ravindersura
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जाट किसान की असल कहानी
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वो जो पुलिस कप्तान बनाया था सांसद अर डॉ बाल्यान ,उनके कोई ब्यान नहीं इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर ? बाकी सुनी स अक किसान संघठन हरयाने आले मुख्यमंत्री क पाछे लाग रे ह स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करवाने पर !
यहाँ अगर अभी भी कुछ मोदी समर्थक भाइयो का अपने किसानो की दयनीय स्थिति पर खून नहीं खोलता तो बड़े शर्म की बात है ! ऐसे तो देश का विकास हो ना हो पर किसानो का विनाश तय है !
Farmers are meant to ride a tracktor with trolley.
yeh sarkaar pakka kisaabn virodhi hai..yeh baat confirm hoti jaa rahi hai..............yeh padho...
http://money.bhaskar.com/news/NR-PA...et-to-rein-in-fiscal-deficit-4853913-NOR.html
नई दिल्*ली। सरकारी खजाने को घाटे के बोझ से बचाने के लिए केंद्र सरकार कई मंत्रालय के बजट में कटौती करने जा रही है। स्*वास्*थ्*य मंत्रालय के बजट में करीब 20 फीसदी कटौती के बाद मोदी सरकार ने कृषि मंत्रालय के बजट पर भी कैंची चला दी है। वित्*त मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, डिपार्टमेंट ऑफ एक्*सपेंडिचर (व्*यय विभाग) के विचार विमर्श के बाद वित्*त वर्ष 2014-15 के लिए कृषि मंत्रालय के योजनागत व्*यय में करीब 30 फीसदी कटौती करने का फैसला किया है।
कृषि मंत्रालय के बजट में कटौती का सीधा असर कृषि से जुड़े फ्लैगशिप कार्यक्रम जैसे राष्*ट्रीय कृषि विकास योजना, राष्*ट्रीय बागवानी मिशन, राष्*ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन और फसल बीमा योजना पर पड़ेगा। वित्*त मंत्री अरुण जेटली ने गत जुलाई में मोदी सरकार का पहला बजट पेश करते हुए खेती और किसानों से जुड़ी कई बड़े ऐलान किए थे। इनमें हरेक किसान को मृदा उर्वरता कार्ड, दो नए कृषि विश्*व*विद्यालयों की स्*थापना, एग्री टेक इंफ्रास्*ट्रक्*चर फंड, कीमतों के उतार-चढ़ाव पर अंकुश लगाने के लिए मूल्*य स्*ि*थरता कोष और किसान टीवी चैनल शुरू करने की घोषणाएं प्रमुख हैं।
कृषि बजट में कटौती का असर न सिर्फ मंत्रालय के कई साल से चली आ रही योजनाओं पर पड़ेगा बल्कि नई घोषणाओं के अमल पर भी इसका असर पड़ सकता है। इस साल ग्लोबल मार्केट में फसलों के दाम गिरने और अधिकांश फसलों के न्*यूनतम समर्थन मूल्*य में मामूले बढ़ोतरी के चलते किसानों की हालत पहले ही खराब है। एेसे में केंद्र सरकार के बजट में कटौती का सीधा असर खेती और किसानों के कल्*याण के लिए चलाई जा रही केंद्र की योजनाओं पर पड़ना तय है।
राजकोषीय घाटे को काबू में रखने की कवायद
कच्*चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट और पेट्रोलियम आयात का बोझ काफी हद तक हल्*का होने के बावजूद मोदी सरकार के लिए राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.1 फीसदी के भीतर रखना चुनौती बना हुआ है। यूपीए सरकार ने भी अपने कार्यकाल के आखिरी साल यानी वर्ष 2013-14 में घाटे पर अंकुश लगाने के लिए कृषि बजट में करीब 10 फीसदी की कटौती की थी। अब मोदी सरकार भी उसी राह पर जाती दिख रही है। वित्*त वर्ष 2014-15 के लिए केंद्र सरकार ने कृषि एवं सहकारिता विभाग के लिए 22309 करोड़ रुपये का योजनागत व्*यय तय किया था, जिसे अब 16 हजार करोड़ रुपये के भीतर सीमित रखने की तैयारी है।
किसानों की हालत चिंताजनक
राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन की ताजा सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, देश के कुल 9.02 करोड़ किसान परिवारों में से 8.65 करोड़ परिवार ऐसे है, जिनकी खेती की आय महीने भर का घर का खर्च चलाने के लिए पर्याप्त नहीं है, जिस कारण देश के 45% किसान मनेरगा में मजदूरी करने को विवश हैं। देश में किसान परिवारों की खेती से मासिक औसत आय सिर्फ 3081 रूपये है। यही वजह है कि खेती में लगे देश के करीब 50 फीसदी परिवार परिवार कर्ज के जाल में फंसे हैं।
##They also ride with a chousang and dousang jelli in that tractor and trolly, if pinched at the right place, it hurts a lot. Do you know that genius ?
Farmers are meant to ride a tracktor with trolley.
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