haryanvi boli aur uske anokhe sabad

ravinderjeet

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कई बे इस्से माणस मन्ने मिल ज्यां सें जो आपने आप नु सबतें आछा जाट बतावें और आपनी बोली का भी भोत ज्ञान बतावें पर उन मुंह चिक्ड्या के बोलें , जब उन् पे उनके-ए बोले सबदां का शाब्दिक अरथ बूझें तो कयाएं का भी बेरा ना पांदा उन् ने | आजकाल घने बालक बाहे पढ़ें सें उन् ने भी शब्दां के अरथ का कोणी बेरा | में आप सब को हरयाणवी बोली के आम बोले जावण आले सब्द या भोत ही कम बोले जाणे वाले सबदां एर उनके अरथां का परिचय करवाउंगा | दुसरे भाई भी आपना योगदान दे सकें सें |

"केरा"--- यो शबद आम बोल्या जावे स |
वाक्य में परयोग-- आपां नु चाल पड़ना चाहिए केरा ?
अपभरंश ---- क्या राय हे ?= के रया हे = केरा
इस परकार "क्या राय हे" बिगड़ के केरा बण ग्या
 
"मखा"-- यो एक आम परचलीत शबद से |
वाक्य में परयोग --- इब्ब घरां चालाँ मखा |
अपभरंश ---- मेरा ख्याल हे= मेख्याल = मखा
 
खप्पर भरणी- यो शबद लुगाई आपस में लड़दी हाण एक दूसरी नु गाल के रूप में कह्या करें |
खप्पर --- नर मुंड की खोपड़ी , भरणी --- खून तें भरण आली |
मतलब ---इस्सी लुगाई जो माणसआँ नु मर्वादे |
वाक्य में पारयोग--- खप्पर भरणी ,तू नाश करवा वेगी |
 
hahahhahah badhiya nichod kadh diya !!!!

एक शब्द है आसन पाटी........इसका वाक्य पर्योग करो ईब .........:rock
 
hahahhahah badhiya nichod kadh diya !!!!

एक शब्द है आसन पाटी........इसका वाक्य पर्योग करो ईब .........:rock

प्रिया , तू आप क्यों ना बतांदी इह शबद का परयोग | तन्ने ना आंदा तो में बता द्यूंगा | अर और कोए शबद, जिन्न का तन्ने ना बेरा ,वे छाप दे, में उनका भी अरथ बता द्यूंगा |
 
प्रिया , तू आप क्यों ना बतांदी इह शबद का परयोग | तन्ने ना आंदा तो में बता द्यूंगा | अर और कोए शबद, जिन्न का तन्ने ना बेरा ,वे छाप दे, में उनका भी अरथ बता द्यूंगा |


paryod te main bata dyungi par arth nhi aata ne jukar aapne bataya uppar sandhi vicheed kar k khappar ka ar bharni nyu nhi bataya ja mere pe ..........................pryog karna ho to bata dyungi
 
आसन पाटी--- जब कोए बन्दा / बंदी बोलबाला एक-ए मुद्रा में बेठ्या /पड्या रह तो उसने आसन पाटी कह्या करें ( आजकाल इह शबद का परयोग रूस्से होए बन्दे खातर कर्या करें )
आसन -- एक मुद्रा में बैठना, पाटी --- मुंह पे पट्टी बाँध लेना / चुप-चाप रहणा |
वाक्य में परयोग --- इह प्रिया क के होया , या क्यों आसन पाटी लेंए पड़ी स |
 
आसन पाटी--- जब कोए बन्दा / बंदी बोलबाला एक-ए मुद्रा में बेठ्या /पड्या रह तो उसने आसन पाटी कह्या करें ( आजकाल इह शबद का परयोग रूस्से होए बन्दे खातर कर्या करें )
आसन -- एक मुद्रा में बैठना, पाटी --- मुंह पे पट्टी बाँध लेना / चुप-चाप रहणा |
वाक्य में परयोग --- इह प्रिया क के होया , या क्यों आसन पाटी लेंए पड़ी स |

aapte nyu thode e kaha tha mere pe e paryog karan laag jaao ............:rolleyes:
 
aapte nyu thode e kaha tha mere pe e paryog karan laag jaao ............:rolleyes:



इब्ब कोए तो नाम लिखणा-ए था | मेरे तो प्रिया याद आया ,लिख दिया | ऊँ भी प्रिया तो निरी सें , प्रिया मालिक तो कोणी लिख्या | सुनीता लिख द्यूंगा तो और कोए नु कह्वेगी अक मेरा नाँ क्यों लिखा |
 
Anghai अंघाई
Paryog : Aaj to Bhuda ghana anghai me aa ri he.

Matlab Ravinder bhai batavega daun sar.
 
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Anghai अंघाई
Paryog : Aaj to Priya anghai me aa ri he.


thamne or te kime kaam nhi hai bus ulta seedha likhan te alawa ????? ghoom fir k baat ne priya pe laa k ger do bus
 
Anghai अंघाई
Paryog : Aaj to Priya anghai me aa ri he.

अंघाई --- यो दो शबदां के जोड़ तें बन्या होड़ स |
अंग --- शारीर के भाग , घाई-- उतावला होणा ( घाई शबद , ताव्ले की खातर गुजरात ,महाराष्टर एर मध्या परदेश में बोल्या जावे स )
मतलब --- जब कोए खाम खा तावला-तावाला शारीर के अंगा नु मतलब हाथ पायां नु मारे या बकवाद करे( माचे ) , बेमतलब तो उहने अन्घाना/अन्घानी कह्या करें|
 
ravinder ji aapte budha kah hai yu vipin

जागरूक को अज्ञानी नहीं बनाया जा सकता, स्वाभिमानी का अपमान नहीं किया जा सकता, निडर को दबाया नहीं जा सकता।
 
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