" पगड़ी संभाल जट्टा "
मैंने देखा हैं के लगभग सारे उत्तर भारत में जाट / जट्ट पगड़ी बांधते हैं मसलन जम्मू कश्मीर , हिमाचल , पंजाब , राजस्थान , हरयाणा , दिल्ली पर जब नजर जमुना पार जाती हैं तो वहा जाट के सर पर पगड़ी की जगह "गाँधी टोपी " नजर आती हैं | पगड़ी जाट की आन बान शान का प्रतिक हैं | पंचायतो में पगड़ी की दुहाई दी जाती हैं | जाट के यहाँ जब परिवार के मुखिया का देहांत होता हैं तो उसके तेहरवी के दिन उस मुखिया के उत्तराधिकारी के सर पर परिवार की पगड़ी बाँधी जाती हैं | हमारे बुजुर्ग तुर्रेदार पगड़ी में बड़े रोबीले दीखते हैं | फिर इन जमुना पार वाले जाटों की पगड़ी किसने उतरवाई ? किसने इन जाटों की पगड़ी गांधीवादी सोच के गिरवी रखी ? जमुना पार के राजपूत भी पगड़ी रखते हैं फिर जाट की पगड़ी किसने खोल दी ? जाट और गांधीवादी कुछ बात हजम नहीं होती | पगड़ी ही उतार दी जाट ने तो फिर रह क्या गया |
जाट की इस पगड़ी के लिए तो शहीद -ऐ-आज़म ने " पगड़ी संभाल जट्टा'' का नारा दिया था | अगर भगत सिंह जमुना पार जाते तो शायद उन्हें फिर यह कहना पड़ता " गाँधी टोपी संभाल जट्टा' | शुक्र हैं रहबर-ऐ-आज़म का जिसने संयुक्त पंजाब के जाटों की पगड़ी इतनी मजबूत कसि के आजतक ढीली नहीं हुई | और आज शायद यही कारण हैं के जाट का नाम आते ही सामने वाले का यही प्रशन होता हैं के हरियाणा से हो | जट्ट का नाम आते ही पंजाब जेहन में आता हैं |
"पगड़ी संभाल ओ जट्टा पगड़ी संभाल "
मैंने देखा हैं के लगभग सारे उत्तर भारत में जाट / जट्ट पगड़ी बांधते हैं मसलन जम्मू कश्मीर , हिमाचल , पंजाब , राजस्थान , हरयाणा , दिल्ली पर जब नजर जमुना पार जाती हैं तो वहा जाट के सर पर पगड़ी की जगह "गाँधी टोपी " नजर आती हैं | पगड़ी जाट की आन बान शान का प्रतिक हैं | पंचायतो में पगड़ी की दुहाई दी जाती हैं | जाट के यहाँ जब परिवार के मुखिया का देहांत होता हैं तो उसके तेहरवी के दिन उस मुखिया के उत्तराधिकारी के सर पर परिवार की पगड़ी बाँधी जाती हैं | हमारे बुजुर्ग तुर्रेदार पगड़ी में बड़े रोबीले दीखते हैं | फिर इन जमुना पार वाले जाटों की पगड़ी किसने उतरवाई ? किसने इन जाटों की पगड़ी गांधीवादी सोच के गिरवी रखी ? जमुना पार के राजपूत भी पगड़ी रखते हैं फिर जाट की पगड़ी किसने खोल दी ? जाट और गांधीवादी कुछ बात हजम नहीं होती | पगड़ी ही उतार दी जाट ने तो फिर रह क्या गया |
जाट की इस पगड़ी के लिए तो शहीद -ऐ-आज़म ने " पगड़ी संभाल जट्टा'' का नारा दिया था | अगर भगत सिंह जमुना पार जाते तो शायद उन्हें फिर यह कहना पड़ता " गाँधी टोपी संभाल जट्टा' | शुक्र हैं रहबर-ऐ-आज़म का जिसने संयुक्त पंजाब के जाटों की पगड़ी इतनी मजबूत कसि के आजतक ढीली नहीं हुई | और आज शायद यही कारण हैं के जाट का नाम आते ही सामने वाले का यही प्रशन होता हैं के हरियाणा से हो | जट्ट का नाम आते ही पंजाब जेहन में आता हैं |
"पगड़ी संभाल ओ जट्टा पगड़ी संभाल "