sandeepkadian05
Banned
Totally agree, We should be proud of him for the right reasons as mentioned by Mr. Deshwal in the post below and not just because he was a Jat..
एक बार फिर से, में यही लिखना चाहूँगा:
क्यों न गर्व करूँ उस महान आत्मा पर?
मेरे लिए गोर्वानित होना, महज इसलिए नहीं की वो एक जाट शकशियत थे बल्कि वो गरीब, मजदूर, किसान के सच्चे हमदर्द थे!
अगर उन जैसा हमदर्द, किसान का बेटा हो, ग्रामीण परवेश से आया हो, राजा नाहर सिंह का वंशज हो, और जाट भी हो तो सोने पे सुहागा! लाल किले पर झंडा फेहराना और देश को संभोदित करना एक बहुत बड़ा अवसर है उस व्यक्ति के लिए और उस समाज की लिए भी जिस समाज से उन्हें जोड़ कर देखा जाता हो ! निसंदेह वह छण किसी भी जाट के लिए गोरवमय व् एतिहासिक छण था!
आप सभी से अपील है की चो. चरण सिंह जैसी हस्ती को जातिवाद, क्षेत्रवाद, या किसी राजनेतिक सोच जैसे संकीरण विचारधारा को भेट न होने दें ! चोधरी चरण सिंह, चोधरी छोटूराम और चोधरी देवीलाल जैसे महान व्यक्ति जाट समाज का गोरव थे,हैं और रहेंगे! ये नाम भारत के इतिहास और खासकर जाट इतिहास में सवर्ण अक्षरों में लिखे जा चुके हैं ! सैकडों साल बाद भी, हमारा समय, चोधरी चरण सिंह, चोधरी छोटूराम और चोधरी देवीलाल जैसी महान हस्तियों से जाना जायेगा !
खुश रहो!