ajit ne thread suroo karyaa
kavitaa se khali man bharyaa
ak ismey kuchh aapnaa bhi jod laao
tukbandi ke baadshah ban jaao
par aade to asli baat paachhey rehgi
kavitaa apas ki taang khinchaai me dehgi
main usstey ghana pyar karya karta.... par wa mera dil sa tod gii...,
isaa lagya jannu jethh ke mhiney main, mhais dhaar dena chhod gi...
wah jiभाई मैं ए शुरुआत कर दयूं आपकी कविता मैं,
बढिया लगे तो ठीक, ना तो ओर लैन जोड लियो:
घड कै मूरत अपणे जैसी, फ़ेर घाल दी जान,
अपणे धोरे तै फ़ेर दे दी धरती की उडान!
हा हा हा .......लील भाई .....डट जा मका .......भैंस हाथल हो रही थी उसक ....:rock:rock
अर्र इब्ब ते या हालत हो रही से की :
हमने किसे ते प्यार कोन्या , क्यूंकि किसे ने हम ते प्यार कोन्या !
म्हारी जिन्दगी ते इसी होगी जणू म्ह्सा की खोर में न्यार कोन्या !!!
हा हा हा .......लील भाई .....डट जा मका .......भैंस हाथल हो रही थी उसक ....:rock:rock
अर्र इब्ब ते या हालत हो रही से की :
हमने किसे ते प्यार कोन्या , क्यूंकि किसे ने हम ते प्यार कोन्या !
म्हारी जिन्दगी ते इसी होगी जणू म्ह्सा की खोर में न्यार कोन्या !!!
कलयुग मेंएक जाट, जाट
दो जाट रोल्ला
तीन जात खूंड
चार जाट - चाल जोहड़ में नहान चालेंगे
कहते है उसके घर में देर है अंधेर नहीं
पर म्हारी खोर में ते आज भी न्यार नहीं
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