Haryana Tasveero Mein (Part 1)

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म्हरा गाम , म्हारे खेत | म्हारे गाम की ४ लेन सड़क |
 
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म्हरा गाम , म्हारे खेत | कसूत गर्मी में नीम की छाहँ , मेंह्स लोट गी जोहड़ में नाह |
 

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म्हरा गाम , म्हारे खेत | कसूत गर्मी में कीकर की छाहँ , मेंह्स लोट गी जोहड़ में नाह |
 
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म्हरा गाम , म्हारे खेत | थारे जाएँ पाछे कोए मलोटा भी ना मंगदा |
 
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म्हरा गाम , म्हारे खेत | थांब (कोला )कदे आपां भी हेली का बोझ ठा रे थे ,इब्ब कुत्त्याँ के काम आवां सां |
 
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म्हरा गाम , म्हारे खेत | ये बाहरने इब्ब ना मिलदे | जनरल जंग शमशेर सिंह की हवेली का बाहरन्ना |
 
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म्हरा गाम , म्हारे खेत | जनरल जंग शमशेर सिंह की हवेली का दर्श | इह अर एह्के सामी जनरल के भाई की हवेली थी जिन के बीचाले पुल होया करदा | वो पुल हामने ईंट मार-मार के गेर दिया था ( रिफ्रेंश :-अल्बादी बालकां के किस्से )|
 
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म्हरा गाम , म्हारे खेत | जनरल जंग शमशेर सिंह की हवेली का भीतरी दर्श |
 
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म्हरा गाम , म्हारे खेत | डिग्गी का दर्श ( हरयाणा की सब तें बड्डी (ग्रामीण ) |
 
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म्हरा गाम , म्हारे खेत | च्याँणी ,जीवन का अंतिम पड़ाव | इन् में-ए बैठ के अर शरीत मार के लाडड़ू खाया करदे हाम ( रिफ्रेंश :-अल्बादी बालकां के किस्से )|
 
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म्हरा गाम , म्हारे खेत | इसाई मिशनरी द्वारा संचालित सकूल |
 
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म्हरा गाम , म्हारे खेत | आवारा पशु केंद्र , आवारा पशुओं की चिकित्सा व् सहायाता हेतु |
 
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म्हरा गाम , म्हारे खेत | पान्त्य्जल योगाश्रम , ब्रम्चारी वेदमित्र आचार्य द्वारा संचालित |
 
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म्हरा गाम , म्हारे खेत | आर्य समाज ,भाऊ अकबर पुर | इह फोटू में यु जो कुण पे कुहले पे हाथ लायें खडा स ,यु सुरेंदर सिंह स म्हारी तिकड़ी का सदस्य ( रिफ्रेंश :-अल्बादी बालकां के किस्से )|
 
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म्हरा गाम , म्हारे खेत | दादा गुसाई आला ( गुशल बलहारा , हमारा पूर्वज जो ७००-८०० साल पहले यहाँ आ कर बसा था , यहाँ पर हर साल देव्ठ्नी ग्यास को उनकी याद में मेला लगता हे और ज्योत जलाई जाती हे |
 
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म्हरा गाम , म्हारे खेत | जाल का रूंख( पीलां आला ),म्हारे गाम में कई हजार रूंख थे ३०-४० साल पहलम ,एक घंटे हंडे जब ये दो रूंख मिले सारे गाम में |
 
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