म्हरा गाम , म्हारे खेत | जनरल जंग शमशेर सिंह की हवेली का दर्श | इह अर एह्के सामी जनरल के भाई की हवेली थी जिन के बीचाले पुल होया करदा | वो पुल हामने ईंट मार-मार के गेर दिया था ( रिफ्रेंश :-अल्बादी बालकां के किस्से )|
म्हरा गाम , म्हारे खेत | आर्य समाज ,भाऊ अकबर पुर | इह फोटू में यु जो कुण पे कुहले पे हाथ लायें खडा स ,यु सुरेंदर सिंह स म्हारी तिकड़ी का सदस्य ( रिफ्रेंश :-अल्बादी बालकां के किस्से )|
म्हरा गाम , म्हारे खेत | दादा गुसाई आला ( गुशल बलहारा , हमारा पूर्वज जो ७००-८०० साल पहले यहाँ आ कर बसा था , यहाँ पर हर साल देव्ठ्नी ग्यास को उनकी याद में मेला लगता हे और ज्योत जलाई जाती हे |