bhagwan ki chaploosi.

जय श्री राम

फसल खाद बिना तैयार नही होवे रोटी गोस्सा पै बने मानस गोस्सा पे जले होक्का गोस्सा बिना नही सिलग्गे चोग्गरदे कै गू अ गू सै कित ताई बचे गा अर जै बचणा सै तै भाई अमरीका चलाजा
 
ये ऋषि-मुनि सतयुग में थे, तभी की बात लिखी थी, सतयुग में सभी कार्य मन्त्रों से होते थे तथा अभी कलयुग में यंत्रों (मशीन) से कार्य होते हैं.
अभी तो घोर कलयुग चल रहा है.
आपने मंगल गृह लिखा है जो कि ग्रह होता है, गृह घर को बोलते हैं, अपनी भाषा में सुधार कर लीजियेगा.

मंगल पर अभी जीवन नहीं है, अरबों वर्ष पहले अवश्य वहां हमारे पूर्वज निवास करते थे. शनैः-शनैः मंगल के सारे रहस्य खुल जायेंगे.

राजपाल जी, घणी लाम्बी छोडन लागै I के सबूत सै मंगल ग्रह पर जीवन का I इसके लक्षण अभी तक तो मिले नहीं हैं I कदे मिल भी जांगे तो वहां के प्राणियों की नस्ल हमारे से कहीं मेल नहीं खाएगी I क्योंकिअभी तक की वैज्ञानिक अनुसन्धान के अनुसार वहां का वातावरण (atmosphere) और भौतिक स्थितियां पृथ्वी ग्रह से एकदम भिन्न हैं I इसलिए अगर कदे माणस या औरत वहां रहे भी होंगे तो बांगे- टेढ़े आर काले-पीले रहे होंगे जबकि म्हारे पूर्वज थे छैल-छबीले, साफ़-सुथरे I फिर इतनी दूर तैं गाए-भैंस, ऊँट बकरी लाद के क्यूकर आये, उस टेम मै तो हवाई जहाज की छोडो साइकल भी ना थी I राजनैतिक प्रोपगैंडा तक तो ठीक था, इब आपनै यो पाखंडी और अंधविश्वासी पुजारियों का काम भी संभाल लिया I वैसे प्रचार करना आपका विशेषाधिकार है, आप करते रहिये I

किसी चीज़ का सबूत ना हो तो खामखाँ मै उसको कोई काल्पनिक नाम देकर उसकी पूजा पाठ करना बेवकूफी के सिवा कुछ नहीं I अगर भगवान् और देवी देवता हकीकत भी हैं तो भी अपने स्वार्थ के लिए उनकी चापलूसी करना एक स्वाभिमानी व्यक्ति के लिए अच्छी बात नहीं होती I अगर भगवान् और उस केप्रतिनिधि ठीक आदमी हैं तो उनको चापलूसी की अपेक्षा भी नहीं करनी चाहिए और दूसरों की प्रतिष्ठा और स्वाभिमान का सम्मान करना चाहिए I
 
Bahuat hi thik kahya hai.Karoro rupeyee mandiro mai aur ian baneye huye bhagwano ke pass pere hai
Ian pasion se lakho logo ka pet bhar sakhe hai.Logan nai samanjhana chaheye.
 
Sanjeev & Deepak,
It is not the matter of I am being right or wrong. A number of socio-epidemiological, psychiatric studies and data collected by World Health Organization (WHO), suggests so.

You may like to have look at figure 4 of this freely accessible publication based on WHO data https://iasp.info/pdf/papers/Bertolote.pdf Suicide rate in Hindus is about 9 per 100,000 whereas in Atheists it is about 25 per 100,000, around three times higher


Bhai Krishan, I dont think being atheist makes someone mentally weak....

bhai saab aapki baat satya bhi ho sakti hai.. :)
 
Sanjeev & Deepak,
It is not the matter of I am being right or wrong. A number of socio-epidemiological, psychiatric studies and data collected by World Health Organization (WHO), suggests so.

You may like to have look at figure 4 of this freely accessible publication based on WHO data https://iasp.info/pdf/papers/Bertolote.pdf Suicide rate in Hindus is about 9 per 100,000 whereas in Atheists it is about 25 per 100,000, around three times higher

If that is a case then there should be a science religion! Best suit to atheists. Can save lives :victorious:
 
Sanjeev & Deepak,
It is not the matter of I am being right or wrong. A number of socio-epidemiological, psychiatric studies and data collected by World Health Organization (WHO), suggests so.

You may like to have look at figure 4 of this freely accessible publication based on WHO data https://iasp.info/pdf/papers/Bertolote.pdf Suicide rate in Hindus is about 9 per 100,000 whereas in Atheists it is about 25 per 100,000, around three times higher

कृष्ण भाई, ये आंकड़े उलझ-पुलझ हैं I इनसे कोई सही निष्कर्ष नहीं निकल सकता I वैसे भी इनमे वो मामले शामिल नहीं जो दूर दराज के इलाकों में होते हैं I ये WHO आले survey करण नै गाम्मां मैं ना पहुँचते जहाँ कितनी सारी theist लुगाई कुँए - झेरे में पड़ के, फांसी खा के या फसल मै छिडकण की दुआई पी के आत्म ह्त्या कर लेती हैं I इनमे तैं बहोत सी खूब पूजा पाठ करने वाली और theist होती हैं I दो चार केस तो मन्नै भी इसे देख लिए म्हारे गाम मै, लेकिन ये बात WHO के रिकॉर्ड मै कदे नहीं पहुंची I म्हारे देश मै कितने किसानों ने क़र्ज़ के बोझ से तंग आकर आत्महत्या कर ली है I इसलिए आत्महत्या का atheism से कोई सम्बन्ध नहीं I अमरीका में आज सबसे अधिक agnostics हैं लेकिन वहां आत्म ह्त्या के मामले हमारे यहाँ से कम हैं जहाँ theism और अन्धविश्वास का बोलबाला है I WHO रिपोर्ट में चीन में सबसे अधिक आत्महत्या की दर के लिए theism या non - believers की अधिक संख्या को जिम्मेदार बताया गया है I लेकिन यह सही नहीं है I पहली बात तो यह है कि communism की धारणा के विपरीत वहां के अधिकांश लोग बौद्ध धर्म के मानने वाले हैं और उनकी संख्या athiests की संख्या से अधिक है I वहां आत्म-हत्याओं का कारण वहां की तानाशाही द्वारा किया गया वैयक्तिक अधिकारों का हनन और पार्टी के दादाओं का ज़ुल्म भी हो सकता है I
 
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रविन्द्रजीत सिंह जी ! वैसे तो आपके जितने भी धागे हैं वो बहुत बढ़िया होते हैं एवं मैं आपकी सभी बातों से सहमत भी हूँ. परन्तु आपका ये कहना कि "मानसिक रूप से निर्बल व्यक्ति ही भगवान का सहारा लेते हैं" इससे मैं सहमत नहीं हूँ. हमारा वैदिक धर्म पूरे ब्रह्माण्ड में विस्तृत है. हिन्दू धर्म (वैदिक धर्म) को सनातन धर्म भी कहते हैं. "सनातन" अर्थात जो पहले भी (भूत काल में) भी था, अब (वर्तमान में) भी है एवं भविष्य में भी इसका अस्तित्व रहेगा.

चूंकि हमारा विज्ञान अभी तक शैशवावस्था में ही है, इस ब्रह्माण्ड के रहस्यों से अभी बहुत सारे परदे उठने शेष हैं. प्राचीन समय में हमारे ऋषि-मुनि योग-साधना से अपने स्थूल शरीर को अल्पकाल के लिए त्यागकर सूक्ष्म शरीर में प्रवेश करके मन की गति से पूरे ब्रह्माण्ड का भ्रमण कर के पुनः पृथ्वी पर आ जाते थे. संभवतः मेरे कई मित्र इस बात पर मेरा परिहास भी कर सकते हैं, परन्तु ये सत्य है. हमारे चार वेद, १८ पुराण तथा २७ उपनिषद किसी पृथ्वी वासी ऋषि अथवा मुनि के लिखे हुए नहीं हैं अपितु ये पूरे ब्रह्माण्ड में जहाँ भी मानव निवास करते हैं, वहां पर ये सब वेद, पुराण एवं उपनिषद मिलेंगे.

यदि हमारे शास्त्रों की मानें तो हमारे पूर्वज मंगल ग्रह से ही आये थे, शनैः-शनैः सारे रहस्यों से पर्दा उठेगा. अमेरिकी अन्तरिक्ष संस्थान 'नासा' का अन्तरिक्ष यान "क्यूरिओसिटी" ५ अगस्त, २०१२ को मंगल की सतह पर सफलता पूर्वक उतर गया है.
हाँ एक बात और वो ये कि केवल हिन्दू धर्म ही ऐसा धर्म है जो मानव निर्मित धर्म नहीं है शेष सारे-सारे के धर्म मानव निर्मित हैं.

Gentleman!
I am sorry that I am using some harsh words. At First sight any one can be misguided that "U've read 'Vedas' as U have mentioned some clauses regarding them. But I can say with certitude that not only you but none of us rarely know that 'Yajurveda' too opposes Idol worship as 'Quran'. Though I too don't have any interest as well as knowledge regarding them. But I've listened that we've 36 Crores idols in numbers. What is this? And how can you say
'केवल हिन्दू धर्म ही ऐसा धर्म है जो मानव निर्मित धर्म नहीं है शेष सारे-सारे के धर्म मानव निर्मित हैं'. Present Circumstances display the picture before us that 'केवल हिन्दू धर्म ही ऐसा धर्म है जो मानव निर्मित धर्म है.' Who follows 'Vedas"? Who follows whom?
यदि हमारे शास्त्रों की मानें तो हमारे पूर्वज मंगल ग्रह से ही आये थे. Sir Ji! हम धरती के हालात को तो हमारे रहने लायक बनाए नहीं रख सके, कहाँ मंगल की बात कर रहे हैं। और अगर बात चल भी निकली है तो व्यावहारिक रूप से भी Americans(Christians), फिलहाल तो हमसे पहले वहाँ गए हैं।
"जो उसने पूछा कि 'जिंदगी क्या है'
हाथ से छूट कर कि जाम टूट गया'
 
वी पी सिंह जी,
WHO के आकड़ो पै आप यकीन ना करते, चलो ना सही. इब गाम की बात करां तो गाम मै चमार-कुम्हारां मै भूतणी रोज़ आवै सै, डाकटराँ की दवाई-मुळी ना करती असर..और झाड़ा लगाए तै ठीक होवे सै...इसी बात किसी स्थानीय अखबार मै या टी वी चैनल पै तो खबर बण सके सै...लेकिन peer reviewed clinical or scientific journal मै शोधपत्र नहीं..और अगर डाटा, डिजाईन या निष्कर्ष गलत निकाळ लिया और peer reviewer की निगाह तै बच के छप गया तो पुंजड़ लगाते ही retrieve होवेगा..खैर छोड़ो इण बातों को. आपके पास विश्वसनीय और आधिकारिक आंकड़े उपलब्ध हो कृपया सांझां करना की अमरिका की बजाये भारत मै आत्महत्या की दर अधिक है

Agnostics को देखें तो फेर हिन्दू तो सारे
agnostic सै, अमेरिका मै ज्यादा सै या बात जचती कोन्या..हाँ पश्चिमी यूरोप के बारे मै ऐसा कहो तो शायद संभव है. अगर सच मै अमेरिका मै ऐसा होता तो यो बेचारा ओबामा गाय-गाय करता सफाई देता क्यु हांडै,,रिपब्लिक आल्याँ के आरोप पै, की यो ईसाई कोन्या. और तो छोड़ो अमेरिका के तो रपिये (dollar) ले कै और गाडी-कारां तक पै न्यू लिखा पावेगा की "विश्वास हम भगवान मै करते है (In God we trust)" !!


इब न्यू मत कहियो की उनका संविधान और ये वो..अपणे देश मै बी बदलै सै, आज आरक्षण इतना बढ़ा दिया, महिलों के अधिकार न्यू कर दिए, तो वे क्यु ना बदलते?? और ओबामा नै सफाई देण की के जरूरत पड़ी, छुट-भईयां नेताओं के आरोपों की? आप RTI दाखिल करके भी तोड़ ना पा सको की ये राजकुमार (राहुल), राजकुमारी (प्रियंका) और महाराणी (सोणिया) कौणसे मज़हब मै विश्वाश करै सै


इब न्यू मत कहणा की वे न्यू तै महा उदारवादी सै पैर कुछ कट्टरपंथी तत्व बुरा मान ज्या बिचारा ओबामा सफाई ना दे तो... हम जाट बी कम उदारवादी कोन्या..मुळाजाट,सिख जाट, फलाणां-धिकड़ा जाट, जाटां मै कोए फर्क नहीं....लेकिन बोट सिर्फ हिन्दू जाट की देंगे . बिश्नोई जाट (भजन लाल और उसके छोरां) की नहीं दे सकते


कृष्ण भाई, ये आंकड़े उलझ-पुलझ हैं I इनसे कोई सही निष्कर्ष नहीं निकल सकता I वैसे भी इनमे वो मामले शामिल नहीं जो दूर दराज के इलाकों में होते हैं I ये WHO आले survey करण नै गाम्मां मैं ना पहुँचते जहाँ कितनी सारी theist लुगाई कुँए - झेरे में पड़ के, फांसी खा के या फसल मै छिडकण की दुआई पी के आत्म ह्त्या कर लेती हैं I इनमे तैं बहोत सी खूब पूजा पाठ करने वाली और theist होती हैं I दो चार केस तो मन्नै भी इसे देख लिए म्हारे गाम मै, लेकिन ये बात WHO के रिकॉर्ड मै कदे नहीं पहुंची I म्हारे देश मै कितने किसानों ने क़र्ज़ के बोझ से तंग आकर आत्महत्या कर ली है I इसलिए आत्महत्या का atheism से कोई सम्बन्ध नहीं I अमरीका में आज सबसे अधिक agnostics हैं लेकिन वहां आत्म ह्त्या के मामले हमारे यहाँ से कम हैं जहाँ theism और अन्धविश्वास का बोलबाला है I WHO रिपोर्ट में चीन में सबसे अधिक आत्महत्या की दर के लिए theism या non - believers की अधिक संख्या को जिम्मेदार बताया गया है I लेकिन यह सही नहीं है I पहली बात तो यह है कि communism की धारणा के विपरीत वहां के अधिकांश लोग बौद्ध धर्म के मानने वाले हैं और उनकी संख्या athiests की संख्या से अधिक है I वहां आत्म-हत्याओं का कारण वहां की तानाशाही द्वारा किया गया वैयक्तिक अधिकारों का हनन और पार्टी के दादाओं का ज़ुल्म भी हो सकता है I
 
वी पी, इस सूरज नै छोड़ के बी लाखों-अरबों तारे ब्रह्माण्ड/आकाशगंगा मै सै, उन में से हरेक के कई-कई ग्रह (पृथ्वी, मंगल, बुध, इत्यादी) भी पावेंगे और उपग्रह बी. आपके महान वैज्ञानिको नै तो अपणे सौरमंडल का ना बेरा, और के गारंटी सै वे सच मै मंगल ग्रह की बतावें सै या क्रिस्टोफर कोलंबस की ढाल फेंकै की मै भारतवर्ष हो कै आया सुं, और माणसां के नाम बी धर आया रैड-इंडियन ...गाम के दो-चार मोजिज माणसा तै मंगल ग्रह आली बात की तस्दीक कराओ..फेर इस मसले पै आगै बात करांगे

उहं बी यह विज्ञान और वैज्ञानिक भरोसे की चीज़ ना लगती...30-40 साल पहलया सलाह दिया करते गेहूँ मै एल्ड्रिन मिला के बोया करो, माछारां खातिर DDT छिड़क दो खेतां मै छाक्मा DAP और Urea फैंको, फेर यह दोनों दवाई बंद करदी कै ठीक कोन्या और रासायनिक खाद की बजाये इब गोबर के खाद नै बढ़िया बताण लाग गे ..या बात तो बड़े-बूढ़ा नै बी सदियाँ तै बी बेरा थी


राजपाल जी, घणी लाम्बी छोडन लागै I के सबूत सै मंगल ग्रह पर जीवन का I इसके लक्षण अभी तक तो मिले नहीं हैं I कदे मिल भी जांगे तो वहां के प्राणियों की नस्ल हमारे से कहीं मेल नहीं खाएगी I क्योंकिअभी तक की वैज्ञानिक अनुसन्धान के अनुसार वहां का वातावरण (atmosphere) और भौतिक स्थितियां पृथ्वी ग्रह से एकदम भिन्न हैं I इसलिए अगर कदे माणस या औरत वहां रहे भी होंगे तो बांगे- टेढ़े आर काले-पीले रहे होंगे जबकि म्हारे पूर्वज थे छैल-छबीले, साफ़-सुथरे I फिर इतनी दूर तैं गाए-भैंस, ऊँट बकरी लाद के क्यूकर आये, उस टेम मै तो हवाई जहाज की छोडो साइकल भी ना थी I राजनैतिक प्रोपगैंडा तक तो ठीक था, इब आपनै यो पाखंडी और अंधविश्वासी पुजारियों का काम भी संभाल लिया I वैसे प्रचार करना आपका विशेषाधिकार है, आप करते रहिये I

किसी चीज़ का सबूत ना हो तो खामखाँ मै उसको कोई काल्पनिक नाम देकर उसकी पूजा पाठ करना बेवकूफी के सिवा कुछ नहीं I अगर भगवान् और देवी देवता हकीकत भी हैं तो भी अपने स्वार्थ के लिए उनकी चापलूसी करना एक स्वाभिमानी व्यक्ति के लिए अच्छी बात नहीं होती I अगर भगवान् और उस केप्रतिनिधि ठीक आदमी हैं तो उनको चापलूसी की अपेक्षा भी नहीं करनी चाहिए और दूसरों की प्रतिष्ठा और स्वाभिमान का सम्मान करना चाहिए I
 
http://www.spiritualworld.co.in/spi...indi-bhagwan-vishnu-ji-aur-narad-muni-ji.html

Mere Khyal Mhare Purvaj Kisan the ar sirf roti khan tein pehlam e hath jod ke bhagwan k naam liya karte



Aaj sabse bada vyapaar bhakti ka hai" Satya sai baba ka dhan ho ya dakshin bharat ke mandir ka khajana ya fir nirmal baba ki hari chatni wale samose kul mila ke aaj ye vyapar sabse jyada ROI de raha hai so facebook bhi ek vyapar hi hai joki logo dwara Like Comment aur Tag button pe chalta hai.
 
वी पी सिंह जी,

Agnostics को देखें तो फेर हिन्दू तो सारे
agnostic सै, अमेरिका मै ज्यादा सै या बात जचती कोन्या..हाँ पश्चिमी यूरोप के बारे मै ऐसा कहो तो शायद संभव है. अगर सच मै अमेरिका मै ऐसा होता तो यो बेचारा ओबामा गाय-गाय करता सफाई देता क्यु हांडै,,रिपब्लिक आल्याँ के आरोप पै, की यो ईसाई कोन्या. और तो छोड़ो अमेरिका के तो रपिये (dollar) ले कै और गाडी-कारां तक पै न्यू लिखा पावेगा की "विश्वास हम भगवान मै करते है (In God we trust)" !!


इब न्यू मत कहियो की उनका संविधान और ये वो..अपणे देश मै बी बदलै सै, आज आरक्षण इतना बढ़ा दिया, महिलों के अधिकार न्यू कर दिए, तो वे क्यु ना बदलते?? और ओबामा नै सफाई देण की के जरूरत पड़ी, छुट-भईयां नेताओं के आरोपों की? आप RTI दाखिल करके भी तोड़ ना पा सको की ये राजकुमार (राहुल), राजकुमारी (प्रियंका) और महाराणी (सोणिया) कौणसे मज़हब मै विश्वाश करै सै


इब न्यू मत कहणा की वे न्यू तै महा उदारवादी सै पैर कुछ कट्टरपंथी तत्व बुरा मान ज्या बिचारा ओबामा सफाई ना दे तो... हम जाट बी कम उदारवादी कोन्या..मुळाजाट,सिख जाट, फलाणां-धिकड़ा जाट, जाटां मै कोए फर्क नहीं....लेकिन बोट सिर्फ हिन्दू जाट की देंगे . बिश्नोई जाट (भजन लाल और उसके छोरां) की नहीं दे सकते


Krishan, I would recommend the best-selling non-fiction of 2006 titled "God Delusion" written by Richard Dawkin. I found it a good read on the subject under discussion. It deals with atheism and number of agnostics in America at length. I faintly remember having read in this book that in USA the agnostics have outnumbered the believers. This is, however, subject to scrutiny and criticism by friends on this portal.
 
केवल हिंदू धर्म विश्व का एकमात्र धर्म जहाँ आपको भगवान चुनने की आजादी है अगर आप शक्ति और बल के उपासक है तो बजरंगबली को अराध्य मान सकते है वैराग्य धारण करना है तो महादेव को और ग्रहस्थ है तो भगवान राम को और अर्थ मतलब पैसा चहिये तो माता लक्ष्मी और ज्ञान के लिये माँ सरस्वती और भी बहुत से उदाहरण है किसी धर्म की दो शाखायें हो तो वे परस्पर विरोद्दी हो जाते है हिंदू धर्म मैं करोडो शाखायें है परन्तु स्त्रोत एक है जिस प्रकार गंगा की सहायक नदियाँ गंगा मे मिलने से पहले अपना अस्तित्व होता होता है किंतु गंगा में गिरते ही सब गंगा बन जाती है इसलिये अपने आपको भाग्यशाली समझे की हिंदू धर्म आपका जन्म हुआ
मतलब के हर तरह के स्टाल लगा रखे स , ग्राहक ने खाली कोणी जाण दे ...
 
मतलब के हर तरह के स्टाल लगा रखे स , ग्राहक ने खाली कोणी जाण दे ...


हाँ ,आड़े भगवान् बंडे सें ,छोटा -बड्डा, माड़ा -मोटा ,महंगा- सस्ता जिस्सा चाहिए उस्सा ले ल्यो ,ले ल्यो पर , ना तू जा मेले मांह तें बिना भगवान् ने गोझ में घालें बाहर लिकडदा पा गा ते तू घोर अधर्मी मान्या जा गा |
 
folks---who so ever donates money there----with the decent n honest heart-----

Koi mandate nahi hota ---mat karo donate

apne man mei shardha honi chahiye---n thats it
 
completely disagree bhai saab...

ghani samajhdari, or ghana ghee khaya ood... donu sedhya kare...

मतलब के हर तरह के स्टाल लगा रखे स , ग्राहक ने खाली कोणी जाण दे ...

हाँ ,आड़े भगवान् बंडे सें ,छोटा -बड्डा, माड़ा -मोटा ,महंगा- सस्ता जिस्सा चाहिए उस्सा ले ल्यो ,ले ल्यो पर , ना तू जा मेले मांह तें बिना भगवान् ने गोझ में घालें बाहर लिकडदा पा गा ते तू घोर अधर्मी मान्या जा गा |
 
Last edited:
Rakesh kit busy ho rehya sai aaj kaal.. katti dikhna baand ho gaya..

Issi issi post baga jaya kar beech beech mai tame kadh kai !!:moon:

http://www.spiritualworld.co.in/spi...indi-bhagwan-vishnu-ji-aur-narad-muni-ji.html

Mere Khyal Mhare Purvaj Kisan the ar sirf roti khan tein pehlam e hath jod ke bhagwan k naam liya karte



Aaj sabse bada vyapaar bhakti ka hai" Satya sai baba ka dhan ho ya dakshin bharat ke mandir ka khajana ya fir nirmal baba ki hari chatni wale samose kul mila ke aaj ye vyapar sabse jyada ROI de raha hai so facebook bhi ek vyapar hi hai joki logo dwara Like Comment aur Tag button pe chalta hai.
 
जय श्री राम

रेखा जी जिस तरह सभी आदमियों की पसंद समान है उसी प्रकार सब की धार्मिक सोच भी अलग है आप जिस रास्ते से चाहे ईश्वर को प्राप्त कर सकते है यह हमारे धर्म की विशेषता अर बात रहगी भगवान खरीण की तै कि उसका कोये मोल नही अर दिल मैं सच्ची लगन हो भगवान तै मिलणा सेंकडा का खेल न तीर्थ यज्ञ कर लो हठ योग कर लो कुछ हाथ पल्ले नहीं


2 दान न करने के लिये कहा आपने। आप नही जानते किते अच्छे काम दान की राशी से होते है मायने ये नही रखा दान कितना दिया गया है मायने ये रखता है कि दान का सदुपयोग हुआ या नही
 
2 दान न करने के लिये कहा आपने। आप नही जानते किते अच्छे काम दान की राशी से होते है मायने ये नही रखा दान कितना दिया गया है मायने ये रखता है कि दान का सदुपयोग हुआ या नही

boss - i can u have misunderstood me-----i said donation koi mandate nahi hota-----apni shardha par depend karta hai-----i did not say that charity goes in vain

even i know-----poora nahi toh kuch %ge of that sum ache kam ke liye use hota-------
 
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