कौन हैं बाबा रामदेव?
बाबा रामदेव (रामकिशन यादव) की उम्र लगभग 45 साल है. हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में पैदा हुए. 8वीं तक स्कूल में पढ़े, फिर गुरुकुल में भर्ती हो गए.
क्या बाबा रामदेव कोई महापुरुष हैं?
ऐसा कहा जाता है कि बाबा रामदेव का शरीर लकवाग्रस्त था और उन्होंने योग की बदौलत अपने शरीर को चुस्त-दुरुस्त किया, हालांकि उनके चेहरे पर अभी भी लकवे की कुछ निशानियां शेष हैं... हुम्म...तो बाबा रामदेव ने परिणाम हासिल करके दिखाया...बढ़िया...बाबा रामदेव ब्रह्मचारी भी हैं और ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि उनके साथ कभी किसी स्त्री का नाम जुड़ा हो...यहां तक कि कुछ फिल्म अभिनेत्रियां भी उनके संपर्क में आईं, लेकिन बाबा रामदेव को प्रभावित नहीं कर सकीं...बहुत खूब...
बाबा रामदेव की अपनी शख्सियत यह है...बाबा रामदेव कितने बड़े तपस्वी हैं, कितने बड़े चरित्रवान है, यह तो उनके अंजाम से पता चलेगा. अभी तो उनको देखकर ऐसा कुछ नहीं लगता कि वे कोई दिव्य या अवतारी पुरुष हैं...45 साल की उम्र के उनसे भी सफल, नामचीन, फिट और स्वस्थ अनेकों लोग इस दुनिया में मिल जाएंगे...ऐसा भी कुछ नहीं है कि वे 45 साल के नहीं दिखते...
बाबा रामदेव ने जनमानस का क्या भला किया?
बाबा रामदेव ने जनमानस को योग की शिक्षा दी. आयुर्वेद से बड़ी-बड़ी बीमारियों के उपचार का दावा किया...यहां बात में कुछ दम नहीं है...क्या योग से कोई इंसान दुखों-बीमारियों से बच सकता है? हरगिज नहीं...क्या योग से एड्स, कैंसर जैसी बीमारियां ठीक हो सकती हैं...बकवास बात...किसी को एकदम से हार्ट अटैक पड़ जाए तो उसे योग करवाना चाहिए या अस्पताल लेकर जाना चाहिए? किसी को तेज बुखार हो, पथरी हो, मधुमेह हो, टी.बी. हो तो क्या योग उसे ठीक करेगा?...बकवास बात...योग से तो कोई पहलवान भी नहीं बन सकता...शरीर को ठोस बनाना है तो दौड़ना सबसे बेहतरीन व्यायाम है...शरीर को मजबूत और ताकतवर बनाना है तो दंड-बैठक और यदि शरीर को शानदार शेप देनी है तो वेटलिफ्टिंग, डंबल से बढ़िया कुछ नहीं...तो ये योग क्या बकवास है...माना कि योग भारतीय संस्कृति का हिस्सा है और मुझ मामूली इंसान को योग पर सवालिया निशान नहीं लगाना चाहिए, लेकिन केवल इसी वजह से तो योग का अंधसमर्थन नहीं किया जा सकता...सब लोगों को एक वहम है कि बाबा रामदेव की योग शिक्षा से लोगों के दुःख दूर हो रहे हैं...दिल्ली के लोग सोचते हैं कि चंडीगढ़ के लोगों के दुःख दूर हो रहे हैं और चंडीगढ़ के लोग सोचते है कि भोपाल के लोगों को योग से फायदा हो रहा है...लेकिन लगता है कि किसी को कुछ फायदा नहीं हो रहा 10-15 % को छोड़कर...
क्या बाबा रामदेव की औषधियां सचमुच प्रभावी हैं? मुझे याद है कि कुछ समय पहले मेरे पिता को मूत्र संबंधी समस्या हो गई थी. मेरे पिता एक वैद्य से बाबा रामदेव की आयुर्वेदिक औषधियां लाएं, जो कि काफी महंगी थीं, इसके बावजूद उन्होंने कोई असर नहीं दिखाया...फिर निराश होकर हमने अस्पताल में लेजर से ऑपरेशन करवाया और ऐसा फायदा हुआ कि न तो मेरे पिता को और न ही मुझे इसकी उम्मीद थी. बाबा रामदेव की आयुर्वेदिक औषधियां धरी की धरी रह गईं, जिन्हें एक दिन मैं कूड़ेघर में फेंक आया...बाबा रामदेव एक बहुत अच्छी बात कहते हैं कि योग के साथ-साथ अपना आचरण भी अच्छा रखो...ये वो असली बात कहते हैं...आचरण, यानी चरित्र...यदि योग करके कोई इंसान पूरी तरह से सुखी हो गया तो फिर उसे क्या मिलेगा, जो योग के साथ-साथ अन्य व्यायाम भी करेगा और साथ ही अपना आचरण भी अच्छा रखेगा...बाबा रामदेव योग की शिक्षा देकर कोई बुरा कार्य नहीं कर रहे, लेकिन इससे लोगों के दुःख दूर हो जाएंगे...बकवास बात...योग के साथ-साथ भारतीय संस्कृति की पहचान एक और चीज से भी है, जिसे हम भूल गए...वह है तपस्या...यही वह असली चीज है, जो हमें जीवन की परीक्षा में (उदाहरण के लिए) 100 में से 100 नंबर दिलवा सकती है...योग वगैरह से 65-70 से ज्यादा नंबर नहीं हासिल हो पाएंगे और इतने नंबरों का मतलब है कुछ न कुछ मात्रा में दुःख झेलना...
तो बाबा रामदेव ने जनमानस का कुछ विशेष भला नहीं किया है...
क्या बाबा रामदेव कोई ढोंगी व्यक्ति हैं?
नहीं, नहीं, बाबा रामदेव सच्चे देशभक्त, चरित्रवान, धार्मिक और ईमानदार शख्स हैं.
क्या इस वजह से उन्हें देश की बागडोर सौंप देनी चाहिए?
नहीं, नहीं, यह ठीक नहीं होगा...उन्होंने राजनीति के क्षेत्र में कोई मेहनत नहीं की है...यदि उन्हें बिना मेहनत किए राजनीति में भी सफलता प्रदान कर दी गई तो फिर यह उन लोगों के साथ नाइंसाफी होगी, जिनका राजनीति में काफी संघर्ष है...जहां तक भ्रष्टाचार को समाप्त करने की बात है तो शाखाओं को काटने से कुछ नहीं होगा, जड़ को नष्ट करना होगा और ऐसा तब होगा, जबकि लोगों को यह यकीन दिलवाया जाए कि जीवन बस एक ही नहीं है...एक-एक कर्म का हिसाब होता है...विज्ञान एक छलावा है...सदाचरण ही सुखी जीवन की कुंजी है...जब तक कोई ऐसा उदाहरण प्रस्तुत नहीं करता, कोई भी ताकत भ्रष्टाचार और अन्य बुराईयों को समाज से, दुनिया से दूर नहीं कर सकती...बाबा रामदेव जैसा कोई जाना-माना शख्स ज्यादा कोशिश करेगा तो फिर उसका वही हश्र हो सकता है, जो जीसस क्राइस्ट और महात्मा गांधी जैसी शख्सियतों का हुआ...इसके बावजूद यदि बाबा रामदेव राजनीति में आते हैं तो मेरी शुभकामनाएं उनके साथ हैं...वे अपने लक्ष्य को हासिल करें और देश का, समाज का भला करें...
नोट : ये मेरे निजी विचार हैं. दूसरों के विचार भिन्न हो सकते हैं...