ke karoon deepak bhaai , aur yaad aa jaawen sein. fer likhe binaa datyaa ni jandaa. er makhaa lok bhi nu kahwey sein ak kimmey to se jo aachhaa laage se , naa to jat saarey thredaan pe ladtey bhidtey paawe sein.
 
एक बे मुनिसप्लीटी ग्राऊंड में अपोलो सर्कस आर्य़ा था | तो एक दिन म्हारी गाल के बालकां ने देखन की पलान बनाई एर एक तेथान ( गनेशिया सकूटर ) भाड़े पे कर ली | उन में आधे बालक तो ऊँ-ए लटक लिए बिना पिस्स्याँ | उड़े जा कें बुझी अक रे पिस्से दो , पिस्से हों तो दे | फेर हामने सोची अक म्हारे धोरे भी इनने पिस्से कोणी एर घंखरे बालक छोटे थे उन्ने बहार भी कोणी छोड़ सकें थे | हामने कई बड्डे बालक पहलम भीतर टिकट ले कें खंदा, दिए एर उन् ताहि नु कह दी अक इस्सी थां देखो अक बाकी के बालकां नु भीतर बाड़ सकां | उन्ने एकड़ वासी जित उनके हाथी बंध रे थे एर उड़े कोए ना था वा ठा बताई, उड़े अन्धेरा भी था | पांच मिनट में-ए हामने १०-१२ बालक माड़ा सा पतरा हटा कें एर वे बेठन के तख्ते थे उन् पे खींच-खींच के ने चढ़ा दिए | सारे बालक राजी हो कें ने आये | मोजाँ ही मोजाँ |
 
एकबे १० बजे पाछे म्हारे कालेज में कोए क्लास ना थी ,जयां तें में सोनीपत स्टैंड आग्या , ओड़े एक काम निपटा के पायां चाल पड्या | रोहतक रेडियो स्टेशन धोरे एक सिनेमा हाल था , इब्बी से अक नि बेरा ना ,एर ऊ का नाँ भी याद कोणी | कई बे पिस्से ना होंदे तो पोस्टर देख कें काम चला लिया करदे | में उस सिनेमा हाल में पोस्टर देखन चाल्या गया | उड़े कोए बाल फिलम का शो था तडके का एर किस्से स्कूल आल्याँ ने बुक कर राख्या था | उद्दे घने सारे स्कूल,के बालक थे एर उनके मास्टर एर मास्टरनी | एक मास्टरनी एक सीनियर से मास्टर ने नाँ ले के बुलावे थी ( मान लो रामफल मास्टर ) | तो में भी बालक-ए था १४ साल का स्कूल के बालकां में रल गया | एर भीतर बाद ग्या | हाल बुक था तो कोए गेट किप्पर भी ना था | गेट किप्पर बालकां नु बिठान लागरे थे सिटआँ पे | में तो स्कूल ड्रेस में ना था एर हाथ में किताब भी लेर्या था , बाकी बालक तो फिलम देखन खाली हाथ आ रे थे | तो गेट किप्पर ने बुझ लिया अक तू कूण से |इ नु बोल्या अक रामफल मास्टर का छोरा सूँ एर ऊ ताहि बता भी दिया गेल ने हाथ कर कें अक देख वो बेठ्या | एर भाई आपां तो देख कें मुफ्त की फिलम डाकां आये | मस्त बचपन |
 
रोहतक रेडियो स्टेशन धोरे एक सिनेमा हाल था , इब्बी से अक नि बेरा ना ,एर ऊ का नाँ भी याद कोणी |

"Palace".
Tod diya ghane e saal pahla er market khol di uski jagah. Mane skool te bunk mar ke pahli filam ude e dekhi thi:cool:
 
भाई रविंदर , तेरी गेल त इसा काम हो रा है अक आँख खुलते साथ किस्सा तैयार पावे से तन्ने :rock :D
 
re deepak,
badi kasuti memory hai bhai teri to
abhi tak naam yaad hai
hahahah

Bhai ek to wo hall mhare skool ke dhore tha jma, er dusra uski kursi bhot ghani todi thi mar-mar latt :D (kayi be ude bijli bhaj jaya karti, te log kilki mare jante er gel samhi khali padi kursiya ke latt mare jate.. hum jya mari sabte pachli seata ne bhaj ke pakda karte :D)
 
भाई रविंदर , तेरी गेल त इसा काम हो रा है अक आँख खुलते साथ किस्सा तैयार पावे से तन्ने :rock :D
jab manne yo taagaa suru karyaa thaa toh mere bhi ye saarey yaad koni they. kai kissey to auoraan ki albaad likhey paachhey yaad aaye. kimmey mere baabu ne yaad duwaa diye.manney nu sochi thi ak mey to sidhaa-saadhaa baalk su, manne to maadi -moti albaad kar raakhi s. makhaa dusrey to taade nu bhar de gey. par aadey to koye albaadi-a naa paayaa, manney ekley-a ne taagaa kheenchnaa pad ryaa s. ek s JL pe gohaane kaa jat ,uss ne ek post me nu likh raakhi thi ak me ghanaa oot er albaadi su, jab mere yo ideia aayaa thaa par oo gohaane ke jat ne to aaj taahi ek bhi albaad naa likhi se.
 
Ravinder ... bhai aajkaal ke baalak sirf internet pe alllbaadh karein sein... poke kar diya.... kise ke status pe comment kar diya.... :)

Dhooma thaawan aali allbaadh to gaam mein e hoya kare baalkan ki.. :))



jab manne yo taagaa suru karyaa thaa toh mere bhi ye saarey yaad koni they. kai kissey to auoraan ki albaad likhey paachhey yaad aaye. kimmey mere baabu ne yaad duwaa diye.manney nu sochi thi ak mey to sidhaa-saadhaa baalk su, manne to maadi -moti albaad kar raakhi s. makhaa dusrey to taade nu bhar de gey. par aadey to koye albaadi-a naa paayaa, manney ekley-a ne taagaa kheenchnaa pad ryaa s. ek s JL pe gohaane kaa jat ,uss ne ek post me nu likh raakhi thi ak me ghanaa oot er albaadi su, jab mere yo ideia aayaa thaa par oo gohaane ke jat ne to aaj taahi ek bhi albaad naa likhi se.
 
एक बे गर्मियां की छुट्टी होरी थी ,एर मेरे मामा की कोट्ठी बने थी, झांग कालोनी रोहतक में | तो उनने में बुला लिया लेबर मिस्त्री गेल्याँ रहवन खातर | मेरे मामा मामी दोनु नोकरी करा करदे | वा कोठी एक पुरानी कोट्ठी नु पाड़ कें बनावे थे | तो ऊ में घना लोहा एर शीशा खिड़कियाँ का लिकड़ा तो वो मन्ने कट्ठा कर लिया कबाड़ी ताहि बेचन खातेर | मेरे मामा का छोरा गुलू फोगाट ऊतां का उत था | ऊ तें बाध उत बालक मन्ने आज ताहि नि फेट लिया स | वो मन्ने शिला टाकिज में फिलम दीखान लेग्या जो माड़ी सी दूर था , अक भाई चाल में टिकट लूंगा दोनुआ की | में चाल्या गया ऊ की गेल ,मन्ने के बेरा था यो मेरी गेल के करेगा | माडी फिलम चाल्दे-ए वो नु बोल्या अक मेरे तो मरोड़ा उठ गया ,तू देख फिल्म में यो आया | वो तो आधे पोने घंटे पाछे आया | जब में उलटा कोट्ठी पे पुन्च्या फिलम देखे पाछे, तो मेरा कट्ठा कर्या होड़ शीशा एर लोहा उड़े था-ए कोणी | जब मन्ने मिस्तारियाँ पे बुझी तो उनने गुलू का नाँ ले दिया अक यो बेच के गया स ,माडी वार पहलम | गुलू नाट गया ,अक में तो तेरी गेल फिलम देखूं था , में कुकर बेच सकूं सु , ये सुसरे झूठ बेले स | में नु बोल्या तू पहलम ते -ए पलान बना के गया था एर तन्ने-ए बेचे स ,तू मरोड़े का झूटठा बहाना बना के एर यो काम कर गया | मने कह दी अक में इब्ब थारे कोणी रहू, क तो मेरे पिस्से दे-दे जिनने भी होए स ,तो वो नाट गया अक जब मन्ने बेचे कोणी तो में पिस्से किथों दू | जब महारा रोला होर्या था, तो ऊ की माँ आगि ड्यूटी पर तें, वा भी नु बोली गुलू झूठ ना बोले | में चाल पड्या आपने लत्ते ठा के म्हारे घर कानी | ऊ की माँ ने गुलू समझाया अक यो चाल्या गया तो आड़े चेजी लाग री स एर काम कूण संभालेगा (गुलू ताहि ऊ का बाबू लेन -देन का या कोए भी जिम्मेदारी का काम कोणी दिया करदा, वो पिस्से थान्दे-ए रफ्फु चक्कर हो जाया करदा ) एर तेरा बाबू आंदे-ए तन्ने तोड़े गा | गुलू मेरी गेल-गेल हो लिया हाथ-पा जोड़ दा अक भाई माफ़ कर दे मन्ने-ए बेचे थे एर ये ले तेरे १०० रपिये तू उलटा घरां चाल | में नु बोल्या अक इब्ब तो दुगने देने पड़ेंगे ,में ऊ की मजबूरी समझूं था | ऊ ने आपनी माँ पे १०० रपिये और ले के दिए | फिलम भी देखि एर १०० के २०० भी बनाए | गुलू हमेशया दुसर्यां नु ठाग्या करदा ऊ दिन वो आप फंश गया | माँ का बिगाड़ा होया |
 
Ravinder ... bhai aajkaal ke baalak sirf internet pe alllbaadh karein sein... poke kar diya.... kise ke status pe comment kar diya.... :)

Dhooma thaawan aali allbaadh to gaam mein e hoya kare baalkan ki.. :))

sahi kahi anil bhai , aadey to kaagji sher sein, post pe post likhe jaa se, par dam-kham kimmey naa s,,,, virtual pahalwaan!!!!
 
म्हारी गाल में एक था हवा सिंह ,धोल क्पड़ीया | उंने कददे कोए काम नि कर्या ,आपने बालक पीटन एर पैदा करण के सिवाय | ऊँ तो उनके तीन मंजिल की पुरानी हवेली थी एर ६-७ किल्ले भी थे | पर ऊ के ७ छोरे एर ३ छोरी थी | ऊ के बालक बियाहे ना जावे थे| बयोंत घणा माड़ा था | हवा सिंह की बहु के भाई ना थे ,तो वा आपने पीहर की जमीन बेच आई | उन् पिस्स्याँ तें हवा सिंह ने पहलम तो आपनो छोरी बियाही ,एर सारे बालकां के २-२ जोड़ी लत्ते सिम्वाए ( यो वो-ए कुनबा था जिनके बालक म्हारे लत्ते मांग के पहरया करदे,गाम गमिने जावन खातर )| किम्मे पिस्से बच गे उनका एक मकोड़ा ट्रेक्टर ले लिया, पुराना, वो धक्का इस्टआट था | इब्ब ट्रेक्टर तो ले लिया पर हेरो,ट्राली एर फाले लेवन के पिस्से ना रहे | तो वे किब्बे किस्से के ,एर किब्बे किस्से के सामान मांग के काम चलाया करदे | लोक नु कहन लागे ,अक इनने खेती करण खातर ना लिया ट्रेक्टर ,यो तो छोरे बियाह्वान खातर लिया स | एर या बात साची भी लिकड़ी , उनके तीसरे नम्बर( एक वो-ए था जो ५मि ताहि पढ़ रया था उका भी पढ़या-लिख्या होने के कारण हो गया ) के छोरे का बियाह होंदे ,साल भीतर उने ट्रेक्टर बेच भी दिया था | उनका घर सड़क पे था | वे अपना ट्रेक्टर बहरने आगे खड्या कर्या करदे, जित घुरडान सी थी | जुकर धक्का मारना हो तो तावला सा ईस्टआट हो जा, ऊँ भी वे आप भतेरे थे धक्का मारनिये उनने किस्से की जरुरत भी ना थी | वे मेरे दोस्त नरेंदर हर की हेरो मांग ले गे ,एक बे, एर वा सड़क पे के तेजी तें चला दी ,जी के कारण हेरो के तवे खुंडे होगे | उनने कदे ट्रेक्टर बहाया तो था ना जयां तें इन् बातां का बेरा भी ना था | जब नरेंदर हर ने उन ताहि नु कही अक भाई मांग के ले गे थे तो इब्ब इने चांड लवा के ठीक भी कर्वावो , तो वे नाट गे अक या तो पहलम तें-ए खूंडी थी ,एर महारा तो आना जाना भी बेकार गया ,खेताँ में म्हारी ढंग तें बहाई ना होई | इब्ब और किस्से की मांगनी पड़ेगी हेरो | तम ने पहलम-ए तें खूंडी हेरो म्हारे सर ला दी | नरेंदर बोल्या भाई साग दिया एर फूहड़ कहावे , इब्ब आगे तें तो के मांग ले गे किम्मे, पर इन् ताहि सबक सिखाना चाहिए | इब्ब हाम सोचन लागे किम्मे समझ में कोणी आवे ,मांगन खातर भी उनके किम्मे ना था | फेर एक रात ने हामने उनके ट्रेक्टर की ऑट हटा दी ,अर ट्रेक्टर जा खडा होया सड़क के बिचाले | रात नु हाई वे होने के कारण ट्रकआँ तें भरा चाल्या करदा | माडी सी वार में-ए उड़े लेन लाग गी एर सब बजावें होरण | सारी गाल के मानस उठ आये , अक रे कदे कोए अक्सिडेंट तो ना होग्या स | फेर रात ने-ए लोकां ने सलाह़ा दी अक रे इन्ने डिगा दो इब्ब तो थारे छोरे का बियाह भी हो लिया | क्यों गाम के डंडा दे राख्या स खाम खा का | बस और तो किम्मे कर ना पाए पर बेज्ती तो कर-ए दी उनकी | ऊँ भी कोए इज्ज़त ना थी |
 
महारा मुंबई का इनसिटीटूट दिफ्फेंस की गेल जुड़ रया था जयां तें हामने ncc का "c " सार्टिफिकेट करना जरूरी था | तो एक बे महारा केम्प लाग्र्या था मलाड में उड़े मुंबई के कई कालेज के छोरे एर छोरी भी आरे थे, लगभग २०० जने | में केम्प कप्तान था | २०-२२ दिन का केम्प था | मन्ने बेस्ट केम्प केडेट का अवार्ड भी मिल्या आखरी दिन के फंक्सन में | मन्ने ३ हफ्ते में ,३ क्रोस कंट्री दोड़ जीती | पाछले साल में ३ बे रकत दान कर्या | बेस्ट कल्चरअरल अकतिविति का अवार्ड मिल्या ( मन्ने २२ दिन ताहि रोज १०-१५ चुटकले सुनाये थे ) एर रायफल शूटिंग में दुसरे नम्बर पे आया , पहला नम्बर एक दसिए के सुरेंदर सिंह दूहान का था , वो कुंझ्पुरे का पास आउट था | इस कारण कई मराठी केम्पर जो मेरे बेच मेट थे वे मेरे तें चिड गे | उनने और किम्मे तो पाया ना बस का, मेरे सूटकेस के उन् ने किस्से धार दार हथियार तें घनी खरोंच मार दी | मन्ने बेरा पाट गया अक यो किन का काम था | रात ने जब सारे सो लिए म्हारी बारिग में तो मन्ने टूथ पेस्ट ले कें उन् सारयां के जो इम्मे सामिल थे, कछ्याँ पे टूथ पेस्ट ला दिया | कोए मुधा सोवे था एर कोए सुधा | ताड्कें-तड़क हंडे कोए हाथ ,पा एर आगा -पाछा धाँस रया | सारयां ने मारी किलकी एर उनका मजाक उड़ाया कसूता | किस्से ने शिकायत भी ना कर सकें थे | केम्प ख़तम | तू डाल-डाल, में पात-पात|
 
म्हारे २-३ किल्ले मदीने की सीम कानी पड़े सें तो उड़े उन् खेताँ में मानस भी कम-ए पावे स | एर नून के लोग भी म्हारे बर्गे बालकां नु कमे पिचान्या करदे | में जब ११-१२ साल का होउंगा | उन् खेताँ कानी आना जाना कमे होया करदा | जवार एर बाजरा बो दिया करदे | तो एक बे में राही-राही जावन लाग्र्या था ,चोमास्याँ के दिन थे ,गंडयाँ में ५-६ पोरी पड री थी एर एक गंडा बंगा हो के राही पे आर्या था | में उने सीधा करण लाग्या तो वो पाट कें ने हाथ में आग्या | मन्ने ऊ का गोला तोड्या तो उड़े जी का खेत था वो लुक कें बेठा था | वो लिकड़ आया एर नु बोल्या तू-ए वो चोर स जो म्हारे खेत में उजाड़ करण लाग्र्या था रोज की रोज | मन्ने कही अक में तो उरान आज-ए आया सु, कोए और होगा पर इतने में-ए वो मेरे कानी झपटा पीटन खातर ,तो में गेल नु हट गया तो ऊ के मेरे काँधे पे धरी दांदी ( दराती ) हाथ में आगि, पर उतने में ,उड़े तें में भाज गया | मन्ने फेर चक्कर काट कें घरां आ कें, दूसरी दांदी ले कें जानी पड़ी ,एर रह भी घूम कें लांबी पकडनी पड़ी | पर मेरे वो खटक ग्या ,अक खाम खा मेरी गलती के बिना मेरा नुक्सान करा | में दो दिन पाछे अन्धेरा होए पाछे गया , एर १५ -२० गंडे, जिन्ने मेरे पे चाले उतने पाड़ लिए एर म्हारी जवार में जा लुकोये | फेर दो दिन ताहि मन्ने गंडे चुन्घे | नु होया करे उजाड़ |
 
म्हारी सोसाइटी में एक बंगाली रिटायर्ड (रिटारडैड) बुड्ढा -बुड्ढी रह्या करें , वे बालकां ने आपने घर के आगे खेलन ना दिया करदे | उनके खेलने खोस कें धर लेंदे डले मार्दे, बाल्कां के माँ बाबुआ नु गाल बकदे | एक बे होली आले दिन वे बाहर गार्डन में, जित सारे बालक कट्ठे होरे थे ,आगे एर गाल बकन एर पत्थर फेकन लागे | में बाल्कां नु बोल्या, अक एक पलान के अनुसार काम करो, ये नु कोणी माने | छोरियां ताहि कही अक तम उनकी बालकनी के आगे के भाज कें जाइयो (उनका घर गराउन्द फ्लोर पे स ) एर छोरे बाल्टी पानी की भर कें उड़े खेड़े कर दिए | जब छोरी भाज्ती लिकड़ लें गी तो उससे टेम छोर्याँ नु गाधला पानी उनकी बालकनी में बगाना था | पलान के मुताबिक़ ८-१० बाल्टी गाध्ला पानी उनके घर में | उनकी बालकनी में इनवर्टर धरया था वो भी जल गया | एर उनके सोफे गलीचे सारे गयार्म -गयार | वे जा के पोलिस कम्प्लेन भी कर के आये पर पुलिस्याँ ने भी भजा दिए कुयोंकी वे सारी हान, किस्से ना किस्से की कम्प्लेन लिखांदे हंडे जाया करदे ,तो पुलिस आले भी उन् तें तंग थे | उनने भी वे भजा दिए अक होली स नु तो होया-ए करे | जब पाछे वे बालकनी में खड़े हो के गाल बका करें, बाहर आना बंद होग्या उनका | बोका बंगाली |
 
म्हारे खेत नहर तले पड़ें सें | तो एक साल इस्सा होया ,अक बखत त्यें पानी भर्ग्या चोमास्याँ में , एर म्हारी जवार गल गी | तो हामने मेरे दोस्त नरेंदर हर की २-३ कनाल जवार मोल ले ली | उनने ४-५ किल्ले जवार बो राखी थो जो गाम धोरे था एर उड़े पानी भी कोणी भर र्या था | तो उनने आपने जोगी राख कें, कनाल के हिस्साब तें जवार बेच दी लोकां ताहि | म्हारे साहरे एक दुसरे ठोले के आदमी ने एक कनाल जवार ले ली | वो भी रोज दो भरोटे लावे एर हाम भी | उका फेर सहज चाले एर महारा तेज | जवार घनखी भी एकसी | वो मेरा बटा पाछे तें म्हारे फेर माँ तें एक भरोटा जवार रोज काट लयावे | मन्ने नरेंदर ताहि कही एक रे यो जवार चोरी करे स | तो हामने निसान ला दिए डीहकड़े ला कें | वो आगे-आगे तें गेरा भर कें काटे था हर खूड माँ तें जयां तें बेरा ना पाटे था, तावाला सा | मन्ने ,सुरेंदर ने एर नरेंदर ने पलान बनाई एर एक रात नु ला कें ट्रेक्टर ट्रेली नरेंदर हर की (जब ताहि जवार आधे किल्ले ताहि जा ली थी ) एर वा आधी कनाल बची होई उस बन्दे की जवार काट कें एर नरेंदर हर के गंडासे में काट कें जो उड़े-ए खेत के कोठड़े में था, एर म्हारे तिनुआ के घेर में डांगरा आगे एर, गण्डास्याँ आगे गेर दी | आगले दिन वो बन्दा आया नरेंदर धोरे एक कोए म्हारी जवार चोर लेगया ( नरेंदर खेती सम्भाल्या करदा उके बाकी तीन बड्डे भाई नोकरी कर्या करदे ) | नरेंदर बोल्या भाई हामने के जवार का बीमा कर्या राख्या स | आड़े तो पहलम एतीं जवार चोरी हो ज्या स तन्ने भी बेरा स | हाम कुछ नि कर सकदे | चोर के घर चोरी |
 
महारा होस्टल सुपरिडेंट एक मराठी था | ऊ का कुनबा भी उड़े-ए रह्या करदा एक २ कमर्याँ का कवाटर दे राख्या था ऊ ताहि | जब में मेस इंचार्ज बन्या तो तो मन्ने देख्या एक यो मुफ्त के रोज एक दर्जन अंडे घरां मंगवाया करदा | मेरे तो पहलम एक भैया मेस इंचार्ज था ,तो यो ऊ गेल्याँ सेटिंग करया था | यो भैया भी खूब अंडे खान्दा एर बिल एक बिल्ली के सर ला देंदे | मन्ने देख्या रजिस्टर ठा कें ऊ में रोज की इन्ट्री २०-२२ -२४ अंडया की होंदी एर नु लिख्या रेंदा " इअटन अप अंड डेमजेड बाई केट"| मखा ई बिल्ली ने गिनती भी आवे स एक रोज इनने अंडे खाने एर बगाने स | मन्ने चीफ कूक पे बुझी अक बिल्ली कित के बड़े स स्टोर में , तो उने हान्स के ने बता दी | एक भींत में मोघा था अक आड़े के बड्या करे | उंने बेरा था अक अंडे कित जावे स | वे भी २-४ अंडयाँ पे हाथ साफ़ कर लिया करदे | में तो शाकाहारी था मन्ने के अंडे खाने थे ,वो मोघा बंद करवा दिया एक जाली लुवा के | होस्टल सुपरिडेंट आ लिया तडके- तड़क मेस में भड़कता होया अक इब्ब ताहि अंडे क्यों नि पोंचे | उड़े उंने में दिख्या तो उलटा-ए हो लिया | ऊने मेरी रेपुटेशन का बेरा था अक ई के फंश गया तो यो छोड़े नि गा | में हान्स के बोल्या अक सर जी बिल्ली बरती रहन लागी | उका माडा मोटा असर तो आप पे पड़े-ए गा |
 
एक बे मेरे मामा का छोरा गुलू फोगाट मेरे धोरे मुंबई आग्या थोड़े दिन रहवन खातर | में अथ्लेटीक्स में था तो मेरे धोरे कई ढाल के स्पोर्ट्स विअर थे | ऊके एक कच्छा पसंद आग्या एर वो नु बोल्या अक रविंदर यो कच्छा मन्ने दे दे | में उने नाट ग्या एक में कोणी दू एक तो महंगे आवे स एर उप्पर तें तन्ने के करना स ई का | कई दिन पाछे जब वो जावन लाग्या तो ऊकी आदत के अनुसार उंने काये ना काये पे हाथ साफ़ करना था | मेरे पहलम -ए शक होर्या था, अक कदे यो कच्छा ना लुको ले जा, मन्ने मेरे दो कच्छे जो स्पोर्ट्स खातर थे, वे भे दिए |एर वा-ए बातपाई, उन् माँ तें एक कच्छा गायब हो चुका था | मन्ने ऊ का झाड़ा लिया तो किम्मे ना पाया | पर वो था कसुता दिमागदार ,वो नाटे जरूर था, पर मन्ने बेरा पाटर्या था, अक काम तो ई का-ए कर्या होड़ से | उ की सारी चीज चेक करे पाछे मन्ने ऊ के लत्ते काढवाए | डाकि निचोड़ कें आला कच्छा आपने कच्छे के तले पहर रया | पकडे पाछे भी कच्छा काढअन तें नाट ग्या | | टिकट तो मन्ने-ए खरीद कें देनी थी | जब में नु बोल्या अक में तन्ने टिकट कोणी खरीद कें दू , जब जा कें उने मेरा कच्छा काड्या | कच्छा चोर |
 
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