ravinderjeet
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thuee kae ho sae, Ravinder jee?
Regards,
Urmila.
थुई मांस का एक लोथड़ा हो स जो बल्धां के कान्ध्याँ पे हो स | यु दो काम आवे स |एक-पाछले कई हजार साल में बल्धां के कान्ध्याँ पे जुआ धरण के कारण उड़े अधिक मात्रा में यु मांस कट्ठा होग्या जो कालान्तर में जेनेटिक रूप लेग्या | दुसरा -- इस लोथड़े में चर्बी हो स जो ठन्डे मौसम में एक्स्ट्रा एनर्जी प्रदान करे स बलध ने | एक चीज और हो स यूनिक ,"झालर "या झालर मुंह धोरे तें सुरु हो के अर बलध /गाँ के आगले पायां के बीचाले ताहि जाया करे ,या क्यूँ हो स मन्ने नि बेरा | किस्से ने बेरा हो तो बता दिओ |--------------------सदभावनाओं सहित |
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