sandeepsirohi
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एक और हास्यपद टिपण्णी
एक और हास्यपद टिपण्णी :
बापू ने शायद ये नहीं पढ़ा की बस में चढाने वाले ने उसे बहन कहा था !!!!!!!
एक और हास्यपद टिपण्णी :
एक तरफ जहां दिल्ली गैंगरेप की भेंट चढ़ी पीड़िता को इंसाफ दिलाने की मुहिम जोरों पर हैं, कोर्ट में पीड़िता के छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चल रहा है। इस बीच आसाराम बापू के विवादास्पद बयान ने हड़कंप मचा दिया है। बापू ने इस वारदात के लिए न सिर्फ दुष्कर्मियों को दोषी बताया बल्कि पीड़िता को भी समान जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि ताली दोनों हाथों से बजती है। कहीं न कहीं लड़की का ही दोष है, वह चाहती तो उन दोषियों में से किसी को भी भाई कहकर उनके हाथ-पैर जोड़ सकती थी। जिससे उसकी जान बच जाती। लेकिन उसने ऐसा नहीं किया।
बापू ने शायद ये नहीं पढ़ा की बस में चढाने वाले ने उसे बहन कहा था !!!!!!!