baba ramdev & cong.

Upender Ji,

Konsi Duniya mein rehte ho? Past mein to nahi jee rehe ??

Read the link: http://timesofindia.indiatimes.com/city/guwahati/Baba-Ramdev-slams-Congress/articleshow/7543052.cms


Aur kaise khool ke aayenge?? Aapka matlab kapde khol ke aane se hai kya? :rolleyes:


Aur kyun aaye BJP ke saath vo konse doodh ke dhulle hein? Thook ke chatne wale to kaam karte hein, remember Advani episode!



बाबा रामदेव का कहना है कि वे भारतीय राजनीति से गंदगी तो साफ़ करना चाहते हैं, लेकिन खुद राजनीति में नहीं आना चाहते. यह एक गलत बात है. बाबा रामदेव को खुलकर सामने आना चाहिए. बाबा रामदेव यदि अपनी कोई पार्टी खड़ी करते हैं तो इनकी 8-10 से ज्यादा सीटें शायद ही आएं. अच्छा हो कि ये भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने की सोचें और भारतीय जनता पार्टी भी इन्हें अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित करे, लेकिन ऐसा शायद ही हो, क्योंकि केवल बातें करने से कुछ नहीं होता, कुछ ठोस करके दिखाना होता है. अभी तक बाबा रामदेव ने ऐसा कुछ ठोस नहीं किया है.
 
Upender Ji,

Konsi Duniya mein rehte ho? Past mein to nahi jee rehe ??

Read the link: http://timesofindia.indiatimes.com/city/guwahati/Baba-Ramdev-slams-Congress/articleshow/7543052.cms


Aur kaise khool ke aayenge?? Aapka matlab kapde khol ke aane se hai kya? :rolleyes:


Aur kyun aaye BJP ke saath vo konse doodh ke dhulle hein? Thook ke chatne wale to kaam karte hein, remember Advani episode!

भाई, अभी मेरे पास ज्यादा समय नहीं है, लेकिन इतना कहना चाहूंगा कि भारतीय जनता पार्टी का नेटवर्क राष्ट्रीय स्तर का है. जो ये लिंक है, इस पर कोई ज्यादा गंभीर होने की जरूरत नहीं है. यदि उस कांग्रेसी सांसद ने बाबा रामदेव को ऐसा कुछ कह दिया था तो एक तो उसे सुरक्षाकर्मियों ने धक्का देकर हिसाब बराबर कर दिया था, दूसरे पता नहीं लोग क्या-क्या भौंकते हैं. ऐसे लोगों को उन्हीं की भाषा में जवाब दे देना चाहिए, भले ही सांसद हो या कोई हो. खुलकर आने का मतलब यह है कि खुद क्यों प्रमुख पद संभालने की हामी नहीं भरते बाबा रामदेव? ये क्यों नहीं कहते कि ये खुद प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालेंगे यदि सत्ता में आए तो? क्या ये देश को एक और मनमोहन सिंह जैसा कठपुतली प्रधानमंत्री देने की तैयारी कर रहे हैं? बाकी बाद में...अब तो बाबा रामदेव का भी निचोड़ निकल ही जाए बस...
 
भाई, अभी मेरे पास ज्यादा समय नहीं है, लेकिन इतना कहना चाहूंगा कि भारतीय जनता पार्टी का नेटवर्क राष्ट्रीय स्तर का है. जो ये लिंक है, इस पर कोई ज्यादा गंभीर होने की जरूरत नहीं है. यदि उस कांग्रेसी सांसद ने बाबा रामदेव को ऐसा कुछ कह दिया था तो एक तो उसे सुरक्षाकर्मियों ने धक्का देकर हिसाब बराबर कर दिया था, दूसरे पता नहीं लोग क्या-क्या भौंकते हैं. ऐसे लोगों को उन्हीं की भाषा में जवाब दे देना चाहिए, भले ही सांसद हो या कोई हो. खुलकर आने का मतलब यह है कि खुद क्यों प्रमुख पद संभालने की हामी नहीं भरते बाबा रामदेव? ये क्यों नहीं कहते कि ये खुद प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालेंगे यदि सत्ता में आए तो? क्या ये देश को एक और मनमोहन सिंह जैसा कठपुतली प्रधानमंत्री देने की तैयारी कर रहे हैं? बाकी बाद में...अब तो बाबा रामदेव का भी निचोड़ निकल ही जाए बस...

उप्पे भाई ,,,बीजेपी में भी ये ही हाल है जो कांग्रेस का है,,,वे कोंसे किसे ते घाट है ,,,,आर बीजेपी का इस्सा राष्ट्रीय स्तर होता तो सर्कार बना लेती इब्ब तक ....आर इब्ब तो जमा भूखे मरण लागरे स वे भी,,,,,,, जमा ,,,बाट में स....... कद सी सत्ता में आवे आर लूट मचावे ........रही बात बाबा जी के प्रधान मंत्री बनन की तो बाबा जी ने कहा है ''मुझे राजनीती करने की जरुरत नहीं थी ,पर इस देश के हालत देखते हुए ,एक सचा देश भक्त होने के नाते आ रहा हूँ '' और जो ये दर्शाती है की बाबा जी किसी पद या गद्दी के लिए राजनीती नहीं कर रहे है,,,,भाई क्या इस देश में सच्ची बात कहने का और देश के बारे में सोचने का भी हक नहीं है ? ,,,अरे यार सोनिया गाँधी प्रधानमंत्री बनना चाहती थी और उस समय सभी ने विरोध किया केवल इन् कुछ करप्ट लोगों ने सम्रथन किया था,,जब उन लोगो को सोनिया (विदेशी) के प्रधान मंत्री बनने पर आपति नहीं थी, तो बाबा रामदेव के राजनीती में आने पे क्यों?

और बाबा को पार्टी बंनाने की भी जरुरत नहीं थी ,,,,कहा था की अगर उन्होंने जो भी मांगे राखी है उनको कांग्रेस मानने को तयार है तो वे उनका भी साथ दे देंगे.अभी भी यही बात बोलते है,अगर आपने ६ महीने पहले बाबा के ब्यान सुने हो तो उन्होंने लगातार कहा है की उन्हें किसी सर्कार पर आपति नहीं है बशर्ते वह उनके और देश की जनता द्वारा राखी हुई मांगे मान ले.

वैसे आपकी बात भी सही है क्यूंकि कुछ करप्ट लोगो द्वारा इस देश का इतना सत्यानास किया गया है की अब ये देश प्रेम की बाते बेमानी लगती है, और हम किसी पर भरोसा नहीं कर सकते............पर कम से कम बाबा रामदेव ने अपने राष्ट्र प्रेम, और देशसेवा से कुछ करने का जज्बा दिया है.
 
Last edited:
VP Sir,

And I'm surprised with your single agenda of defaming Baba Ramdev in every other thread. You're views are kinda diplomatic n' a bit of pro-congress. I noted you always rhymed like we're deep down in corruption, not a single neta is honest or like that but you never blamed the ruling party and netas in particular but on the other hand never missed a chance to bash Baba Ramdev. Doesn't it sound like typical blame game of political parties?

No one is 100% honest or ideal, Baba Ramdev has his own weakness and negative traits but his vision and will to improve this country is honest & positive, that makes sense. He's a true leader cuz' he's leading from the front and got guts to speak in front of govt's face. he's working towards betterment of the country so shouldn't we support him in his noble cause instead of blaming him in vain ??

I watched yesterday in tv channel, that he's ready to unveil his assets record but at the same time he's saying will congress neta do the same??

Baba Ramdev lives a very simple life. He's unmarried and practice celibacy and eat satvik bhojan so I wonder what he'll do of his huge kala-dhan? :rolleyes:


ps- no offense meant !
Jeet,

Let me allay your presumption that I have ‘single agenda’ of defaming Baba Ramdev. This is not the case. I have always admired him as a great yogi and often watch his programmes on TV as Yoga has been my own passion too, to remain kicking and lively like our Babas. In fact yoga has always been a routine chore for very many people in India since centuries - even before Baba’s name surfaced on the Indian horizon. Nevertheless, Baba’s contribution towards spread of awakening towards yoga is praiseworthy - notwithstanding the fact that it has leveraged his commercial interests too, giving a fillip to his political ambitions. No one should have a problem with his political ambitions as it is his fundamental right like any other citizen. But, any expectation from the electorate to accept him as an undisputed leader without thoroughly knowing his antecedents, simply because he is a yogi, is not fair. It is human nature that a larger than life portrayal of anyone is bound to develop arrogance in that person ultimately making him/her a dictator. So, a free, fearless and candid debate is necessary before his coronation.

Even though it is difficult to prove corruption against the politicians in our country due to certain loopholes in our judicial system, public perception has to be respected. I very much agree with you and the public perception that corruption is rampant in the current regime”. CWG, 2G Spectrum, Antrix-ISRO episode and Adarsh Society scam are a few recent examples and I have nowhere tried to defend these alleged scams or any corruption in general. Corruption of any political colour is condemnable and no one should be above the law of the land.



I also agree with you that Baba is officially a celibate and a certified bachelor and should not be aspiring to accumulate wealth. If he is doing so, only he can indicate the purpose, I have no idea.

India is a democratic country and people enjoy full freedom to choose their leader. So let us wait and watch with our fingers crossed as to what happens in the next general election.

Till that time, have lot of beer and cheer.
 
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प्रिय श्री विजय पाल सिंह जी आप मेरे भ्राता समान हैं. मैं आपका सम्मान करता हूँ. स्वामी रामदेव पर हमें विश्वास क्यों नहीं करना चाहिए? आपने तो उनके बारे में बहुत कुछ लिखा है. कांग्रेस ने हमें ६२ वर्षों में दिया ही क्या है? जब हम एक विदेशी सोनिया गाँधी पर भरोसा कर सकते हैं तो स्वामी रामदेव तो अपने भारतीय हैं. दूसरा कोई विकल्प ही नहीं है. तो क्यों नहीं एक अवसर स्वामी रामदेव को दिया जाये. बस इतना ही कहना है.
राजपाल जी, चुनाव तक तो लोग पता नहीं कितनी बार अपनी राय बदलेंगे और उस समय के समीकरणों को ध्यान में रखते हुए ही मतदान करेंगे I क्या पता मुझे भी बाबा रामदेव के समर्थन में ही वोट डालना पड़ जाये , कुछ नहीं कह सकते i दूसरी बात यह है कि साधू सन्यासी तो सभी के साझ्ले होते हैं किसी को उनको कोली नहीं भरनी चाहिए के बस यो तो म्हारा ऐ साधू सै . परन्तु वोट प्यार से मिलता है न कि हेकड़ी से i रामदेव जी एक मृदुभाषी और शांत स्वभाव के व्यक्ति हैं परन्तु उनके कुछ चेलों का उत्तेजित व्यव्हार और अनुभवहीनता उनके वोट बैंक को काफी नुक्सान पहुंचा सकता है i उसकी कुछ बानगी मैं यहाँ जाटलैंड पर देख रहा हूँ. एक कहावत है कि "मूर्ख दोस्त से बुद्दिमान शत्रु ज्यादा अच्छा होता है" . इसलिए अगर कभी आप को रामदेव जी से मिलने का अवसर मिले तो उनको थोडा सा आगाह कर देना कि अपने चेलों को व्यवहार विज्ञान की थोड़ी शिक्षा अवश्य दे दें चुनाव से पहले i नहीं तो बाबा जी के कुछ चेलों का अशिष्ट व्यवहार और फासीवादी रवैया उनको नुक्सान ही पहुंचाएगा i
 
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मित्रों
ये तो पता नहीं की भविष्य के गर्भ में क्या है, हो सकता है यही सरकार सुधर जाये और कुछ कड़े कदम उठाये भ्रस्ताचार के खिलाफ, हो सकता है की स्वामी जी देश का नेत्रत्व करें ,या ये जंगल राज यूँही चलता रहे, पर इस देश के पढ़े लिखे बुद्धिमान लोगो को ये जरुर पता चल गया है की एक आम आदमी भी अपने देश के लिए कुछ कर सकता है.अगर एसे ही आम आदमी की सोच और नियत ठीक रही तो निश्चय ही कुछ अच्छा होने की उम्मीद हम जरुर कर सकते है.
वैसे स्वामी रामदेव के विनम्र व्यवहार ने आलोचको का ह्रदय भी जीत लिया है ,तो हम ये सोच सकते है की कुछ अच्छा होगा.

जय भारत
 
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ramdev-baba1.jpg

कौन हैं बाबा रामदेव?
बाबा रामदेव (रामकिशन यादव) की उम्र लगभग 45 साल है. हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में पैदा हुए. 8वीं तक स्कूल में पढ़े, फिर गुरुकुल में भर्ती हो गए.
क्या बाबा रामदेव कोई महापुरुष हैं?
ऐसा कहा जाता है कि बाबा रामदेव का शरीर लकवाग्रस्त था और उन्होंने योग की बदौलत अपने शरीर को चुस्त-दुरुस्त किया, हालांकि उनके चेहरे पर अभी भी लकवे की कुछ निशानियां शेष हैं... हुम्म...तो बाबा रामदेव ने परिणाम हासिल करके दिखाया...बढ़िया...बाबा रामदेव ब्रह्मचारी भी हैं और ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि उनके साथ कभी किसी स्त्री का नाम जुड़ा हो...यहां तक कि कुछ फिल्म अभिनेत्रियां भी उनके संपर्क में आईं, लेकिन बाबा रामदेव को प्रभावित नहीं कर सकीं...बहुत खूब...
बाबा रामदेव की अपनी शख्सियत यह है...बाबा रामदेव कितने बड़े तपस्वी हैं, कितने बड़े चरित्रवान है, यह तो उनके अंजाम से पता चलेगा. अभी तो उनको देखकर ऐसा कुछ नहीं लगता कि वे कोई दिव्य या अवतारी पुरुष हैं...45 साल की उम्र के उनसे भी सफल, नामचीन, फिट और स्वस्थ अनेकों लोग इस दुनिया में मिल जाएंगे...ऐसा भी कुछ नहीं है कि वे 45 साल के नहीं दिखते...
बाबा रामदेव ने जनमानस का क्या भला किया?
बाबा रामदेव ने जनमानस को योग की शिक्षा दी. आयुर्वेद से बड़ी-बड़ी बीमारियों के उपचार का दावा किया...यहां बात में कुछ दम नहीं है...क्या योग से कोई इंसान दुखों-बीमारियों से बच सकता है? हरगिज नहीं...क्या योग से एड्स, कैंसर जैसी बीमारियां ठीक हो सकती हैं...बकवास बात...किसी को एकदम से हार्ट अटैक पड़ जाए तो उसे योग करवाना चाहिए या अस्पताल लेकर जाना चाहिए? किसी को तेज बुखार हो, पथरी हो, मधुमेह हो, टी.बी. हो तो क्या योग उसे ठीक करेगा?...बकवास बात...योग से तो कोई पहलवान भी नहीं बन सकता...शरीर को ठोस बनाना है तो दौड़ना सबसे बेहतरीन व्यायाम है...शरीर को मजबूत और ताकतवर बनाना है तो दंड-बैठक और यदि शरीर को शानदार शेप देनी है तो वेटलिफ्टिंग, डंबल से बढ़िया कुछ नहीं...तो ये योग क्या बकवास है...माना कि योग भारतीय संस्कृति का हिस्सा है और मुझ मामूली इंसान को योग पर सवालिया निशान नहीं लगाना चाहिए, लेकिन केवल इसी वजह से तो योग का अंधसमर्थन नहीं किया जा सकता...सब लोगों को एक वहम है कि बाबा रामदेव की योग शिक्षा से लोगों के दुःख दूर हो रहे हैं...दिल्ली के लोग सोचते हैं कि चंडीगढ़ के लोगों के दुःख दूर हो रहे हैं और चंडीगढ़ के लोग सोचते है कि भोपाल के लोगों को योग से फायदा हो रहा है...लेकिन लगता है कि किसी को कुछ फायदा नहीं हो रहा 10-15 % को छोड़कर...
क्या बाबा रामदेव की औषधियां सचमुच प्रभावी हैं? मुझे याद है कि कुछ समय पहले मेरे पिता को मूत्र संबंधी समस्या हो गई थी. मेरे पिता एक वैद्य से बाबा रामदेव की आयुर्वेदिक औषधियां लाएं, जो कि काफी महंगी थीं, इसके बावजूद उन्होंने कोई असर नहीं दिखाया...फिर निराश होकर हमने अस्पताल में लेजर से ऑपरेशन करवाया और ऐसा फायदा हुआ कि न तो मेरे पिता को और न ही मुझे इसकी उम्मीद थी. बाबा रामदेव की आयुर्वेदिक औषधियां धरी की धरी रह गईं, जिन्हें एक दिन मैं कूड़ेघर में फेंक आया...बाबा रामदेव एक बहुत अच्छी बात कहते हैं कि योग के साथ-साथ अपना आचरण भी अच्छा रखो...ये वो असली बात कहते हैं...आचरण, यानी चरित्र...यदि योग करके कोई इंसान पूरी तरह से सुखी हो गया तो फिर उसे क्या मिलेगा, जो योग के साथ-साथ अन्य व्यायाम भी करेगा और साथ ही अपना आचरण भी अच्छा रखेगा...बाबा रामदेव योग की शिक्षा देकर कोई बुरा कार्य नहीं कर रहे, लेकिन इससे लोगों के दुःख दूर हो जाएंगे...बकवास बात...योग के साथ-साथ भारतीय संस्कृति की पहचान एक और चीज से भी है, जिसे हम भूल गए...वह है तपस्या...यही वह असली चीज है, जो हमें जीवन की परीक्षा में (उदाहरण के लिए) 100 में से 100 नंबर दिलवा सकती है...योग वगैरह से 65-70 से ज्यादा नंबर नहीं हासिल हो पाएंगे और इतने नंबरों का मतलब है कुछ न कुछ मात्रा में दुःख झेलना...
तो बाबा रामदेव ने जनमानस का कुछ विशेष भला नहीं किया है...
क्या बाबा रामदेव कोई ढोंगी व्यक्ति हैं?
नहीं, नहीं, बाबा रामदेव सच्चे देशभक्त, चरित्रवान, धार्मिक और ईमानदार शख्स हैं.
क्या इस वजह से उन्हें देश की बागडोर सौंप देनी चाहिए?
नहीं, नहीं, यह ठीक नहीं होगा...उन्होंने राजनीति के क्षेत्र में कोई मेहनत नहीं की है...यदि उन्हें बिना मेहनत किए राजनीति में भी सफलता प्रदान कर दी गई तो फिर यह उन लोगों के साथ नाइंसाफी होगी, जिनका राजनीति में काफी संघर्ष है...जहां तक भ्रष्टाचार को समाप्त करने की बात है तो शाखाओं को काटने से कुछ नहीं होगा, जड़ को नष्ट करना होगा और ऐसा तब होगा, जबकि लोगों को यह यकीन दिलवाया जाए कि जीवन बस एक ही नहीं है...एक-एक कर्म का हिसाब होता है...विज्ञान एक छलावा है...सदाचरण ही सुखी जीवन की कुंजी है...जब तक कोई ऐसा उदाहरण प्रस्तुत नहीं करता, कोई भी ताकत भ्रष्टाचार और अन्य बुराईयों को समाज से, दुनिया से दूर नहीं कर सकती...बाबा रामदेव जैसा कोई जाना-माना शख्स ज्यादा कोशिश करेगा तो फिर उसका वही हश्र हो सकता है, जो जीसस क्राइस्ट और महात्मा गांधी जैसी शख्सियतों का हुआ...इसके बावजूद यदि बाबा रामदेव राजनीति में आते हैं तो मेरी शुभकामनाएं उनके साथ हैं...वे अपने लक्ष्य को हासिल करें और देश का, समाज का भला करें...
नोट : ये मेरे निजी विचार हैं. दूसरों के विचार भिन्न हो सकते हैं...
 
भाई तेरी बात मानी क योग सिखाना आर सरकार चलाना अलग अलग काम स .........पर तने किसे भी एंगल त लागे स के ये आजकाल के सफ़ेद पोश लायक स सर्कार और देश च्ल्लाने क.,,,,,,,,म्र्यार ........किसे बात की हद भी होया करे ......इन ने तो सरे आम लूट खसोट की दुकान खोल ली ........आज के दिन कोए भी गलत काम कर के आछा कुह्वावे स तो वो स राजनेता .............आर भाई ..........बाबा जी ज इस देश की सत्ता पे काबिज हो गए तो इस देश के सुल्टे दिन आ ज्यांगे............. ना तो 2020 में दुबारा गुलाम होना पड़ेगा.... ...............

पर यु "बाबा रामदेव" कोए मिलिट्री का आदमी से के
ना यु नेपाल ते मांग क ल्या राख्या स...... गोरखपर बोडर तोड़ के आया स ............मरा बटा सुवाद लेन लागरया..............हहाहाए हाहा


Bhai manne naati koni ak "babaji" ne kuch bnao mat. Mai bhi to nyu e kahu tha ak bina mauka diye koni bera paate ak "babaji" kise se. Te de ke dekh lyo ek mauka.




PS :
Yu jo tanne laal rang me line kar rakhi se ne apni post me, uska bhaavarth tu samjhya koni..
Samjhan aale samajh ge!! ;)
 
Got one quote in context of Indian 'fake' democracy ! -

" The difference between a democracy and a dictatorship is that in a democracy you vote first and take orders later; in a dictatorship you don't have to waste your time voting. "


Yeah, weekend is Beer time. Gonna hv some Chilled Tuborg today. Cheers !! :)




Jeet,


India is a democratic country and people enjoy full freedom to choose their leader. So let us wait and watch with our fingers crossed as to what happens in the next general election.



Till that time, have lot of beer and cheer.
 
[FONT=&quot]इसमें कोई संदेह नहीं[/FONT] [FONT=&quot]भ्रष्टाचार हिन्दुस्तान में[/FONT] [FONT=&quot]अपनी चरम सीमा पर है[/FONT] I कलमाड़ी और स्पेक्ट्रुम राजा जैसे लोगों की भरमार देश की सभी सियासी पार्टियों में है , चाहे वो कांग्रेस, बीजेपी, DMK /AIDMK हों या तृणमूल कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी I साम्यवादी विचारधारा के लोग अलबत्ता एक अपवाद हैं, उनकी राजनैतिक विचारधारा की व्यवहारिकता पर चाहे लाख प्रशन चिन्ह लगे हों I खेदजनक है कि [FONT=&quot]आज सियासते-ए-हिन्दुस्तान[/FONT] [FONT=&quot]में [/FONT][FONT=&quot] पाक-दामन सियासतदानों की कमी है [/FONT]I [FONT=&quot]आरोप-प्रत्यारोप तो सियासत के दांव-पेंच होते हैं [/FONT] [FONT=&quot]और आम आदमी को बरगलाने का एक हथकंडा भर बन गए हैं [/FONT]I [FONT=&quot]भारतीय राजनीति के हमाम में सभी नंगे[/FONT] [FONT=&quot]हैं [/FONT]I दुर्भाग्य से औसत भारतीय मतदाता अधितकर बहुत भावुक और नादाँ साबित हुआ है I बहुत जल्दी किसी को आसमान में चढ़ा देता है और बहुत जल्दी उसको गिरा देता है I [FONT=&quot]जो व्यक्ति किसी[/FONT] [FONT=&quot]एक पार्टी विशेष के प्रति सहानुभूति रखता है उसे[/FONT] [FONT=&quot]उस पार्टी या उसके मुखिया में कोई[/FONT] [FONT=&quot]दोष नज़र नहीं आता [/FONT]I Opinion - making में मीडिया की भूमिका सबसे अहम् है I [FONT=&quot]आज ही[/FONT] [FONT=&quot]एक [/FONT]T .V . [FONT=&quot]चैनल पर एक खबर थी जिसके अनुसार रामदेव ने अपनी बेतहाशा संपत्ति ([/FONT]1152 [FONT=&quot]करोड़ ) के बारे में स्पष्टीकरण दे रखा था [/FONT]I महर्षि [FONT=&quot]रामदेव जी ने फ़रमाया के उनके पास[/FONT] ([FONT=&quot]या ट्रस्ट के पास) जो[/FONT] [FONT=&quot]स्कॉट्लैंड में[/FONT] 750 [FONT=&quot]एकड़ भूमि और हिन्दुस्तान में[/FONT] [FONT=&quot]एक हेलीकाप्टर है वो उन्हें गुप्तदान में मिले[/FONT] [FONT=&quot]है [/FONT]I [FONT=&quot]बड़ी हैरानी की बात है[/FONT] [FONT=&quot]की आजकल जमीन और वाहनों के नाम हस्तांतरित करने के लिए उनके विक्रेता या मूल धारक[/FONT] [FONT=&quot]की सहमति की आवश्यकता नहीं पड़ती [/FONT]I ब्रिटेन जैसे देश में 750 एकड़ भूमि के मालिकाना हक़ का किसी को पता न हो यह बात गले नहीं उतरती I इसी प्रकार जिस देश में एक मोटर-Bike के स्वामित्व का भी रिकॉर्ड पुलिस और ट्रांसपोर्ट ऑथोरिटी में होता है वहां एक हेलीकाप्टर का गुमनाम मालिक चुप चाप आपना हेलेकोप्टर रामदेव जी के आँगन में पार्क करके चला जाता है और और किसी को यह पता नही चला कि ये सब किसने किया I कहीं ये हेलीकाप्टर ISI ने तो नहीं भेज दिया चुप चाप I यह सुरक्षा का गंभीर मामला है I परन्तु रामदेव जी के सभी प्रशंशक संभवत : इस स्पष्टीकरण को आसानी से हजम कर लेंगे और इस पर प्रशन चिन्ह लगाने वालों को भला बुरा कहने में कोई कोताही नहीं करेंगे I कांग्रेस और रामदेव की इस तकरार का पूरा दोहन करने के लिए बीजेपी ने ताका-झाकी शुरू कर दी है और रामदेव के साथ गुप्त समझौते की शुरुआत करने के लिए उतारू है I जल्द ही एक नया चुनावी गठबंधन उजागर होने के कयास लगने शुरू हों गए हैं, जैसा कि मैंने बहुत पहले संशय जाहिर किया था एक पोस्ट में I दिग्विजय सिंह की यह टिप्पणि कि "यह गुप्तदान कहीं काला धन तो नहीं है " आपत्तिजनक एवं हैरतंगेज़ नहीं है क्योंकि इतना बड़ा गुप्तदान कोई भैन्स्वालिया रामफल, रलदू या जिले सिंह तो देगा नहीं और ना ही Warren Buffet या Bill Gates यह काम करने वाले I तो फिर ये छुपा हुआ Philanthropist कौन है इसकी जांच गुप्तचर विभाग को करनी चाहिए I अगर मामला स्वदेशी agencies से ना सुलझे तो MI 6 का सहारा लिया जा सकता है I इतने बड़े बड़े तोहफे अभी से आने लगे तो सत्तानशीन होने के बाद आलम क्या होगा इस बात का अंदाज़ा सहज ही में लगाया जा सकता है I यानि ....जब रात है ऐसी मतवाली तो सुबह का आलम क्या होगा I
वैसे सरकारे बदलती रहनी चाहियें परन्तु परिवर्तन अच्छे के लिए होना चाहिए न कि मात्र परिवर्तन के लिए I

निस्संदेह इस समय परिवर्तान की नितांत आवश्यकता है परन्तु इमानदार और योग्य व्यक्तियों के साथ I एक भ्रष्ट और पूंजीवादी पोषक समूह को इसी प्रकार के दूसरे समूह से बदलने से कुछ नहीं होगा I जिले सिंह, रामफल और रलदू को सत्ता में लाओ जल्दी अगर गाँव के गरीबों और झोंपड़ी वालों का भी उत्थान करना है तो I हेलीकाप्टर में सफ़र करने वाले नहीं हमें वो नेता चाहिए जो ऊँट, बैलगाड़ी, जीप आर मोटर कार सब में चाल सके I
VP singh ji,
Is it really 750 ACRE or you wrote it ACRE instead of YARD by mistake??
 
VP singh ji,
Is it really 750 ACRE or you wrote it ACRE instead of YARD by mistake??

Prashant, it was reported as 750 Acre on a footnote on Zee TV. I think it needs to be further verified. According to some unconfirmed reports and gossip mill, it is an island.
 
Last edited:
VP singh ji,
Is it really 750 ACRE or you wrote it ACRE instead of YARD by mistake??

Prashant, there is one more possibility. It could be an uninhabited island where land rates may not be very high. I have seen there are vast stretches in Scotland with barren and black hills made out of lava where nothing can be grown. There are certain areas consisting of low lying hills with shrubs, sparsely populated and unsuitable for anything except for grazing of sheep. Therefore, no surprise if the measurement is in Acres. Certain areas are, however, most suitable for brewing pure malt whisky also but the land there is expensive.
 
Last edited:
VP ji What this fuss is about?

The island was bought in Aug 2009 for about £2 million by Sam and Sunita Poddar, originally from India but who have lived in Glasgow for 25 years. After Swami Ramdev’s teachings helped Mrs Poddar lose three stones, the couple dedicated themselves to spreading the word, running the UK branch of the Patanjali Yog Peeth Trust, a registered charity and sister organisation of the guru’s organisation in India

Mrs Poddar said the movement had been looking for an island base when she heard about the sale of Little Cumbrae on her birthday last November and decided it must be fate. Her husband, then in Toronto, advised her to wait until he got home, but she was not prepared to jeopardise their chances. “I said, ‘It’s my birthday. Can I just have it as my birthday gift?’ He said, ‘Okay’, and I put in an offer.”

This is a common knowledge. You want more details?
 
The island was bought in Aug 2009 for about £2 million by Sam and Sunita Poddar, originally from India but who have lived in Glasgow for 25 years. After Swami Ramdev’s teachings helped Mrs Poddar lose three stones, the couple dedicated themselves to spreading the word, running the UK branch of the Patanjali Yog Peeth Trust, a registered charity and sister organisation of the guru’s organisation in India

Mrs Poddar said the movement had been looking for an island base when she heard about the sale of Little Cumbrae on her birthday last November and decided it must be fate. Her husband, then in Toronto, advised her to wait until he got home, but she was not prepared to jeopardise their chances. “I said, ‘It’s my birthday. Can I just have it as my birthday gift?’ He said, ‘Okay’, and I put in an offer.”

This is a common knowledge. You want more details?

Where do you see the fuss?? Prashant wanted to know whether the measurement is in acres or yards. You have clarified that it is an island which is possibly in acres. Matter is over. Thank you for the information.
 
Last edited:
No no, I mean the fuss in his quoted yext

स्कॉट्लैंड में 750 [FONT=&quot]एकड़ भूमि और हिन्दुस्तान में[/FONT] [FONT=&quot]एक हेलीकाप्टर है वो उन्हें गुप्तदान में मिले[/FONT] [FONT=&quot]है [/FONT]I [FONT=&quot]बड़ी हैरानी की बात है[/FONT] [FONT=&quot]की आजकल जमीन और वाहनों के नाम हस्तांतरित करने के लिए उनके विक्रेता या मूल धारक[/FONT] [FONT=&quot]की सहमति की आवश्यकता नहीं पड़ती [/FONT]I ब्रिटेन जैसे देश में 750 एकड़ भूमि के मालिकाना हक़ का किसी को पता न हो यह बात गले नहीं उतरती .

The owners and the price of transaction was well known.
 
Where do you see the fuss?? Prashant wanted to know whether the measurement is in acres or yards. You have clarified that it is an island which is possibly in acres. Matter is over. Thank you for the information.

VP ji,
I believe now your doubts/questions about Baba Ramdev ji are getting lighter/cleared, as there are news articles which are speaking volume.
 
VP ji,
I believe now your doubts/questions about Baba Ramdev ji are getting lighter/cleared, as there are news articles which are speaking volume.

पन्नू सोये होए बन्दे नु जगा सके से | जो दड मारर्या हो ऊह ने कोणी ठा सकदे |
 
VP ji,
I believe now your doubts/questions about Baba Ramdev ji are getting lighter/cleared, as there are news articles which are speaking volume.
रविंदर भाई, इसा लाग्गै सै के धीरे धीरे बात समझ मै आज्यागी I वैसे भी बाबा तैं आपणा कोऐ व्यक्तिगत मतभेद नहीं, पर खुली चर्चा करना जरूरी सै ताकि काल नै लोग्गां के साथ धोखा ना हो ज्यूकर पाछली बरियाँ होग्ग्या था आर लोग्गां नै जोश में आके कांग्रेस की सरकार बनवा दी थी, मनमोहन सिंह जी की अच्छी छवि देख के i इब वे लोग कांग्रेस नैं गाली देंन मंड रहे सें I अपनी गलती ना मानते I मखा कदे वो ऐ काम दुबारा न होज्या, न्यू ऐ सोच के कदे कदे मन मैं थोड़ी सी शंका सी हो ज्या सै i आर घना नाश तो ये चेले चपाटे, मंत्री संत्री आर पार्टी कार्य-कर्ता करया करें i बड़े नेता आर पार्टी प्रमुख तो लगभग सारे ऐ ठीक होया करैं.

प्लाट आली बात तो clear करदी विपिन नैं I घणा महंगा तो नहीं सै बस 15 करोड़ रूपये का ऐ सै (अगर मेरा गणित सही है तो ) I चलो ठीक सै या सुनीता पोद्दार घणे पिस्से दाब रही सै, आछा गिफ्ट दे दिया, बाबा याद राखेगा. न्यू ऐ कदे फुर्सत मैं यू विपिन हेलीकाप्टर का बी बेरा काढ ल्यावेगा i बाबा भ्रष्टाचार मिटा दे तो भाई आछी बात सै i कुछ तो यो काला धन बाहर तैं काढ ल्यावेगा , कुछ मठ-मंदिरां की खुदाई मैं मिल ज्यागा ( पुरी के मंदर में १०० करोड़ की चांदी मिली सै ), आर कुछ देश क भीतर जो काला धन सै वो बहार आ ज्या तो हम नैं और के चाहिए i फेर तो बाबा नै कह के विकास के सारे काम करवा ल्यांगे i
 
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