Jannani ya Janambhoomi ... kisko chuneinge?

जननी और मातृभूमि


  • Total voters
    13
जननी और मातृभूमि में से किसी एक को चुनना हो तो किसे चुनोगे और क्यों ?
जननी और मातृभूमि(जननी जन्मभूमि ) एक दुसरे के पूरक हैं !
यानिकि एक दुसरे के बिना अधूरे हैं ! इसलिए एक को चुनना तर्कसंगत नहीं !
इस वीडियो को देख कर शायद आप में से कुछ मित्र भी मेरे इस कथन की पुष्टि अवश्य करेंगे !

http://www.youtube.com/watch?v=Jdx1aSg7p8w


खुश रहो !
 
Right said Bhaisaab, I think question itself is misleading n' confusing.

Where there a Mother prefix comes like Mother, Motherland, Mother tongue etc, how can we compare each other of these?

Bhai DK, iss Answer ka Question bataiye makka .. ;)




जननी और मातृभूमि(जननी जन्मभूमि ) एक दुसरे के पूरक हैं !
यानिकि एक दुसरे के बिना अधूरे हैं ! इसलिए एक को चुनना तर्कसंगत नहीं !
इस वीडियो को देख कर शायद आप में से कुछ मित्र भी मेरे इस कथन की पुष्टि अवश्य करेंगे !

http://www.youtube.com/watch?v=Jdx1aSg7p8w


खुश रहो !
 
Right said Bhaisaab, I think question itself is misleading n' confusing.

Where there a Mother prefix comes like Mother, Motherland, Mother tongue etc, how can we compare each other of these?

Bhai DK, iss Answer ka Question bataiye makka .. ;)

Use >, >=, <, <=, == symbols ;)
 
जननी और मातृभूमि(जननी जन्मभूमि ) एक दुसरे के पूरक हैं !
यानिकि एक दुसरे के बिना अधूरे हैं ! इसलिए एक को चुनना तर्कसंगत नहीं !
इस वीडियो को देख कर शायद आप में से कुछ मित्र भी मेरे इस कथन की पुष्टि अवश्य करेंगे !

http://www.youtube.com/watch?v=Jdx1aSg7p8w


खुश रहो !

Bhai ji baat aapki kuch kuch samjh aa rahi hai aur bilkul sahi bhi hai.
Par shayad aap mera sawal samjh nahi paaye ya mein samjha nahi paya ... ek aur try maar lo padh ke ne :)

Naa jaan laagi te ek aur baar chep dunga maadi si language badal ke arr fer bhi naa byont baithya te taal maarenge ... fer te sawal olla se ...
 
Bhai, sawal to mujhe bhi confusing hi laga hai, or deshwal sir or cooljat ko bhi, isliye aap thoda or explain kar de to badhiya hai. Waise hum sabne yeh dialogue bahut baar suna or padha hai ki "Maa se badhkar kuch nahi hai" or "yeh dharti maa bhi hamari maa ke saman hai". Kabhi hum yeh nahi kehte ki "hamari maa is dharti maa ke saman hai". Iska matlab yehi nikalta hai ki "maa" ka darja sarvopari hai or uske baad baaki sab aata hai. Jaise maine pehli post mei bhi likha hai ki Maa se hi hame "maatra bhasha" or "maatra bhoomi" milti hai, isliye answer sochne mei kisi ko jyada samay nahi lagna chahiye.

Bhai ji baat aapki kuch kuch samjh aa rahi hai aur bilkul sahi bhi hai.
Par shayad aap mera sawal samjh nahi paaye ya mein samjha nahi paya ... ek aur try maar lo padh ke ne :)

Naa jaan laagi te ek aur baar chep dunga maadi si language badal ke arr fer bhi naa byont baithya te taal maarenge ... fer te sawal olla se ...
 
हालात बताने चाहिए थे. किन हालात में मां और मातृभूमि में से किसी एक को चुनना था. यदि कोई युद्ध हो रहा था और किसी फौजी के सामने हालात ऐसे थे कि या तो वो अपनी मां को बचा सकता था या फिर मातृभूमि को. ऐसे में अगर मैं होऊँ तो फिर अपनी मां पर अपनी मातृभूमि को तरजीह दूंगा, क्योंकि मातृभूमि बचेगी तो फिर पता नहीं और कितने भाईयों की मां भी बचेंगी. लेकिन अगर मैं अपनी मां के साथ कहीं दूसरे देश में रहता हूं और हालात ऐसे हैं कि मेरी मां कह रही है कि या तो विदेश में रह मां के साथ या फिर मां को छोड़कर अपने देश में रह तो फिर मैं मां को चुनूंगा. जब कभी मां की उम्र पूरी हो जाएगी तो फिर मातृभूमि की सोचूंगा.
 
obviously maa. do i really need to give an explanation?
जननी और मातृभूमि में से किसी एक को चुनना हो तो किसे चुनोगे और क्यों ?
 
हालात बताने चाहिए थे. किन हालात में मां और मातृभूमि में से किसी एक को चुनना था. यदि कोई युद्ध हो रहा था और किसी फौजी के सामने हालात ऐसे थे कि या तो वो अपनी मां को बचा सकता था या फिर मातृभूमि को. ऐसे में अगर मैं होऊँ तो फिर अपनी मां पर अपनी मातृभूमि को तरजीह दूंगा, क्योंकि मातृभूमि बचेगी तो फिर पता नहीं और कितने भाईयों की मां भी बचेंगी. लेकिन अगर मैं अपनी मां के साथ कहीं दूसरे देश में रहता हूं और हालात ऐसे हैं कि मेरी मां कह रही है कि या तो विदेश में रह मां के साथ या फिर मां को छोड़कर अपने देश में रह तो फिर मैं मां को चुनूंगा. जब कभी मां की उम्र पूरी हो जाएगी तो फिर मातृभूमि की सोचूंगा.

bahut sahi ... sampurn uttar hai tumhara ...
yehi difference hota hai aam bachho mein aur mentos bachoo mein ... I like ur explaination
 
हालात बताने चाहिए थे. किन हालात में मां और मातृभूमि में से किसी एक को चुनना था. यदि कोई युद्ध हो रहा था और किसी फौजी के सामने हालात ऐसे थे कि या तो वो अपनी मां को बचा सकता था या फिर मातृभूमि को. ऐसे में अगर मैं होऊँ तो फिर अपनी मां पर अपनी मातृभूमि को तरजीह दूंगा, क्योंकि मातृभूमि बचेगी तो फिर पता नहीं और कितने भाईयों की मां भी बचेंगी. लेकिन अगर मैं अपनी मां के साथ कहीं दूसरे देश में रहता हूं और हालात ऐसे हैं कि मेरी मां कह रही है कि या तो विदेश में रह मां के साथ या फिर मां को छोड़कर अपने देश में रह तो फिर मैं मां को चुनूंगा. जब कभी मां की उम्र पूरी हो जाएगी तो फिर मातृभूमि की सोचूंगा.

वैसे भी उपेंदर भाई , जननी और मातृभूमि की तुलना कैसी और कैसा चुनाव,जब वे परस्पर अतुलनीय हैं!
मैंने अपनी प्रथम पोस्ट में एक वीडियो लिंक प्रेषित किया था, जिस में आचार्य वेदप्रकाश जी ने मातृभूमि पर डाक्टर सुभाष वेदालंकार रचित एक संस्कृति गीत, जिसे नन्हे हविश्क्रित ने गाया था, की व्याख्या की थी,
जो इस प्रकार है :
जीवात्मा माता की छोटी सी कोख में, सर्वप्रथम जब माता के हृदयस्थ प्राणों को जब सवीकार करता है, उस छोटी सी कोख में ही सम्पूर्ण बेहद शारीर को प्राप्त करता है और अपने अंगो और उपांगो को पाता है !
जब उस प्राप्त शारीर को लेकर गर्भ से बाहर आता है, तो वही माता की जो छोटी सी कोख है, उसी का नाम वेद में भूमि के नाम से कहा कहा गया है , जहाँ सर्वप्रथम प्राणों का सपंदन प्राप्त किया था ! जहाँ मैंने प्राणों की सत्ता पाई थी, वही भूमि कहलाती है और कहूँगा, बेटा तुम इस मातृभूमि की नमन करने के लिए यदि आगे आओगे , उससे पूर्व , जिस माँ की छोटी कोख की भूमि में तुमने; प्राण पाए थे,
आहार पाया था, रस पाया था
विचार पाए थे, भाव पाया था
हाव पाया था, अनुभाव पाया था
संचारी भावों की रसों की उत्पत्ति पाई थी, तुम यदि उस की लाज रख सकते हो
तब अपनी सम्पूर्ण मातृभूमि की लाज रखने में भी समर्थ बन सकते हो !
--आचार्य वेदप्रकाश श्रोतर्या जी

खुश रहो!
 
Bhai ji baat aapki kuch kuch samjh aa rahi hai aur bilkul sahi bhi hai.
Par shayad aap mera sawal samjh nahi paaye ya mein samjha nahi paya ... ek aur try maar lo padh ke ne :)

Naa jaan laagi te ek aur baar chep dunga maadi si language badal ke arr fer bhi naa byont baithya te taal maarenge ... fer te sawal olla se ...

प्रिय देवेंदर, में आपका प्रशन अवश्य समझ गया था, परन्तु मेरा मानना है की नवजात शिशु के जन्म से लेकर प्रोढ़ अवस्था तक मनुष्य के शाररिक, मानशिक , सामाजिक, बोधिक व् आर्थिक विकाश में जो योगदान जननी और जन्मभूमि का है उससे कभी भी उऋण नहीं हुआ जा सकता ! अतः दोनों में से किसी एक का चुनाव करना कठीन ही नहीं बलकि असंम्भव है !

सभी माताओं को मातृ दिवस पर हार्दिक शुभकामनाओं सहित !
 
हालात बताने चाहिए थे. किन हालात में मां और मातृभूमि में से किसी एक को चुनना था. यदि कोई युद्ध हो रहा था और किसी फौजी के सामने हालात ऐसे थे कि या तो वो अपनी मां को बचा सकता था या फिर मातृभूमि को. ऐसे में अगर मैं होऊँ तो फिर अपनी मां पर अपनी मातृभूमि को तरजीह दूंगा, क्योंकि मातृभूमि बचेगी तो फिर पता नहीं और कितने भाईयों की मां भी बचेंगी. लेकिन अगर मैं अपनी मां के साथ कहीं दूसरे देश में रहता हूं और हालात ऐसे हैं कि मेरी मां कह रही है कि या तो विदेश में रह मां के साथ या फिर मां को छोड़कर अपने देश में रह तो फिर मैं मां को चुनूंगा. जब कभी मां की उम्र पूरी हो जाएगी तो फिर मातृभूमि की सोचूंगा.

stithi bataye bina poll shuru kiya kuchh samajh nahin aaya.
 
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