जाट आरक्षण संघर्ष समिति के सदस्यों व मीडिया के लोगो ने बाबा रामदेव को दिल्ली पुलिस द्वारा खदेड़ने पर मुझसे संघर्ष समिति के रुख के बारे में पूछा तो मैंने बताया की जाट समाज के लोग 21 दिनों तक अपने अधिकार के लिए रेल की पटरियों पर घुटने रगड़ते रहे लेकिन बाबा रामदेव ने जाट समाज के समर्थन में कभी एक शब्द भी नहीं कहा जबकि " आर्ट ऑफ़ लिविंग " के श्री श्री रविशंकर जी ने जाट समाज की मांग का खुलेआम से समर्थन किया | इसलिए मेरा कहना हैं की रामदेव अपने मूल उद्देश्य से भटका हुआ साधू हैं | जो एक तरफ तो सादे जीवन की बात करता हैं वही दूसरी ओर इसका निकट मित्र बालकिशन एक करोड़ की रोल्स रोयस कार में चलता हैं | जाट समाज को ऐसे साधुओ का समर्थन नहीं करना चाहिए और जो सरकार कर रही हैं वह उचित हैं |
.......पूर्व कमांडेंट हवा सिंह सांगवान
Mr Ram dev is really anti jat, rest upto jats to decide, Brother, you have given correct advise,
सरकार ने रामदेव के विरुद्ध जो कारवाई की वो उचित हैं | क्या एक साधू की एक करोड़ की कार इमानदारी से आई हैं ? कोई भी भारतीय देश भगत भ्रष्टाचार का समर्थन नहीं करेगा |
जो भी हमारे अधिकारों की बात करेंगा और समर्थन करेगा हमे उनका धन्यवाद और समर्थन करना चाहिए | जो हमारे बाप को बाप नहीं कहेगा तो हम भी दुसरे के बाप को बाप नहीं कहेंगे | यदि लोग चौ.छोटूराम जैसे हमारे महापुरुषों का आदर करेंगे तो हम भी दुसरो का आदर करेंगे वरना बिलकुल नहीं चाहे वह नेहरु व गाँधी क्यों न हो |
भाई राकेश, एक Rolls Royce तो कुछ भी ना सै, ये दोनों जणे पैसे मैं दब्बे पड़े सें I वैसे भी पैसे वाली बड़ी-बड़ी पार्टी इनके क्लब की मेम्बर हैं, के बेरा कौनसा रात नै इनके आश्रम मैं गुप्त-दान के तौर पै चुपके तैं छोड़ गया होगा, इब चलानी तो पड़ेगी नहीं तो इंजन बैठ ज्यागा I ओशो धोरे 300 रोल्स रोयस थी, इन बिचारों के पास तो एक सै आर हेलीकाप्टर भी एक सै, जमा सादे माणस सें ये तो I वैसे हिन्दुस्तान में बुतखानों, मठों और आश्रमों में इतना धन गुप्त रूप से जमा है कि अगर वो देश का बुनियादी ढांचा बनाने में प्रयोग किया जाये तो भारत एक दशक के अंदर अंदर किसी भी विकसित यूरोपीय देश से आगे निकल सकता है I लेकिन धर्म-भीरु देश में इन व्यभिचार के अड्डों पर हाथ डालना किसी के बस की बात नहीं, क्योंकि फिर इनके चेले चपाटे मरने मारने को उतारू हो जाते हैं जो हमारे देश में vote -bank का बहुत बड़ा हिस्सा है और कोई पार्टी इन धर्म-भीरु अंध-भक्तों को नाराज़ नहीं करना चाहेगी Iसरकार ने रामदेव के विरुद्ध जो कारवाई की वो उचित हैं | क्या एक साधू की एक करोड़ की कार इमानदारी से आई हैं ? कोई भी भारतीय देश भगत भ्रष्टाचार का समर्थन नहीं करेगा |
जो भी हमारे अधिकारों की बात करेंगा और समर्थन करेगा हमे उनका धन्यवाद और समर्थन करना चाहिए | जो हमारे बाप को बाप नहीं कहेगा तो हम भी दुसरे के बाप को बाप नहीं कहेंगे | यदि लोग चौ.छोटूराम जैसे हमारे महापुरुषों का आदर करेंगे तो हम भी दुसरो का आदर करेंगे वरना बिलकुल नहीं चाहे वह नेहरु व गाँधी क्यों न हो |
When somebody has such a support and he talks about bringing big changes it needs to backed up with bravery and brain. If you are a coward you got to be smart 'you got some chance then' if you are coward and stupid at the same time you are history.
People supported him but he fled from the scene leaving them in lurch to fend for themselves; and that too in a "Salwaar Suit". How people can trust such a cowardly person??? You are absolutely right, he offered a glaring example of cowardice and stupidity which seems to have pushed him into the oblivion making him a history.
Politics तो कहती है की एक common enemy से लड़ने की लिए दूसरों से हाथ मिला लेना चाहिए! जाट आरक्षण पर अभी भी एक भुत बड़ा प्रशन चिन्ह लगा हुवा ह! जब यह सरकार जाट आरक्षण संघर्ष समिति के सदस्यों पर लठ बरसाइये गी तब आपका साध कौन देगा?जाट आरक्षण संघर्ष समिति के सदस्यों व मीडिया के लोगो ने बाबा रामदेव को दिल्ली पुलिस द्वारा खदेड़ने पर मुझसे संघर्ष समिति के रुख के बारे में पूछा तो मैंने बताया की जाट समाज के लोग 21 दिनों तक अपने अधिकार के लिए रेल की पटरियों पर घुटने रगड़ते रहे लेकिन बाबा रामदेव ने जाट समाज के समर्थन में कभी एक शब्द भी नहीं कहा जबकि " आर्ट ऑफ़ लिविंग " के श्री श्री रविशंकर जी ने जाट समाज की मांग का खुलेआम से समर्थन किया | इसलिए मेरा कहना हैं की रामदेव अपने मूल उद्देश्य से भटका हुआ साधू हैं | जो एक तरफ तो सादे जीवन की बात करता हैं वही दूसरी ओर इसका निकट मित्र बालकिशन एक करोड़ की रोल्स रोयस कार में चलता हैं | जाट समाज को ऐसे साधुओ का समर्थन नहीं करना चाहिए और जो सरकार कर रही हैं वह उचित हैं |
.......पूर्व कमांडेंट हवा सिंह सांगवान
Ok agreed. Then why not put a brave person to lead the Ramdev's movement. Why any brave person is not coming forward? Historically Jats have always come forward for such acts. Where are today's Jat leaders? If someone is brave, what is stoping them to lead?
It is very easy to criticize someone, but very difficult to do even a portion of what the other person has done.
bravery and brain.
Ok agreed. Then why not put a brave person to lead the Ramdev's movement. Why any brave person is not coming forward? Historically Jats have always come forward for such acts. Where are today's Jat leaders? If someone is brave, what is stoping them to lead?
It is very easy to criticize someone, but very difficult to do even a portion of what the other person has done.
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