ravinderjeet
New member
ha ha ha ha ha ha............![]()
[font=verdana, arial, tahoma, calibri, geneva, sans-serif]भाई हंसन की बात कोणी ,राकेश ने ठीक बुझी स | मेंहस के दो जाब्ड़े हों सें ,आगले में केवल तरले दांद हों सें जो घास पाडन के अर काटन के काम आया करें खुर्प्यां की ढाल अर पाछले में उपरले अर तरले दोनु हों सें | जुगाली करदी हाण भी ध्यान तें देखो अक उह के आगले जाब्ड़े के दांद ऊँ-ए हाले जाँ सें अर पाछले जाब्ड़े तें वा जुगाली कर्या करे |qed | [/font]
[font=verdana, arial, tahoma, calibri, geneva, sans-serif]
[/font]