Hisar Byelection on 13-Oct-2011

. अजय सिंह चौटाला ने खोला अब तक का सबसे बड़ा भेद
हुड्डा व कुलदीप बिश्रोई की बंद कमरे में हुई बातचीत जगजाहिर हो चुकी है

​
हिसार, 19 अक्टूबर। हिसार संसदीय उपचुनाव में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा तथा कुलदीप बिश्रोई की मिलीभगत की पोल खोलते हुए इनेलो के प्रधानम महासचिव डा. अजय सिंह चौटाला ने कहा कि हिसार उपचुनाव इनेलो बनाम सत्तारूढ़ कांग्रेस, हजकां व भाजपा ने मिलकर लड़ा। इस संबंध में अर्बन स्टेट स्थित अपने आवास नंबर 222 में पत्रकारों के समक्ष सिलसिलेवार मिलीभगत की परतें खोलते हुए कई साक्ष्य प्रस्तुत किए। उन्होंने पत्रकारों के बताया कि 10 अक्टूबर को जिंदल गेस्ट हुाउस में सीएम हुड्डा व कुलदीप बिश्रोई की बंद कमरे में 11 बज कर 23 मिनट से लेकर 12 बजकर 20 मिनट तक हुई बातचीत अब जगजाहिर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सीएम हुड्डा ने इनेलो की जीत से बौखलाकर कुलदीप बिश्रोई से इसलिए हाथ मिलाया कि बिश्रोई तो स्वयं कांग्रेस की बी टीम का मुखिया है। डा. चौटाला ने प्रमाण प्रस्तुत करते हुए बताया कि हिसार की विधायक सावित्री जिंदल के बूथ नंबर 103 पर कांग्रेस को मात्र 57 मत मिले जबकि हजकां 211 मत मिले। यहां यह बताना भी जरूरी है कि सीएम हुड्डा लगातार एक पखवाड़े तक जिंदल गेस्ट हाउस में रूक कर कांग्रेस प्रत्याशी की जीताने की रणनीति बना रहे थे। तो फिर बिना कांग्रेसी विधायक की मिलीभगत के कांग्रेसी विधायक के बूथ में हजकां कैसी जीती जबकि जिंदल ग्रुप हिसार की फैक्टिरियों में दस हजार से ज्यादा कर्मचारियों के मत हैं। बरवाला के विधायक रामनिवास घोड़ेला के बूथ नंबर 78 पर कांग्रेस को जहां मात्र 29 मत मिले वहीं हजकां को 385 मत प्राप्त हुए। इसी प्रकार व्यापारियों के स्वयंभू नेता एवं कान्फेड के चैयरमेन बजरंग दास गर्ग के बूथ नंबर 7-ए व बी पर हजकां को जहां 744 मत मिले वहीं कांग्रेस को सिर्फ 116 मत मिले। कांग्रेसी विधायक संपत सिंह सेक्टर 15-ए के बूथ नंबर 38 पर हजकां 353 व कांग्रेस 104, नारनौंद के पूर्व विधायक रामकुमार गौतम के बूथ नंबर 90 पर कांग्रेस 163 तथा हजकां को 218 मत मिले। इसी प्रकार केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा के गांव प्रभुवाला में कांग्रेस जहां 211 मत प्राप्त कर सकी वहीं हजकां को 1292 मत मिले। इतना ही नहीं केंद्रीय मंत्री के हिसार स्थित आवास के बूथ नंबर 93 पर कांग्रेस को सिर्फ 34 वोट मिले जबकि हजकां को 354 प्राप्त हुए है। इनेलो के प्रधान महासचिव ने बताया कि मुख्य संसदीय सचिव विनोद भ्याणा के आवास के बूथ नंबर 60 पर हजकां 471 तथा कांग्रेस को मात्र 108 मत मिले। कांग्रेस के अपने आप को राष्ट्रीय नेता बताने वाले बीरेंद्र सिंह के पैतृक गांव के बूथ नंबर एक कांग्रेस जहां केवल 53 प्राप्त कर पाई वहीं हजकां इस बूथ पर 237 वोट कांग्रेस व हजकां मिलीभगत से हासिल करने में सफल रही। यहां बता दें कि बीरेंद्र सिंह डूमरखां परिवार के ही 106 मत हैं। इससे साफ जाहिर हो गया है कि इनेलो की जीत को रोकने के लिए कांग्रेस ने हजकां-भाजपा गठबंधन को पूरा साथ दिया। अजय चौटाला ने कहा कि इस मिलीभगत के बावजूद कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत, परिश्रम व हिसार संसदीय क्षेत्र की जागरूक जनता के स्नेह व समर्थन से इनेलो जीत के दहलीज तक पहुंची। उन्होंने कहा कि इस उपचुनाव में फिर से जनता ने साबित कर दिया है कि कांग्रेस का विकल्प सिर्फ इनेलो ही है और आने वाली सरकार चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के नेतृत्व में बनेगी।इनेलो नेता ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष कृष्णपाल गुर्जर द्वारा की गई टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा कि यदि कृष्ण पाल गुर्जर अपने विधानसभा क्षेत्र से इस्तीफा देकर आदमपुर से चुनाव लडऩे की घोषणा करते हैं तो मैं भी आदमपुर से चुनाव लडऩे को तैयार हूं। उन्होंने कहा कि इनेलो को इस उपचुनाव में शहरी मतदाताओं ने भारी सहयोग दिया है और इस सहयोग व साथ बढ़ाने के लिए वे शहर में मतदाताओं के साथ संपर्क साधेंगे। उन्होंने बताया कि हिसार संसदीय क्षेत्र हलकावार मीटिंग कर कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करेंगे। इसी कड़ी में 23 अक्टूबर को सुबह 10 बजे नारनौंद, एक बजे बवानीखेड़ा तथा सायं चार बजे हांसी हलके के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे। 24 अक्टूबर को प्राप्त 10 बजे बरवाला, एक बजे उचाना , 4 बजे हिसार तथा 25 अक्टूबर को सुबह 10 बजे नलवा, एक बजे उकलाना व सायं चार बजे आदमपुर हलके के कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करेंगे। उन्होंने बताया कि नंवबर माह में पूरे संसदीय क्षेत्र का दौरा कर मतदाताओं को आभार व्यक्त करेंगे।
मकान नंबर 222--
इनेलो के प्रधान महासचिव डा. अजय सिंह चौटाला ने कहा कि अब वे हिसार में रह कर जनता के सुख-दुख के भागीदार बनेंगे। उन्होंने कहा कि अर्बन स्टेट स्थित मकान नंबर 222 उनका स्थायी आवास है और वे भविष्य में इसी आवास पर जनता के लिए उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में करीब दो वर्ष हैं और उनका प्रयास अब शहरी मतदाताओं को अधिक से अधिक जोडऩा रहेगा।
 
हिन्दुस्तान की राजनीति और खासकर हरियाणा की राजनीति में सिधान्तों की अपेक्षा करना नासमझी है i इस हमाम में सभी नंगे हैं और कोए भला कोन्या i वैसे भी प्यार और युद्द में सब कुछ जायज़ है i अगर सिंद्धांतों पर चलेंगे तो वंशानुगत राजनीति को तिलांजलि देनी पड़ेगी i केतली को पतीली को कIला कहने का कोई हक़ नहीं होता i
 
Jo Bhala banega uska bhala nahi hona fer....

हिन्दुस्तान की राजनीति और खासकर हरियाणा की राजनीति में सिधान्तों की अपेक्षा करना नासमझी है i इस हमाम में सभी नंगे हैं और कोए भला कोन्या i वैसे भी प्यार और युद्द में सब कुछ जायज़ है i अगर सिंद्धांतों पर चलेंगे तो वंशानुगत राजनीति को तिलांजलि देनी पड़ेगी i केतली को पतीली को कIला कहने का कोई हक़ नहीं होता i
 
. अजय सिंह चौटाला ने खोला अब तक का सबसे बड़ा भेद
हुड्डा व कुलदीप बिश्रोई की बंद कमरे में हुई बातचीत जगजाहिर हो चुकी है


​


हिसार, 19 अक्टूबर। हिसार संसदीय उपचुनाव में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा तथा कुलदीप बिश्रोई की मिलीभगत की पोल खोलते हुए इनेलो के प्रधानम महासचिव डा. अजय सिंह चौटाला ने कहा कि हिसार उपचुनाव इनेलो बनाम सत्तारूढ़ कांग्रेस, हजकां व भाजपा ने मिलकर लड़ा। इस संबंध में अर्बन स्टेट स्थित अपने आवास नंबर 222 में पत्रकारों के समक्ष सिलसिलेवार मिलीभगत की परतें खोलते हुए कई साक्ष्य प्रस्तुत किए। उन्होंने पत्रकारों के बताया कि 10 अक्टूबर को जिंदल गेस्ट हुाउस में सीएम हुड्डा व कुलदीप बिश्रोई की बंद कमरे में 11 बज कर 23 मिनट से लेकर 12 बजकर 20 मिनट तक हुई बातचीत अब जगजाहिर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सीएम हुड्डा ने इनेलो की जीत से बौखलाकर कुलदीप बिश्रोई से इसलिए हाथ मिलाया कि बिश्रोई तो स्वयं कांग्रेस की बी टीम का मुखिया है। डा. चौटाला ने प्रमाण प्रस्तुत करते हुए बताया कि हिसार की विधायक सावित्री जिंदल के बूथ नंबर 103 पर कांग्रेस को मात्र 57 मत मिले जबकि हजकां 211 मत मिले। यहां यह बताना भी जरूरी है कि सीएम हुड्डा लगातार एक पखवाड़े तक जिंदल गेस्ट हाउस में रूक कर कांग्रेस प्रत्याशी की जीताने की रणनीति बना रहे थे। तो फिर बिना कांग्रेसी विधायक की मिलीभगत के कांग्रेसी विधायक के बूथ में हजकां कैसी जीती जबकि जिंदल ग्रुप हिसार की फैक्टिरियों में दस हजार से ज्यादा कर्मचारियों के मत हैं। बरवाला के विधायक रामनिवास घोड़ेला के बूथ नंबर 78 पर कांग्रेस को जहां मात्र 29 मत मिले वहीं हजकां को 385 मत प्राप्त हुए। इसी प्रकार व्यापारियों के स्वयंभू नेता एवं कान्फेड के चैयरमेन बजरंग दास गर्ग के बूथ नंबर 7-ए व बी पर हजकां को जहां 744 मत मिले वहीं कांग्रेस को सिर्फ 116 मत मिले। कांग्रेसी विधायक संपत सिंह सेक्टर 15-ए के बूथ नंबर 38 पर हजकां 353 व कांग्रेस 104, नारनौंद के पूर्व विधायक रामकुमार गौतम के बूथ नंबर 90 पर कांग्रेस 163 तथा हजकां को 218 मत मिले। इसी प्रकार केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा के गांव प्रभुवाला में कांग्रेस जहां 211 मत प्राप्त कर सकी वहीं हजकां को 1292 मत मिले। इतना ही नहीं केंद्रीय मंत्री के हिसार स्थित आवास के बूथ नंबर 93 पर कांग्रेस को सिर्फ 34 वोट मिले जबकि हजकां को 354 प्राप्त हुए है। इनेलो के प्रधान महासचिव ने बताया कि मुख्य संसदीय सचिव विनोद भ्याणा के आवास के बूथ नंबर 60 पर हजकां 471 तथा कांग्रेस को मात्र 108 मत मिले। कांग्रेस के अपने आप को राष्ट्रीय नेता बताने वाले बीरेंद्र सिंह के पैतृक गांव के बूथ नंबर एक कांग्रेस जहां केवल 53 प्राप्त कर पाई वहीं हजकां इस बूथ पर 237 वोट कांग्रेस व हजकां मिलीभगत से हासिल करने में सफल रही। यहां बता दें कि बीरेंद्र सिंह डूमरखां परिवार के ही 106 मत हैं। इससे साफ जाहिर हो गया है कि इनेलो की जीत को रोकने के लिए कांग्रेस ने हजकां-भाजपा गठबंधन को पूरा साथ दिया। अजय चौटाला ने कहा कि इस मिलीभगत के बावजूद कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत, परिश्रम व हिसार संसदीय क्षेत्र की जागरूक जनता के स्नेह व समर्थन से इनेलो जीत के दहलीज तक पहुंची। उन्होंने कहा कि इस उपचुनाव में फिर से जनता ने साबित कर दिया है कि कांग्रेस का विकल्प सिर्फ इनेलो ही है और आने वाली सरकार चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के नेतृत्व में बनेगी।इनेलो नेता ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष कृष्णपाल गुर्जर द्वारा की गई टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा कि यदि कृष्ण पाल गुर्जर अपने विधानसभा क्षेत्र से इस्तीफा देकर आदमपुर से चुनाव लडऩे की घोषणा करते हैं तो मैं भी आदमपुर से चुनाव लडऩे को तैयार हूं। उन्होंने कहा कि इनेलो को इस उपचुनाव में शहरी मतदाताओं ने भारी सहयोग दिया है और इस सहयोग व साथ बढ़ाने के लिए वे शहर में मतदाताओं के साथ संपर्क साधेंगे। उन्होंने बताया कि हिसार संसदीय क्षेत्र हलकावार मीटिंग कर कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करेंगे। इसी कड़ी में 23 अक्टूबर को सुबह 10 बजे नारनौंद, एक बजे बवानीखेड़ा तथा सायं चार बजे हांसी हलके के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे। 24 अक्टूबर को प्राप्त 10 बजे बरवाला, एक बजे उचाना , 4 बजे हिसार तथा 25 अक्टूबर को सुबह 10 बजे नलवा, एक बजे उकलाना व सायं चार बजे आदमपुर हलके के कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करेंगे। उन्होंने बताया कि नंवबर माह में पूरे संसदीय क्षेत्र का दौरा कर मतदाताओं को आभार व्यक्त करेंगे।
मकान नंबर 222--
इनेलो के प्रधान महासचिव डा. अजय सिंह चौटाला ने कहा कि अब वे हिसार में रह कर जनता के सुख-दुख के भागीदार बनेंगे। उन्होंने कहा कि अर्बन स्टेट स्थित मकान नंबर 222 उनका स्थायी आवास है और वे भविष्य में इसी आवास पर जनता के लिए उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में करीब दो वर्ष हैं और उनका प्रयास अब शहरी मतदाताओं को अधिक से अधिक जोडऩा रहेगा।

Only an AGGRESSIVE INLD can come to power. Period.

Why INLD has not produced any snaps of alleged meeting between Bhupinder Booda & Hajka........that to be on same day ( the meeting held )

Get your village cadre trained by German intelligence equipped with sophisticated equipments..........show some aggressiveness Mr. Chotala

People in villages have faith in your party but you are not providing them platform to EXPOSE opponents. DO have PLANNING.
 
HJC - playing a dangerous game of polarising Jat/Non-Jat votes in Haryana

The possibility of this polarisation of votes on Jats-Non-Jats basis happening in other parts of Haryana is a dangerous gimmick by Kuldeep Bishnoi. This consolidation of Non-Jat votes does not bode well for Jat candidates in the future especially in areas where jats are not in a majority. The siding of BJP with HJC is the most unfortunate decision on their part as I am sure any national level party should not have tied up with a person who is openly scouting for the marginalisation of Jats (Haryana having non-Jat MLAs, MPs, and of course non-Jat CM).

We as a community need to nip the possibility in the bud of this nefarious gameplan being emulated elsewhere by the morally corrupt scion of the morally corrupt Bishnoi family. This can certainly be done by building newer bridges with the other communities - bridges of faith, trust, partnership, etc. The BJP which till now is being seen as a lesser evil than Congress and also as its alternative, needs to get its act together by not siding with someone who is openly targeting the Jats. I for one, would try sending a mail to the BJP president (or any other office bearer) expressing my displeasure and would request fellow Jatlanders to do so - of course in a polite yet resolute manner.

If BJP does not mend its ways - then the next best alternative is of course INLD (with or without BJP).

My assessment:

Congress: Corrupt, Communal and Criminal
HJC: Totally Anti-Jat
BJP: has projected itself as being anti-Jat by siding with Bishnoi.
INLD: ?? (The next best alternative)

Of course, by saying that Congress is Corrupt and Criminal, the other parties cannot claim to be holy saints - they have had their share of misdeeds - it is just a question of magnitude. Choosing the lesser evil.
 
All political parties and almost all politicians are corrupt, criminal and communal, but mother is congress. Main weakness of chautala and his family members is that they do not allow other people in their party to develop, they never think of developing their party, Chief of any Army can not win battle alone how efficient may be. In fact there is no proper organisation working in INLD, ONLY THE FAMILY AND FEW CHAMCHAS. there is no proper party and functioning in the party
 

उपचुनाव में हार के बाद दिग्गजों की लड़ाई में सरपंच भी कूदे


हिसार.
हिसार लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस की हार के बाद पार्टी के दिग्गज नेताओं में चल रही लड़ाई में सरपंच भी कूद पड़े हैं। हिसार जिले के कई गांवों के सरपंचों की तरफ कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी, महासचिव राहुल गांधी और प्रदेश प्रभारी बीके हरिप्रसाद को पत्र भेजे गए हैं। पत्रों में कांग्रेस की हार का कारण पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद बीरेंद्र सिंह और केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा को ठहराया गया है। ये पत्र मीडिया को भी जारी हुए हैं।

दैनिक भास्कर दफ्तर में गुरुवार को 12 सरपंचों के पत्र पहुंचे। ये सभी एक साथ आए थे। खास बात यह थी कि सभी पत्रों का मजमून एक जैसा था। कंप्यूटर से टाइप हुए इन पत्रों में फेरबदल इतना था कि किसी सरपंच का पत्र सोनिया तो किसी का राहुल या हरिप्रसाद के नाम था। भास्कर ने जब इनमें से कुछ सरपंचों से संपर्क साधा तो अलग अलग बात सामने आई।

हिसार खंड (1) की एक महिला सरपंच के मोबाइल नंबर पर फोन किया गया तो उनके बेटे ने फोन उठाया। कहा, कैसा पत्र, हमने कोई पत्र नहीं लिखा। फिर थोड़ी देर बाद फोन आया और कहा, प्लीज हमारा जिक्र मत करना। मगर बरवाला खंड के गांव जुगलान के सरपंच बलजीत सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा : मैंने पत्र लिखा है। जो कुछ लिखा हुआ है, वह मेरी तरफ से है। सरपंचों की मीटिंग हुई थी। कांग्रेस के जो नेता हार के जिम्मेदार है, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जितने भी पत्र गए हैं, सभी सरपंचों ने ही लिखे हैं।

इसी तरह हिसार खंड के एक अन्य सरपंच से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने भी पत्र लिखने से इंकार किया। फिर कहा, कुछ देर बाद पूछ कर बताता हूं। यह शख्स भी महिला सरपंच के बेटे हैं। बाद में उनका फोन नहीं आया। दूसरी तरफ गांव की मीरकां की सरपंच के प्रतिनिधि से बात हुई तो उन्होंने भी पत्र और मीटिंग की बात स्वीकारी।

ये लिखा है पत्रों में

हिसार उपचुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी का खुल्लमखुला मजाक उड़ाया और कांग्रेस को कमजोर करने की साजिश रची। इसका नतीजा है कि कांग्रेस उम्मीदवार की जमानत भी नहीं बची। राज्यसभा सदस्य बीरेंद्र सिंह ने कांग्रेस की खुली खिलाफत की। बीरेंद्र समर्थकों ने हजकां भाजपा उम्मीदवार के बूथों पर बैठकर वोट डलवाए। बीरेंद्र के गांव डूमरखां कलां के बूथ नंबर एक पर कांग्रेस को मात्र 53 वोट मिले जबकि भाजपा हजकां उम्मीदवार को 237 वोट मिले।

पत्र में आरोप है कि बीरेंद्र सिंह ने 3 अक्टूबर को कांग्रेस भवन में एक बैठक करके ट्रैक्टर का जिक्र किया और कहा : ट्रैक्टर का निशान बहुत अच्छा है। कुमारी सैलजा के बारे में पत्रों में लिखा है कि सैलजा के पैतृक गांव प्रभुवाला में कांग्रेस को 211 वोट मिले जबकि कुलदीप बिश्नोई को 1292 वोट मिले। हिसार में सैलजा का निवास है। उनके बूथ नंबर 93 पर कांग्रेस को केवल 34 और कुलदीप को 354 वोट मिले।

नारनौंद में बैठकें


नारनौंद . हलका नारनौंद के अंतर्गत आने वाले खंड नारनौंद और बास की पंचायतों के सरपंचों की एसोसिएशन की अलग अलग बैठकें हुईं। इसमें सरपंचों ने कांग्रेस अध्यक्ष को हिसार उपचुनाव बारे पत्र लिखा। पत्र में कुमारी शैलजा और बीरेंद्र सिंह को कांग्रेस की हार का कारण बताते हुए उन पर कार्रवाई की मांग की गई है।



Kuldeep harna tha buss bach gaya; congress ki foot ka fayda tha le gaya..
 
Last edited:
हा हा हा हा हा सुल्फेडी चाँद मोहमद ........ वो उसकी विडियो क्लिप देखि थी ने बालकनी आली ...... हा हा हा .....फेर तो कांग्रेस की टिकेट पक्की फिजा मैडम की स भाई.....

[FONT=Bhaskar_WEB_Intro_Test]मैं कांग्रेस का सीनियर लीडर हूं, साफ बात करता हूं और...'[/FONT]:cool:[FONT=Bhaskar_WEB_Intro_Test]

[/FONT]

chand111_f.jpg

[FONT=Bhaskar_WEB_Intro_Test]
[/FONT]

:p
[FONT=Bhaskar_WEB_Intro_Test][FONT=Bhaskar_WEB_Intro_Test][FONT=Bhaskar_WEB_Intro_Test]
[/FONT]
हिसार. कभी फिजा उर्फ अनुराधा बाली से निकाह कर सुर्खियों में रहे पूर्व डिप्टी सीएम चंद्रमोहन ने दावा किया है कि विधानसभा उपचुनाव में आदमपुर से हजकां-भाजपा की रेणुका बिश्नोई और रतिया से इनेलो की सरफी देवी ही विजयी होंगी। चंद्रमोहन भले ही खुद को आज भी पक्का कांग्रेसी कहते हैं, लेकिन वह चुनाव में परिवार का ही साथ देने की भी बात कर रहे हैं।

[FONT=Bhaskar_WEB_Intro_Test]दैनिक भास्कर से बातचीत में चंद्रमोहन ने बताया कि ‘जब कुलदीप चुनाव में खड़े थे, उस समय उनकी जीत के लिए परिवार ने हवन कराया था। तब पूर्णाहुति के समय मैंने वचन दिया था कि कुलदीप की मदद करूंगा। फिर भला मैं परिवार के खिलाफ कैसे जा सकता हूं। वैसे भी, पिताजी के जाने के बाद मैं परिवार का मुखिया हूं-aachaa ? मेरा आशीर्वाद हमेशा परिवार के साथ रहेगा।’dhanya ho jange jo tera ashirwad le lenge ?
[/FONT]
[FONT=Bhaskar_WEB_Intro_Test]पूर्व मुख्यमंत्री स्व.भजनलाल के बड़े बेटे चंद्रमोहन से जब यह पूछा गया कि क्या वह अब भी कांग्रेस में हैं? तो उन्होंने जवाब दिया कि ‘मैं कांग्रेस में ही हूं।
[/FONT]
[FONT=Bhaskar_WEB_Intro_Test]पार्टी का सीनियर लीडर हूं। अगर मैं ही कांग्रेसी नहीं, तो फूलचंद मुलाना भी नहीं हैं।’ उपचुनाव में भूमिका निभाने के सवाल पर कहा कि ‘चुनाव है ही कहां? दोनों जगह तस्वीर स्पष्ट है। दोनों सीटों पर महिलाएं जीतेंगी। मैंने तो हिसार उपचुनाव को लेकर भी पहले ही बता दिया था, कुलदीप 4 से 24 हजार के बीच जीतेंगे। अगर पार्टी हाईकमान ने उपचुनाव में ड्यूटी लगाई तो रतिया जा सकता हूं।
[/FONT]
[FONT=Bhaskar_WEB_Intro_Test]रतिया हो या आदमपुर, चुनाव प्रचार के लिए किसी को भी दिल्ली, पंचकूला या चंडीगढ़ से बुला लो, परिणाम साफ नजर आ रहे हैं। आदमपुर में परिवार के खिलाफ जाने का सवाल ही नहीं उठता। मेरे लिए पिता का आदेश पार्टी हाईकमान और भगवान से बड़ा है। मैं ऐसा नहीं हूं, बाहर कुछ और अंदर कुछ। साफ बात करता हूं। ek ek baat jma sachi kahve s?
[/FONT]
[FONT=Bhaskar_WEB_Intro_Test]जैसा अंदर हूं, वैसा ही बाहर। इस बात की परवाह नहीं करता, रिजल्ट क्या रहेगा। जहां तक हिसार लोकसभा उपचुनाव की बात है तो उन दिनों बच्चों की छुट्टियां थीं। चुनाव के आधे समय तक हरियाणा में था, फिर बच्चों के साथ लंदन चला गया था। अब पंचकूला में हूं।’ आदमपुर में रेणुका के पक्ष में मतदान को लेकर बताया, ‘मेरा वोट अब पंचकूला में है और मैं यही से चुनाव लड़ता हूं। इसलिए आदमपुर से नाम कटवा लिया था।’
[/FONT]
[FONT=Bhaskar_WEB_Intro_Test]जब कुलदीप चुनाव में खड़े थे, उस समय उनकी जीत के लिए परिवार ने हवन कराया था। तब पूर्णाहुति के समय मैंने वचन दिया था कि कुलदीप की मदद करूंगा। -चंद्रमोहन[/FONT][/FONT]
[/FONT]:o[FONT=Bhaskar_WEB_Intro_Test][FONT=Bhaskar_WEB_Intro_Test]
[/FONT]
[/FONT]
​
 
Last edited:
Back
Top