Hariyanvi Rhymes for children ( hariyanvi ) please contribute...

काली घटा उमड़ती आवै ,
दिन मैं होगी रात जणू
रूसी सजनी , भी साजन ताण ,
सोचै कर ल्यूं बात जणू
बूँद पड़ी सारा छोह धू ग्या,
आज कसूता मींह बरस्या

गितवाड़े में गोस्से भीजे ,
इंधन आल्ला न्यारा होग्या
रोटी पौन न , आग बले ना,
चुहले ऊपर खाड़ा होग्या
पानी देख पर भूख भाज रही ,
आज कसूता मींह बरस्या

पशु पखेरू नाच उठे सब ,
पानी अमृत सा लाग्या
जोहड़ के माँ तिरं बाछ्ड़े
भैंसा के भी जी -सा आग्या
कुएं भरगे , पनघट सज ग्या
आज कसूता मींह बरस्या

(बेरा नि किः की लिखी होड़ स )

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काणे कचरे -काणे कचरे कित चाल्या जा ?


कचरा ---तलियां की मेरी गाड़- गड़ोली
मिन्ड़क जोडें जाँ,
नानी ने बुलाया सूं
ज्युकर मोटा हो ज्यां |


राह में फेट्या गादड़,
मिन्ड़क की पड़गी भाजड ,
बोल्या --काणे कचरे-काणे कचरे
में तन्ने खा जाँ ?
कचरा---नानी के हो आऊं
पहलम मोटा हो ज्यां
तलियां की मेरी गाड़- गड़ोली
मिन्ड़क जोडें जाँ,


आगे आई लोमड़ी ,
काणे कचरे की गेल पड़ी ,
बोली---काणे कचरे-काणे कचरे
में तन्ने खा जाँ ?
कचरा---नानी के हो आऊं
पहलम मोटा हो ज्यां
तलियां की मेरी गाड़- गड़ोली
मिन्ड़क जोडें जाँ,



आगे फेट्या भेड़िया,
काँना कचरा घेर लिया ,
बोल्या--काणे कचरे-काणे कचरे
में तन्ने खा जाँ ?
कचरा--नानी के हो आऊं
पहलम मोटा हो ज्यां ,
तलियां की मेरी गाड़- गड़ोली
मिन्ड़क जोडें जाँ,


आगे फेट्या चीता ,
क्यूकर जाण दे रीता,
बोल्या---काणे कचरे-काणे कचरे
में तन्ने खा जाँ ?
कचरा ---नानी के हो आऊं
पहलम मोटा हो ज्यां
तलियां की मेरी गाड़- गड़ोली
मिन्ड़क जोडें जाँ,


आगे फेट्या शेर ,
काणे कचरे का जी लिकड़गा फेर ,
बोल्या---काणे कचरे-काणे कचरे
में तन्ने खा जाँ ?
कचरा ---नानी के हो आऊं
पहलम मोटा हो ज्यां
तलियां की मेरी गाड़- गड़ोली
मिन्ड़क जोडें जाँ,



( न्यू कह-कह के ने कचरा सब जंगली जानवरां तें बच के ने आपणी नानी के पोंच जावे स )
---रवि "अतृप्त"


( ये बाल कविता बालकां ने भालोंण अर गेल की गेल जानवरां के बारे में सीखान खातर कह्या करदे ,ओरिजनल के बोल थोड़े से मिले बाकी के मन्ने जोड़ के ने पूरी करी स )
 
यावा -ए- यावा ,

म्हारी खाट का पावा ,
पावे के बन्ध ऱी टाटी,
तेरी माँ बणावे लास्सी खाटी,
तन्ने थूक थूक चाटी |




(कोए छोरी यावा हो जांदी ,जब उह ने चीडाया करदे )
 
देयर वाज ए गादड़ी,
डोळे-डोळे भाज री,
आई वाज ने डला मार्या ,
शी वाज धेड पड़ी |


( बालक हान्सियाँ में कहया करदे अंग्रेजी का मजाक उड़ान खातर )
 
लटटम लोरी,
लटटम लोरी ,
दूध भरी कटोरी ................


जा रमलू दूध पी जा ,
चोटी बधे जोरी ..........


लटटम लोरी,
लटटम लोरी ,
दूध भरी कटोरी ,



जा रमलू दूध ना पीवे ,
खूब सतावें छोरी .............
लटटम लोरी,
लटटम लोरी ,
दूध भरी कटोरी ...............




 
रामसनेही हंडेरा
तेरी चोटि में ढेरा
ढेरा हांडे कड़ में
रामसनेही पड्या बगड़ में
बगड़ में लाग्या घाम
रामसनेही करे ना काम
रामस्नेही के बाबू ने मार्या डंडा
तू भाज -भाज छोले गण्डा
गण्डा गया मील में
रामसनेही पिटग्या ढील में


( म्हारी गाल में एक रामस्नेही था उहने चीडाया करदे या कविता सी कह के ने , वो ढील्ला घना था , किहे हो का नाम रामस्नेही की थां ला के ने चिड्या सको सो )
 
रलदू के कान में कुर्रर
चालो सब भरत पुर
भरत पुर में उडें कबूतर
कोए काला कबूतर
कोए धोला कबूतर
कोए उराँ फुरर
कोए पराँ फुरर


रलदू के कान में कुर्रर
मोटर चाली घुरर
मोटर पोंची दिल्ली
दिल्ली में पाई केरी बिल्ली
बिल्ली भाजी गेल कबूतर
कबूतर गया उड्ड
कोए उराँ फुरर
कोए पराँ फुरर



रलदू के कान में कुर्रर


( रलदू की थां किहे भी बालक का नाँ लेके ने उह के कान में कुर्रर कर के ने हंसाया करें )
 
pahlam kise ne likh di ho to maaphi-
raja raj ki beti
tota haath mein leti
tota baag mein jata
imli tod kar phata
tooti aam ke dali
roya baag ka mali
kidki khol kar dekho
duniya ja se chali
 
Ek aur-
upar pankha chalta hai
neeche baby sota hai
sote-sote bhookh lagi
khale beta moongphali
moongphali mein dana nahin
hum tumhare nana nahin nana gaya dilli
dilli te laya do billi
billi ne mara panja
nana ho gaya ganja
 
गीता जी दोनु रीपीटिड सें ,पर कोए बात ना पहलम इह तागे ने आप पढ़ ल्यो पूरा आर फेर छापिओ | ताग: पे गेडा मारण खातर धन्यवाद |
 
बात तो आपकी सही से Ravinderji . तो फेर आपके अल्बादी बाल्कन के किस्से में लिख द्यु हूँ एक कती नई अल्बाद.
 
एक एकम एक ,
ताई हुलांश सूंघे देख |
एक दूणी दो ,
ताऊ गिहूँ चंणे बो |
एक तिया तीन ,
सपेरा बजावे बीन |
एक चौक्के चार ,
मेंह्स की काढ़ो धार |
एक पंजे पांच ,
बीरो किताब बांच |
एक छक्के छः:,
दादा ने रोटी खाण की कह |
एक सत्ते सात ,
काका की चढ़ी बरात |
एक अट्ठे आठ ,
दादी ताई मारे बात |
एक नव्वे नौ |
माँ धोरे जा सो |
एक धाहीं दस ,
गणती ख़तम बस |

 

चक्कर पे चक्कर,


घण चक्कर |
रलदू के टेक्टर ने ,
धारे के मारी ,
खींच के टक्कर |


चक्कर पे चक्कर ,
घण चक्कर ,
नकली सगाई में ,
मेहर सिंह बांडे शक्कर |


चक्कर पे चक्कर ,
घण चक्कर ,

माधे की चोरी का ,
चारुं ओड़ जकर |


चक्कर पे चक्कर ,
घण चक्कर ,

रलदू रळगा रेत में,
माँ करे फिकर |
चक्कर पे चक्कर ,
घण चक्कर ,


 
Last edited:
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नाई के रै नाई के
तबल बजाई के
तबल में तोता
नाई मेरा पोता
 
जय कन्हेया लाल की ,
हाथी घोड़ा पाल की ,
जय कन्हेया लाल की ,
तीर कमान ढाल की ,
जय कन्हेया लाल की ,
गाँ बाछडा बहाल की ,
जय कन्हेया लाल की ,
गिहूँ ज़ोऊ बाल की ,
जय कन्हेया लाल की ,
बासण भांडे थाल की ,
जय कन्हेया लाल की .........
 
अट्टी -बट्टी,
तेरी मेरी कट्टी,
मन्ने खाई मीठी गोली,
तन्ने खाई मट्टी ||
 
हेली में दुकडिया
दुकडिया में डाट
डाट में बोहिया
बोहिये में छालणा
छलणे में रोटी
खावे रलदू की पोती |
 
गुणगुणा र: गुणगुणा,
तेरा नाक क्यूँ गुणगुणा,
गेल तू रेंट बगावे स ,
गुणगुण के बतावे स ,
तेरी माँ ने तू क्यूँ जणा,
नाक में बोले तू घन्णा,
गुणगुणा र: गुणगुणा,
 
तख्ती सुखांदी हाण कहया करदे :-
मेरी तख्ती सुखियो ,
बड़ का डाहला टूटियो,
डाहले पे बेठ्या बांदर,
बान्दर का सर फुटियो,
बड़ का डाहला टूटियो,
मेरी तख्ती सुखियो ,


जब ताहीं सूख ना जांदी इतणे कहयें जांदे |



 


तकती पोतदी हाण कहया करदे :--


मेरी तख्ती पुती जा ,
मोटी बिल्ली सूती जा ,
बिल्ली के मारो डला,
तख्ती पोत में ते चला |
 
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