वी पी सिंह जी,
Agnostics को देखें तो फेर हिन्दू तो सारे agnostic सै, अमेरिका मै ज्यादा सै या बात जचती कोन्या..हाँ पश्चिमी यूरोप के बारे मै ऐसा कहो तो शायद संभव है. अगर सच मै अमेरिका मै ऐसा होता तो यो बेचारा ओबामा गाय-गाय करता सफाई देता क्यु हांडै,,रिपब्लिक आल्याँ के आरोप पै, की यो ईसाई कोन्या. और तो छोड़ो अमेरिका के तो रपिये (dollar) ले कै और गाडी-कारां तक पै न्यू लिखा पावेगा की "विश्वास हम भगवान मै करते है (In God we trust)" !!
इब न्यू मत कहियो की उनका संविधान और ये वो..अपणे देश मै बी बदलै सै, आज आरक्षण इतना बढ़ा दिया, महिलों के अधिकार न्यू कर दिए, तो वे क्यु ना बदलते?? और ओबामा नै सफाई देण की के जरूरत पड़ी, छुट-भईयां नेताओं के आरोपों की? आप RTI दाखिल करके भी तोड़ ना पा सको की ये राजकुमार (राहुल), राजकुमारी (प्रियंका) और महाराणी (सोणिया) कौणसे मज़हब मै विश्वाश करै सै
इब न्यू मत कहणा की वे न्यू तै महा उदारवादी सै पैर कुछ कट्टरपंथी तत्व बुरा मान ज्या बिचारा ओबामा सफाई ना दे तो... हम जाट बी कम उदारवादी कोन्या..मुळाजाट,सिख जाट, फलाणां-धिकड़ा जाट, जाटां मै कोए फर्क नहीं....लेकिन बोट सिर्फ हिन्दू जाट की देंगे . बिश्नोई जाट (भजन लाल और उसके छोरां) की नहीं दे सकते